राम जानकी मंदिर की जमीन पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया

 ग्वालियर  शहर के गिरवाई थाना क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की दो बीघा जमीन पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। जिसके चलते 7 करोड़ कीमत की जमीन कब्जा मुक्त हुई है। दरअसल ग्वालियर में शासकीय जमीन के साथ ही मंदिर पैठे की जमीनों पर भू माफिय के कब्जे प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। कलेक्टर दफ्तर से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक सैकड़ो शिकायतें की गई है। ऐसे में अब ग्वालियर जिला प्रशासन का एक्शन देखने के लिए मिला है। गिरवाई क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की 100 बीघा जमीन है जहां बरसों से अवैध कब्जा है। अतिक्रमणकारियों को प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन उनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए बुलडोजर के जरिए मनोज राठौर के अवैध गैराज, रामस्वरूप के फड, गोपाल कुशवाह की वर्कशॉप से कब्जा हटाया। हालांकि प्रशासन के द्वारा सिर्फ तीन अतिक्रमण हटाए जबकि शेष 25 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि सभी शासकीय और मंदिर की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए SDM स्तर पर निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 55

मुंगेली में नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय का मुख्यमंत्री साय ने किया लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम बछेरा में 1 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जिले में स्थायी परिवहन कार्यालय भवन की सुविधा का अभाव था, जिससे आम नागरिकों को लाइसेंस, वाहन पंजीयन और अन्य कार्यों में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के साथ यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे जनता को काफी राहत मिलेगी। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच आवेदकों को प्रतीक स्वरूप लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता जनता को समयबद्ध और सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराना है। नये कार्यालय भवन के माध्यम से वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी प्रमुख सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। छह एकड़ भूमि में निर्मित इस परिसर में एक एकड़ में कार्यालय भवन तथा पाँच एकड़ क्षेत्र ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के लिए आरक्षित रखा गया है। भवन में 18 कक्ष, 6 हॉल, अटैच लेट-बाथ तथा सामान्य शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यालय को पूर्णतः सुविधायुक्त रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे विभागीय कार्यों की दक्षता भी बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021-22 से अब तक जिले में 11,721 ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा चुके हैं और 49,000 से अधिक वाहनों का पंजीयन हो चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों में परिवहन सेवाओं की बड़ी मांग है, जिसे यह नया कार्यालय सुगमता से पूरा करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में विकास को गति देने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता और सेवा-सुलभता को बढ़ाना हमारी सरकार का सतत प्रयास है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री धरमलाल कौशिक, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण तथा जनप्रतिनिधि  उपस्थित थे । recent visitors 58

कटिहार में नवजात बच्चे सहित BPSC शिक्षिका की मौत

कटिहार बिहार के कटिहार जिले से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां ऑटो और हाइवा की सीधी भिड़ंत में BPSC शिक्षिका और उसकी गोद में बैठी बेटी की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, घटना जिले के प्राणपुर थाना क्षेत्र के कुशियारी के समीप की है। बताया जा रहा है कि मृतका अपनी मां और नवजात बेटी के साथ प्राणपुर से कटिहार की ओर ऑटो से आ रही थी। इसी दौरान ऑटो की हाइवा के साथ भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में BPSC शिक्षिका और उसके बच्चे की मौत हो गई जबकि ऑटो सवार तीन अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें  इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने हाइवा को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान सिंपल कुमारी के रूप में हुई, जिन्होंने प्राणपुर थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, केवाला में बतौर शिक्षिका अपना योगदान दिया   recent visitors 62

एमपी पुलिस हेडक्वॉर्टर्स में 400 लिपिक पदों पर होगी भर्ती, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में सात वर्षों के अंतराल के बाद लिपिकीय संवर्ग में 400 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को भेजा गया है, जिससे यह भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सके। इससे पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। पदों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों की वापसी अभी इन रिक्त पदों पर जिला पुलिस बल के जनरल ड्यूटी वाले पुलिसकर्मियों को पदस्थ कर काम लिया जा रहा है। भर्ती के बाद इन पुलिसकर्मियों को वापस उनके जिलों में भेजा जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। कंप्यूटर दक्षता की आवश्यकता इन पदों के लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी होना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लिपिकीय कार्यों के लिए दक्ष कर्मचारी मिल सकेंगे, जो कार्यालयीन कार्यों को प्रभावी ढंग से कर सकें। पदस्थापना और प्रशिक्षण की प्रक्रिया भर्ती के बाद चयनित कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में आवश्यकतानुसार पदस्थ किया जाएगा। उन्हें उनके कार्यों में दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने कार्यों को पूरी निष्ठा और क्षमता से कर सकें। भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। चयनित कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद, जिला पुलिस बल के जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय में लगाया गया है, उन्हें वापस जिलों में भेज दिया जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। भविष्य में नियमित भर्ती की योजना पुलिस मुख्यालय ने भविष्य में लिपिकीय संवर्ग में नियमित भर्ती की योजना बनाई है, ताकि कार्यालयीन कार्यों में दक्षता बनी रहे और पुलिस बल की कार्यकुशलता में वृद्धि हो। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस बल की कमी को भी दूर किया जा सकेगा। recent visitors 68

