प्रदेश में भर्ती नियम में एकरूपता के लिए सरकार माडल नियम बनाने जा रही है तो साक्षात्कार की व्यवस्था में भी परिवर्तन

भोपाल प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। भर्ती नियम में एकरूपता के लिए सरकार माडल नियम बनाने जा रही है तो साक्षात्कार की व्यवस्था में भी परिवर्तन प्रस्तावित किया गया है। दरअसल, कुछ विभागों में वाक इन इंटरव्यू की व्यवस्था है। इसमें पदों की सीमित संख्या के बाद भी कई गुना अभ्यर्थी बुला लिए जाते हैं। इसके स्थान पर अब राज्य लोक सेवा आयोग जैसी व्यवस्था को अपनाया जाएगा, जिसमें एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक बुलाए जाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ विभिन्न विभागों के बैकलाग हों या फिर निश्शक्तजनों के लिए आरक्षित पदों की भर्ती, इनको भरने के लिए सरकार वाक इन इंटरव्यू करती है। इसमें भाई-भतीजावाद से लेकर तरह-तरह की शिकायतें होती हैं। पद संख्या कम होने के बाद कई गुना आवेदक बुलाने से अव्यवस्था भी होती है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि वाॅक इन इंटरव्यू के स्थान पर राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक को साक्षात्कार में बुलाने की व्यवस्था अपनाई जाएगी। चूंकि, इसमें मेरिट का पालन होता है, इसलिए पारदर्शिता भी रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जून-जुलाई में भर्ती नियम में संशोधन होगा। साक्षात्कार की नई व्यवस्था का प्रारूप तैयार होगा, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। recent visitors 52

जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे:UK-फ्रांस-कनाडा

 गाजा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शपथ ली है कि वे पूरे गाजा को 'नियंत्रण' में लेकर रहेंगे. लेकिन नेतान्याहू के प्लान पर ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने आंखें तरेर ली है. बेंजामिन नेतान्याहू की सेना ने कहा है कि उन्होंने पूरे गाजा शहर को कॉम्बैट जोन घोषित कर दिया है. इस बीच गाजा में एयरस्ट्राइक में 60 लोग मारे गए हैं. इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मॉट्रिच ने कहा कि इजरायल की सेना फिलिस्तीनी गाजा के बचे हुए हिस्से को “समाप्त” कर देगी. इस बीच  ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने सोमवार को कहा है कि, "जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य हमले बंद नहीं किए और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे." नेतन्याहू का टोटल कंट्रोल का प्लान क्या है? इजरायल की गाजा पर पूर्ण नियंत्रण की योजना में सैन्य कब्जा, हमास को खत्म करना, बंधकों की रिहाई, और पूरे क्षेत्र को इजरायल के लिए सुरक्षित बनाना शामिल है. यह योजना सैन्य अभियानों, मानवीय सहायता पर नियंत्रण, और संभावित विस्थापन नीतियों के माध्यम से लागू की जा रही है. बता दें कि इजरायली संसद और सुरक्षा कैबिनेट ने मई 2025 में गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य हमास को सैन्य और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह से खत्म करना और गाजा में बंधकों को रिहा कराना है. इजरायल पहले से ही गाजा के लगभग 50% हिस्से पर नियंत्रण रखता है, और इस योजना के तहत पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने की रणनीति बनाई गई है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायल पूरे गाजा पर कंट्रोल करेगा. शुक्रवार को एक नए ऑपरेशन की शुरुआत की घोषणा करने वाली इजरायली सेना ने सोमवार को दक्षिणी शहर खान यूनिस के निवासियों को तुरंत समुद्री तट पर जाने की चेतावनी दी, क्योंकि वह "अभूतपूर्व हमले" की तैयारी कर रही है. इजरायल ने गाजा में सैन्य अभियानों को तेज करने का फैसला किया है, जिसमें हवाई हमले, जमीनी ऑपरेशन, और हमास के ठिकानों को निशाना बनाना शामिल है.  मार्च 2025 में युद्धविराम टूटने के बाद से इजरायली सेना ने सैकड़ों लोगों को मार गिराया है और बड़े भूभाग पर कब्जा किया है. प्रतिबंधों, मौतों और बमबारी से सिसक रहा है गाजा गाजा की स्थिति बहुत दयनीय है. गाजा की स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि सोमवार सुबह तक 72 घंटों में इजरायली बमबारी में 300 से अधिक लोग मारे गए है. दक्षिणी शहर खान यूनिस में हवाई हमलों की एक सीरीज में मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. यह हमला तब हुआ जब नेतन्याहू ने कहा था कि उनकी सेना अकाल के जोखिम से बचने के लिए सीमित मात्रा में भोजन की अनुमति देगी. इजरायल ने हमास के कब्जे से 58 बंधंकों की रिहाई के लिए लगातार दबाव बना रहा है. इजरायल इसके लिए सारे उपाय अपना रहा है. इजरायल ने गाजा में खाद्य, पानी, ईंधन, और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति को रोक दिया है. इस नाकेबंदी के कारण गाजा में भयावह मानवीय संकट पैदा हो गया है, और भुखमरी का खतरा बढ़ गया है. हालांकि, मई 2025 में इजरायल ने सीमित मात्रा में मानवीय सहायता की अनुमति देने का फैसला किया, लेकिन यह सहायता आतंकवादियों तक न पहुंचे, इसके लिए सख्त निगरानी की योजना है. कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस की एंट्री ने इजरायल को उलझाया इजरायल के इस प्लान पर यूरोप के बड़े देशों और पश्चिमी लॉबी ने घोर असंतोष जताया है. ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इजरायल के युद्ध विस्तार को असंगत बताया है. इन्होंने गाजा की स्थिति को "असहनीय" बताया और धमकी दी कि यदि इजरायल का अभियान जारी रहा तो "ठोस" जवाब दिया जाएगा. "जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य आक्रमण बंद नहीं किया और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे." ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने गाजा में अनाज न आने देने के फैसले की तीखी आलोचना की है. इन देशों ने कहा है कि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. इसके अलावा, इन देशों ने इजरायली सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा गाजा की नागरिक आबादी के "जबरन विस्थापन" की धमकी देने वाले बयानों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया. प्रतिबंध की धमकी पर नेतन्याहू का जवाब ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा के बयानों पर इजरायल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़रायल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्वीट कर कहा, "हमारी सीमा पर हमास आतंकवादियों के नष्ट होने से पहले हमारे अस्तित्व के लिए किए जा रहे रक्षात्मक युद्ध को समाप्त करने के लिए इज़रायल से अनुरोध करके और फ़िलिस्तीनी राज्य की मांग करके, लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़राइल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं, ऐसा करके ये देश इस तरह के और अधिक अत्याचारों को आमंत्रित कर रहे हैं." नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध 7 अक्टूबर को शुरू हुआ जब फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने हमारी सीमाओं पर हमला किया, 1,200 निर्दोष लोगों की हत्या की और 250 से अधिक निर्दोष लोगों को किडनैप कर गाजा की काल कोठरी में ले गए. नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दृष्टिकोण से सहमति जताते हुए कहा कि यूरोप के नेता भी ऐसा ही विचार रखें. युद्ध कल समाप्त हो सकता है यदि शेष बंधकों को रिहा कर दिया जाए, हमास अपने हथियार डाल दे, उसके हत्यारे नेताओं को निर्वासित कर दिया जाए और गाजा को सैन्य विहीन कर दिया जाए. उन्होंने खरी-खरी कहा कि किसी भी देश से इससे कम कुछ भी स्वीकार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है और इज़रायल निश्चित रूप से ऐसा नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यह बर्बरता पर सभ्यता का युद्ध है. इजरायल तब तक न्यायपूर्ण तरीकों से अपना बचाव करना जारी रखेगा जब तक कि पूर्ण विजय प्राप्त नहीं … Read more

देशद्रोही बोलने के मामले में पंडित धीरेंद्र शास्त्री कोर्ट में नहीं हुए पेश

शहडोल प्रयागराज महाकुंभ में शामिल नहीं होने वालों को देशद्रोही बोलने के मामले में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मंगलवार को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के न्यायालय में पेश नहीं हुए। अब इस मामले में अगली तिथि दो जून निर्धारित की गई है। बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को भड़काऊ और असंवैधानिक बताते हुए शहडोल जिला न्यायालय में अधिवक्ता संदीप तिवारी ने परिवाद दायर किया है। इसकी सुनवाई करते हुए पिछले दिनों जिला न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीता शरण यादव ने नोटिस जारी करके पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया था कि वह मंगलवार 20 मई को सुबह 11 बजे स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से एक अधिवक्ता ने मेमो के आधार पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मामले में अब अगली सुनवाई दो जून को होगी। recent visitors 49

