सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की फिसली जुबान, आतंकियों को बोल गए ‘हमारे’, एक और बवाल

डिंडोरी  मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिया बयान का मामला थमा भी नहीं है कि मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते विवादित बयान दे दिया. पाकिस्तान आतंकवादियों को लेकर उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने आतंकवादियों को अपना कह डाला. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के जो हमारे आतंकवादी लोग हैं उनको सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है.'' सांसद का पूरा बयान सुनेंगे तो आप भी हैरत में पड़ जाएंगे, कि आखिर सांसद देश के दुश्मन पाकिस्तान के आतंकवादियों को हमारे आतंकवादी जैसे शब्दों से क्यों संबोधित कर रहे हैं. सांसद ने आतंकियों को कहा अपना दरअसल, फग्गन सिंह कुलस्ते एक दिन पहले डिंडोरी के अमरपुर ब्लॉक में सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. जहां उन्होंने मीडिया को बयान देते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि, ''भारत की सेना ने पाकिस्तान के हमारे आतंकवादियों लोगों को मुंह तोड़ जवाब दिया है.'' सांसद के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नेताओं के बयानों से राजनीति में भूचाल इसके पहले मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिया बयान काफी सुर्खियों में बना ही हुआ है. फिर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का ताजे बयान ने राजनीति में भूचाल मचा दिया है. उन्होंने कहा था कि "पूरा देश, सेना और सैनिक पीएम मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं.'' हालांकि दोनों मंत्रियों ने अपने बयान को लेकर सफाई भले ही दे दी हो, लेकिन कांग्रेस दोनों मंत्रियों के बयान को लेकर हमलावर मोड़ में आ चुकी है. वहीं, अब मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का यह बयान जिसमें "हमारे आतंकवादियों" शब्द का उपयोग किया गया है, इस पर कुलस्ते सफाई देते हैं या कांग्रेस उन्हें आड़े हाथों लेती है. यह देखने लायक होगा. recent visitors 59

22 मई को बीकानेर से पीएम मोदी 103 रेलवे स्टेशनों का करेंगे वर्चुअल उद्घाटन

बीकानेर बीकानेर के पास स्थित पलाना गांव 22 मई को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का सामूहिक रूप से वर्चुअल उद्घाटन करेंगे और कुछ प्रस्तावित स्टेशनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारतीय रेलवे के अब तक के सबसे बड़े वर्चुअल लोकार्पण आयोजनों में से एक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम के लिए बीकानेर में तैयारियां जोरों पर हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 17 मई को पलाना पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। जानकारी के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी प्रधानमंत्री के साथ इस दौरे में शामिल हो सकते हैं। गुरुवार को बीकानेर की जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने पलाना पहुंचकर कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड के लिए उपयुक्त स्थानों का निरीक्षण किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कार्यक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि यह भारतीय रेलवे का एक बड़ा और महत्वपूर्ण आयोजन होगा। हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी गंभीरता से जुटा हुआ है और सभी तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रेल मंत्रालय की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बीकानेर मंडल में डबवाली, गोगामेड़ी और लालगढ़ जैसे रेलवे स्टेशन अत्याधुनिक स्वरूप में तैयार किए जा चुके हैं। जोधपुर मंडल के देशनोक रेलवे स्टेशन का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। कुल मिलाकर बीकानेर मंडल के 22 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें यात्री सुविधाओं के साथ-साथ स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दौरे के संकेत मिलने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा कर लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न सिर्फ रेलवे विकास को रफ्तार देगा, बल्कि बीकानेर संभाग के लिए भी एक अहम राजनीतिक और विकासात्मक संदेश माना जा रहा है।   recent visitors 60

गर्म हवा की वजह से शुक्रवार को ग्वालियर भट्टी जैसा तपा, हीटवेव को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

