2019 में स्वीकृत 5.1 किमी फ्लाईओवर पर अब तक काम कब शुरू होगा, HC ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जवाब तलब किया

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक के मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना, जो वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई थी, अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास विभाग के सचिव और जबलपुर कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 2019 में मिली थी मंजूरी, 2024 तक सिर्फ बढ़ती गई लागत फ्लाईओवर की शुरुआती योजना 3.2 किलोमीटर लंबी थी, जिसकी लागत 186 करोड़ रुपए तय की गई थी। हालांकि, 2024 में इसकी लंबाई बढ़ाकर 5.1 किलोमीटर कर दी गई और बजट भी तीन गुना तक बढ़ाया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। हाईकोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि जब स्वीकृति और बजट दोनों पहले ही तय हो चुके हैं, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ? सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक इलाके में स्वीकृत है फ्लावर आपको बता दे की अंबेडकर चौक से लेकर अब्दुल हमीद चौक तक स्वीकृत यह फ्लाईओवर शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है। अंबेडकर चौक से लेकर घमापुर चौक तक हर वक्त जाम की स्थिति लगी रहती है। उसके बावजूद यहां फ्लाईओवर ना बनना अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है। जबकि यहां पर स्थानीय प्रतिनिधि से लेकर आम लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग की है। घंटों जाम में फंसते हैं लोग अंबेडकर चौक से घमापुर और अब्दुल हमीद चौक तक का इलाका जबलपुर का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, जहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रैफिक की परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग उठाई है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की उदासीनता से यह परियोजना केवल कागज़ों में ही सिमटी रह गई है। हाईकोर्ट की सख्ती से जागेगा सिस्टम? हाईकोर्ट (MP High Court) द्वारा अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर कुछ ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी। यह मामला ना केवल एक शहरी विकास परियोजना से जुड़ा है, बल्कि यह जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और शासन की जवाबदेही से भी सीधा संबंध रखता है। सात साल पुरानी मंजूरी के बावजूद अगर एक जरूरी फ्लाईओवर का काम शुरू नहीं हो पाया है, तो ऐसी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाजिम है। recent visitors 42

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व दूरसंचार दिवस की शुभकामनाएं दीं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्व दूरसंचार दिवस की शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नवाचार आधारित देश की समग्र विकास की यात्रा में दूरसंचार की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डिजिटल इंडिया के संकल्प के साथ भारत ने दूरसंचार क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनते हुए अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नवीन तकनीकों एवं नवाचारों को अधिक से अधिक अपनाकर देश-प्रदेश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने का आहवान किया है।   recent visitors 39

एथलीट चोपड़ा की उपलब्धि से देश हुआ गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एथलीट चोपड़ा की उपलब्धि से देश हुआ गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जेवलिन थ्रोअर चोपड़ा ने 90.23 मीटर तक भाला फेंककर बनाया नया राष्ट्रीय रिकार्ड मुख्यमंत्री ने दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के गोल्डन बॉय, एथलीट नीरज चोपड़ा को दोहा डायमंड लीग 2025 में अद्भुत प्रदर्शन के लिए बधाई दी। नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुए 90.23 मीटर तक भाला फेंक कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीरज चोपड़ा की इस उपलब्धि से पूरा देश गौरवान्वित है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर माँ भारती का मान बढ़ाया। चोप भारत के इकलौते एथलीट हैं, जिन्होंने भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में 90 मीटर का लेवल पार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से नीरज के उज्जवल भविष्य की कामना की है।   recent visitors 34

