जगदलपुर : कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा

जगदलपुर : कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़ाने करें सकारात्मक प्रयास-कमिश्नर श्री डोमन सिंह जगदलपुर कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को बस्तर जिले के बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के कुड़कानार एवं धरमाउर स्कूलों में आयोजित समर कैंप का जायजा लिया और बच्चों के द्वारा बनाए गए पेंटिंग्स, खिलौने, रंगोली इत्यादि का बारीकी से अवलोकन कर इन बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर बच्चों ने कविता, देशभक्ति गीत, कहानी भी सुनाया। इस दौरान कमिश्नर ने स्कूली बच्चों को स्थानीय परिवेश के मुताबिक सीखने-समझने तथा सृजन प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षकों को समझाइश देते हुए कहा कि समर कैंप गर्मी की छुट्टियों में स्कूली बच्चों के लिए कुछ नया और सार्थक सीखने का सुनहरा मौका है। समर कैंप में खासतौर पर स्थानीय परिवेश और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को अपने आसपास के सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहलुओं को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान करें। बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़े, इस दिशा में बच्चों को अपने परिवार के वंशावली के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित कर पिता, दादा, परदादा के नाम उल्लेखित कर वंशवृक्ष बनाने के लिए कहें। जिससे बच्चों की जिज्ञासा बढ़े और वे स्वयं के परिवार सहित ननिहाल के बारे में भी जानने के लिए प्रेरित हो सकें। इन बच्चों को गांव के इतिहास, भौगोलिक स्थिति एवं विशेषताओं सहित गांव में उपयोग की जाने वाली बैलगाड़ी, सायकिल, कृषि के यंत्र, घरेलू उपयोग की सामग्री, ग्रामीण त्यौहार एवं पर्व इत्यादि के सम्बंध में भी जानने-समझने के लिए अभिप्रेरित करें।       कमिश्नर ने कहा कि समर कैंप में बच्चों को पारंपरिक खेल, लोककला, स्थानीय बोली-भाषा, लोक गीत, लोक नृत्य, हस्तशिल्प, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय खानपान से संबंधित गतिविधियों में शामिल करें। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी, वीर-वीरांगनाओं, धरोहर, परंपराएं और प्रमुख व्यक्तियों के बारे में भी अवगत होने का अवसर प्रदान किया जाए। बच्चों ने दिखाई सृजनात्मक एवं रचनात्मक हुनर         समर कैंप में शिक्षक-शिक्षिकाओं की देखरेख में बच्चों ने मिट्टी के खिलौने बनाना, लोकगीत-देशभक्ति गीत गाना, पेंटिंग्स बनाना और जैव विविधता को समझने जैसे रोचक सत्रों में भाग लिया। इससे न केवल उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक जुड़ाव की भावना भी विकसित हुई। कमिश्नर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समर कैंप बच्चों को किताबों से परे जाकर जीवन से जुड़ी अहम बातें सीखने का अवसर देते हैं। यह अनुभव न केवल उनके समग्र विकास में सहायक होता है, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक भी बनाता है। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह को प्राथमिक शाला कुड़कानार के कक्षा चैथी के छात्र यूकेश बघेल ने स्वयं द्वारा तैयार पेंटिंग्स भेंट की तो कमिश्नर ने उसके प्रतिभा को सराहा और शाबाशी दी। साथ ही कक्षा 5 वीं की छात्रा सलोनी बघेल एवं तीसरी कक्षा की छात्रा रेशमी कश्यप ने कविता सुनाई। वहीं कुणाल ठाकुर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर भाव-विभोर कर दिया। माध्यमिक शाला के 8 वीं के छात्र प्रकाश नाग ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का नाम बताया, तो अमित बघेल ने बैलगाड़ी के पुर्जों एवं विजय बघेल ने सायकल के पुर्जों के बारे में बताया। इसी तरह माध्यमिक शाला धरमाउर के छात्र हिमांशु कश्यप ने अपने परिवार के वंशवृक्ष तथा छात्रा सिमरन नाग ने विभिन्न खेल विधाओं के बारे में बताया। कमिश्नर ने इन सभी बच्चों को उत्साहित करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। कमिश्नर ने मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र की व्यवस्था को सराहा     कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने एकीकृत बाल विकास परियोजना तोकापाल के अंतर्गत मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र धरमाउर का अवलोकन कर स्वच्छता एवं साफ-सफाई, बच्चों को गणवेशयुक्त, स्कूल पूर्व प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए खिलौने, गिनती के चार्ट इत्यादि को व्यवस्थित पाकर प्रशंसा की। वहीं उन्होंने किचन की व्यवस्था के साथ ही किचन में लक्षित बच्चों को दी जाने वाली गर्म भोजन रोटी, चावल, सब्जी एवं दाल की गुणवत्ता को देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता कश्यप एवं सहायिका राजकुमारी के सार्थक पहल को सराहा और उन्हें निरंतर बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 54

मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले, शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी: मायावती

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और निजी मदरसों के प्रति सरकार को अपने रवैये में परिवर्तन की सलाह दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘‘यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, किन्तु 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी। मायावती ने किया ये पोस्ट मायावती ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि, ''फिर भी सस्ती व सुलभ व्यवस्था के तहत मदरसों आदि की प्राइवेट व्यवस्था के विरुद्ध सरकार का रवैया सहयोग का होने के बजाय उन्हें अवैध बताकर बंद करने का होना बुनियादी शिक्षा की जरूरत को और कमजोर करने वाला गैर-जरूरी व अनुचित। निजी मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले तो बेहतर।'' 'सरकारी स्कूलों के हालात अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं' बसपा प्रमुख ने आगे कहा ‘‘वैसे तो सरकारी स्कूलों के हालात देश के अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं किन्तु यूपी व बिहार में यह अति-दयनीय होने से बहुजन गरीब परिवारों का बहुप्रतीक्षित विकास बाधित व इनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय। ऐसे में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देकर इन्हें बंद करने के बजाय प्रोत्साहन जरूरी।'' recent visitors 50

धमतरी : राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर निकाली गई जनजागरूकता रैली

धमतरी जिले में डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर ’देखें, साफ करे, ढकें, डेंगू को हराने का उपाय करें’ थीम पर 16 मई को जनजागरूकता रैली निकाली गई। नर्सिंग प्रशिक्षु छात्रों द्वारा निकाली गई इस रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.यू.एल.कौशिक ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद नर्सिंग छात्रों का डेंगू से संबंधित जागरूकता संबंधी रंगोली प्रतियोगिता, क्वीज कॉम्पिटिशन, निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरण किया गया। जिला नोडल अधिकारी डॉ.आदित्य सिन्हा ने डेंगू के लक्षण, इसके प्रभाव और गंभीर स्थिति में बचने के उपाय की बारीकी से जानकारी दी। डेंगू के लक्षण की जानकारी देते हुए कहा कि अचानक तेज सिर दर्द, तेज बुखार, मांसपेंशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जी मितलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना इत्यादि है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि डेंगू के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी है। मानसून के पूर्व रोकथाम गतिविधियां समुदाय की सहभागिता, पंचायत एवं नगरीय विकास विभाग से समन्वय और प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता आदि पर ही डेंगू संक्रमण को रोका जा सकता है। क्रमांक-118/265/अमित recent visitors 50

आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना से अवगत कराया गया विभागों को

