भोजपुरी अभिनेता, गायक और बीजेपी संसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया

मुंबई भोजपुरी अभिनेता, गायक और भारतीय जनता पार्टी से सांसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर पोस्टर को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों के शानदार काम को सम्मानित करते हुए हम ‘सिंदूर की ललकार’ गाना जारी करेंगे। इंस्टाग्राम हैंडल पर मनोज तिवारी ने अपकमिंग गाने के पोस्ट को शेयर करते हुए बताया कि यह जल्द ही उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आने वाला है। उन्होंने जानकारी देते हुए कैप्शन में लिखा, “‘सिंदूर‘ की ललकार’ जल्द ही मृदुल मंथन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगी।” उन्होंने आगे बताया, “यह गाना हमारी भारतीय सेना को समर्पित है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके प्रेरणादायक कार्यों पर आधारित है। जय हिंद।” इससे पहले शुक्रवार को मनोज ने इंस्टाग्राम पर भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ एक पोस्ट शेयर कर गाने के बारे में जानकारी साझा की थी। मनोज तिवारी से पहले भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह ने देशभक्ति की भावना से भरपूर एक नए गाने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने 11 मई को रिलीज किया था। इस गाने का नाम 'सिंदूर' है। यह गाना 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई वीरता को समर्पित है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए गत 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भारतीय सेना ने आतंकवादियों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया। गाने की शुरुआत में एक आतंकवादी को देखा जा सकता है जो छुट्टियां मना रहे एक परिवार को दूरबीन से देखता है और अपने झुंड के साथ आगे बढ़ता है। इसके बाद लाशें और उनके पास चीखती-चिल्लाती, रोती हुई औरतें दिखाई जाती हैं। इस मंजर को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर दिखाया गया है। गाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को भी शामिल किया गया, जिसे पवन सिंह टीवी पर सुनते हुए नजर आते हैं। प्रधानमंत्री कह रहे हैं, ''साथियों, इस आतंकी हमले में, किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवन साथी खोया।'' इसके बाद दर्दनाक संगीत के साथ गाना शुरू होता है। पवन सिंह ने गाने में अपनी आवाज से जलवा बिखेरा है। गाने को किशोर दुलरुआ ने लिखा और कम्पोज किया है। गौतम यादव ने बेहतरीन म्यूजिक दिया है। इसे बर्दर म्यूजिक स्टूडियो के बैनर तले रिलीज किया गया है। गाने को पवन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल 'पवन सिंह ऑफिशियल' पर रिलीज किया है। recent visitors 46

कैंटीन में श्रमिकों को पांच से 10 रुपये में मिले चाय, नाश्ता और भोजन, परिवार को बीमा सुरक्षा: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब श्रम कानूनों को प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दोनों दृष्टियों से संतुलित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम कानूनों का सरलीकरण इस प्रकार किया जाए जिससे उद्योगों को सुविधा मिले, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि श्रमिकों के शोषण या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की कोई संभावना न रहे। सीएम योगी शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी। सीएम योगी ने इस दौरान श्रमिकों और उनके परिवार को बीमा सुरक्षा दिए जाने का अफसरों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त करना होगा। उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा श्रमिक-हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बनकर उभरे। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। यह 99% की वृद्धि है। अधिकारियों ने आगे बताया कि भारत सरकार के बीआरएपी रिकमेंडेशन के क्रियान्वयन में श्रम विभाग को अचीवर स्टेट का दर्जा प्राप्त हुआ है। इन उपलब्धियों की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इसे अभूतपूर्व बताया। बाल श्रमिकों के पुनर्वास को दें गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जाए। यह न केवल सामाजिक दायित्व है बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का दायित्व भी है। मॉडल के तौर श्रमिक अड्डों को करें विकसित मुख्यमंत्री ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहां डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कैंटीन में श्रमिकों को 5-10 रुपये में चाय, नाश्ता और भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर न्यूनतम मानदेय की गारंटी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह असंगठित कार्यबल को संगठित श्रम शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। विदेश में रोजगार के लिए भाषायी प्रशिक्षण अनिवार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार हेतु जाने वाले निर्माण श्रमिकों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, बल्कि गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। यह उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। निजी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को सीएसआईसी और ईएसआईएस से जोड़ा जाए। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। अटल आवासीय विद्यालय बनें गुणवत्ता का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अटल आवासीय विद्यालय को देशभर में मॉडल के रूप में उभरे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इनकी निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 5,97,625 आवेदनों में से 5,90,881 को एनओसी दी जा चुकी है। शेष शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।   recent visitors 57

राजस्थान शैक्षिक पंचांग 2024-25 के अनुसार, स्कूलों में आज से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी

जयपुर राजस्थान में तेज़ धूप और लू की मार झेल रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। बच्चों को चिलचिलाती गर्मी से राहत देने और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे वे परिवार के साथ आराम से समय बिता सकें। कब से कब तक रहेंगे स्कूल बंद? -राजस्थान शैक्षिक पंचांग 2024-25 के अनुसार, स्कूलों में आज से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। -स्कूल 1 जुलाई 2025 से दोबारा खुलेंगे। -छुट्टियों से ठीक एक दिन पहले, 16 मई को पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग आयोजित की गई है, जिसमें छात्रों और अभिभावकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि: दोपहर में बाहर निकलने से बचें हल्के और ढीले कपड़े पहनें खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें छुट्टियों का बच्चों में उत्साह गर्मियों की छुट्टियों का बच्चों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है। अब जब छुट्टियों की घोषणा हो चुकी है, तो बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। भीषण गर्मी में स्कूल भेजना जहां एक चुनौती बन गया था, अब वहां वे आराम से घर में समय बिता सकेंगे।   recent visitors 58

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा, मंदिरों में सिर्फ ब्राह्मण ही पुजारी क्यों?

भोपाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित धार्मिक स्थलों में पुजारी के रूप में केवल ब्राह्मणों को ही क्यों मौका दिया जाता है। याचिका अनुसूचित जाति-जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ की ओर से दायर की गई है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जाने वाले धार्मिक स्थलों से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में सवाल उठाया गया है कि इन धार्मिक स्थलों में पुजारी के रूप में नियुक्ति के लिए केवल ब्राह्मणों को ही अवसर क्यों दिया जाता है। हिंदू धर्म की सभी जातियों को क्यों नहीं। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में इस सवाल का जवाब देने का आदेश दिया है। अनुसूचित जाति-जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजजाक्स) द्वारा दायर याचिका में मध्य प्रदेश विनिर्दिष्ट मंदिर विधेयक 2019 के तहत अध्यात्म विभाग द्वारा 4 अक्टूबर 2018 और 4 फरवरी 2019 को पारित आदेशों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर और पुष्पेंद्र शाह ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि निर्दिष्ट मंदिर विधेयक 2019 की धारा 46 के तहत सरकार ने अनुसूची 1 में 350 से अधिक मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को अधिसूचित किया है, जो राज्य के नियंत्रण में हैं। आदेश में एक विशेष जाति को पुजारी के रूप में नियुक्त करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए राजकोष से निश्चित वेतन का प्रावधान है। यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 का उल्लंघन है क्योंकि हिंदुओं में ओबीसी/एससी/एसटी वर्ग शामिल हैं। इसलिए पुजारी के पद के लिए केवल एक जाति को प्राथमिकता देना अनुचित है। राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल अभिजीत अवस्थी ने पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता कर्मचारियों का संगठन है, जिसे याचिका दायर करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि सदियों से मंदिरों में केवल ब्राह्मण ही पूजा करते आ रहे हैं। सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं रहा है। 2019 से राज्य सरकार ने धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए वेतन आधारित पुजारी नियुक्त करने का कानून बना दिया है। इसके बारे में आम जनता को जानकारी नहीं है। याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव जीएडी, सामाजिक न्याय मंत्रालय, धार्मिक एवं धर्मस्व मंत्रालय एवं लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।   recent visitors 37