सेंधा नमक का रेट 60 रुपये प्रति किलो हुआ, पनीर के फूल और खारक के भाव भी बढ़े

भोपाल भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर बाजारों में दिखने लगा है। पाकिस्तान से आयात की जाने वाली खाद्य व अन्य वस्तुओं के भाव बढ़ने लगे हैं। सेंधा नमक 50 से 60 रुपये प्रतिकिलो हो गया है, जो 30 रुपये प्रतिकिलो मिलता था। वहीं, पनीर के फूल (जड़ी-बूटी) के भाव 100 रुपये तक बढ़ गए हैं। इसका उपयोग मधुमेह नियंत्रण, अनिंद्रा, अस्थमा व मूत्र विकारों के दूर करने में किया जाता है। पाकिस्तान से छुआरा या खारक भी आता है, जिसके भाव में भी 100 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। सूखे मेवे व जड़ी-बूटियों के थोक विक्रेता अरुण सोगानी बताते हैं कि आपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान से नया माल नहीं आ रहा है, जितना भंडारण में हैं, वो ही उपलब्ध है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) भोपाल के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान से संघर्ष के चलते और तुर्किए की ओर से पाकिस्तान की सहायता करने पर कैट ने वहां की वस्तुओं का व्यापार करने का बहिष्कार कर दिया है। तुर्किए से मंगाते हैं यह वस्तुएं संगमरमर, सोना, सेब, सीमेंट, चूना, खनिज तेल समेत अन्य वस्तुएं भारत तुर्किए से आयात करता है। इनके दाम भी आगामी समय में बढ़ सकते हैं, लेकिन इनमें से भारत में भी इन वस्तुओं का उत्पादन होता है, इसलिए भाव में ज्यादा तेजी होने की संभावना कम ही दिखाई देती है। पाकिस्तान से इनका आयात पाकिस्तान से सेंधा नमक, सूखे मेवे, सीमेंट, पत्थर, चूना, कपास, ऑप्टिकल वस्तुएं, मुल्तानी मिट्टी, चमड़े की वस्तुएं, तांबा, सल्फर आते हैं, हालांकि सेंधा नमक के अलावा बाकी वस्तुओं का उत्पादन भारत में भी होता है। ऐसे में बाकी वस्तुओं के भाव नहीं बढ़े हैं। recent visitors 50

ऑपरेशन सिंदूर : शहबाज शरीफ ने खुद बताया, भारत के हमले से कहां-कहां हुआ नुकसान

इस्लामाबाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत भारतीय वायुसेना के जवाबी हमले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भारतीय बैलेस्टिक मिसाइलों ने 9-10 मई की मध्यरात्रि में पाकिस्तान के कई एयरबेस, खासकर नूरखान एयरबेस को निशाना बनाया।     शहबाज शरीफ के अनुसार, वजीर-ए-आजम को यह सूचित किया गया कि नूरखान एयरबेस पर मिसाइलें गिरी हैं, जिसके बाद पाकिस्तान की वायुसेना ने स्वदेशी तकनीक और आधुनिक चीनी लड़ाकू विमानों पर अत्याधुनिक गैजेट का उपयोग कर बचाव किया। मुनीर ने 2.30 बजे फोन करके हमलों के बारे में बताया शरीफ ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि जनरल मुनीर ने मुझे सुबह 2.30 बजे व्यक्तिगत रूप से फोन करके हमलों के बारे में जानकारी दी। यह गंभीर चिंता का क्षण था। भाजपा के राष्ट्रीय आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए इस घटना को ऑपरेशन सिंदूर की साहस और दक्षता का प्रमाण बताया। हमले में नूरखान एयरबेस समेत कई ठिकाने हुए तबाह मालवीय ने लिखा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद माना है कि जनरल असीम मुनीर ने उन्हें रात 2.30 बजे फोन करके बताया कि भारत ने नूर खान एयर बेस और कई अन्य स्थानों पर बमबारी की है। प्रधानमंत्री को आधी रात को पाकिस्तान के अंदर हमलों की खबर के साथ जगाया गया। यह ऑपरेशन सिंदूर के पैमाने, सटीकता और साहस के बारे में बहुत कुछ बताता है। पाक सेना ने स्वदेशी तकनीक और चीनी लड़ाकू विमानों का किया इस्तेमाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारी वायुसेना ने अपने देश को बचाने के लिए स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया। उन्होंने चीनी लड़ाकू विमानों पर आधुनिक गैजेट और तकनीक का भी इस्तेमाल किया। शहबाज शरीफ ने कहा, आज हर जगह यही बात की जा रही है कि पाकिस्तान की सेना ने किस तरह हिंदुस्तान को जवाब दिया। पठानकोट, उधमपुर और न जाने कहां कहां हमारी सेना ने हमले किए और दुश्मनों को सिर छिपाने की जगह नहीं मिल रही थी। नूरखान एयरबेस की अहमियत और हमले की सटीकता नूरखान एयरबेस, इस्लामाबाद के निकट होने के कारण पाकिस्तान की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एयरबेस VVIP और उच्चस्तरीय सैन्य विमानन का केंद्र है, जहां से पाकिस्तान के टॉप अधिकारी और वायुसेना के ऑपरेशंस संचालित होते हैं। स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी सैटलॉजिक (Satellogic) की सैटेलाइट तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारतीय वायुसेना ने रावलपिंडी के नूरखान एयरबेस पर सटीक हमला किया, जिससे कमांड और कंट्रोल यूनिट को भारी क्षति पहुंची।इन तस्वीरों में 10 मई को एयरबेस के पास एक सफेद गल्फस्ट्रीम G450 विमान भी दिखा, जो आमतौर पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्रियों के लिए उपयोग होता है। इस हमले ने पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली को गंभीर झटका दिया है और यह साबित करता है कि भारतीय वायुसेना ने बेहद कुशलता से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने खुलकर स्वीकार किया है कि भारतीय एयरस्ट्राइक से उन्हें नुकसान हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान लगातार ऐसे हमलों को नकारता आया था, पर अब शहबाज शरीफ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से हमले की बात स्वीकार की है। यह ऑपरेशन न केवल भारत की सैन्य ताकत और सटीकता को दर्शाता है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी बदलाव का संकेत है। भारत ने आधुनिक तकनीक और रणनीतिक हमलों से पाकिस्तान की महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाकर उसकी युद्ध क्षमता को कम करने की कोशिश की है। recent visitors 52