दंतेवाड़ा : कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक माननीय मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने, पंचायतों में अटल डिजिटल केन्द्रों को सक्रिय किए जाने सहित अन्य मुद्दो पर कलेक्टर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना से अवगत कराया गया विभागों को दंतेवाड़ा आज कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विगत प्रवास के दौरान की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर तुरन्त प्रभावी कार्यवाही किये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्रामों में आधार कार्ड एवं राशन कार्ड बनाये जाने हेतु शिविर लगाने हेतु शेड्यूल बनाकर युद्ध स्तर संबंधित विभाग क्रियान्वयन करें। इसके लिए डोर टू डोर सर्वे कराकर आवेदन लेने के प्रक्रिया प्रारंभ सहित जिन-जिन ग्रामों में आधार कार्ड प्रदाय में भारी अंतर परिलक्षित हो रहा है। उसे लक्षित करके शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाना विभागों की प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही राशन कार्ड बनाए जाने के प्रक्रिया छूटे हुए हितग्राहियों को विभागीय मॉनटरिंग किया जा कर त्वरित राशन कार्ड बनाये जाए। इन मूलभूत आवश्यकता वाले कार्यों को जिला स्तर पर स्वयं विभाग प्रमुख प्रतिदिन कार्य की प्रगति के संबंध में रिपोर्ट करेगें। इसके साथ ही नियद नेल्लानार के चिन्हित ग्रामों में संबंधित विभागों द्वारा किये जाने वाले विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हेतु व्यक्तिगत रूप से विभाग प्रमुख प्रगति का जायजा लेगें। साथ ही पेंशन प्रकरण एवं महतारी वंदन जैसे योजनाओं में हितग्राहियों को भुगतान हर महीने के 10 तारीख से पहले सुनिश्चित किया जाये। इस प्रकार शालाओं में भी मिड-डे-मिल प्रदाय, छात्राओं एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर भी विभागीय अधिकारियों की सतत निगरानी रहेगी। इसके अलावा उन्होंने जिले के पंचायतों में प्रारंभ किये गये अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी सेवा केन्द्रों में सक्रिय रूप से हितग्राहियों को बैंकिंग, पेंशन सहित मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य भुगतान संबंधी सेवाओं को कार्यशील करे। इस संबंध में आगामी समय-सीमा बैठक में संबंधित विभाग अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगे। जिले में पर्यटन सुविधाओं के विस्तारीकरण के तहत होम-स्टे प्रारंभ किये जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि पर्यटकों हेतु मुलेर, कुम्हाररास, पालनार और बारसूर के चयनित ग्रामों में होम-स्टे सेवा प्रारंभ होगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर  होम-स्टे  संचालित करने वाले इच्छुक हितग्राहियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाकर प्रस्ताव जिला स्तर पर उपलब्ध कराये। बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्ययोजना पर भी समय-सीमा की बैठक में हुई समीक्षा        इसके साथ ही समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने आगामी मानसून के मद्दे नज़र बाढ़ आपदा बचाव एवं पूर्ण राहत कार्य योजना के संबंध में भी विस्तृत   दिशा-निर्देश  दिए। बैठक में आगामी मानसून में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था करने के लिए जिला व तहसील स्तर पर सेल तथा बाढ़ समिति का गठन किया जाने। प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत के संबंध में जिला व तहसील स्तर पर स्थापित वर्षा मापक यंत्रों का उचित रखरखाव। पहुंच विहीन क्षेत्रों में राशन एवं खाद्यान्न सामग्री के भंडारण चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार की दृष्टि आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, पेयजल की शुद्धता एवं स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए कुआं, हैंडपंप आदि में ब्लीचिंग पाउडर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बाढ़ से बचाव संबंधी जो भी उपकरण जो जिले में उपलब्ध हैं उनकी दुरूस्ती आदि कराकर उपयोग हेतु तैयार रखने, बायो टॉयलेट की व्यवस्था के संबंध में कलेक्टर ने पूर्व से ही तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति प्रायः नालियों के अवरुद्ध हो जाने के कारण होती है अतः स्थानीय प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जावे कि संबंधित नगर पालिका अधिकारी नगर के तमाम नालियों की सफाई नियमित रूप से कराये। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामों एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों बिजली आपूर्ति सुनिष्चित करने हेतु आवष्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देषित किया गया। इसके अलावा मानसून के दौरान जिले के नदी नालों में बढ़ते जलस्तर तत्काल रिपोटिंग करने हेतु कर्मचारियों को नियुक्त करने, खतरे के निशान को इंगित करने वाले साइन बोर्ड आदि की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। कलेक्टर ने यहां भी कहा कि इस सीजन मौसमी बीमारियों सहित सर्पदंश उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में दवाइंयां एवं एंटी डोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्धता रखें। साथ ही उन्होंने जिले के आश्रम छात्रावासों में मलेरिया इत्यादि से बचाव हेतु मच्छरदानियां एवं खिड़कियों जालियों की व्यवस्था, प्रसाधन कक्षों एवं छात्रावास परिसर के नालियों में डीडीटी के छिड़काव के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही बैठक में समय-सीमा के पूर्व निर्धारित प्रकरणों पर भी कलेक्टर ने जानकारी लेते हुए दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 53

