भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं. recent visitors 63

भारत ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम के ठिकाने का पता लगाने भेजे डमी जेट्स फिर एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों से प्रलय

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान के बीच का 86 घंटे का जंग जवांमर्दी की मिसाल, एडवेंचर और टैक्टिक्ल वारफेयर की रोमांचक कहानियां लेकर आया है. 4 दिन की ये लड़ाई तेज रफ्तार एक्शन, तकनीकी बुद्धिमता और दुश्मन को चौकाने और छकाने की कहानी है. इस जंग में भारत ने 9-10 मई को पाकिस्तान की एयर पावर को नेस्तानाबूद कर दिया. इस जंग में कामयाबी के पीछे ब्रह्मोस जैसे सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइलों का योगदान तो है ही. लेकिन भारतीय वायुसेना के अफसरों ने पाकिस्तान को छकाने के लिए जो माइंड गेम खेला, पाकिस्तान को जिस तरह भरमाया वो शानदार है. आगे हम बताएंगे कि कैसे पाकिस्तानी अफसर भारत के चक्रव्यूह में फंस गए इसके बाद ब्रह्मोस मिसाइलों ने शुरू किया ड्रिस्ट्रक्शन गेम. इसके लिए भारत ने सहारा लिया डमी जेट्स का. ये जेट्स दुश्मन के रडार पर फाइटर जेट्स की तरह दिख रहे थे. दुश्मन ने इसे ही असली समझा और इन्हें गिराने के लिए अपना रडार और डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया. लेकिन तब तक भारत को पाकिस्तान के कीमती मिसाइल डिफेंस सिस्टम का ठिकाना पता लग गया था. इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों की बौछार शुरू कर दी. यही वो भारत का जवाब था जिसने पाकिस्तान के वायुसेना की कमर तोड़ दी. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद, पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह पाने वाले आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत का एक्शन तबाही लेकर आया. इसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटे भारत के शहरों में नाकाम ड्रोन हमले करने लगा. तब भारत ने अपने जवाबी हमले का दूसरा दौर शुरू किया. 9 और 10 मई की मध्य रात्रि को भारतीय वायु सेना ने अन्य बलों के सक्रिय सहयोग से पूरे पाकिस्तान में स्थित 13 में से 11 वायुसैन्य ठिकानों पर अटेक किया. इस प्रक्रिया में भारत की उच्च तकनीकी क्षमता ने पाकिस्तान में चीन के सपोर्ट से चल रहे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी पंगु बना दिया. भारत के जवाबी हमले का दूसरा दौर दक्षिण एशियाई सैन्य इतिहास में दो परमाणु-शक्ति संपन्न कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच अब तक के सबसे साहसी और सामरिक रूप से महत्वाकांक्षी जवाबी हमलों में से एक के रूप में दर्ज हो गया. पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए भारतीय कमांडरों के लिए जरूरी था कि उन्हें पाकिस्तान के रडार सिस्टम और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी हो. लेकिन जंग के माहौल में ये जानकारी भारत को मिलती कैसे? यहां पर सेना के युद्ध रणनीतिकारों ने तीक्ष्ण बुद्धिमता का परियच दिया. पाकिस्तान रडार और मिसाइल डिफेंस को उनके खोल से निकालने के लिए वायुसेना ने एक चाल चली. वायुसेना ने सबसे पहले पाकिस्तान पर पायलट रहित जेट विमानों से हमला करने का दिखावा किया. ये डमी जेट थे. अपने एयर स्पेस में देखते ही पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने रडार को एक्टिवेट कर दिया, वहीं पाकिस्तान का मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया. भारत को इसी पल का इंतजार था. भारत के कंट्रोल रूम को पाकिस्तान के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी मिल गई क्योंकि ये एक्टिवेट थे. इसके बाद पाकिस्तानी एयरस्पेस में शुरू हुआ भारत का प्रलय.भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला कर उनके बुनियादी ढांचे और एयर डिफेंस नेटवर्क को नष्ट करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें चीन की एचक्यू-9 मिसाइल प्रणाली भी शामिल थी. भारत को जानकारी मिल चुकी थी कि पाकिस्तानी वायुसेना ने चकलाला एयर बेस समेत कई जगहों पर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर रखा था. पाकिस्तान के ये रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे ही एक्टिवेट हुए भारत ने कामिकोज ड्रोन्स जैसे हारोप से हमला किया. इन हमले में पाकिस्तान का एयर डिफेंस नेटवर्क बुरी तर चौपट हो गया. इसके साथ ही भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से प्रहार शुरू किया. ब्रह्मोस की विध्वंसक क्षमता ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी. पाकिस्तानी एयर स्पेस को सबसे ज्यादा नुकसान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ राफेल लड़ाकू विमानों पर लगी स्कैल्प मिसाइलों ने पहुंचाई. रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान वायु सेना बेस को निशाना बनाने के लिए लगभग 15 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं. इसका उद्देश्य विमान और अन्य ऑपरेशन लॉन्च करने की पाकिस्तान क्षमता को खत्म करना था. इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डमी जेट्स का बड़ा रोल रहा. जिसे पाकिस्तान के रडार सिस्टम ने असली फाइटर समझ लिया और अपना लोकेशन प्रकट कर दिया. सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क भारतीय 'आने वाले विमानों' को मार गिराने के लिए सक्रिय हुए, भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित हारोप सहित अपने हथियारों को ऊपर से दागा और पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और कमांड और नियंत्रण प्रणालियों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने HQ-9 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम लांचर और रडार के पूरे सेट को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया था. लेकिन सक्रिय होने के बाद उनका पता लगा लिया गया. इसके बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया, जिसमें ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलें शामिल थीं. ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसी मिसाइलों को ले जाने वाले विमानों ने पश्चिमी वायु कमान और दक्षिण पश्चिमी वायु कमान क्षेत्रों के अलग अलग हवाई ठिकानों से उड़ान भरी थी. विमानों ने पाकिस्तानी वायु सेना के लगभग सभी प्रमुख ठिकानों पर हमला किया था और उनके 13 में से 11 ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ब्रह्मोस और स्कैल्प द्वारा किए गए हमले में मुख्य रूप से सिंध में स्थित पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस पर हमला हुआ, जहां UAV और एक हवाई निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी विमान को भारी नुकसान पहुंचा है. एयरबेस इस हद तक क्षतिग्रस्त हो गए कि पाकिस्तानी वायुसेना को अपने विमानों को पीछे के बेस पर ले जाना पड़ा. बता दें कि यह पहली बार है कि ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का प्रयोग किसी एक्टिव वॉर में किया गया है. इस दौरान इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपनी असीम क्षमता को प्रदर्शित किया है. भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी मारे गए हैं, जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी सेना के जवान और अफसर मारे गए हैं. recent visitors 50

