जुमे की नमाज पढ़ने के बाद दोनों पक्ष मस्जिद के बाहर ही आमने-सामने हो गए और जमकर लाठी-डंडे चले, पांच लोग घायल

मेरठ अब्दुल्लापुर में कई दिनों से दो पक्षों के बीच सुलग रही बदले की आग ने शुक्रवार को खूनी रंजिश का रूप ले लिया। दोपहर को जुमे की नमाज पढ़ने के बाद दोनों पक्ष मस्जिद के बाहर ही आमने-सामने हो गए और जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए। पूरी वारदात मस्जिद के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। इसके बाद सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। भावनपुर के अब्दुल्लापुर स्थित नईबस्ती निवासी चार दिन पहले अदनान और समद के बीच में विवाद हो गया था। इसी दौरान वहीं पास में खड़े अरसलान के हाथ पर अदनान का डंडा लग गया था। आसपास के लोगों ने दोनों पक्षों का बीच-बचाव करा दिया था। बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर भी दी थी। इसके बावजूद दोनों पक्षों में तनाव का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार को दोपहर को एक पक्ष से फारुक, सारुन पुत्रगण ताहिर और इनका चाचा नूरहसन और दूसरे पक्ष से अरसलान पुत्र रशीद, फरहान और शाहरुख अबू बकर मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे थे। नमाज के बाद जैसे ही उक्त लोग मस्जिद से बाहर आए तो उनके बीच कहासुनी हो गई। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हो गया। पथराव होते ही गली में भगदड़ मच गई। मारपीट में अरसलान, फरहान, फारुक, शाहरुख और नूरहसन घायल हो गए। सूचना मिलते ही भावनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से घायलों की हालत गंभीर होने के चलते मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है कि अभी तक किसी की तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। तहरीर आने पर आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 44

‘मेड इन चाइना’ पर छाया संकट, भारत से भिड़ने की कीमत चुका रहीं चीन की हथियार कंपनियां, भारत की ताकत चीन की कमजोरी

नई दिल्ली 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने चीन और तुर्की से मिले हथियारों का इस्तेमाल कर भारत पर पलटवार करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय डिफेंस सिस्टम के आगे उसकी ये सारी चालें नाकाम हो गईं। भारत की ताकत बनी चीन की कमजोरी पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने के लिए जिन चीनी फाइटर जेट्स, मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया, वे भारतीय रक्षा प्रणाली के सामने फेल हो गए। एयर ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल, एयर मार्शल ए के भारती के मुताबिक, भारत का एयर डिफेंस सिस्टम आज इतना मजबूत है कि उसे भेदना किसी के बस की बात नहीं। उन्होंने कहा कि चाहे तुर्की के ड्रोन हों या चीन के फाइटर जेट, सब भारतीय टेक्नोलॉजी के सामने टिक नहीं पाए। शेयर बाजार में गिर गए चीन की हथियार कंपनियों के शेयर भारत के इस ताकतवर जवाब का असर सीधे चीन की हथियार कंपनियों पर पड़ा है। खासकर उन कंपनियों पर, जिनके बनाए हथियार पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए थे। एविक चेंगदू एयरक्राफ्ट : इस कंपनी के बनाए जे-10सी फाइटर जेट का पाकिस्तान ने इस्तेमाल किया। इसके बाद कंपनी के शेयरों में लगातार तीन कारोबारी दिनों तक करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई। झूझोउ होंगडा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्प : इस कंपनी ने हवा से हवा में मार करने वाली PL-15 मिसाइल बनाई थी, जिसे पाकिस्तान ने भारतीय सेना को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया। इसके शेयरों में 10% तक की गिरावट आई। चाइना एयरोस्पेस टाइम्स इलेक्ट्रॉनिक्स: दो दिन के भीतर इसके शेयरों में 7% की गिरावट हुई। इसके अलावा, ब्राइट लेजर टेक्नोलॉजीज, नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप, चाइना स्पेससैट और AVIC एयरक्राफ्ट जैसी कई अन्य चीनी कंपनियों के शेयर भी 5-10% तक टूट गए। निवेशकों का डगमगाया भरोसा अब निवेशकों को लगने लगा है कि चीनी हथियारों की गुणवत्ता उतनी भरोसेमंद नहीं जितनी दिखाई जाती है। यही वजह है कि 'मेड इन चाइना' टैग को लेकर दुनियाभर में सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर तब जब उन हथियारों का प्रदर्शन युद्ध के मैदान में कमजोर साबित हो। भारत की डिफेंस कंपनियों का जलवा जहां एक ओर चीन की हथियार कंपनियों को झटका लगा, वहीं भारत की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने महज तीन कारोबारी दिनों में ही 10% की बढ़त दर्ज की। आइडियाफोर्ज, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (GRSE), कोचीन शिपयार्ड और भारत डायनेमिक्स जैसी कंपनियों के शेयरों में एक हफ्ते के भीतर 38% तक का उछाल आया। 'मेड इन इंडिया' बन रहा भरोसे का नाम भारत के मजबूत डिफेंस सिस्टम और तकनीकी आत्मनिर्भरता ने 'मेड इन इंडिया' को एक नई पहचान दी है। अब निवेशक और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक भारतीय रक्षा कंपनियों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। घरेलू हथियार निर्माण और टेक्नोलॉजी को लेकर भारत का रुख पहले से कहीं अधिक मज़बूत हो गया है।   recent visitors 51

