मुख्यमंत्री को भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल

रायपुर,  पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। श्री लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया। recent visitors 34

ट्रंप के घर के करीब 2 इज़रायलियों की हत्या, हमलावरों ने लगाए ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे

वाशिंगटन  अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में बुधवार की शाम एक दिल दहलाने वाली घटना घटी. यहां पर इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह हमला कैपिटल ज्यूइश म्यूजियम के पास हुआ, जो अमेरिकी राजधानी में एफबीआई के फील्ड ऑफिस से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित है. होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दोनों कर्मचारियों की मृत्यु की खबर साझा की. डीसी के पुलिस चीफ ने बताया है कि हमलावरों ने फिलिस्तीन के समर्थन में नारे भी लगाए. अमेरिका के राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि ये घटना भयानक है और इसे रोकना चाहिए- वॉशिंगटन पुलिस चीफ पामेला स्मिथ ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों पीड़ित म्यूजियम में हो रहा कार्यक्रम अटैंड कर बाहर निकल रहे थे कि तभी यह घटना हुई. हमें लगता है कि हमले को एक ही शख्स ने अंजाम दिया, जो अब कस्टडी में है. शूटिंग से पहले इस शख्स को म्यूजियम के बाहर चहलकदमी करते देखा गया था. म्यूजियम से कुछ लोग जैसे ही बाहर निकले. उसने हैंडगन निकालकर दो पर गोली चला दी. वह शूटिंग के बाद म्यूजियम के भीतर गया, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे डिटेन कर लिया.. इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यहूदी विरोध में वॉशिंगटन डीसी में हुई इन हत्याओं को अब थम जाना चाहिए. अमेरिका में नफरत और कट्टरपंथ की कोई जगह नहीं है. पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं. बुरा है कि इस तरह की चीजें अब भी होती है. आप सभी पर ईश्वर की कृपा रहे. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायली कर्मचारियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि हम वॉशिंगटन डीसी में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हमारी दुआएं पीड़ितों के साथ हैं. यह कायराना यहूदी विरोधी हिंसा है. हम इस हमले के जिम्मेदार लोगों को कटघरे में लेकर आएंगे. वॉशिंगटन में इजरायली दूतावास के प्रवक्ता टैल नइम कोहेन ने कहा कि इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों को बेहद करीब से गोली मारी गई. ये दोनों कमचारी एक यहूदी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. हमें स्थानीय और संघीय दोनों स्तर पर प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि वे हमलावरों को पकड़ेंगे और इजरायल के प्रतिनिधियों और यहूदी समुदाय की रक्षा करेंगे. यह गोलीबारी जिस यहूदी म्यूजियम के बाहर हुई है, वहां एक कार्यक्रम हो रहा था, जिसका आयोजन अमेरिकी Jewish समिति ने किया था. एफबीआई की ज्वॉइंट टेररिज्म टास्कफोर्स इस घटना की जांच कर रही है. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की मंत्री क्रिस्टी नोएम ने बताया कि वॉशिंगटन डीसी में Jewish म्यूजियम के पास इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की मौत हो गई. हम सक्रियता से इसकी जांच कर रहे हैं और इस संबंध में और जानकारी मिलने पर शेयर करेंगे. पीड़ितों के परिवारों के लिए दुआ करे. हम हत्यारों को कटघरे में लाकर खड़ा करेंगे. एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि मुझे और मेरी टीम को वॉशिंगटन में Jewish  म्यूजियम के बाहर  शूटिंग की जानकारी दी गई. हम एमपीडी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. पीड़ितों और उनके परिवार वालों के लिए दुआ करें. हम आपको जल्द ही इस बारे में और जानकारी देंगे. संयुक्त राष्ट्र में इजरायली राजदूत डैनी डैनन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे यहूदियों के खिलाफ आतंकी कार्रवाई बताया है.   recent visitors 54

बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 1 से 7 जून तक कैंसल रहेगी, अब एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी

