22 मई को देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का माननीय प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

भोपाल भारतीय रेल को देश की जीवन रेखा माना जाता है, और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं। अधिकतर स्टेशन शहर के बीचोंबीच स्थित होते हैं, जहां आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां सजीव रहती हैं। इसलिए स्टेशनों का विकास केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहकर, उन्हें स्थानीय विरासत और पहचान से जोड़ना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 'अमृत काल' में तेज़ विकास की दिशा पकड़ी है। उनकी प्रेरणा से भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की, और अब 103 स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत होने जा रहा है। यह विकास की नई संस्कृति है, जिसमें शिलान्यास से उद्घाटन तक का सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हो रहा है – और इसके लिए भारतीय रेलवे सराहना की पात्र है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे 1300 से अधिक स्टेशनों में जो 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं, उनमें मध्य प्रदेश राज्य के छह स्टेशन – कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है। इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को  दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।  नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन: नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, ₹26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है। पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया गया है और 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक LED लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि माँ नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी। शाजापुर रेलवे स्टेशन: शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है। 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं। स्टेशन भवन के फासाद को भी आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिला शौचालयों के साथ-साथ दिव्यांगजन अनुकूल विशेष सुविधाएं, VIP प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की गई है। इससे न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि लोगों को स्टेशन पर समय बिताना भी सुखद अनुभव प्रदान करेगा। यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर ज़ोन', जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है। यह न केवल एक रेलवे स्टेशन का विकास है, बल्कि शाजापुर जिले की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक पहचान को नया आयाम देने वाला कदम भी है। recent visitors 39

मुख्यमंत्री सीएम ने डिंडोरी में नए कॉलेज की स्थापना, खुड़िया में पीएचसी का उन्नयन और लोरमी में छात्रावास के निर्माण की घोषणा की

बिजराकछार समाधान शिविर क्लस्टर अंतर्गत 14 ग्राम पंचायतों के लोगों से किया सीधा संवाद रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के सुदूर और दुर्गम ग्राम बिजराकछार में आयोजित समाधान शिविर में पहुँचे। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे इस इलाके में पहली बार मुख्यमंत्री का आगमन होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह दिखा। यह इलाका आदिवासी और बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल है और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ महतारी एवं सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने पारंपरिक खुमरी के साथ मुख्यमंत्री का गजमाला से अभिनंदन किया। समाधान शिविर में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में आत्मीयता के साथ ग्रामीणों से मुलाकात की और जनसमस्याओं को सुना। उन्होंने डिंडोरी में नए कॉलेज की स्थापना, खुड़िया में पीएचसी का उन्नयन एवं लोरमी में छात्रावास के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं। सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिजराकछार, बोईरहा, खुड़िया, महामाई, निवासखार, सुरही, कटामी, लमनी, छपरवा, अचानकमार, दरवाजा, कारीडोंगरी, डोंगरीगढ़, झिरिया क्लस्टर के रूप में शामिल की गई थीं। मुख्यमंत्री ने क्लस्टर की 14 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में हितग्राहियों को सामग्री वितरण कर लाभान्वित किया। उन्होंने 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 5 को राशन कार्ड, नोनी सुरक्षा योजना के 20 हितग्राहियों को बॉन्ड पत्र, सहकारिता विभाग के अंतर्गत 6 हितग्राहियों को 5 लाख 55 हजार रुपये का चेक, 33 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी और स्वीकृत पत्र, महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय निधि और 3 हितग्राहियों को लखपति दीदी प्रमाण पत्र, मनरेगा के तहत 23 हितग्राहियों को जॉब कार्ड, तेंदूपत्ता संग्रहण परिवार की मेधावी विद्यार्थी को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से अचानकमार जंगल सफारी के लिए गांव की महिला स्व-सहायता समूह को सफारी गाड़ी की चाबी भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को लगभग डेढ़ वर्ष हो गए हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश  गारंटियों को पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही 13 दिसंबर को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई।  उन्होंने कहा कि 15 मई तक चल रहे आवास सर्वे में जिन लोगों को अभी तक आवास नहीं मिला है, उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और एकमुश्त राशि उनके खातों में स्थानांतरित की जा रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिन माताओं के नाम अभी तक शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी जल्द ही जोड़ा जाएगा। इस योजना से लाभ प्राप्त कर माताएं सुकन्या योजना में धनराशि जमा कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। 5 लाख 60 हजार से अधिक भूमिहीन मजदूरों को किसान सम्मान योजना का लाभ दिया गया है। सरकार भ्रष्टाचार की संभावनाओं  को नवाचार और तकनीक के माध्यम से समाप्त कर रही है तथा सभी कार्यों को ऑनलाइन किया जा रहा है। भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से कर रहे हैं। हमारी सरकार जनता से किए गए हर वादे को गंभीरता से लेते हुए उसे पूरा करने में जुटी है। आज मुझे एक सांसद के रूप में आप सभी की सेवा करने का गौरव प्राप्त हो रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले हमने वादा किया था कि सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासहीन परिवारों को घर उपलब्ध कराएंगे। हमारी सरकार ने इस वादे को प्राथमिकता दी और सरकार बनते ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सबसे पहले प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब भूखा न रहे। इसी दिशा में हर ज़रूरतमंद को नियमित रूप से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, चाहे वह वनांचल में हो या दूरस्थ अंचलों में। आज हर घर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, और सभी को स्वच्छ पीने का जल सुनिश्चित कराया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हम माताओं और बहनों का सम्मान कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत उन्हें हर माह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका आत्मबल और आर्थिक स्वतंत्रता दोनों में वृद्धि हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज इस सुदूर वनांचल क्षेत्र बिजराकछार में पधारे हैं। वे सभी महातारियों को 1,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का बेटा, आदिवासी समाज के बीच स्नेह और दुलार लेकर स्वयं आप सभी से मिलने आया है। उन्होंने कहा कि अचानकमार क्षेत्र बैगा आदिवासी समाज का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में पहले कई समस्याएँ रही हैं, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद से यहाँ की जनता को मूलभूत सुविधाएँ मिल रही हैं। समाधान शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को साय सरकार पूर्ण रूप से क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस अवसर … Read more