ट्रंप ने फिर जताया अफसोस, भारत और पाक युद्धविराम मेरी इतनी बड़ी सफलता है कि इसका उचित श्रेय मुझे कभी नहीं मिलेगा

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान से बातचीत करना और उन्हें (पूर्ण युद्ध) के कगार से वापस लाना उनकी इतनी ‘‘बड़ी सफलता'' है कि उसका उचित श्रेय उन्हें कभी नहीं मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 'N' यानि  नफरत”  और तनाव उस स्तर पर पहुंच गया था जहां अगला चरण संभवतः   'N' ‘‘न्यूकलियर'' इस्तेमाल  था। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा, “यह मेरी इतनी बड़ी सफलता है कि इसका उचित श्रेय मुझे कभी नहीं मिलेगा। वे बड़ी परमाणु शक्तियां हैं। उनमें जरा भी समानता नहीं है। वे आक्रोशित थे।” साक्षात्कार के दौरान ट्रंप से पश्चिम एशिया की उनकी यात्रा से पहले की "विदेश नीति की कुछ सफलताओं" का जिक्र करते हुए पूछा गया कि क्या उन्होंने भारत और पाकिस्तान को फोन किया था। ट्रंप ने जवाब दिया, "हां, मैंने किया था।” साक्षात्कार लेने वाले ने कहा कि यह एक सफलता है। ट्रंप ने कहा, “क्या आपने देखा कि यह (संघर्ष) किस दिशा में जा रहा था? यह जैसे को तैसा की तरह था। यह गहराता जा रहा था। मेरा मतलब है कि मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा था। दोनों मजबूत हैं। लिहाजा अगले जिस चरण पर यह पहुंचने वाला था, आप जानते हैं कि वह क्या है? ‘एन'।” साक्षात्कार लेने वाले ने पूछा कि क्या ‘एन' शब्द का मतलब ‘न्यूक्लियर' (परमाणु) है? ट्रंप ने कहा, “यह ‘एन' शब्द है। यह बहुत बुरा शब्द है, है न? कई मायनों में। परमाणु अर्थ में इस्तेमाल किया जाने वाला एन शब्द, सबसे बुरी चीज हो सकती है। मुझे लगता है कि वे बहुत करीब थे। नफरत बहुत ज़्यादा थी। मैंने कहा, ‘हम व्यापार के बारे में बात करेंगे। हम बहुत सारा व्यापार करने जा रहे हैं'।” ट्रंप ने कहा, "मैं व्यापार का उपयोग हिसाब बराबर करने और शांति स्थापित करने के लिए कर रहा हूं।" ट्रंप ने कहा, "भारत…दुनिया में सबसे ज्यादा शुल्क लगाने वाले देशों में से एक हैं, वे व्यापार को लगभग असंभव बना देते हैं। क्या आपको मालूम है कि वे अमेरिका के लिए अपने शुल्क में 100 प्रतिशत कटौती करने को तैयार हैं?" इस मुद्दे पर भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या भारत के साथ सौदा जल्द ही होने वाला है, तो उन्होंने कहा, "हां, यह जल्द ही होगा। मुझे कोई जल्दी नहीं है। देखिए, हर कोई हमारे साथ सौदा करना चाहता है।" ट्रंप ने कहा, "दक्षिण कोरिया एक सौदा करना चाहता है… लेकिन मैं हर किसी के साथ सौदा नहीं करना चाहता। मैं बस सीमा तय करने जा रहा हूं। मैं कुछ और सौदे करूंगा। 150 देश हैं जो सौदे करना चाहते हैं।" पिछले कुछ दिनों में यह सातवीं बार है जब ट्रंप ने यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म कराने में मदद की। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में सात मई की सुबह 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले किए थे। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत की कार्रवाई के बाद, पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। इसके बाद भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया। चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त करने के लिए 10 मई को सहमति बनी थी। ट्रंप ने 10 मई को घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में “लंबी बातचीत” के बाद भारत और पाकिस्तान “पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम'' पर सहमत हो गए हैं।     recent visitors 66

ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, और यह सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है, राजनाथ सिंह ने पाक को फिर चेताया

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बाद में पाकिस्तान को जिस आक्रामकता से जवाब दिया, उसने न केवल उनकी ताकतवर रणनीतिक सोच को प्रदर्शित किया, बल्कि पाकिस्तान तक को एक कड़ा संदेश दिया। आइए, जानते हैं ऑपरेशन सिंदूर और इसके दौरान किए गए उनके बयानों पर विस्तार से। पहली चेतावनी: 23 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद का बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 23 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों के हमले के एक दिन बाद पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। अर्जन सिंह मेमोरियल लेक्चर में उन्होंने कहा था, "हम सिर्फ उन तक ही नहीं पहुंचेंगे जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया, हम उन तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर इसे अंजाम देने की साजिश रची है।" प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कड़ा संदेश 4 मई को दिल्ली में दिए गए अपने बयान में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दोबारा चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम जो चाहते हैं, वह अवश्य होगा। देश पर बुरी नजर डालने वालों को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देगी।" यह बयान ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत का संकेत था। ऑपरेशन सिंदूर: एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के साथ राजनाथ सिंह ने यह बयान दिया कि भारत ने अपनी वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "हमने केवल उन लोगों को मारा जिन्होंने हमारे निर्दोष नागरिकों को मारा।" इसके बाद 8 मई को राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकवादी मारे गए थे, और उन्होंने सर्वदलीय बैठक में इस कार्रवाई को लेकर जानकारी दी। ब्रहमोस मिसाइल की ताकत का प्रदर्शन 11 मई को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का उद्घाटन करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भारत की सेना सीमा पार की कार्रवाई से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना की धमक रावलपिंडी तक महसूस की गई, जहां पाकिस्तान का मुख्यालय स्थित है। कश्मीर और गुजरात में सख्त संदेश राजनाथ सिंह ने श्रीनगर के बादामी बाग छावनी और भुज एयरबेस का दौरा किया। उन्होंने कश्मीर के सशस्त्र बलों की तारीफ करते हुए कहा, "आपकी वीरता ने सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों और बंकरों को ध्वस्त कर दिया है।" भुज एयरबेस पर उन्होंने भारत के लड़ाकू विमानों की ताकत का हवाला दिया और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अब भारत के विमान बिना सीमा पार किए पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को फिर से चेतावनी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, और यह "सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।" उनका यह बयान पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि भारत जब चाहें, तब अपनी ताकत का पूरा प्रदर्शन कर सकता है। recent visitors 47

मौसम विभाग ने आज बारिश और तूफान की आशंका भी जताई थी, कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई शुरू

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर मौसम बदल गया है। कई इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने आज बारिश और तूफान की आशंका भी जताई थी। ऐसे में मौसम में आए बदलाव के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए आज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। इसकी के साथ बारिश की आशंका भी जताई गई थी। मौसम विभाग ने एक हफ्ते का पूर्वानुमान जारी किया है जिसमें पांच दिन आंधी तूफान और बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 मई कोि बिजली चमकने के साथ तूफान, धूल उड़ाने वाली हवाएं, तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। आने वाले दिनों में बारिश की आशंका, गिरेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों मेंं तापमान 3 डिग्री गिर सकता है। इसी के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। 18 मई को तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं 19 मई को फिर एक बार आंधी तूफान और बारिश आ सकती है। recent visitors 63

संविदाकर्मी की मौत पर मुआवजे का दिया था आदेश, इस आदेश को चुनौती देना पावर कारपोरेशन को पड़ा महंगा

