दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक जलदूत योजना शूरू की, शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली भी इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। हालांकि बीच में गरज-चमक के साथ बारिश जरूर राहत पहुंचा रही है,लेकिन दोपहर में तेज धूप और तापमान में वृद्धि लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच दिल्ली की रेखा सरकार ने आज से एक नई योजना शूरू की है। इस योजना का नाम जलदूत योजना रखा गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना की शुरुआत करते हुए बताया कि इस योजना के तहत शहर के प्रमुख बस स्टैंडों में ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ जलदूत स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी। मंत्री पंकज सिंह ने जलदूत योजना के बारे में विस्तार से बचाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने हमारी बड़ी हीट स्ट्रोक रोकथाम योजना के हिस्से के रूप में जलदूत योजना शुरू की है। हमारा लक्ष्य सीधा है:गर्मी में दिल्ली में कोई भी साफ,ठंडे पानी की कमी से पीड़ित न हो। आज से,शहर भर के प्रमुख बस स्टैंडों पर साफ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल दिल्ली परिवहन के सहयोग से लागू की जा रही है। जरूरतमंदों को आसानी से पानी वितरित किया जा सके,इसके लिए इन बस स्टैंडों पर विशेष स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में,बारह सक्रिय आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। आश्रय स्थल भीड़ को संभालने और सुचारू जल वितरण सुनिश्चित करने के लिए रस्सियों और अन्य बुनियादी ढांचे से लैस होंगे। जनता की सहायता के लिए इन स्थानों पर 100 से अधिक समर्पित स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। यदि स्थिति की मांग हुई,तो हम इस प्रयास को और आगे बढ़ाएंगे। दिल्ली सरकार,स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर,लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस गर्मी में कोई भी प्यासा न रहे। मंत्री पंकज सिंह ने इसके अलावा DTC नेहरू प्लेस टर्मिनल और स्मार्ट कोल्ड RO वाटर डिस्पेंसर के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। recent visitors 59

रायपुर : लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई-अक्टूबर के लिए लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के आवेदन 31 मई तक आमंत्रित

रायपुर संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदत्त अनुमति के अनुसार प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला रायपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र  जुलाई-अक्टूबर 2025 के लिए आवेदन पत्र 31 मई 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरा कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के निर्धारित प्रपत्र में प्रेषित आवेदन पत्र शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 31 मई 2025 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।     इस संबंध में शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला के प्राचार्य द्वारा स्पष्ट किया गया है कि लिपिकीय वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है, जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर है। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है। विज्ञप्ति के साथ संलग्न (छायाप्रति स्वीकार्य) मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिए ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। recent visitors 47

पवन कल्याण की चेतावनी, स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने मंगलवार को राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे न केवल स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोग आधार कार्ड और राशन कार्ड कैसे पा रहे हैं? पवन कल्याण ने कहा, "2017-18 के बीच मुझे खासकर सुनार समुदाय से कई शिकायतें मिलीं कि बंगाल से लोग आंध्र आकर काम करने लगे हैं। शक है कि इनमें से कई म्यांमार से आए रोहिंग्या हैं। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर कोई नेटवर्क काम कर रहा है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। मैंने इस विषय को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया है।" लोकल के हक पर कब्जा कर रहे घुसपैठिए पवन कल्याण ने स्थानीय युवाओं के रोजगार पर चिंता जताते हुए कहा, “तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जब अपने ही लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार नहीं हैं, तब हम अवैध घुसपैठियों को ये अवसर नहीं दे सकते।” दक्षिण भारत बना सॉफ्ट टारगेट उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत पहले से सॉफ्ट टारगेट रहा है। "कोयंबटूर और हैदराबाद जैसे शहरों में हम पहले ही धमाके देख चुके हैं। काकीनाडा पोर्ट पर संभावित खतरे की जानकारी मैंने डीजीपी को दी थी। बाद में तेलंगाना और आंध्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध को पकड़ा भी।" पवन कल्याण ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि "स्थानीयों की रोजगार प्राथमिकता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। अवैध घुसपैठ को लेकर निर्णायक और सतर्क रवैया अपनाना जरूरी है।" recent visitors 55