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- सत्ता पक्ष गंभीर मुद्दों पर भी ‘कार्टूनगिरी’ करता है

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर देशभर में सरकार की तारीफ हो रही है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी के सवालों से शुरू हुआ विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से सवाल किए। राहुल ने कहा कि अगर पाकिस्तान को पहले से हमले की जानकारी दी गई थी, तो कितने एयरक्राफ्ट नुकसान में गए? उन्होंने इसे 'सिर्फ चूक नहीं बल्कि एक अपराध' करार दिया और पूछा कि इस हमले की जानकारी पाकिस्तान को देने की मंजूरी किसने दी? राहुल गांधी ने विदेश मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश को सच्चाई जानने का हक है। बीजेपी का पलटवार – अमित मालवीय ने किया तंज बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। अमित ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री या सेना को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बधाई तक नहीं दी, बल्कि लगातार यह पूछते रहे कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवाए। मालवीय ने सवाल किया, 'राहुल गांधी को क्या अगला ''निशान-ए-पाकिस्तान'' सम्मान मिलने वाला है?' कांग्रेस का जवाब – पवन खेड़ा का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष गंभीर मुद्दों पर भी 'कार्टूनगिरी' करता है। उन्होंने कहा, 'हम सेना के साथ हैं, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। पहलगाम हमले के दोषी आतंकी भाग गए, उनका क्या हुआ?' खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि 'निशान-ए-पाकिस्तान' तो उन्हें मिलना चाहिए जो नवाज शरीफ की बिरयानी खाकर लौटे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान ने यह सम्मान दिया था। साथ ही उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और उस व्यक्ति की भी बात की, जो बिना बुलाए पाकिस्तान पहुंचा था। खेड़ा ने विदेश मंत्री जयशंकर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने खुद कहा था कि पाकिस्तान को बताया गया था कि हम सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। तो सवाल उठता है कि यह जानकारी क्यों दी गई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है? सेना की प्रतिक्रिया – सभी पायलट सुरक्षित 11 मई को एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत युद्ध जैसी स्थिति में है और नुकसान इस प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पूरी तरह से सफल रहा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान या रणनीतिक जानकारी साझा करने से इनकार किया ताकि कोई भी संवेदनशील जानकारी दुश्मन के हाथ न लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं। recent visitors 59

फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी जानकारी, गाजा में इजराइल का भीषण हमला, 60 लोगों की मौत