कंपनी ला रही भारत में तीन स्मार्टफोन्स, एक क्लिक में बदल जाएगी स्क्रीन

Alcatel भारतीय बाजार में रिएंट्री कर रहा है. कंपनी भारत में अपने नए स्मार्टफोन्स को लेकर आ रही है. कंपनी तीन नए स्मार्टफोन को लॉन्च करने वाला है, जो Alcatel V3 सीरीज का हिस्सा होंगे. ब्रांड के अपकमिंग स्मार्टफोन्स इस महीने के आखिरी में यानी 27 मई को लॉन्च होंगे. इन स्मार्टफोन्स को भारत में Nxtcell की टीम लॉन्च करेगी, जिसके साथ माधव सेठ भी जुड़े हुए हैं. Alcatel के स्मार्टफोन्स Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. कंपनी ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर माइक्रो साइट लाइव कर दी है, जिस पर कई सारी डिटेल्स मौजूद हैं. तीन फोन्स को लॉन्च करेगी कंपनी कंपनी 27 मई को होने वाले इवेंट में तीन नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च करेगा. कंपनी Alcatel V3 Pro, Alcatel V3 Classic और Alcatel V3 Ultra को लॉन्च करेगी. ब्रांड का कहना है कि उनके स्मार्टफोन्स में गेम चेंजिंग डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मिलेगी. हाल में कंपनी ने अपने अपकमिंग फोन्स के कुछ फीचर्स की जानकारी दी है. Alcatel के स्मार्टफोन में NXTPAPER प्लेटफॉर्म दिया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के साथ TCL के स्मार्टफोन्स यूरोपियन मार्केट में उपलब्ध हैं. इस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की वजह से यूजर्स एक क्लिक में स्मार्टफोन Ink Mode में चला जाएगा. क्या होगा फोन में खास? कंपनी ने अपने तमाम स्मार्टफोन्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है. हालांकि, ब्रांड अपने अल्ट्रा मॉडल को स्टायलस के साथ लॉन्च कर सकता है. इसके अलावा यूजर्स को एक एडिशनल बटन मिलेगा, जिसकी मदद से वे NXTPAPER मोड में एंट्री कर पाएंगे. इस मोड को ऑन करते ही स्मार्टफोन नॉर्मल और कलरफुल मोड से मोनोक्रोम मोड में चला जाएगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो ब्रांड ग्लोबल मार्केट में मौजूद TCL 50 Pro NXTPAPER फोन को रिब्रांड करके भारत में लॉन्च कर सकता है. ये स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर, 32MP के फ्रंट कैमरा और 108MP के रियर कैमरा के साथ आ सकता है. फोन में 5010mAh की बैटरी दी जा सकती है.   recent visitors 65

केदारनाथ में लैंडिंग के समय हेलीकॉप्‍टर क्रैश, मचा हड़कंप

रुद्रप्रयाग केदारनाथ धाम में एक हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना सामने आई है. यह एम्स का सरकारी हेलिकॉप्टर बताया जा रहा है जिसका पीछे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित केदारनाथ धाम में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया जब एम्स ऋषिकेश का एक सरकारी हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करने पर मजबूर हुआ. राहत की बात यह रही कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी तीन लोग, जिसमें पायलट भी शामिल था, सुरक्षित हैं. मरीज को लेने पहुंचा था हेलिकॉप्टर जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर एक मरीज को लेने के लिए केदारनाथ पहुंचा था. लैंडिंग से ठीक पहले हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीपैड से लगभग 10 मीटर पहले ही इमरजेंसी लैंडिंग कर दी. इस दौरान हेलिकॉप्टर का पीछे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई. हेलिकॉप्टर की इस सफल इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली है. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है ताकि आगे इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. तीसरा हेलिकॉप्टर हादसा स्थानीय प्रशासन और राहत कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया. हेलिकॉप्टर की टेल पूरी तरीके से टूट गई, लेकिन किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है. इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान यह तीसरा हेलिकॉप्टर हादसा है. इससे पहले उत्तरकाशी के गंगनानी (गंगोत्री) क्षेत्र में हुए एक हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिससे हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं.   recent visitors 53