प्रधानमंत्री 22 मई को राजस्थान का दौरा करेंगे

प्रधानमंत्री बीकानेर के देशनोक में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे प्रधानमंत्री 22 मई को राजस्थान का दौरा करेंगे परियोजनाओं में रेलवे, सड़क मार्ग, बिजली, पानी, नवीन और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं शाजापुर पुनर्विकसित अमृत स्टेशन का होगा उद्घाटन        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 22 मई को राजस्थान के दौरे पर आएंगे। वे बीकानेर जाएंगे और सुबह करीब 11 बजे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। नर्मदापुरम     इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:30 बजे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। देशनोक में प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे।    प्रधानमंत्री देश में रेल अवसंरचना को निरंतर बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। करणी माता मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सेवा करने वाला देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर वास्तुकला, मेहराब और स्तंभ विषयवस्तु से प्रेरित है। तेलंगाना में बेगमपेट रेलवे स्टेशन काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला से प्रेरित है। बिहार में थावे स्टेशन में 52 शक्तिपीठों में से एक मां थावेवाली का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न भित्ति चित्र और कलाकृतियां शामिल हैं और मधुबनी पेंटिंग को भी दर्शाया गया है। गुजरात का डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। देश भर में पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे, दिव्यांगजनों के लिए यात्री-केंद्रित सुविधाओं और यात्रा के अनुभव को बेहतर करने के लिए टिकाऊ प्रथाओं को एकीकृत किया गया है।    भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है, जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किलोमीटर) की आधारशिला रखेंगे और सूरतगढ़-फलोदी (336 किलोमीटर); फुलेरा-डेगाना (109 किलोमीटर); उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किलोमीटर); फलोदी-जैसलमेर (157 किलोमीटर) और समदड़ी-बाड़मेर (129 किलोमीटर) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।    राजस्थान में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री 3 वाहन अंडरपास के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। वे राजस्थान में 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। 4850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये सड़क परियोजनाएं माल और लोगों की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। राजमार्ग भारत-पाक सीमा तक फैले हुए हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए आवाजाही में सुगमता को बढ़ाते हैं और भारत के रक्षा अवसंरचना को मजबूत करते हैं।     सभी के लिए बिजली तथा हरित और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री बीकानेर और नावा, डीडवाना, कुचामन में सौर परियोजनाओं सहित बिजली परियोजनाओं और पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखेंगे। वे बीकानेर में सौर परियोजना, पावरग्रिड नीमच और बीकानेर परिसर से निकासी के लिए पारेषण प्रणाली, फतेहगढ़-II पावर स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार सहित बिजली परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेंगे और कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे।     प्रधानमंत्री राजस्थान में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राजस्थान में राज्य सरकार की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें 3,240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों के उन्नयन और रखरखाव के लिए परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। इसमें अतिरिक्त 900 किलोमीटर नए राजमार्ग भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वे राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे झुंझुनूं जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के तहत पाली जिले के 7 शहरों में शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित क्षेत्र में विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।   recent visitors 96

‘हमने पहलगाम के बाद भी कई लोग खोए हैं, हमारे मकान तबाह हो गए, अरबों रुपयों की संपत्ति बर्बाद हो गई: महबूबा मुफ्ती

