दिल्ली-NCR में रिपोर्ट के अनुसार अगले कई दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही बनी रहेगी

नई दिल्ली मौसमी उतार चढ़ाव के बीच फिलहाल प्रदूषण से राहत है। हवा की गुणवत्ता भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार अगले कई दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में ही बनी रहेगी। इसके बाद एयर इंडेक्स में और सुधार हो सकता है और हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में भी पहुंच सकती है। इसी के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-एक के प्रविधानों को दो दिन बाद ही हटा दिया। पिछले वर्ष 15 अक्टूबर को ग्रेप-एक के प्रविधान लागू किए गए थे। 24 फरवरी को ग्रेप-दो के प्रतिबंधों को हटाया गया था। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में ग्रेप-एक के प्रविधान लागू थे। तीन मार्च को इन्हें भी हटा दिया गया। लेकिन बाद में कई बार ग्रेप एक लगा और कई बार हटा। पिछली बार यह शुक्रवार यानी 16 मई को लगा था और रविवार को दो दिन बाद ही हटा दिया गया। आयोग की सब कमेटी की रविवार को बैठक हुई। इसमें दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। पिछले दो दिनों से लगातार हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। इसीलिए अब ग्रेप-एक के प्रविधानों को भी हटाने का फैसला किया गया। इस तरह अब दिल्ली और एनसीआर से ग्रेप के सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हट गए हैं। साथ ही आयोग ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता खराब न होने पाए, इसके लिए एनसीआर की संबंधित सभी एजेंसियां प्रयास जारी रखें। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 179 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में है। गाजियाबाद का एयर इंडेक्स 164, गुरुग्राम का 115, ग्रेटर नोएडा का एयर इंडेक्स 97 व नोएडा का 178 रहा, जो मध्यम श्रेणी में है। recent visitors 61

बांग्लादेश में मैन्युफैक्चरिंग कर रही भारतीय कंपनियों को झटका, महंगे हो जाएंगे गारमेंट प्रोडक्ट

नई दिल्ली सरकार के फैसले के मुताबिक बांग्लादेश से अब सड़क मार्ग से गारमेंट नहीं आ सकेंगे और इसका सीधा लाभ घरेलू गारमेंट निर्माताओं को मिलने जा रहा है। अति कम विकसित राष्ट्र (एलडीसी) की श्रेणी में शामिल होने से बांग्लादेश से भारत आने वाले गारमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगता है। शुल्क मुक्त होने की वजह से बांग्लादेश से आने वाले गारमेंट घरेलू गारमेंट के मुकाबले सस्ते होते हैं जिससे घरेलू गारमेंट निर्माताओं का कारोबार प्रभावित हो रहा था। तिरुपुर के गारमेंट उद्यमियों से लेकर क्लोथ मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से कई बार सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया गया। बांग्लादेश को मिलती है छूट बांग्लादेश को मिली शुल्क मुक्त निर्यात की सुविधा का फायदा चीन भी उठा रहा था। चीन बांग्लादेश के रास्ते भारत में अपने माल शुल्क मुक्त तरीके से भेज रहा था। जबकि चीन से गारमेंट या फैबरिक मंगाने पर 20 प्रतिशत का शुल्क लगता है। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज (सिटी) के पूर्व अध्यक्ष व टीटी लिमिटेड के एमडी संजय कुमार जैन ने बताया कि बांग्लादेश से सालाना 6000 करोड़ के गारमेंट का आयात हो रहा है। सड़क मार्ग से आयात पर रोक के सरकार के फैसले से घरेलू गारमेंट मैन्यूफैक्चरर्स को 2000 करोड़ के गारमेंट निर्माण के अवसर मिलेंगे। बांग्लादेश में निर्माण कर रही कंपनियां अब सिर्फ न्हावा शेवा और कोलकाता स्थित समुद्री बंदरगाह से आयात की अनुमति के बाद बांग्लादेशी गारमेंट की लागत काफी बढ़ जाएगी और भारत में उनकी बिक्री भी प्रभावित होगी। शुल्क मुक्त आयात की सुविधा की वजह से कई भारतीय कंपनियां बांग्लादेश में निर्माण कर रही है क्योंकि बांग्लादेश में श्रमिकों की मजदूरी सस्ती होने से निर्माण लागत भारत की तुलना में काफी कम है। इसलिए भारतीय कंपनियां बांग्लादेश में माल बनाकर भारत में बिना किसी शुल्क के आयात कर लेती है। अब इन कंपनियों को भारत में ही निर्माण करने में लाभ दिखेगा। गारमेंट के निर्यात बाजार में भी बांग्लादेश भारत को कड़ा मुकाबला देता है और यूरोप में भारत से अधिक बांग्लादेश गारमेंट का निर्यात करता है।   recent visitors 59

लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद को अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी, पाकिस्तान में हुई हत्या

नई दिल्ली आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ आतंकी सैफुल्लाह खालिद  की पाकिस्तान में हत्या कर दी गई। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी। वो लश्कर के संस्थापक आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी था। जानकारी के मुताबिक, मटली शहर में जैसी ही वो अपने घर के बाहर निकला, हमलावरों ने उसके सिर और सीने पर गोली मार दी। भारत में तीन बड़े हमलों में था शामिल यह आतंकी भारत में हुए तीन हमलों में शामिल था। उसने महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में साल 2006 में हमले की साजिश रची थी। साल 2001 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप में हुए हमले और बंगलौर में 2005 में हुए हमले में वो शामिल था। नेपाल में कई सालों तक छिपा रहा खालिद खालिद विनोद कुमार के फर्जी नाम से कई सालों तक नेपाल में छिपा रहा था। खालिद ने अपना ठिकाना पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले के मतली में बना लिया था। वहां वह लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा के लिए काम करता रहा, जिसका मुख्य काम आतंकी अभियानों के लिए भर्ती और धन उगाही करना था। recent visitors 74

नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, मादक पदार्थ कोकीन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

रायपुर राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित रामरामा रेसिडेंसी के पास से पुलिस ने तीन आरोपियों को प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 7.48 ग्राम कोकीन, लग्जरी कार और मोबाइल फोन समेत करीब 9 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेन्द्र नगर थाना की संयुक्त टीम ने की है। आरोपियों के खिलाफ न्यू राजेन्द्र नगर में धारा 21, 22 नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, 18 मई को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति रामरामा रेसिडेंसी के पास एक कार में बैठे हैं और अपने पास प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन रखकर उसकी बिक्री की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) डी.आर. पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक (पुरानी बस्ती) राजेश देवांगन और उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संजय सिंह ने तत्काल संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर चारपहिया वाहन (Kia Seltos – CG/04/MV/1022) और उसमें बैठे तीन व्यक्तियों को चिन्हित कर हिरासत में लिया। पूछताछ में व्यक्तियों ने अपना नाम शुभांक पॉल, सागर पीटर और सिद्धार्थ पांडेय, निवासी रायपुर होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उनकी चारपहिया वाहन की तलाशी लेने पर वाहन में प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन रखा होना पाया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.48 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त 03 नग आईफोन एवं 01 नग चारपहिया वाहन CG/04/MV/1022, जुमला कीमती लगभग ₹9,00,000 जब्त किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम शुभांक पॉल (35 वर्ष) – निवासी कटोरा तालाब, मदर टेरेसा स्कूल के पास, थाना सिविल लाइन सागर पीटर (33 वर्ष) – निवासी श्याम नगर क्रिश्चियन कॉलोनी, थाना तेलीबांधा सिद्धार्थ पाण्डेय (34 वर्ष) – निवासी शैलेन्द्र नगर, कन्या शाला के पास, थाना कोतवाली recent visitors 61

BMC ने मिथुन चक्रवर्ती को गैर कानूनी निर्माण के चलते कारण बताओ नोटिस भेजा

मुंबई मुंबई के मड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बीएमसी (बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन) गंभीर हो गई है। अब इस लिस्ट में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मलाड के एरंगल गांव में कथित रूप से गैर कानूनी निर्माण के चलते कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। अगर वे इसका जवाब नहीं देते हैं तो बीएमसी इसे गिरा सकती है और कानूनी कार्रवाई करेगी। बीएमसी ने मड इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं। बीएमसी ने मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी करने के लिए मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1 ए) का इस्तेमाल किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए। यदि वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो नागरिक निकाय संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह के उल्लंघन मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 475 ए के तहत आते हैं। जिसके कारण जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। नोटिस का जवाब देते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने अपना रुख बरकरार रखते हुए फ्री प्रेस जर्नल को बताया, 'मेरी कोई अवैध इमारत नहीं है, कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, और हम अपने जवाब भेज रहे हैं'। recent visitors 71

बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर, ढ़ दर्जन घायल

मुंगेली मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को पथरिया मोड़ के पास एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ, जहां यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराए गए है। लेकिन ये हादसा अकेला नहीं है। महज 15 दिन पहले थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर रात के अंधेरे में हुए एक सड़क हादसे में 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। दुर्भाग्य की बात ये है कि आज तक न आरोपी वाहन चालक व वाहन का पता चला, न ही यह साफ हो पाया कि दुर्घटना कैसे हुई। परिजनों का कहना है कि जांच की रफ्तार इतनी धीमी है कि परिजन आज भी न्याय की आस में हैं। धरमपुरा से बरेला तक की सड़क को लगातार हो रहे हादसों के कारण कथित तौर पर स्थानीय लोग ‘रेड जोन’के रूप में देख रहे है, लेकिन न सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, न बैरियर पर निगरानी व्यवस्था। जिला बॉर्डर और थानों के पास सुरक्षा कैमरे तक नहीं लगे हैं, जिससे दुर्घटनाओं के कारणों की जांच या दोषियों की पहचान मुश्किल हो जाती है।आलम ये है कि जरूरत पड़ने पर कि निजी घरो अथवा दुकानों के सीसीटीवी कैमरे पर पुलिस को निर्भर रहना पड़ता है। क्या जान की कीमत इतनी सस्ती है? स्थानीय लोगों का कहना है कि हर हादसे के बाद जांच और वादे तो होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकला। तेज रफ्तार, लापरवाही और प्रशासन की निष्क्रियता की ये त्रासदी अब लोगों की जान लेने लगी है। स्थानीयों की मांग स्थानीय रहवासियों एवं राहगीरों की ये मांग है कि कथित रेड जोन में सीसीटीवी कैमरे और स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण लगाए जाएं। बैरियर और बॉर्डर एरिया में निगरानी व्यवस्था हो। थानों को सक्रिय रूप से दुर्घटनाओं की जांच करनी चाहिए। हादसों की स्वतंत्र जांच और समयबद्ध रिपोर्ट पेश हो, क्योंकि सवाल अब सिर्फ हादसे का नहीं, व्यवस्था की संवेदनहीनता का है। क्या जिम्मेदार अब भी नही जागेंगे? recent visitors 58

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि किसी शहर के संग्रहालय और शिक्षण संस्थान धरोहर के समान हैं इनका समृद्ध होना समाज के गौरव को बढ़ाता है। उन्होंने माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय के गौरवशाली इतिहास की प्रशंसा की। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर डिजिटल लाइब्रेरी के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में संग्रहालय की स्थापना से लेकर अब तक के सफर में सहयोग करने वाली संस्थाओं और हस्तियों का सम्मान किया गया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उनके इस संकल्प को शैक्षणिक संस्थानों को समृद्ध करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सप्रे संग्रहालय की शुरूआत एक छोटे स्वरूप में हुई थी। लगभग पिछले 4 दशकों में इस संस्थान ने अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर ली है। पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने अपने उदबोधन में कहा कि श्री विजयदत्त श्रीधर ने अपनी लगन से भोपाल शहर को एक अमूल्य धरोहर दी है, जिसका लाभ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों को निरंतर मिलता रहेगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री पचौरी ने भारतीय स्टेट बैंक के सीएसआर फंड से दी जाने वाली मदद को सराहनीय बताया। संस्थान के संस्थापक सदस्य श्री विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान पुस्तकालय सेवा के 3 प्रारूप में कार्यरत है। पत्रकार एवं पाठक वर्ष 1984 से इसका लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक सेवा बैंकिंग के अंतर्गत सीएसआर मद से उपलब्ध धन राशि से सप्रे संग्रहालय के 20 लाख दुर्लभ दस्तावेजों और पुराने जर्जर पृष्ठों का डिजिटलीकरण हुआ है। संग्रहालय की संदर्भ सामग्री का फायदा लेकर 1240 शोधार्थियों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी एवं डी.लिट्. की उपाधियां अर्जित की हैं। संग्रहालय में बिजली की बचत के लिये 10 किलोवाट क्षमता क सौर ऊर्जा पैनल भी लगाये गये है। समारोह में सहयोग देने वाली संस्थाओं के साथ श्री शिवकुमार अवस्थी, स्व. सुरेश शर्मा, स्व. शौकत रमूजी के उल्लेखनीय योगदान के लिये उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।   recent visitors 41