जबलपुर  जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित न्यू कटनी जंक्शन से गुजरने वाली 18 ट्रेनें जून के पहले सप्ताह में निरस्त रहेंगी। वहीं, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। इस दौरान रेलवे की ओर कटंगी खुर्द से झलवारा स्टेशन तक निर्मित कार्ड लाइन को जोड़ने का कार्य होगा। रेल लाइन को कटनी ग्रेड सेपरेटर से भी जोड़ा जाएगा। इसके प्रीएनआइ और एनआइ कार्य के ब्लाक के लिए ग्रेड सेपरेटर कार्ड लाइन बनाने वाली कंपनी इरकान की ओर से ब्लाक मांगा गया था। इसे दक्षिण पूर्व मध्य रेल ने स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इससे पूर्व मई माह में कार्य प्रस्तावित किया गया था। इसमें अब परिवर्तन कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है। एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी सिंगरौली रेलमार्ग पर कटंगी-खुर्द से झलवारा स्टेशन कार्ड लाइन से जुड़ने पर न्यू कटनी जंक्शन-एनकेजे यार्ड में मालगाड़ी का दबाव कम होगा। अभी सिंगरौली से बिलासपुर आने-जाने वाली मालगाड़ी का एनकेजे यार्ड में इंजन बदलना पड़ता है। ग्रेड सेरपेटर कार्डलाइन से जुडने के बाद मालगाड़ियां सीधे बिलासपुर से आकर सिंगरौली की ओर आवाजाही कर सकेंगी। एनकेजे यार्ड से ट्रेन का दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों भी आउटर से तेजी से गुजर सकेंगी। ये ट्रेन चलती रहेंगी कार्ड लाइन कार्य की नई कार्ययोजना में यात्रियों को राहत देने के प्रयास किए गए हैं। पूर्व में नर्मदा एक्सप्रेस, रीवा-बिलासपुर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ओर चंदिया-चिरमिरी के मध्य संचालित होने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी निरस्त करने की योजना थी, लेकिन नई अधिसूचना में तीनों ट्रेनों का नाम नहीं है। ये एक्सप्रेस ट्रेन नहीं चलेंगी     11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस दो से सात जून तक।     11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस तीन से आठ जून तक।     18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस एक से सात जून।     18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस तीन से नौ जून तक।     11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस दो, चार व छह जून।     11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच व सात जून।     12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस दो व पांच जून।     12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22867 हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22868 दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस चार व सात जून।     18213 दुर्ग-अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस एक जून।     18214 अजमेर-दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस दो जून।     18205 दुर्ग- नौतनवा एक्सप्रेस पांच जून।     18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस सात जून। ये अनारक्षित ट्रेन भी निरस्त     51755 चिरमिरी-अनूपपुर पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     51756 अनूपपुर-चिरमिरी पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     61601 कटनी-चिरमिरी मेमू दो से सात जून।     61602 चिरमिरी-कटनी मेमू तीन से आठ जून।   recent visitors 52

भारत ने WHO में पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को उजागर किया

नई दिल्ली आतंकवाद से पीड़ित होने का दावा कर रहे पाकिस्तान को भारत ने WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन में जमकर सुनाया। भारत ने पड़ोसी मुल्क को पाकिस्तान का 'जन्म देने वाला' बताया है। साथ ही कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद से पीड़ित होने का दिखावा नहीं कर सकता। जवाब दे रहीं IFS यानी भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अनुपमा सिंह का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्या बोला भारत भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तान की धरती से काम करते हैं। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। जो सटीक था और पाकिस्तान के अंदर बने आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहा था।' उन्होंने यह भी कहा, 'पाकिस्तान सिंधु जल समझौते को लेकर भी झूठी कहानियां गढ़ रहा है और मामले को उलझाने की कोशिश कर रहा है।' सिंह ने कहा, 'हमने यह सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय किए हैं कि कोई आम नागरिक निशाना ना बने और ना ही घायल हो और सिर्फ पाकिस्तान से प्रशिक्षण हासिल किए आतंकवादी और उनके ठिकाने निशाना बनें।' उन्होंने कहा, ‘एक देश जो आतंकवाद को जन्म देता है, वो पीड़ितों की तरह दिखावा नहीं कर सकता।’ अनुपमा सिंह ने आगे कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तानी धरती से काम करते हैं।" इसके जवाब में, भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया। यह ऑपरेशन सटीक था और पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित था। भारत ने संयम बरतते हुए कहा, "हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि उनके नागरिकों को निशाना न बनाया जाए और उन्हें नुकसान न पहुंचे। हमने सिर्फ पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया।" कौन हैं अनुपमा सिंह अनुपमा सिंह 9 सालों से IFS में हैं और इससे पहले वह साल 2012 से लेकर 2014 तक KPMG कंपनी में थीं। उन्होंने कंपनी ने कंसल्टेंट के तौर पर शुरुआत की थी और बाद में सीनियर कंसल्टेंट बनीं। उन्होंने साल 2014 में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से ट्रेनिंग पूरी की। वह साल 2008 से 2011 तक CFA प्रोग्राम में भी शामिल रहीं। सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में MBA किया है और कॉरपोरेट फाइनेंस, वेल्युएशन और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में महारत हासिल है। खास बात है कि उन्होंने MANIT यानी मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री भी हासिल की है। recent visitors 58

मुख्यमंत्री को भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल

रायपुर पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया। recent visitors 46