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से शुरू किया गया सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। यह पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं तो इस सबसे क्या हासिल हुआ? मीडिया से बातचीत में महबूबा ने कहा, 'हमने पहलगाम के बाद भी कई लोग खोए हैं। हमारे मकान तबाह हो गए, अरबों रुपयों की संपत्ति बर्बाद हो गई। पहलगाम हमले में शामिल आतंकी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं तो इस सबसे क्या हासिल हुआ?' भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने पर महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'सरकार आज जो कर रही है, विभिन्न देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजना; यह पहले करना चाहिए था। जब आप एक परमाणु शक्ति हैं, तो युद्ध कोई विकल्प नहीं है।' उन्होंने कहा कि सरकार को कई चीजें करने की जरूरत है, क्योंकि यह हमारा युद्ध नहीं है। यह दो देशों के बीच का मामला है, जिसे राजनीतिक हस्तक्षेप और कूटनीति से सुलझाया जा सकता था। जहां चाकू की जरूरत थी, वहां आपने तलवार निकाल दी। मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘पूंछ और उरी जैसे इलाकों में काफी नुकसान पहुंचा है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका कोई नहीं है। कई सारे मकान बर्बाद हो गए, उन्हें टेंट तक नहीं मिले हैं। कहीं-कहीं मकान का ढांचा खड़ा है मगर अंदर में से बिल्कुल तबाह हो गए हैं। स्थानीय लोगों की यह मांग है कि जो लोग मारे गए उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। लोगों ने दुकानें खोलने के लिए लोन लिया था जिसे माफ किया जाना चाहिए। बैंक अब इंश्योरेंस नहीं दे रहे हैं क्योंकि वो इसे युद्ध बता रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि जिनके घरों के लोग शहीद हुए हैं उनके परिवार को नौकरी मिलनी चाहिए। सरकार को बहुत सारा काम करने की जरूरत है।' प्रोफेसर अली खान की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी पर भी पीडीपी चीफ ने सवाल उठाए। महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रोफेसर खान ने क्या कहा, उन्होंने सही तो बोला कि कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे भाजपा के मंत्री ने जो बयान दिया वो गलत है। आप बहुत शोर मचा रहे हैं, मगर आप जिन मुसलमानों की मॉब लिंचिंग करते हैं, जिन मुसलमानों के घर तोड़ते हैं और जिनकी मस्जिदें तोड़ते हैं उनके बारे में भी तो सोचिए। यह कहने में कौन सा गुनाह हो गया कि उसे जेल में डाल दिया गया।' recent visitors 51

पटवारी का खेला, सुशासन तिहार पर लगाया दाग

पटवारी का खेला, सुशासन तिहार पर लगाया दाग  मुख्यमंत्री के निर्देशों की धज्जियां उड़ता राजस्व अमला रायपुर प्रदेश में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के माध्यम से अपनी सरकार की छवि को जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ सुदृढ़ करने में पिछले 1 माह से पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे है। वही दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशो का कोई असर देखने को नही मिल रहा है। यह पूरा मामला कोरिया जिले के ग्राम पंचायत बंजारीडाँड़ का है जहां एक आवेदक ने बताया कि उसकी निजी भूमि को हल्का पटवारी की संलिप्तता में बेगैर उसके संज्ञान में लाये उस भूमि में सह खातादार का नाम जोड़ा गया। जबकि यह भूमि उसके पुस्तैनी न होकर उसकी स्वयम की थी। इसकी शिकायत पीड़ित ने जिला कलेक्टर, एंव अन्य सम्बंधित कार्यालयों में किया है. लिखित आवेदन में पीड़ित ने बताया कि उसकी स्वमीत्व की भूमि जिसका खसरा क्रमांक 516/1, 688,702,और 723 जिसका कुल रकबा क्रमांक 2.250 हेक्टर पर बेगैर उसकी जानकारी के स्थानीय पटवारी की मिलीभगत से  विक्रय करने का प्रयास किया गया है। आरोप है कि यह पूरा खेल  राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से खेला गया। अब सवाल ये उठता है कि इतना बड़ा अपराध वह भी विभागीय एक राजस्व कर्मचारी के द्वारा कैसे किया गया। जिन्हें राजस्व कानून की पूर्ण जानकारी हो, क्या किसी की निजी भूमि पर सहखातेदार का नाम जोड़ना वह भी उसके बेगैर जानकारी के फ़र्ज़ी हस्ताक्षर का सहारा लेकर  यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों का खुला उल्लंघन नही ? ज्ञात हो मुख्यमंत्री का पूरे प्रदेश दौरा लगातार जारी है और वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अधिकारियों द्वारा जनता की हर छोटी सी छोटी समस्या का निदान कराने में कोई कसर नही छोड़ रहे साथ ही इस दौरान किसी अधिकारी एंव कर्मचारियों की शिकायत मिलने पर उन पर तात्कालिक कार्यवाही करने का लगातार निर्देश जारी कर रहे है मगर इसके ठीक विपरीत कार्यवाही के बिना डर भय के एक पटवारी का नियमो का खुला उल्लंघन करके कृत्य करना यह दिखलाता है कि मुख्यमंत्री के ऐसे निर्देश से उन्हें कोई फर्क नही पड़ता, अब देखना यह होगा कि क्या जिला केलक्टर एंव सम्बंधित अधिकारियों द्वारा पटवारी की मिलीभगत से किये गए गैर कानूनी कृत्य पर क्या कार्यवाही की जाती है, क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है। recent visitors 48