फोन में नहीं है नेटवर्क तो मत हो परेशान, ऐसे करें कॉल

लिफ्ट, बेसमेंट या फिर किसी ऐसी जगह जहां मोबाइल में नेटवर्क न आ रहा हो और आपका कॉल करना निहायत जरूरी हो तो आप क्या करेंगे? यदि आपके मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा तब भी लोगों को न केवल कॉल कर सकते है बल्कि उनकी कॉल रिसीव भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको ये करना होगा… 1. सबसे पहले आपको लिबोन एप्प अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करना होगा। इस ऐप का नया फीचर रीच मी आपको बिना मोबाइल नेटवर्क के भी बात करने की सहूलियत देता है। 2. इस फीचर का फायदा उठाने के लिए आपको वाई-फाई ऑन करना होगा। दरअसल वाई-फाई ऑन होने से आप बिना मोबाइल नेटवर्क के भी आसानी से कॉल कर सकेंगे। 3. इस नए फीचर की अच्छी बात यह है कि अगर आप किसी कॉल को नहीं लेना चाहते तो उसे वॉयस मेल भेज सकते है, इसके लिए आप वीओआईपी सर्विस का सहारा ले सकते है। 4. रीच मी फीचर की खासियत है कि सभी कॉल आपके रेगुलर मोबाइल नंबर से ही रिसीव होंगे। 5. बस एक बात का ध्यान रखें कि लिबन ऐप से कॉल करने के लिए जरूरी है कि रिसीवर (जिसे व्यक्ति को आप कॉल मिलाना चाहते है) के मोबाइल में भी यह ऐप होना जरूरी है।   recent visitors 70

मप्र कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष अब दिल्ली से तय होंगे,ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी इस बारे में फैसला लेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष अब दिल्ली से तय होंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी इस बारे में फैसला लेगी। इसके लिए AICC और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी मिलकर जिलों में ऑब्जर्वर भेजेंगे। ये ऑब्जर्वर जिला अध्यक्ष पद के लिए नामों का पैनल बनाएंगे। दिल्ली में हर दावेदार से बात करके नाम फाइनल किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो महीने का समय लगेगा। ऑब्जर्वर की टीम जिलों में जाएगी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब दिल्ली से होगी। प्रदेश के पांच खाली जिलों के साथ-साथ बाकी जिलों के अध्यक्ष भी AICC द्वारा तय किए जाएंगे। जिला अध्यक्षों का पैनल बनाने के लिए केंद्र और राज्य दोनों तरफ से दो-दो ऑब्जर्वर की टीम जिलों में भेजी जाएगी। AICC ने 68 ऑब्जर्वर के नाम तय किए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी 68 ऑब्जर्वर के नाम तय किए हैं। अगले एक सप्ताह में शुरू होगी प्रक्रिया प्रदेश की ऑब्जर्वर टीम में सभी विधायक और पीसीसी के पदाधिकारी शामिल हैं। यह प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी। यह टीम सभी जिलों में जाकर नामों का पैनल तैयार करेगी। दिल्ली में जिला अध्यक्ष पद के हर दावेदार से अलग-अलग बात की जाएगी। इसके बाद नाम फाइनल किया जाएगा। पदाधिकारियों को दी जाएगी बोलने की ट्रेनिंग कांग्रेस पार्टी अपने पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी देगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वे विवादित बयान न दें। कांग्रेस नेताओं को लग रहा है कि भाजपा के नेता लगातार गलत बयान दे रहे हैं। इसलिए वे खुद कोई गलती नहीं करना चाहते हैं। जानकारी मिली है कि कांग्रेस अपने प्रमुख पदाधिकारियों की भोपाल में एक दिन की ट्रेनिंग कराने वाली है। इस ट्रेनिंग में उन्हें बताया जाएगा कि कैसे सोच-समझकर बोलना है। recent visitors 61

विवाह से पूर्व ऐसे भेजें गणपति को निमंत्रण, निर्विघ्न होंगे सब काम

प्रथमपूज्य भगवान गणेश से ही विवाह कार्यक्रम की शुरुआत होती है। इसलिए पहला निमंत्रण पत्र भगवान गणेश को ही भेजते हैं। निमंत्रण पत्र भेजने से पूर्व पूजन भी किया जाता है। इस पूजा में दूल्हा अथवा दुल्हन, उसके माता-पिता, साथ में एक विनायक तथा पंडितजी, जो विधि से पूजा संपन्न कराते हैं, शामिल होते हैं। तब से ही विवाह कार्य एवं सभी प्रकार के रीति-रिवाज शुरू हो जाते हैं। इसमें सात प्रकार की वस्तुएं जौ, मूंग, हल्दी की गांठ, नाड़ा, चांदी की घूघरी, कोयला, दो सूपड़े, दो मूसल और औढना रखे जाते हैं। महिलाएं गणपति के गीत गाती हैं। इसके बाद विवाह के अन्य गीत शुरू किए जाते हैं। गणपति निमंत्रण में इस्तेमाल की जानी वाली प्रमुख वस्तुएं ये हैं- पत्रिका, कंकु, चावल, हल्दी, अबीर, गुलाल, सिंदूर, मीठा तेल, बरक, छोटी सुपारी, हार-फूल, पान, नारियल, नाड़ा, मोतीचूर के लड्डू, अगरबत्ती, कपूर और जल का कलश। गणेशजी की विदाई:- विवाह का कार्य निर्विघ्न संपन्न होने के बाद गणेशजी की विदाई का कार्यक्रम होता है। सामान्यतः विवाह के बाद आने वाले बुधवार को ही यह छोटा-सा कार्यक्रम पारिवारिक रिश्तेदारों के बीच होता है। इसमें करीबी रिश्तेदारों को भोजन करवाकर विवाह की भेंट प्रदान की जाती है। इसके साथ ही गणपति को विधिपूर्वक विदाई दी जाती है।   recent visitors 73