एक्शन मोड में लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, सुबह-सुबह पलटन लेकर निरीक्षण पर निकले

लखनऊ योगी सरकार में सबसे वरिष्ठ और प्रदेश की वित्त व्यवस्था संभालने के साथ लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना एक्शन मोड में आ गए हैं. सुबह 7 बजे से लगातार वो राजधानी की सीमा से सटे इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं. सुबह जोन 8 के निरीक्षण के बाद उनके साथ चल रहे लोंगो को लगा कि अब घर चलना है तभी सुरेश खन्ना ने कहा कि गाड़ी जोन-5 अमौसी स्टेशन की तरफ ले लो. अभी बरसात का मौसम आने वाला है ऐसे में ड्रेनेज का मामला हमेशा सुर्खियों में रहता है. ऐसे में नालों की दुरुस्तीकरण और शहर की साफ सफाई के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जरूरी निर्देश दिए. मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर आयुक्त ललित कुमार, डॉ. अरविंद राव, जोनल अधिकारी नंदकिशोर और अजीत राय भी मौजूद रहे. शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मंत्री का ताबड़तोड़ दौरा जारी है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं सुरेश खन्ना वित्त मंत्री और प्रभारी मंत्री लखनऊ ने मीडिया को दिए बयान में स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े और जनहित के कार्यो में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारी जनता से सामंजस्य बनाकर उनकी समस्याओं का निराकरण करने की तरफ ध्यान केंद्रित करें. recent visitors 31