उमरिया के मानपुर थाना क्षेत्र की घटना, नदी किनारे 50 मीटर की दूरी पर मिले शव, पांच दिन से थे लापता, जानवरों ने नोचा

उमरिया जिले के मानपुर थाना अंतर्गत मानपुर से महज दो किमी दूर बनवेई नदी के किनारे झाडि़यों में एक युवक और एक युवती का शव पाया गया है। इस बारे में कहा जा रहा है कि मरने वाले प्रेमी और प्रेमिका थे जो पिछले लगभग एक सप्ताह से लापता थे। युवक और युवती के नाम शिवम पिता संतोष साहू उम्र 24 निवासी ग्राम दुलहरा और मनोरमा पिता अनिल बर्मा उम्र 19 वर्ष निवासी मानपुर बताए गए हैं। युवक और युवती के शव लगभग पचास मीटर की दूरी पर पाए गए हैं और उस चोट के निशान भी हैं। बताया गया है कि शव बुरी तरह से खराब हो गए हैं और उन्हें जानवरों ने भी जमकर नोचा है।   पांच दिनों से थे लापता दोनों प्रेमियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई है, फिलहाल साफ नही है। घटना की जानकारी के बाद घटना स्थल पर पहुंचकर मानपुर पुलिस जांच में जुट गई है। पीएम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया है। खबर है कि दोनों प्रेमी पिछले पांच दिनों से लापता रहे हैं। ऐसे में सन्दिग्ध परिस्थितियों में इन दोनों प्रेमियों का शव मिलना गम्भीर अपराध की ओर इशारा कर रहा है। शरीर के कई अंग शव से पृथक भी है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कहा है और जांच के बाद सच्चाई सामने आने की बात कही जा रही है। ऑनर किलिंग की आशंका यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह मामला ऑनर किलिंग का हो सकता है। हालांकि इस अनुमान में भी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि ऐसा किस पक्ष के लोग कर सकते हैं। हो सकता है यह अनुमान गलत भी हो लेकिन पुलिस जिस एंगल से जांच कर रही है उसमें यह महत्वपूर्ण है। बांधवगढ़ में बाघिन ने वन विभाग के ड्राइवर पर किया हमला, एक महिला को मारने के साथ 3 लोगों को कर चुकी है घायलबांधवगढ़ में बाघिन ने वन विभाग के ड्राइवर पर किया हमला, एक महिला को मारने के साथ 3 लोगों को कर चुकी है घायल यह जानकारी भी सामने आई है कि शिवम और मनोरमा के रिश्ते को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी थी इस लिए इस बारे में पुलिस विचार कर रही है। लगातार हो रहीं घटनाएं मानपुर क्षेत्र में अंधी हत्याओं का बढ़ता ग्राफ बड़े सवाल खड़ा कर रहा है। अभी हाल के महीनों में ग्राम नरवार में शिकारियों द्वारा फैलाये गए करेंट से दो युवकों की मौत और उसके बाद ग्राम खिचकीड़ी में चतुर्भुज मंदिर के नज़दीक धारदार हथियार से शहडोल जिले के युवक की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद अब इन दोनों प्रेमियों की सन्दिग्ध मौत बड़ा सवाल है। मानपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराध की वजह से पुलिस की कार्यप्रणालि पर भी सवाल उठने लगे हैं। recent visitors 48

गौरेला पेंड्रा मरवाही : बहुद्देशीय केन्द्र के लिए भवन निर्माण हेतु ई-निविदा 29 मई तक आमंत्रित

