IPL में राजस्थान का सफर खत्म, संजू सैमसन ने कहीं आखिरी बातें

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 62वां मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया. इस मैच में राजस्थान ने 6 विकेट से जीत हासिल कर इस सीजन की विदाई की. ये राजस्थान का इस सीजन का आखिरी मैच था. चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान के सामने 188 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी राजस्थान ने 18वें ओवर में ही ये मैच जीत लिया. वैभव सूर्यवंशी ने 57 रनों की आतिशी पारी खेली. वैभव का दमदार प्रदर्शन इस मुकाबले के हीरो रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर पहले संभलकर खेला और फिर चेन्नई के गेंदबाजों पर आक्रामक प्रहार किए। वैभव ने महज 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और कुल 57 रन बनाकर जडेजा के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को भविष्य का सितारा साबित किया है। इस जीत के साथ ही राजस्थान ने अपने सभी लीग मुकाबले पूरे कर लिए हैं। मैच खत्म होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने धोनी के पर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। जिसे देख स्टेडियम में फैंस धोनी धोनी नाम के जयकारे भी लगाने लगे। ऐसी रही राजस्थान की पारी 188 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद दमदार रही. यशस्वी जायसवाल और वैभव ने आतिशी अंदाज में शुरुआत की. लेकिन चौथे ही ओवर में यशस्वी का विकेट गिर गया. यशस्वी ने 19 गेंद में 36 रन बनाए. उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के जड़े. अंशुल कंबोज ने उनका विकेट झटका. लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन ने आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी की. 10 ओवर में राजस्थान का स्कोर 95 के पार पहुंच गया. इस मैच में भी वैभव सूर्यवंशी का जलवा देखने को मिला. वैभव ने 27 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के जड़े. लेकिन 13वें ओवर में पहले संजू कि विकेट गिर गया. संजू ने 41 रन बनाए. वहीं, वैभव भी अगले ही ओवर में आउट हो गए. वैभव ने 57 रन बनाए. लेकिन इसके बाद ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर ने मोर्चा संभाला. दोनों ने अच्छी बल्लेबाजी की और 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर अपनी टीम को जीत दिलाई. राजस्थान 9वें पायदान पर है वहीं, चेन्नई सबसे आखिरी पायदान पर है. हालांकि, राजस्थान का सफर अब खत्म हो गया है, जबकि चेन्नई का अभी एक मैच बाकी है. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी चेन्नई की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में कॉन्वे को युद्धवीर ने अपना शिकार बनाया. इसके बाद इसी ओवर में उन्होंने उर्विल पटेल को भी अपना शिकार बना लिया. लेकिन इसके बाद आयुष म्हात्रे ने खतरनाक अंदाज में बैटिंग की. म्हात्रे ने 20 गेंद में 43 रनों की पारी खेली. लेकिन छठे ओवर में उनका विकेट गिर गया. इसके बाद अगले ही ओवर में अश्विन भी चलते बने. अश्विन ने 13 रन बनाए. इसके बाद रविंद्र जडेजा से बड़ी पारी की उम्मीद थी. लेकिन जडेजा भी युद्धवीर का शिकार हो गए. जडेजा ने केवल एक रन बनाए. इसके बाद ब्रेविस और शिवम दुबे ने पारी को संभालने की कोशिश की. 10 ओवर के बाद चेन्नई का स्कोर 103-5 था. दोनों के बीच 59 रनों की साझेदारी 14वें ओवर में टूटी जब ब्रेविस 42 रन बनाकर मधवाल का शिकार बने. इसके बाद धोनी और शिवम दुबे में अच्छी साझेदारी हुई. इसी बीच धोनी ने 350 टी20 छक्के भी पूरे किए. दुबे का विकेट 20वें ओवर में गिरा. दुबे ने 39 रन बनाए. जबकि धोनी ने 16 रनों की पारी खेली लेकिन वो भी आखिरी ओवर में आउट हो गए. इसकी बदौलत चेन्नई ने राजस्थान के सामने 188 रनों का लक्ष्य दिया है. recent visitors 47

जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके। recent visitors 57

कंपनी विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में लगातार प्रयासरत

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने विद्युत पारेषण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पारेषण हानि (ट्रांसमिशन लॉस) को ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम स्तर तक लाने में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि विद्युत कर्मियों की तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी, उन्नत प्रबंधन प्रणाली और अत्याधुनिक तकनीकी उपायों के समन्वय से संभव हो सकी है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित 2.77 प्रतिशत लक्ष्य की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में पारेषण हानि को घटाकर 2.60 प्रतिशत तक लाया गया है। यह राज्य की विद्युत कंपनियों की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पिछले दो वर्षों की तुलना में भी उल्लेखनीय सुधार है। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में पारेषण हानि 2.61 प्रतिशत थी, जबकि वर्ष 2024-25 में इसमें 0.01 प्रतिशत की और गिरावट दर्ज की गई है। पारेषण हानि में कमी के लाभ किसी भी ट्रांसमिशन प्रणाली में पारेषण हानि के न्यूनतम स्तर पर होने से न केवल पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है, बल्कि विद्युत उत्पादन की लागत भी घटती है। इसके अतिरिक्त, यह वोल्टेज स्तर समेत अन्य तकनीकी मानकों को स्थिर रखने में भी सहायता करता है। इससे समग्र बिजली प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनती है। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता होगी बेहतर एम.पी. ट्रांसको द्वारा किए गए नवाचारों, स्कॉडा प्रणाली जैसी उन्नत तकनीकी विधियों, विद्युत ग्रिडों की निरंतर निगरानी और समय-समय पर किए गए रख-रखाव के चलते यह सफलता संभव हो सकी है। कंपनी विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में लगातार प्रयासरत है। यह सफलता न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।   recent visitors 39

इस बार 65 प्रतिशत प्रशंसक देखना चाहते है आरसीबी की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी, नया विजेता चाहते है

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के करीब 65 प्रतिशत प्रशंसकों को इस साल नया ट्रॉफी विजेता मिलने की उम्मीद है जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी है। यह आंकड़े एक सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण को करने वाले ‘23 वॉट्स इनसाइट्स स्टूडियो' ने बताया कि किशोरों और युवाओं सहित 5,000 से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 5 मई तक किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 12 प्रतिशत प्रशंसक दिल्ली कैपिटल्स को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं जबकि सात प्रतिशत पंजाब किंग्स के पक्ष में हैं। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग चाहते हैं कि दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी लीग में खेलना जारी रखे। धोनी के संन्यास से जुड़े सवाल पर 73 प्रतिशत क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि यह करिश्माई विकेटकीपर बल्लेबाज खेलना जारी रखें। इससे पता चलता है कि भारत के पूर्व कप्तान को देश भर के प्रशंसकों से अब भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। लगभग 37.77 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धोनी संघर्ष करने के बावजूद अहम खिलाड़ी हैं जबकि 35.13 प्रतिशत का कहना है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा की तरह हैं। उभरते हुए खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी प्रशंसकों के चहेते खिलाड़ी बनते दिख रहे हैं। 31.4 प्रतिशत प्रशंसकों ने आईपीएल 2025 में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर माना है। उनके बाद मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार के लिए 21 प्रतिशत प्रशंसकों ने मतदान किया। इस सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत प्रशंसकों का मानना है कि ‘इंपैक्ट खिलाड़ी' नियम ने खेल को ज्यादा रणनीतिक और आकर्षक बनाया है जबकि 20 प्रतिशत का मानना है कि यह नियम हरफनमौला खिलाड़ियों के लिए अनुचित है। गुजरात टाइटन्स, आरसीबी और पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स बचे हुए एक स्थान के लिए दावेदारी कर रहे हैं। recent visitors 41