बलूचिस्तान चाहता है कि सबसे पहली मान्यता भारत करे, क्या है इसकी वजह? आइए जानते

नई दिल्ली  पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बलूचिस्तान (Balochistan) गले की फांस बन चुका है। बलूचिस्तान के ज़्यादातर निवासी खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते। बलूचों के दिल और दिमाग में पाकिस्तानी सरकार और सेना के प्रति नफरत है। समय-समय पर बलूच अलगाववादी पाकिस्तानी सेना और पुलिस को निशाना बनाते हैं। हाल ही में बलूच नेता मीर यार बलूच ((Mir Yar Baloch)) ने बलूचिस्तान की आज़ादी का ऐलान करते हुए कहा कि बलूचिस्तान, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। इसके साथ ही मीर ने खुद को बलूचिस्तान का पहला राष्ट्रपति भी घोषित किया। महरंग बलूच (Mahrang Baloch) समेत अन्य बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता और नेता भी पाकिस्तान के खिलाफ जंग में खड़े हुए हैं। बलूचिस्तान की आज़ादी की घोषणा के बाद बलूच नेता दुनियाभर से मान्यता और समर्थन की मांग कर रहे हैं। सबसे पहले भारत से मान्यता चाहता है बलूचिस्तान बलूचिस्तान के नेता चाहते हैं कि दुनियाभर के देश उन्हें एक अलग देश के तौर पर मान्यता और समर्थन दे। बलूच नेता चाहते हैं कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान को आज़ाद देश के रूप में मान्यता देने के साथ ही मुद्रा, पासपोर्ट, और अन्य संसाधनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन दिया जाए। हालांकि पहले समर्थन की बात करें, तो बलूच नेता चाहते हैं कि भारत, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान को आज़ाद देश के रूप में मान्यता देने वाला पहला देश बने। बलूच नेताओं ने भारत में दूतावास खोलने की मांग भी की है। बलूच नेता मीर सोशल मीडिया पर भारत-बलूचिस्तान की दोस्ती, भारत से समर्थन और भारत के प्रति अपने प्रेम को सोशल मीडिया पर जमकर दिखा रहे हैं। सबसे पहले भारत से समर्थन क्यों चाहता है बलूचिस्तान? बलूचिस्तान सबसे पहले भारत से ही समर्थन क्यों चाहता है? मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है। इसकी मुख्य वजह है भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव किसी से भी छिपा नहीं है। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव और ज़्यादा बढ़ गया है और युद्ध जैसे हालात भी पैदा हो गए। हालांकि भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी। इसी वजह से बलूच नेता चाहते हैं कि सबसे पहले भारत ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान को मान्यता दे, जिससे बलूच अलगाववादियों और नेताओं द्वारा पाकिस्तान को दिए जख्मों पर नमक लगाया जा सके। बलूच नेता हैं भारत के समर्थक कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा विवाद जगजाहिर है। पाकिस्तान समय-समय पर कश्मीर मुद्दा उठाता रहता है। बलूच नेताओं ने खुलकर कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है और कहा है कि पाकिस्तान को पीओके को खाली कर देना चाहिए। ऐसे में अगर भारत बलूचिस्तान को मान्यता दे देता है, तो इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव पड़ेगा, बल्कि भारत को देखते हुए अन्य देश भी बलूचिस्तान को मान्यता दे सकते हैं। भारत को बलूचिस्तान का समर्थन करके क्या फायदा होगा? बलूचिस्तान को मान्यता देकर भारत पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच भड़की चिंगारी को हवा दे सकता है जिससे पाकिस्तान का ध्यान भारत से हटेगा और बलूचिस्तान पर लग जाएगा, जिससे बलूचिस्तान में भड़की आज़ादी की चिंगारी से पाकिस्तान की चिंता बढ़ जाएगी। रणनीतिक रूप से यह भारत का पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। इसकी वजह है बलूचिस्तान की आज़ादी से पाकिस्तान की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति का कमज़ोर होना। इससे पाकिस्तान की क्षेत्रीय स्थिति को बड़ी बड़ा झटका लगेगा। आज़ाद बलूचिस्तान, भारत के चाबहार पोर्ट परियोजना को और मज़बूत कर सकता है। इतना ही नहीं, आज़ाद बलूचिस्तान से भारत की अरब सागर में मज़बूती भी बढ़ेगी जिससे पाकिस्तान के साथ ही चीन की भी चिंता बढ़ेगी। recent visitors 43

मौसम विभाग आर्बर्जेवेशन नेटवर्क को अपडेट करने माइक्रोवेव रेडियोमीटर और विंड प्रोफाइल लगायेगी

भोपाल अब मौसम के पूर्वानुमान की और सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए भोपाल मौसम केंद्र में माइक्रोवेव रेडियोमीटर और विंड प्रोफाइल लगाई जाएगी। इससे वायुमंडल में आर्द्रता, तापमान की जानकारी और अधिक आंधी,तूफान और हवा की चाल की पूर्व और सटीक जानकारी मिल सकेगी। इन दोनों डिवाइस के लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय मौसम विभाग को भेजा गया है। क्या है माइक्रोवेव रेडियोमीटर यह एक ऐसा उपकरण है जो माइक्रोवेव तरंगों (0.3-300 गीगाहर्ट्ज़ की आवृत्ति) पर उत्सर्जित ऊर्जा को मापता है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों में किया जाता है, जैसे कि मौसम पूर्वानुमान, जलवायु निगरानी, रेडियो खगोल विज्ञान और रिमोट सेंसिंग आदि। अभी जीपीएस से लेते हैं जानकारी माइक्रोवेव रेडियोमीटर डिवाइस जमीन से सात से दस किमी ऊंचाई तक आर्द्रता, तापमान की जानकारी देती है। इससे तापमान और नमी की स्थिति का अनुमान और सटीकता से होगा। अभी जीपीएस,सेटेलाइट के जरिए यह जानकारी मिलती है। पूर्वानुमानों को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है काम मौसम विभाग द्वारा लगातार पूर्वानुमानों को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए आर्बर्जेवेशन नेटवर्क को अपडेट करने के साथ ही कई तरह के कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में माइक्रोवेव रेडियोमीटर लगाने की भी तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है, मंजूरी के बाद इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। recent visitors 37

नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया

मऊगंज  मध्यप्रदेश के नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। जिसके लिए कई पुलिस चौंकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही कई नई चौकियां भी बनाने का प्रस्ताव है।  दरअसल, मऊगंज के जिला बनने के बाद से यहां पर पुलिस पिटाई कांड, शिखा कांड, गड़रा कांड, देवरा दंगा कांड जैसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके सरकार लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए कलेक्टर और एसपी की नियुक्ति की है। साथ ही पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी मांगा गया है। नए थानों और पुलिस चौकियों की स्थापना से अपराधों पर शिकंजा कस सकेगा। इन चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पिपराही, खटखरी, भीर और हाटा पुलिस चौकियों को थानों में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही सीतापुर, बहेराडाबर, जड़कुड, पहाड़ी और बहुती में नई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगे। इसके अलावा एसएफ की बटालियन भी मांगी गई है। सीएम मोहन यादव कर सकते हैं बड़ी घोषणाएं सीएम डॉ मोहन यादव मई के अंत में देवतालाब में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह थाना, चौकी और बटालियन जैसी कई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। recent visitors 47