गौरेला पेंड्रा मरवाही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पीव्हीटीजी हेतु बहुद्देशीय केन्द्र के लिए भवन निर्माण हेतु एकीकृत पंजीयन प्रणाली के अंतर्गत पंजीकृत द श्रेणी एवं इससे उपर श्रेणी के ठेकेदार से ई-निविदा 29 मई तक शाम 5.30 बजे तक आमंत्रित किया गया है। निविदा प्रपत्र की चालान एवं अमानत राशि (एफडीआर) प्रस्तुत करने की (स्पीड पोस्ट से) अंतिम तिथि 3 जून है। निविदा खोलने की तिथि 4जून शाम 4 बजे निर्धारित है। निविदा कार्यालय कलेक्टर (सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शाखा) गौरेला पेण्ड्रा मरवाही के पते पर आमंत्रित किया गया है।        कार्य का नाम पीव्हीटीजी हेतु बहुद्देशीय केन्द्र का निर्माण छोटकीदादर (आमाडोब) कार्य के अनुमानित लागत 60 लाख रूपए एवं अमानत राशि 60 हजार रूपए निर्धारित है। कार्य पूर्ण करने की अवधि वर्षा काल सहित छह माह निर्धारित है। निविदा की सामान्य शर्तें एवं अन्य जानकारी विभागीय वेबसाइट eproc.cgstate.gov.in में देखी जा सकती है। recent visitors 47

पाक सेना की एयरस्ट्राइक में एक ही परिवार के चार मासूमों ने गंवाई जान, 5 लोग घायल, शोक में डूबा परिवार

इस्लामाबाद पाकिस्तान में सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर आम नागरिकों को अपनी चपेट में ले लिया है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली स्थित हुरमुज़ गांव में ड्रोन से बम गिराते हुए एयरस्ट्राइक की। इस एयरस्ट्राइक में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। एक ही परिवार के चार मासूमों ने गंवाई जान इस दुर्भाग्यपूर्ण एयरस्ट्राइक में हुरमुज़ गांव में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। जिस समय पाकिस्तानी एयरफोर्स ने ड्रोन से बम गिराए उस समय ये बच्चे खेल रहे थे जिसकी वजह से वे सीधे हमले की चपेट में आ गए। 5 लोग घायल, स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा इस हवाई हमले में 5 अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिनमें बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मीर अली के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पाकिस्तानी एयरफोर्स की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। हादसे के बाद गांव के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर पाकिस्तानी सेना की इस बर्बरता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बलूच नेता ने की एयरस्ट्राइक की निंदा बलूच नेता मीर यार बलूच ने पाकिस्तानी एयरफोर्स की इस क्रूर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। बलूच ने भावुक होते हुए कहा, "इन बच्चों के पास पढ़ने के लिए अपने दोस्तों और परिवार के साथ खेलने के लिए हंसने के लिए जीने के लिए सपने थे लेकिन पाकिस्तान की कट्टरपंथी सेना ने उन्हें बेरहमी से मार डाला।" बलूच ने पश्तून लोगों के साथ एकजुटता में खड़े रहने की बात कही है। यह घटना पाकिस्तान के अशांत क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आम नागरिकों पर इसके प्रभाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।   recent visitors 46

जयसिंहनगर पुलिस को खेत में रखी गई 121 बोरियों में गांजे की एक बड़ी खेप मिली, पकड़ा तीन करोड़ का लावारिस गांजा

शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिरूई खुर्द में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में लावारिस गांजा जब्त किया है। जयसिंहनगर पुलिस को खेत में रखी गई 121 बोरियों में गांजे की एक बड़ी खेप मिली है, जिसका वजन कुल 38 क्विंटल 36 किलो 100 ग्राम है। जब्त किए गए गांजे की बाजारू कीमत लगभग 3 करोड़ 6 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेत में इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरूई खुर्द क्षेत्र में नशे के कारोबार से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने दबिश दी और यह सफलता हाथ लगी। सूत्रों के अनुसार, एक ग्रामीण के घर और उसके आसपास के खेतों में भी छापेमारी की गई, जिसमें गांजे की कई बोरियां बरामद की गईं। पुलिस की इस कार्यवाही से गांजा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जयसिंहनगर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को इलाके में सराहा जा रहा है और आमजन इसे नशे के खिलाफ एक ठोस कदम मान रहे हैं। जयसिंहनगर थाना प्रभारी एसपी चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम गिरूई खुर्द के एक खेत में भारी मात्रा में गांजा रखे होने की सूचना पर कार्यवाही की गई है। जिसमें कारणों का गांजा जप्त कर कार्यवाही की गई है। recent visitors 40