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू, वर्ष 2029 तक बनेंगे 10 लाख आवास

भोपाल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू किया जा चुका है। यह मिशन वर्ष 2029 तक 5 वर्ष की अवधि के लिये क्रियान्वित किया जायेगा। देश भर में एक करोड़ और मध्यप्रदेश में 10 लाख नवीन आवासों के निर्माण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। योजना का उद्देश्य सभी पात्र शहरी गरीब एवं आवासहीन परिवारों को सुरक्षित स्थायी और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-1.0 (पीएमएवाई) में अब तक 8 लाख 50 हजार आवासों का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस पर अब तक 22 हजार 975 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों को पीएमएवाई-यू-2.0 के लक्ष्य को समय-सीमा में हासिल करने के लिये निर्देश जारी किये गये हैं। आवास योजना में लाभार्थी को 4 घटकों में दी जायेगी मदद प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 में पात्र लाभार्थी को 4 प्रमुख घटकों के माध्यम से लाभ दिया जायेगा। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक हितग्राही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित यूनिफाइड वेब पोर्टल (https://pmay-urban.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये हितग्राही अपने संबंधित नगरीय निकाय कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार आवास के अभाव में न रहे। स्पेशल फोकस ग्रुप पीएमएवाई-यू-2.0 विभिन्न वर्गों के लिये समानता सुनिश्चित करता है, जिसमें कल्याणी, अकेली महिलाएँ, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वंचित वर्गों की आवास आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। इस योजना में विशेष रूप से सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेण्डर्स, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कारीगरों, आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-बस्तियों और चालों के निवासियों और अन्य पात्र समूहों को प्राथमिकता दी जायेगी।   recent visitors 35

पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.   recent visitors 64

हर स्कूल में 15 जुलाई तक चीनी बोर्ड लगाया जाएगा, डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए कदम उठाया

भोपाल बच्चे टिफिन (Lunch box) में क्या ला रहे हैं? सीबीएसई स्कूलों में इसकी निगरानी होगी। खाने में चीनी के उपयोग को सीमित करने के लिए सीबीएसई (CBSE New Circular) ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं। हर स्कूल में 15 जुलाई तक अनिवार्यत: चीनी बोर्ड लगाया जाएगा। डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया है।  दरअसल, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सर्वे में पाया कि 4 से 10 साल की उम्र के बच्चे तय सीमा से 3 गुना अधिक चीनी का सेवन कर रहे हैं। इससे टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) का खतरा बढ़ा है। सहोदय ग्रुप ऑफ सीबीएसई स्कूल भोपाल के अध्यक्ष चैतन्य सक्सेना ने बताया कि स्कूलों के बोर्ड में छात्रों के टिफिन (Lunch Box) और शुगर कंटेंट (Children Health Alert) नोट होंगे। साथ ही पौष्टिक खाने के बारे में अभिभावकों को भी जानकारी दी जाएगी। चीनी बोर्ड लगेगा स्कूलों में लगने वाले चीनी बोर्ड की निगरानी प्राचार्य-शिक्षकों के साथ विद्यार्थी (CBSE School Students)भी करेंगे। स्कूल मैनेजमेंट इसके लिए मेन्यू तैयार कर सकता है। इसमें मीठी चीजों की मात्रा तय रहेगी। बोर्ड बच्चों के टिफिन में आने वाले खाद्य पदार्थों में चीनी की उपलब्धता और नियंत्रण पर कार्य करेगा। सर्वे में इस बात पर जोर – 10 साल तक के बच्चों को औसतन 5 फीसदी चीनी सेवन करना चाहिए – मीठा, चॉकलेट या जंक फूड से 15 फीसदी तक चीनी का सेवन करते हैं। – छोटी उम्र से ही चीनी का अधिक उपयोग करने से उनमें टाइप-2 मधुमेह का खतरा तेजी से बढ़ा है। recent visitors 34