मध्य प्रदेश के वेटरनरी डॉक्टरों की बढ़ी रिटायरमेंट सीमा, हाईकोर्ट ने मोहन सरकार को दिया आदेश

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की तरह वेटरनरी डॉक्टरों को भी 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति दी जाए। कोर्ट ने सरकार को इस संबंध में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ कोर्ट ने उस गजट नोटिफिकेशन के पूर्व में किए गए संशोधन को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें केवल एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की थी। सरकार भेदभाव नहीं कर सकती याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी डॉ. केदार सिंह तोमर व अन्य जिलों में कार्यरत वेटरनरी सर्जनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व सुयश मोहन गुरु ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि एलोपैथी व आयुष डॉक्टरों की तरह वेटनरी चिकित्सकों की सेवाएं एक समान हैं, इसलिए सरकार इस तरह का भेदभाव नहीं कर सकती। याचिकाकर्ताओं ने 1983 से 1988 के बीच वेटरनरी सेवा ज्वाइन की है। एलोपैथी व आयुष डॉक्टर मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत हैं, जबकि याचिकाकर्ता पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत कार्यरत हैं। सरकार ने छह मई, 2011 के गजट नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए एलोपैथिक डॉक्टर और आयुष डॉक्टर की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। पशु चिकित्सकों ने लगाई थी रिट याचिका बता दें कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय से पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्देश दिया है. इस मामले में उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 9935/2022 डॉ केएस तोमर अध्यक्ष सपाक्स और अन्य कर्मचारी संगठनों और सहयोगी चिकित्सकों ने लगाई थी. जिसमें एलोपैथी डॉक्टर की तरह पशु चिकित्सकों के रिटायरमेंट की उम्र सीमा भी 65 वर्ष करने की मांग की गई थी. हाईकोर्ट के आदेश से ये होगा बदलाव पशु चिकित्सक अब एलोपैथी डॉक्टरों की तरह 65 वर्ष तक सेवाएं दे सकेंगे. एलोपैथिक डॉक्टरों और आयुष डॉक्टरों के समान पशु चिकित्सा डॉक्टरों को भी सेवानिवृत्ति की आयु वृद्धि का लाभ मिलेगा. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया है कि वह पशु चिकित्सा डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष तक निर्धारित करने के लिए उचित प्रावधान और नियम भी बनाए. मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत बता दें कि मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत हैं. जिनमें 365 पदों पर डॉक्टर काम कर रहे हैं. सपाक्स अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर ने उच्च न्यायालय के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है और राज्य सरकार से इस निर्णय को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि "इस निर्णय से पशु चिकित्सा डॉक्टरों को अपनी सेवाएं और अधिक समय तक प्रदान करने का अवसर मिलेगा, जिससे पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और पशुपालकों को लाभ होगा." recent visitors 62

22 मई को पीएम मोदी का राजस्थान दौरा, 26,000 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे

बीकानेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। सबसे पहले पीएम मोदी बीकानेर जाएंगे और सुबह करीब 11 बजे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी सुबह करीब 11:30 बजे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद वह 26,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे और पलाना में एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री देश में रेल अवसंरचना को निरंतर बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। करणी माता मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सेवा करने वाला देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु से प्रेरित है। तेलंगाना में बेगमपेट रेलवे स्टेशन काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला से प्रेरित है। बिहार में थावे स्टेशन में 52 शक्तिपीठों में से एक मां थावेवाली का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न भित्ति चित्र और कलाकृतियां शामिल हैं और मधुबनी पेंटिंग को भी दर्शाया गया है। गुजरात का डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। देशभर में पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे, दिव्यांगजनों के लिए यात्री-केंद्रित सुविधाओं और यात्रा के अनुभव को बेहतर करने के लिए टिकाऊ प्रथाओं को एकीकृत किया गया है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है, जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे और सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) और समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राजस्थान में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी तीन वाहन अंडरपास के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। वह राजस्थान में सात सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। 4,850 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ये सड़क परियोजनाएं माल और लोगों की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। राजमार्ग भारत-पाक सीमा तक फैले हुए हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता को बढ़ाते हैं और भारत के रक्षा अवसंरचना को मजबूत करते हैं। सभी के लिए बिजली तथा हरित और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री बीकानेर और नावा, डीडवाना, कुचामन में सौर परियोजनाओं सहित बिजली परियोजनाओं और पार्ट-बी पावर ग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट-ई पावर ग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखेंगे। वह बीकानेर में सौर परियोजना, पावर ग्रिड नीमच और बीकानेर परिसर से निकासी के लिए पारेषण प्रणाली, फतेहगढ़-II पावर स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार सहित बिजली परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेंगे और कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राजस्थान में राज्य सरकार की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें 3,240 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों के उन्नयन और रखरखाव के लिए परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। इसमें अतिरिक्त 900 किलोमीटर नए राजमार्ग भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वह झुंझुनूं जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के तहत पाली जिले के 7 शहरों में शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित क्षेत्र में विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। recent visitors 69