हम खुद 140 करोड़ है, भारत कोई धर्मशाला नहीं, जहां दुनिया भर के शरणार्थी घुस आएं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्‍ली सुप्रीम कोर्ट ने शरणार्थियों को लेकर बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है. दुनिया भर से आए शरणार्थियों को भारत में शरण क्यों दें? हम 140 करोड़ लोगों के साथ संघर्ष कर रहे हैं. हम हर जगह से आए शरणार्थियों को शरण नहीं दे सकते. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता ने श्रीलंका से आए तमिल शरणार्थी को हिरासत में लिए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए ये बात कही.   तुरंत भारत छोड़ देना… सुप्रीम कोर्ट में श्रीलंका के एक नागरिक की हिरासत के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर दखल देने से इनकार कर दिया. पीठ मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसमें निर्देश दिया गया था कि याचिकाकर्ता को UAPA मामले में लगाए गए 7 साल की सजा पूरी होते ही तुरंत भारत छोड़ देना चाहिए. जस्टिस दीपांकर दत्ता के नेतृत्व वाली बेंच में जस्टिस के. विनोद चंद्रन भी शामिल थे। श्रीलंकाई तमिल ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि अपनी 7 साल की सजा पूरी होने के तुरंत बाद वह देश से निकल जाए। शख्स को UAPA के एक केस में 7 साल कैद की सजा मिली थी। लेकिन श्रीलंकाई तमिल ने सजा पूरी होने के बाद भारत में ही रहने की इच्छा जाहिर की। उसके वकील ने अदालत से कहा कि मेरा मुवक्किल वीजा लेकर भारत आया था। अब यदि वह अपने देश वापस गया तो फिर उसकी जान को खतरा होगा। उन्होंने कहा कि शख्स को बिना किसी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के ही करीब तीन सालों से हिरासत में रखा गया है। इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा, 'आखिर आपका यहां बसने का क्या अधिकार है?' इस पर याची के वकील ने कहा कि वह एक शरणार्थी हैं और उनके बच्चे एवं पत्नी पहले से ही भारत में सेटल हैं। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि याची को भारत छोड़ने का आदेश देने में किसी भी तरह से आर्टिकल 21 का उल्लंघन नहीं हुआ है। जस्टिस दत्ता ने कहा कि आर्टिकल 19 के तहत भारत में बसने का अधिकार सिर्फ यहां के नागरिक को ही है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के पास कोई अधिकार नहीं है कि वह आए और यहां बस जाए। इस पर वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल यदि अपने देश वापस लौटे तो उनकी जान को खतरा होगा। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि वह किसी और मुल्क में जा सकते हैं। रोहिंग्या रिफ्यूजी वाली अर्जी भी सुप्रीम कोर्ट ने की थी खारिज बता दें कि रोहिंग्या रिफ्यूजियों के मामले में भी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था। दरअसल याची को 2015 में लिट्टे से जुड़े होने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। 2018 में शख्स को ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया था और 10 साल की कैद की सजा दी थी। इस फैसले के खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद उसकी सजा 7 साल हो गई। इसके साथ ही यह आदेश भी उच्च न्यायालय ने दिया था कि वह सजा पूरी होते ही देश छोड़ देगा। अब देश छोड़ने के फैसले के खिलाफ याची ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन अदालत ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया। जस्टिस दत्ता ने पूछा कि यहां बसने का आपका क्या अधिकार है? वकील ने दोहराया कि याचिकाकर्ता एक शरणार्थी है। जस्टिस दत्ता ने कहा कि अनुच्छेद-19 के अनुसार, भारत में बसने का मौलिक अधिकार केवल नागरिकों को ही प्राप्त है। जब वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपने देश में जान का खतरा है, तो जस्टिस दत्ता ने कहा कि किसी दूसरे देश में चले जाइए। बता दें, साल 2015 में याचिकाकर्ता को दो अन्य लोगों के साथ LTTE ऑपरेटिव होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। साल 2018 में याचिकाकर्ता को UAPA की धारा-10 के तहत अपराध के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था और उसे दस साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।   मद्रास हाई कोर्ट ने साल 2022 में उसकी सजा को घटाकर साल साल कर दिया था, लेकिन निर्देश दिया कि उसे अपनी सजा के तुरंत बाद भारत छोड़ना होगा और भारत छोड़ने तक शरणार्थी शिविर में रहना चाहिए। recent visitors 53

घर से लापता नाबालिग को बिजुरी पुलिस ने दस्तयाब कर उसके परिजनो को किया सुपुर्द

    बिजुरी पुलिस अधीक्षक मोती उर्र रहमान जी के द्वारा स्पष्ट आदेशित किया गया है नाबालिग गुम बालिकाओं की पता तलास कर दस्तयाबी हेतु निर्देशित किया  जिसके अनुपालन में बिजुरी पुलिस द्वारा नाबालिग बालिकाओ की पता तलास की गई जिसमें दिनांक 16/05/2025 को  नाबालिग बालिका उम्र 12 वर्ष निवासी उर्जानगर बिजुरी को दस्तयाब किया गया जिसका विवरण इस प्रकार है – 01.     प्रकरण में दिनांक 15/05/2025 को नाबालिग गुम बालिका की मां निवासी बिजुरी की थाना उपस्थित आकर इस आशय कि रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 12 वर्षीय लडकी  दिनांक 15/05/2025 को दिन 15.30 बजे  घर से बिना बताए कही चली गई है रिपोर्ट पर अपराध क्र. 149/25 धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई । प्रकरण की विवेचना में बालिका की पेंड्रा (छ.ग.) में होने की  जानकारी प्राप्त हुई जिसे पेंड्रा रेलवे स्टेशन से दस्तयाब कर परिजनो को सुपुर्द किया गया ।         उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विकास सिंह ,सउनि प्रभाकर पटेल , आर. प्रभाकर त्रिपाठी ,म.आर. संगम तोमर उल्लेखनीय भूमिका रही । recent visitors 31