 ग्वालियर  शुक्रवार  का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे भीषण गर्मी वाला दिन साबित हुआ। शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना ऊपर चढ़ा है। तेज धूप और लू के कारण शहरवासी दिनभर बेहाल नजर आए। हालात ऐसे रहे कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में भी खरीदार कम ही नजर आए। तापमान में पिछले 24 घंटों के भीतर 2.0 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। सुबह नौ बजे के बाद ही तेज धूप ने चुभना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं लू में तब्दील हो गईं। लू ने लोगों को झुलसाया धूप की चुभन और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश व निकट के क्षेत्रों पर चक्रवात सक्रिय हैं। साथ ही एक ट्रफ उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर से चक्रवाती परिसंचण से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप हिमालयी पचिमी बंगाल होते हुए बंग्लादेश तक है। इसी तरह एक चक्रवातीय परिसंचरण पूर्व मध्य और उससे सटे उत्तरपूर्व अरब सागर और दक्षिण गुजरात तक है। इसी तरह एक चक्रवात हरियणा के ऊपर सक्रिय है। इन सभी सिस्टमों के सक्रिय होने से अंचल में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटों तक अंचल में तापमान व गर्मी की स्थिति ऐसी ही रहेगी। 18 मई को तापमान बूंदाबांदी हो सकती है और पारे में गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे और भी अधिक परेशान कर सकते हैं। शनिवार को भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहने की संभावना है। तेज गर्म हवाएं भी चल सकती हैं। 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाएं शुक्रवार को अंचल में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की गति से तेज गर्म हवा यानी लू चली। यह हालत सुबह दस बजे के बाद ही शुरू हो गई थी। सुबह 11 बजते ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। एक साथ दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से अंचल आग की भट्टी में बदल गया था। दिन में 10 बजे के बाद ही सड़कों पर ट्रैफिक कम हो गया और बाजार भी सूने हो गए। दोपहर 12 बजे के बाद तो सड़कों पर वाहन तक नहीं थे। यह स्थिति चार बजे तक रही। चार बजे के बाद सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने लगा, हालांकि शाम तक भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं थी। साढ़े पांच बजे भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर था। लगातार बढ़ रही है तपिश मौसम की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक हजार बिस्तर अस्पताल में मरीजों के स्वजन भरी दोपहरी में पेड़ की छांव में राहत पाने को मजबूर हैं। अस्पताल में मरीजों के स्वजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में वे पेड़ की छांव के साथ अस्पताल के आसपास राहत पाने की कोशिश में लगे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन अब तक मरीजों के स्वजन के लिए ठहरने की उचित सुविधा शुरू नहीं कर पाया है। बढ़ने लगे उल्टी दस्त के मरीज ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त व बैचेनी के प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। मरीजों की संख्या पिछले दो दिन से बढ़ी है। कई लोग चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने लोगों से दिन में धूप से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है। recent visitors 61

मध्यप्रदेश में आज हीट-वेव के बीच इन जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 39 जिलों में आंधी का अलर्ट

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश में गर्मी का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल, बारिश के असर से तापमान में घट बढ़ रही है। खुजराहो सहित तीन जिलों में शुक्रवार को लू का असर रहा, जबकि ग्वालियर, नौगांव सहित आधा दर्जन जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री तक दर्ज हुआ है। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री रहा है। साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को भी दो दर्जन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के उत्तरी मप्र में दिन का पारा और बढ़ेगा, जिससे आधा दर्जन तक जिलों में लू का असर हो सकता है। हालांकि, इस बीच भोपाल में बादल, बौछारों से तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शुक्ला के अनुसार अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के सक्रिय है। यहां से एक ट्रफ बिहार पश्चिमी बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक सक्रिय है। एक सकुर्लेशन पूर्वी मप्र और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय है। इससे प्रदेश में नमी आ रही है। इसी कारण से अभी प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश का दौर भी चलेगा। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। 3 घंटे की धूप ने किया बेहाल राजधानी में दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन एक बजे के बाद बादल छंटते गए। हवा में 40 फीसदी से अधिक नमी के कारण दोपहर दो बजे के बाद धूप का असर बढ़ गया। 5 से 6 बजे के बीच 3 घंटे की धूप में ही लोगों को तेज गर्मी और उमस का अहसास रहा। दिन का पारा दोपहर में ढाई बजे के करीब 38 डिग्री था, जो 3 से 4 बजे के बीच एक से दो डिग्री तक और बढ़ गया। हालांकि, शाम को हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। 6 जिलों में 31 डिग्री तक रात का पारा शुक्रवार को पांच जिलों में रात का पारा 29 से 31 डिग्री के बीच तक रहा है। इनमें रीवा सबसे गर्म 31 डिग्री रहा। दमोह 29.5, बड़वानी 29.2 निवाड़ी 29.1 और सीधी तथा सतना में न्यूनतम पारा 29 डिग्री रहा है। इन जिलों में रात में काफी गर्मी महसूस की गई। आज यहां आंधी-बारिश मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार तक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, आगर, मंदसौर, नीमच, भिंड, मुरैना आदि में कहीं कहीं गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। शुक्रवार को दोपहर के शाम के बीच डिंडोरी, सिवनी, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, बैतूल, धार, आंधी के साथ कहीं बारिश तो कहीं कुछ देर ओले गिरे हैं। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। recent visitors 54