अभिषेक-राठी विवाद तो कुछ नहीं, IPL में हो चुके हैं ये 7 बड़े कांड, श्रीसंत को थप्पड़, शाहरुख खान का पंगा, स्पॉट फिक्सिंग

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा और लखनऊ सुपर जॉइंट्स के दिग्वेश राठी के बीच मैच के दौरान गरमागरमी का मामला चर्चा में है। सोमवार को मैच के दौरान राठी ने शर्मा को आउट करने के बाद आक्रामक और उकसावे वाले ढंग से उन्हें पवैलियन लौटने का इशारा किया। नोटबुक सेलिब्रेशन भी किया। फिर दोनों के बीच मैदान में ही हाथपाई जैसी नौबत आ गई। भला हो अंपायर और वहां मौजूदा बाकी खिलाड़ियों का जिन्होंने ये नौबत नहीं आने दी। वैसे अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी का विवाद तो कुछ भी नहीं है। आईपीएल में एक से बढ़कर एक कांड हो चुके हैं। आइए देखते हैं ऐसी ही कुछ 7 बड़ी घटनाएं। 1- पहले ही सीजन में गूंजा थप्पड़ कांड आईपीएल इतिहास के कुछ बहुत ही गरमागरमी वाले क्षणों और विवादों की बात करें तो 2008 के हरभजन सिंह-श्रीसंत थप्पड़ कांड के जिक्र के बिना हर लिस्ट अधूरी होगी। उसी साल आईपीएल ने जन्म लिया था। मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच के भज्जी ने श्रीसंत को कथित तौर पर थप्पड़ जड़ दिया था। भज्जी मुंबई इंडियंस में थे और उनकी टीम हार गई थी। हार के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के श्रीसंत ने स्टार ऑफ स्पिनर को चिढ़ाते हुए 'हार्ड-लक भज्जी पा' कह दिया था। उसी के बाद हरभजन सिंह ने थप्पड़ जड़ा था जिसके बाद श्रीसंत बच्चों की तरह रोते दिखे थे। 2- स्पॉट फिक्सिंग आईपीएल को शुरू हुए अभी 5 साल ही हुए थे कि उसका दामन स्पॉट-फिक्सिंग से दागदार हो गया। 2013 में कुछ खिलाड़ियों ने कुछ विशेष तरह की भाव-भंगिमाओं और हरकतों जैसे थोड़ी बहुत स्ट्रेचिंग, ट्राउजर से टॉवल लटकाना आदि से इशारा करके स्पॉट फिक्सिंग किया था। इस मामले में एस श्रीसंत गिरफ्तार भी हुए थे। बीसीसीआई ने श्रीसंत, अंकित चाह्वाण और अजीत चंदीला पर जीवनभर के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, श्रीसंत अदालत चले गए और उनका आजीवन प्रतिबंध घटकर 7 साल का हो गया। 3- शाहरुख खान का पंगा आईपीएल 2012 के दौरान बॉलीवुड सुपर स्टार और किंग खान के नाम से चर्चित शाहरुख खान पर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर 5 साल का प्रतिबंध लगा था। यह प्रतिबंध मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी को लेकर लगाया था। हालांकि, शाहरुख खान का कहना था कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बच्चों के समूह के साथ दुर्व्यवहार किया। बच्चों के ग्रुप में उनकी बेटी सुहाना खान भी शामिल थी। बाद में 2015 में शाहरुख खान से प्रतिबंध हटा लिया गया। बॉलिवुड स्टार आईपीएल