लखनऊ ट्रांसफार्मर बनाते समय एक संविदाकर्मी की मौत पर मुआवजे को लेकर यूपी पावर कारपोरेशन गाढ़े में पड़ गया। संविदाकर्मी की मौत पर स्थाई लोक अदालत ने मुआवजे का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देना यूपी पावर कॉरपोरेशन को महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने न सिर्फ याचिका खारिज की बल्कि लोक अदालत द्वारा दिए गए 13 लाख 15 हजार रुपये के मुआवजे के आदेश को बढ़ाकर 23 लाख 78 हजार रुपये कर दिया। साथ ही मुआवजे से इंकार कर, मुकदमा दाखिल करने पर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त हर्जाना भी लगाया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से संविदाकर्मी के परिवार ने बड़ी राहत महसूस की है। यह निर्णय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यूपी पॉवर कॉर्पोरेशन की याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यह एक दुखद मामला है, जिसमें एक पब्लिक यूटिलिटी सर्विस ने यह याचिका दाखिल की है और ऐसे तर्क प्रस्तुत कर रही है जो उस जनकल्याण के उद्देश्य के अनुकूल नहीं हैं जिसके लिए उसकी स्थापना की गई है। कॉर्पोरेशन ने यह स्वीकार किया था कि मृतक उसका संविदाकर्मी था जिसकी मृत्यु एक ट्रांसफार्मर ठीक करते हुए हो गई थी। हालांकि कॉर्पोरेशन की ओर से लोक अदालत द्वारा मुआवजे का आदेश देने की शक्ति पर सवाल उठाया गया। वहीं न्यायालय ने पाया कि मृतक संविदाकर्मी के परिवार को मुआवजे की जो धनराशि निर्धारित की गई है, वह तय मानकों से कम है। न्यायालय ने इस सम्बंध में विस्तृत आदेश और गणना करते हुए, 24 लाख 78 हजार रुपये की धनराशि को उपयुक्त माना जिसमें से एक लाख रुपये कॉर्पोरेशन द्वारा पूर्व में ही दिए गए। न्यायालय ने कहा कि बाकी की 23 लाख 78 हजार रुपये की रकम तीन माह में लोक अदालत के समक्ष जमा करायी जाय जो संविदाकर्मी की परिवार को दी जाएगी। recent visitors 47

मई में एक साथ मिलेगा तीन महीने का राशन,अगर आपने एक जरूरी काम नहीं क‍िया तो आप इससे हाथ धो सकते हैं