सीएम रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम से इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, निकाली गई बाइक रैली

नई दिल्ली भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान में बुधवार को दिल्ली में ‘खालसा तिरंगा यात्रा' में कई सिख युवकों ने भाग लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम से इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कर्तव्य पथ पर संपन्न हुई इस यात्रा के दौरान सिख युवा बाइक पर तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाते नजर आए। मुख्यमंत्री के अलावा उनके कैबिनेट सहयोगी मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद भी यात्रा में शामिल हुए। गुप्ता ने खालसा समुदाय को देश के सबसे बहादुर समुदायों में से एक बताया और कहा कि वे आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपकी यहां उपस्थिति हमारे सशस्त्र बलों के प्रति भावना की अभिव्यक्ति है। यह एकता का संदेश देगी और पूरे देश के लोगों को प्रेरित करेगी।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्मान में पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकाल रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।   recent visitors 53

विधायक कंवरलाल मीणा ने एसीजेएम कोर्ट में किया सरेंडर, कहा-कोर्ट पर पूरा विश्वास

 बारां राजस्थान के बारां जिले की अंता सीट से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने बुधवार को ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उन्हें झालावाड़ की अकलेरा जेल भेजने के आदेश दिए है। मीणा को 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें 21 मई तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। पूरा मामला वर्ष 2005 से जुड़ा है। 3 फरवरी को झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र में दांगीपुरा-राजगढ़ मोड़ पर उपसरपंच चुनाव के बाद पुनर्मतदान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रास्ता रोक रखा था। सूचना पर तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता, प्रोबेशनर आईएएस डॉक्टर प्रीतम बी. यशवंत और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। इसी दौरान कंवरलाल अपने साथियों के साथ पहुंचे और कथित रूप से एसडीएम की कनपटी पर पिस्टल तान दी। उन्होंने दोबारा वोटों की गिनती की घोषणा नहीं होने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान कंवरलाल पर विभागीय फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ने और जला देने का आरोप भी लगा। इसके अलावा उन्होंने आईएएस अधिकारी का डिजिटल कैमरा भी छीन लिया था, जिसे कुछ देर बाद लौटाया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2018 में कंवरलाल को दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन अपीलीय अदालत अकलेरा ने इस फैसले को पलटते हुए 14 दिसंबर 2020 को तीन साल की सजा सुनाई। इस आदेश के खिलाफ कंवरलाल ने हाईकोर्ट में अपील की, जिसे खारिज कर सजा बरकरार रखी गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 मई 2025 को विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान कंवरलाल के वकील नमित सक्सेना ने दलील दी थी कि मौके से कोई हथियार या वीडियो साक्ष्य बरामद नहीं हुआ। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को भी नकारा, मगर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलें खारिज कर दीं और दो हफ्ते में सरेंडर का निर्देश दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने कहा था कि कंवरलाल की आपराधिक पृष्ठभूमि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, भले ही उनमें से ज्यादातर में वे दोषमुक्त हुए हों। इस बीच कंवरलाल की विधायकी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि यह मुलाकात कंवरलाल के मामले और संभावित दया याचिका पर चर्चा को लेकर हुई, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। recent visitors 75

जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म – विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर

जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म – विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म-विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जनसुनवाई में जनता की सुनी समस्याएं आष्टा  प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने, उन्हें हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है। बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा एक सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को हल करना मेरा धर्म है। मुझे आप विधायक नही आपका सेवक ही माने । में विधायक बाद में हु पहले आपका सेवक हु । क्षेत्र की जनता की सेवा करना मेरा पहला कर्तव्य एवं धर्म है । आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के जैसे आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की जनसुनवाई में ग्राम लसुड़िया पार में मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर ग्रामीणों ने औपचारिक भेंट की । संबल योजना संबंधित आवेदन पत्र, ग्राम बीलपान के आवास योजना सम्बंधित आवेदन,शासन के खेत तालाब योजना अंतर्गत खेत में छोटा तालाब तलाई खुदाई हेतु आवेदन,श्यामपुरा पंप फाइटर पर RDDS योजना के अंतर्गत होने वाले कार्य के संबंध में,शासकीय भूमि पर कब्जा करने की शिकायत,पुलिस प्रकरण में कार्यवाही कराने, स्वैच्छिक स्थानांतरण हेतु आवेदन पत्र,विद्युत संबंधित आवेदन पत्र एवं गल्ला मंडी आष्टा में नीलामी के बाद व्यापारी अनाज तूलाई हेतु दूसरी जगह अनाज ले जाने को बन्द कराने हेतु आवेदन प्राप्त हुए है। आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये । recent visitors 36

मेंटीनेंस, रिपेयरिंग के लिए टी-72 टैंक पहुंचा जबलपुर, ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कदम