की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक हैं। जब आईपीएल के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों से उलझ पड़े थे शाहरुख खानजब विराट कोहली और गौतम गंभीर आपस में ही भिड़ गए थे 5- जब कैप्टन कूल ने खो दिया कूल महेंद्र सिंह धोनी को कैप्टन कूल कहा जाता है लेकिन आईपीएल 2019 के दौरान एक मैच में वह कूल नहीं रह पाए। उनकी कप्तानी वाली सीएसके का राजस्थान रॉयल्स से मैच था। मैच में आखिर की 3 गेंद बची थीं। सीएसके 152 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। उसे जीत के लिए 3 गेंदों में 8 रन चाहिए थे और हाथ में बचे थे 4 विकेट। सैंटनर बल्लेबाजी कर रहे थे। आरआर के बेन स्टोक्स ने फुल टॉस फेंकी। अंपायर ने ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से गेंद को नो बॉल करार दे दिया। इसी बीच लेग अंपायर ने कह दिया कि नो बॉल नहीं है, वैध गेंद है। गेंद नो है या नहीं, इसे लेकर कन्फ्यूजन हो गया। आखिरकार लेग अंपायर का फैसला मान्य हुआ। इसी दौरान डगआउट में बैठे महेंद्र सिंह धोनी दौड़ते हुए फील्ड में आ गए और अंपायरों से बहस करने लगे। इस वजह से उनके खिलाफ मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगा था। खैर, उस मैच को चेन्नई 4 विकेट से जीतने में कामयाब हुई थी। 6- आर अश्विन की 'माकंडिंग' आईपीएल 2019 में ही 'माकंडिंग' को लेकर काफी विवाद हुआ था। राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब का मैच था। विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर नॉन स्ट्राइक एंड पर थे। आर अश्विन गेंदबाजी कर रहे थे। उनके हाथ से गेंद अभी छूटती, उससे पहले ही बटलर दौड़ चुके थे। अश्विन ने गेंद रोक ली और गिल्लियां बिखेर दी। उनकी अपील के बाद थर्ड अंपायर ने जोस बटलर का आउट करार दिया गया। क्रिकेट की रूल बुक के हिसाब से ऐसी स्थिति में बल्लेबाज आउट है। लेकिन इस विवाद के वक्त नैतिकता के सवाल उठाए गए। कुछ लोगों ने 'नैतिकता' नहीं दिखाने के लिए अश्विन की आलोचना की थी। उस पर बहस अब भी जब-तब छिड़ जाती है। पहली बार आईपीएल में कोई इस तरह आउट हुआ था 7- यूसुफ पठान 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' विवाद आईपीएल 2013 के दौरान एक मैच में यूसुफ पठान बल्लेबाजी कर रहे थे। रन लेने के दौरान उन्होंने फील्डर की तरफ से फेंकी गई गेंद को हाथ से रोक दिया। विरोधी टीम ने आउट की अपील की। 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' नियम ऐसी ही स्थिति में लागू होता है। थर्ड अंपायर ने पठान को आउट करार दिया। इस तरह युसुफ पठान आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी हो गए जो 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' नियम के तहत आउट हुए। recent visitors 51