एनटीए जारी कर सकेगा NEET UG 2025 का परिणाम, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नीट यूजी के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर गुरुवार को लगाई रोक एक दिन बाद ही शुक्रवार को हटा ली। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर शेष सेंटरों के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों की सूची विस्तृत जवाब के साथ प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। चार मई को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे, मगर जोरदार बारिश और हवा के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई। 15 मई को आदेश जारी कर लगाई थी रोक इस कारण केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कई जगह तो मोमबत्ती का इंतजाम भी नहीं हो सका था। परीक्षा के दौरान हुई इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई को आदेश जारी कर नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को मामले में दोबारा सुनवाई हुई। पक्ष सुने बगैर दिया आदेश केंद्र शासन की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि हमारा पक्ष सुने बगैर आदेश जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कुछ सेंटरों पर हुई अव्यवस्था की वजह से पूरे परीक्षा परिणाम पर रोक लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने विरोध किया। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि एनटीए इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर परिणाम घोषित कर सकता है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। recent visitors 35

राजस्थान में बेटियों को भजनलाल सरकार देगी 25 से 40 हजार रुपए, यह कागज होने जरूरी

जयपुर: राजस्थान सरकार ने बेटियों के लिए एक खास योजना शुरू की है। भजनलाल शर्मा सरकार चाहती है कि राज्य की बेटियां आत्मनिर्भर बनें और खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसलिए, 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी। यह योजना उन छात्राओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और खेती को सिर्फ खेत तक ही नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं और मैनेजमेंट संस्थानों तक ले जाना चाहती हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नई योजना राजस्थान सरकार बेटियों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि बेटियां अब खेतों से लेकर रिसर्च लैब तक अपनी पहचान बनाएंगी। इस योजना के तहत, सरकार पढ़ाई के हर स्तर पर छात्राओं की मदद करेगी। हालांकि इस योजना का नाम अभी तय नहीं है, लेकिन इसका लक्ष्य बेटियों को कृषि शिक्षा में प्रोत्साहित करना है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। सरकार ने प्रोत्साहन राशि को अलग-अलग स्तरों पर बांटा है-     11वीं और 12वीं में कृषि विषय लेने पर: 15,000 रुपये प्रति वर्ष     कृषि स्नातक (B.Sc. Ag, डेयरी, उद्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी आदि): 25,000 रुपये प्रति वर्ष (4 साल का कोर्स)     कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में बीएससी एग्री-बिजनेस: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (5 साल का कोर्स)     एम.एस.सी. कृषि में: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (2 साल तक)     पीएच.डी. कृषि में: 40,000 रुपये प्रति वर्ष (अधिकतम 3 साल तक)   जानें जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। छात्राएं राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। साथ ही, वे राज्य सरकार या राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों में कृषि से जुड़ी पढ़ाई कर रही हों। आवेदन करते समय, छात्राओं को अपना मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछली कक्षा की मार्कशीट जैसी जानकारी देनी होगी। आवेदन करने का तरीका भी आसान है। छात्राएं एसएसओ आईडी या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। फिर, स्कूल या कॉलेज के प्रिंसिपल एक सर्टिफिकेट जारी करेंगे। आखिरी में जिला परिषद के संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) इसे मंजूरी देंगे। इनको नहीं मिलेगा लाभ प्रिंसिपल की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रा उसी कक्षा में दोबारा दाखिला नहीं ले रही है और परीक्षा में फेल नहीं हुई है। अगर प्रिंसिपल गलत जानकारी देते हैं, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कुछ छात्राओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे कि, जो छात्राएं पिछली कक्षा में फेल हो गई हैं, या जो अपनी श्रेणी सुधारने के लिए फिर से उसी कक्षा में दाखिला ले रही हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर कोई छात्रा बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती है, तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 सरकार ने आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 रखी है। इसलिए, जो छात्राएं कृषि में करियर बनाना चाहती हैं, उनके पास अभी काफी समय है। लेकिन, उन्हें सही दस्तावेज और तैयारी के साथ आवेदन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है। सरकार चाहती है कि बेटियां कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपनी पहचान बनाएं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से राज्य में कृषि क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी। recent visitors 52

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 43