जबलपुर  मेंटीनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए चेन्नई की हैवी वीकल फैक्ट्री से एक और टी-72 टैंक वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) पहुंच गया है। अब ओवरहॉलिंग का काम प्लानिंग के तहत शुरू किया जा रहा है। टी-72 टैंक भारतीय सेना के टैंक बेडे़ का प्रमुख आधार है। वर्तमान हालातों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को अहम माना जा रहा है। आर्मर्ड वीकल निगम लिमिटेड के अंतर्गत वीएफजे को यह नया काम मिला है। आने वाले समय में चेन्नई के बाद वीएफजे ऐसी दूसरी आयुध निर्माणी होगी, जहां इसका उत्पादन किया जाएगा। भविष्य में जो भी नए टैंक सेना के लिए बनाए जाएंगे, उनकी सभावनाएं भी तेज होंगी। इसी लिहाज से वीएफजे में सेटअप बनाया जा रहा है। फिलहाल, ओवरहॉलिंग के बाद मैन्युफैक्चरिंग होगी। Powerful T-72 tank : दो टैंक का अनुबंध एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत वीएफजे और हैवी वीकल फैक्ट्री के बीच दो टी-72 टैंक का अनुबंध हुआ था। सुविधाएं बढ़ने के साथ टैंक ओवरहॉलिंग के बाद इनका निर्माण शुरू हो जाएगा। इसका सेटअप फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। टैंक शॉप में तमाम मशीनों के साथ ही कलपुर्जों का निर्माण और बाहर से आने वाले कलपुर्जों की व्यवस्था की जाएगी। टेस्ट ट्रैक भी बनाया जाएगा। फैक्ट्री एस्टेट में इसके लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। कलपुर्जों को खोला चेन्नई से आए इंजीनियर और वीएफजे की विशेषज्ञ कर्मचारियों की देखरेख में दूसरे टैंक की ओवरहॉलिंग का काम शुरू हो गया है। शुरूआत बाहरी भाग से की जा रही है। बाद में इंजन और चेचिस के अलावा दूसरे प्रमुख भागों को खोलकर उनकी ओवरहॉलिंग की जाएगी। इस दौरान जिन कलपुर्जों की जरूरत होगी, उसे चेन्नई के अलावा दूसरी आयुध निर्माणियों और निजी क्षेत्र सेे लिया जाएगा। ऐसे में जबलपुर में इसके लिए एक सप्लाई चेन भी निर्मित होगी जो कि रिछाई और आधारताल औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस एंसेलरीज के लिए बड़ा अवसर होगा। Powerful T-72 tank : एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टी-72 टैंक आ गया है। अब दोनों की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी गई है। जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।     विपुल वाजपेयी, जनसपर्क अधिकारी वीएफजे   recent visitors 47

UPSC ने IFS परीक्षा का परिणाम घोषित किया, राजगढ़ की अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया

 राजगढ़ संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने  भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित कर दिया है, इसमें राजगढ़ निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है, वहीं देशभर में 9वां रैंक हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है. इस सफलता पर उनको जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. अंजली ने राजगढ़ का नाम किया रोशन भारतीय वन सेवा 2024 की परीक्षा में 143 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. इन्हीं में से राजगढ़ जिले के गांव चंदरपुरा निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है, वहीं पूरे भारतवर्ष में 9वां रैंक हासिल किया है. अंजली सोंधिया ने कहा, "सोमवार को रिजल्ट घोषित हुआ तो मैं स्क्रॉल करके नीचे के पेजों पर खुद का नाम तलाश रही थी. हालांकि, मेरा नाम पहले ही पेज पर मौजूद था. जिसके बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी." क्या बोली टॉपर? अंजली ने कहा, "जब मैं 12वीं कक्षा में थी उसी दौरान UPSC पास करने का मन बना लिया था. मुझे चौथे प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है. मैंने अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा. इसी की वजह से मुझे लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा परीक्षा में देश में 9 वीं रैंक मिली है. मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे फॉरेस्ट में सेवा करने का मौका मिला है. शुरू से ही मेरा प्रकृति से जुड़ाव रहा है, अब मुझे उसकी रक्षा करने का सौभाग्य मिला है." आज भी समाज में है नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से राजगढ़ एक जिला है, जो कि नीति आयोग के पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है. जहां बाल विवाह और नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं आज भी समाज में प्रचलित हैं. इसी जिले में अंजली ने लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा की परीक्षा में 9वां स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. करेड़ी गांव निवास अंजली के मामा बबलू पटेल ने कहा, "अंजली के पिता सुरेश एक किसान थे, उनका देहांत लगभग दो वर्ष पहले लंबी बीमारी के बाद हो गया था. अंजली के पिता का सपना था कि बेटी एक बड़ी अफसर बने. अंजली ने पिता की मौत के बाद भी हार नहीं मानी और अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया है. हमें उस पर गर्व है." recent visitors 37