भोपाल शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से हर महीने राशन लेने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए ये महत्वपूर्ण खबर है, राज्य शासन ने आदेश दिया है कि उन्हें तीन महीनों का राशन एकमुश्त दिया जायेगा, यानि जून, जुलाई और अगस्त का राशन हितग्राहियों को एक साथ दिया जायेगा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय भोपाल ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। संचालनालय ने सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिए हैं कि पात्र परिवारों को समय-सीमा में राशन सामग्री उपलब्ध करने हेतु NFSA/PMGKAY अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों को जून से अगस्त 2025 तक की एकमुश्त राशन सामग्री के आवंटन, उठाव एवं वितरण किया जाए। 20 तारीख तक मई का और 21 से जून, जुलाई, आगस्त का राशन मिलेगा निर्देश में कहा गया कि मई हेतु आवंटित राशन सामग्री का वितरण हर हाल में 20 मई तक समस्त पात्र परिवारों को कराया जाए, उसके बाद अगले दिन 21 मई से जून से अगस्त 2025 तक की एकमुश्त राशन सामग्री (PMGKAY, MDM, ICDS, KKY का खा‌द्यान्न, शक्कर एवं नमक) का पात्रतानुसार वितरण कराया जाए। POS मशीन पर तीन महीने के राशन वितरण की सुविधा आदेश में कहा गया है कि जून से अगस्त तक का एकमुश्त आवंटन जारी किया गया है जिसे 31 मई, 2025 तक प्रदाय केन्द्रों पर उठाव कराकर उचित मूल्य दुकानों पर भंडारण सुनिश्चित कराया जाए, पीओएस मशीन में माह जून से अगस्त, 2025 तक की राशन सामग्री माहवार वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है अर्थात् पात्र हितग्राही को राशन प्राप्त करने हेतु माहवार क्रमानुसार पीओएस मशीन पर एथेंटिकेशन किया जाकर राशन का वितरण कराया जाए। मानसून को देखते हुए सरकार का फैसला तीन महीने का राशन एक साथ वितरित कराने का कारण मानसून सीजन बताया गया है, आदेश में कहा गया है की मानसून सीजन में संभावित बाढ़ के कारण राशन सामग्री के परिवहन, भंडारण एवं वितरण में आने वाली समस्याओं के निराकरण एवं पात्र परिवारों को समय-सीमा में राशन सामग्री उपलब्ध करने हेतु ये व्यवस्था की गई है। 3 महीने के राशन से धो बैठेंगे हाथ! अगर 31 मई से पहले नहीं क‍िया ये काम अगर अब भी आप राशन कार्ड का ई-केवाईसी कराने में आलस दिखाएंगे तो एक नहीं लगातार तीन महीने का गेहूं-चावल और चीनी का नुकसान करा लेंगे। देशभर में तमाम राज्यों में जून-जुलाई और अगस्त का राशन एक साथ देने का फैसला किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत यूपी, मध्य प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों में तीन महीने का एडवांस राशन दिया जाएगा। 21 मई से राशन मिलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि अगर आपके राशन कार्ड का ई-केवाईसी नहीं हुआ है तो आपको तगड़ा झटका लग सकता है। इसके बाद राशन सीधे सितंबर में मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि गड़बड़ियों को रोकने और सही लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए सभी राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी कराया जाए। सरकारें लगातार इसे लेकर मौके दे रही हैं। बावजूद इसके अभी भी बहुत से लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। यूपी में मई-जून में ही मिलेगा 3 महीने का राशन यूपी सरकार के खाद्य एवं रसद विभाग की बैठक में तय हुआ है कि मई का राशन 20 मई तक वितरित कर दिया जाएगा। इसके बाद 21 मई से 31 मई तक जून का राशन बांटा जाएगा। फिर 5 जून से 16 जून तक जुलाई का राशन मिलेगा। जून में ही 19 से 30 जून तक अगस्त का राशन भी मिल जाएगा। इसके बाद फिर सीधे सितंबर में राशन मिलेगा। झारखंड में 1 जून से 30 जून के बीच जून, जुलाई और अगस्त का एडवांस राशन मिलेगा। अनुमान के मुताबिक झारखंड में करीब 2.88 करोड़ लाभार्थी हैं, जो सरकार द्वारा सब्सिडी पर मिलने वाला राशन लेते हैं। मध्य प्रदेश में भी 21 मई से तीन महीने का राशन एक साथ मिलना शुरू हो जाएगा। अन्य राज्यों में भी एडवांस राशन बांटने की तैयारी हो गई है। ऐसे करें ई-केवाईसी राशन कार्ड का ई-केवाईसी कराना बहुत ही आसान है। आप मोबाइल से बस 2 मिनट में इस काम को कर सकते हैं। मोबाइल में 2 एप डाउनलोड करें- 'मेरा KYC' और AadhaarFaceRD मोबाइल एप। बस आपको अपना आधार नंबर डालकर लोकेशन के साथ वेरिफाई करना है और फिर मोबाइल कैमरे से अपनी वेरिफिकेशन को पूरा करना है। बस हो गया ई-केवाईसी। आप चाहें तो पास की राशन कार्ड की दुकान पर आधार कार्ड ले जाकर भी यह काम करा सकते हैं। क्यों मिल रहा 3 महीने का एडवांस राशन सरकार द्वारा तीन महीने का एडवांस राशन मिलने को कुछ लोग पाकिस्तान के साथ तनाव के साथ जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि ऐसा नहीं है। दरअसल मानसून में कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं। राशन का ट्रांसपोर्टेशन, उसका वितरण, स्टोरेज जैसी बहुत सी समस्याएं आती हैं। ऐसे में कोई परिवार इस वजह से भूखा न सोए, इसलिए सरकार मानसून खत्म होने तक का राशन एडवांस में दे रही है। कई बार सरकार ऐसा कदम जरूरत से ज्यादा अनाज उत्पादन की वजह से भी करती है। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्ड धारकों को प्रति परिवार 35 किलो राशन दिया जाता है। जबकि पीएचएच कार्ड पर परिवार में प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज दिया जाता है। recent visitors 54