इजराइल इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने युद्ध को और तेज कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप रात भर हुए हमलों में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निंदा के बावजूद इजराइल ने हाल के दिनों में इस क्षेत्र में कई बड़े हमले किए हैं। इजराइल का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हमास द्वारा बंधक बनाए गए कई लोगों को वापस लाने के लिए उस पर दबाव डालना और समूह को पूरी तरह से नष्ट करना है। हमले की शुरुआत से अब तक 300 से ज्यादा मौतें इस हमले की शुरुआत से अब तक गाजा पट्टी में 300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इजराइल का कहना है कि उसका लक्ष्य गाजा पर कब्जा करना, वहां के कुछ इलाकों पर नियंत्रण करना, हजारों लोगों को विस्थापित करना और सुरक्षित सहायता वितरण सुनिश्चित करना है। सीमित सहायता की अनुमति लेकिन नाकाबंदी जारी नए हमले तेज होने के बीच इजराइल ने युद्ध से तबाह हुए क्षेत्र में ढाई महीने की नाकाबंदी के बाद सीमित मात्रा में सहायता की अनुमति देने पर सहमति जताई। इस नाकाबंदी के कारण क्षेत्र में भोजन, दवा और ईंधन के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामान की पहुंच बाधित हो गयी थी। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सहयोगियों के दबाव के बाद न्यूनतम सहायता देने का निर्णय लिया है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि अब तक केवल कुछ ही ट्रक गाजा भेजे गए हैं जो भारी जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस साल की शुरुआत में युद्ध विराम के दौरान प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक गाजा में दाखिल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा सोमवार को इजराइल के आचरण की आलोचना तब और तेज हो गई जब उसके सहयोगी कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन ने प्रतिबंधों सहित देश के खिलाफ "ठोस कार्रवाई" की धमकी दी। उन्होंने इजराइल से गाजा में अपनी नई सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का भी आह्वान किया। हालांकि नेतन्याहू ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले का "सबसे बड़ा जवाब" है। हमलों का विवरण गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उत्तरी गाजा में दो हमलों में एक परिवार के मकान और आश्रय स्थल के रूप में काम कर रहे एक स्कूल को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम 22 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे। अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अनुसार मध्य शहर दीर अल-बलाह में एक हमले में 13 लोग मारे गए और पास के नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक और हमले में 15 लोग मारे गए। नासेर अस्पताल के अनुसार दक्षिणी शहर खान यूनिस में दो हमलों में 10 लोग मारे गए। इजराइल की सेना ने इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल आतंकवादियों को निशाना बनाती है और नागरिकों की मौत के लिए हमास को दोषी ठहराती है क्योंकि यह समूह घनी आबादी वाले क्षेत्रों में काम करता है। गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति और बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।   recent visitors 59

बारिश का साया के चलते कोलकाता नहीं अहमदाबाद में होगा IPL फाइनल, प्लेऑफ के मैचों का वेन्यू भी बदला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का फाइनल 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। मशहूर स्पोर्ट्स वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद 1 जून को क्वालीफायर 2 की मेजबानी भी करेगा जबकि न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर में पहले दो प्लेऑफ मैच जिसमें 29 मई को क्वालीफायर 1 और 30 मई को एलिमिनेटर के मेजबानी की उम्मीद है। इससे पहले फाइनल कोलकाता में होना था। यह निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला के बाद लिया गया है। ये शेड्यूलिंग और स्थल परिवर्तन मुख्य रूप से बरसात के मौसम की शुरुआत और भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बीच टूर्नामेंट के हाल ही में एक सप्ताह के निलंबन के कारण लागू किए गए थे। लीग को 9 मई को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था और 17 मई को ही फिर से शुरू किया गया। मूल रूप से 25 मई के लिए निर्धारित फाइनल को एक सप्ताह से अधिक समय के लिए 3 जून तक टाल दिया गया था। यह संभावित रूप से तीसरी बार होगा जब दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट क्षेत्र नरेंद्र मोदी स्टेडियम आईपीएल फाइनल की मेजबानी करेगा। प्रतिष्ठित मैदान ने पहले 2022 और 2023 में फाइनल की मेजबानी की थी। विशेष रूप से 2022 में गुजरात टाइटन्स के डेब्यू सीजन के दौरान अहमदाबाद को COVID-19 प्रोटोकॉल के कारण केवल दो मैचों तक सीमित रखा गया था, वे दो क्वालीफायर और फाइनल थे। टाइटन्स ने उस वर्ष खिताब जीता और स्थल ने 2023 में फाइनल बरकरार रखा। मई के अंत में देश के कई हिस्सों में मानसून के पैटर्न को प्रभावित करने के साथ बोर्ड ने निर्बाध नॉकआउट मैचों को सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक रूप से शुष्क जलवायु वाले शहरों को चुना। अब तक तीन टीमों ने प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है जिसमें गुजरात टाइटन्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स। अंतिम स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा जारी है, जिसमें मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच कड़ी टक्कर है। recent visitors 53