संभल जामा मस्जिद सर्वे केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मस्जिद कमेटी को झटका, सर्वे का रास्ता साफ

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले में मस्जिद कमेटी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका मिला है। एएसआई द्वारा सर्वे कराए जाने के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी की ओर हाई कोर्ट में दाखिल रिवीचन याचिका खारिज हो चुकी है, जिससे मस्जिद के सर्वे का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। रिवीचन याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल ने मामले में अंतरिम आदेश को विखंडित करते हुए यह आदेश दिया है। एडवोकेट शर्मा ने आगे कहा, "आदेश दो बातों पर आएगा: पहला यह कि क्या सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल को सर्वे का आदेश देने का अधिकार था या नहीं। और दूसरा: याचिका सिविल जज सीनियर डिवीजन, संभल की अदालत में सुनी जाएगी, या किसी अन्य अदालत में।" हाई कोर्ट यह तय करेगा कि सर्वे का आदेश सही था या नहीं। साथ ही, यह भी तय करेगा कि मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी। पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल को कमेटी ऑफ मैनेजमेंट, शाही जामा मस्जिद, सम्भल को उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की स्टेटस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि विवादित कुआं मस्जिद के बाहर स्थित है। यानी, कुआं मस्जिद की जमीन पर नहीं है। बेंच ने मुस्लिम पक्ष की दलीलें नामंजूर कीं और फैसला सुनाया. इससे पहले मस्जिद कमेटी ने सर्वे आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट में 13 मई को बहस पूरी हो गई थी और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. हिंदू पक्ष ने हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए संभल सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हिंदू पक्ष की याचिका पर संभल सिविल कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया था. इस पर मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की पोषणीयता को चुनौती दी.  8 जनवरी 2025 से हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए सिविल कोर्ट के सर्वे आदेश पर रोक लगा रखी थी. इससे पहले 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को 48 घंटे के अंदर सर्वे और रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. संभल में पिछले साल 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हुआ था, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इस घटना के बाद संभल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इस पूरी हिंसा की जांच एसआईटी कर रही है. यह मामला कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा है.  सर्वे कराने से किसी को क्या दिक्कत, बोले वीएचपी प्रवक्ता वीएचपी प्रवक्ता विनोद बसंल ने कहा कि संभल जामा मस्जिद के सर्वे से किसी को क्या ही दिक्कत होगी। भारत का न्यायालय हमेशा सच के साथ होता है। अब कोर्ट ने सर्वे के लिए बोला है। यहां मंदिर की स्थापना होगी। हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका संभल जामा मस्जिद सर्वे में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही अब जामा मस्जिद के सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सर्वे का मुकदमा आगे चलेगा।   recent visitors 51

बिजुरी पुलिस की 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ प्लेजर स्कूटी जप्ती कर अवैध शराब पर कार्यवाही

बिजुरी दिनांक 17.05.25 को बिजुरी पुलिस ने अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब परिवहन करते हुए सुनील कूड़ाकू पिता बबलू कूड़ाकू उम्र १८ वर्ष निवासी वार्ड no ११ कुरकू मोहल्ला पौरधार थाना रामनगर को पकड़ा गया है / पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध शराब अपनी स्कूटी में रखकर बिक्री करने हेतु झीमर थाना रामनगर तरफ़ से बिजुरी तरफ़ आ रहा है जिसे clk स्कूल के पीछे पगडंडी रास्ते में घेराबंदी कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया जिसके कब्जे के प्लेजर स्कूटी की डिग्गी में रखे कत्थे रंग के ब्लैडर में २०लीटर अवैध देशी महुआ शराब बरामद हुई     तो आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब और प्लेजर स्कूटी कीमती करीबन ४३ हजार रुपए का जप्त किया गया । मामले में अपराध क्रमांक 155/25, धारा 34(1) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अपराध उपरोक्त आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है । उक्त कार्यवाही में पुलिस टीम निरी विकास सिंह ,प्र आर वसंत कोल ,आर विश्वजीत मिश्र और आर करमजीत सिंह की उल्लेखनीय भूमिका रही है । recent visitors 37