सेना के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

नागौर सेना के शौर्य और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में नागौर शहर में बुधवार को पांच किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। मुंडवा चौराहा स्थित शहीद स्मारक से शुरू हुई यह यात्रा शहीद सुगन सिंह सर्कल पर समाप्त हुई। यात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा, किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू, खींवसर विधायक रेवतराम डांगा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर सेना के साहस को नमन किया। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एसआई भर्ती परीक्षा रद्द होने को लेकर कहा कि अगर यह परीक्षा रद्द होती है तो 30 से 35 वर्ष के युवाओं के भविष्य के साथ कुठाराघात होगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी। हालांकि कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है और हम उसका सम्मान करते हैं। कंवरलाल मीणा की विधायकी पर चल रही सियासत को लेकर राठौड़ ने कहा कि यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के विशेषाधिकार में आता है, इसमें पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं है। सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, हम उसका पूर्ण सम्मान करेंगे। नागौर भाजपा में गुटबाजी के आरोपों को खारिज करते हुए राठौड़ ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। सभी कार्यकर्ता एक लक्ष्य और सोच के साथ कार्य कर रहे हैं। गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है। हनुमान बेनीवाल द्वारा जयपुर में शहीद स्मारक पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि बेनीवाल जी को इतिहास पढ़ना चाहिए। राजस्थान के इतिहास में सिर्फ महाराजा सूरजमल नहीं थे, बल्कि वीर दुर्गादास राठौड़, पृथ्वीराज राठौड़, महाराणा प्रताप, राणा सांगा, राणा कुम्भा और अमर सिंह राठौड़ जैसे अनेक वीर हुए हैं। इतिहास से जानकारी मिलती है लेकिन बेनीवाल जी ‘मेरी-तेरी’ की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें समय ही कहां मिलेगा?   recent visitors 62

मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया फिर वह हुआ …….

वाशिंगटन व्हाइट हाउस में एक बार फिर इतिहास दोहराया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भिड़ गए. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच ठीक वैसी ही तीखी बहस हुई, जैसे कुछ महीने पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और ट्रंप के बीच देखने को मिली थी. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा 19 मई को वॉशिंगटन पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा का मकसद अफ्रीका और अमेरिका के संबंधों में नई जान फूंकना है. लेकिन व्हाइट हाउस में इस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया. ट्रंप ने सिरिल रामफोसा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों का नरसंहार हो रहा है और आप तमाशबीन बने हुए हैं. इस आरोप को जैसे ही रामफोसा ने खारिज करना शुरू किया. ट्रंप ने बिग स्क्रीन पर एक वीडियो दिखाया. इस  वीडियो में दावा किया गया कि दक्षिण अफ्रीका में हजारों श्वेत किसानों की हत्या की गई है. इस दौरान ट्रंप ने मीडिया में छपे कुछ लेख की कॉपी भी सिरिल रामफोसा को दिखाई, जिसमें अफ्रीका में श्वेत किसानों के नरसंहार का दावा किया गया है. रामफोसा को ये कॉपी दिखाते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा Death, Death… इससे माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया. रामफोसा ने ट्रंप को नेल्सन मंडेला की याद दिलाई… ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सिरिल रामफोसा ने कहा कि अफ्रीका में हिंसा बढ़ी है और सभी जातियां और वर्ग इससे जूझ रहे हैं. इन हिंसा में मारे गए लोग सिर्फ श्वेत नहीं है बल्कि अश्वेत भी मारे जा रहे हैं. श्वेतों से ज्यादा अश्वेत लोगों की हत्याएं हुई हैं. रामफोसा ने कहा कि मैंने पहले कभी यह वीडियो नहीं देखा है. हम इसकी प्रमाणिकता का पता लगाएंगे कि वीडियो कहां का है. हमारे देश में अपराध है और इससे सभी प्रभावित हैं फिर चाहे वह श्वेत हो या अश्वेत. मेरी अमेरिकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करना था, जो 1994 में रंगभेद युग के बाद से निचले स्तर पर हैं. इस दौरान रामफोसा ने ट्रंप को कतर की सरकार से गिफ्ट में मिले रॉयल प्लेन पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद दूर करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, मुझे दुख है कि मेरे पास आपको देने के लिए विमान नहीं है, जिस पर ट्रंप ने कहा कि काश आपके पास होता. बता दें कि ट्रंप के कतर दौरे के दौरान अमेरिका को कतर सरकार की ओर से 3400 करोड़ रुपये का लग्जरी प्लेन गिफ्ट किया गया था. बता दें कि फरवरी महीने में ही ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका को दी जाने वाली सहायता रोकने की घोषणा की थी, जिसका कारण उन्होंने वहां श्वेत लोगों के खिलाफ कथित उत्पीड़न और भूमि अधिग्रहण की नीतियों को बताया था. रामाफोसा ने इसका जवाब देते हुए ट्रंप से दक्षिण अफ्रीका के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने को कहा था. बता दें कि इस साल 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह दूसरा मौका है, जब उनकी व्हाइट हाउस में किसी देश के राष्ट्रपति के साथ बहस हुई. इससे पहले 28 फरवरी को ट्रंप की यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई थी.   recent visitors 55