शशि थरूर बन रहे चिदंबरम? मोदी सरकार की कर डाली तारीफ, इंडिया गठबंधन पर कहा कुछ ऐसा, चढ़ा सियासी पारा

  नई दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर इन दिनों नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कई मौकों पर दिखे हैं। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी कुछ ऐसा ही रुख अपनाया था। चिदंबरम ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना की है। इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तैयार विपक्षी एकजुटता (INDIA गठबंधन) के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया। उनके इस कदम के बाद सियासी गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। चिदंबरम ने गुरुवार को INDIA गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि यह गठबंधन अभी भी बरकरार है। उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक 'Contesting Democratic Deficit' के विमोचन कार्यक्रम में की। चिदंबरम ने कहा, "इस किताब के लेखर मृत्युंजय सिंह यादव का मानना है कि INDIA गठबंधन अब भी कायम है। इस बात पर मुझे यकीन नहीं है। शायद सलमान खुर्शीद इसका जवाब दे सकते हैं, क्योंकि वह INDIA गठबंधन की बातचीत टीम का हिस्सा थे। अगर गठबंधन पूरी तरह कायम है तो मुझे बहुत खुशी है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं लगता। हालांकि इसे अभी भी जोड़ा जा सकता है, समय है, घटनाएं अभी और घटेंगी।" अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गठबंधन केवल चुनावी वक्त पर नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा, "मेरा गठबंधनों को लेकर नजरिया अलग है। तमिलनाडु में लंबे अनुभव से मैंने सीखा है कि गठबंधन चुनाव के समय नहीं बनते, उन्हें पांच साल तक पोषित करना पड़ता है। देश में केवल दो राज्य हैं जहां यह मॉडल सफल रहा है वे हैं केरल और तमिलनाडु। वहां गठबंधन हार और जीत दोनों में एक साथ रहे हैं।" हालांकि इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा जैसा संगठित राजनीतिक दल देश के इतिहास में नहीं रहा। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक मशीन है। इसके पीछे एक और मशीन है। ये दोनों मिलकर देश की संस्थाओं पर नियंत्रण रखते हैं। चुनाव आयोग से लेकर थाने तक। यह जितना संभव हो, एक लोकतंत्र में उतना ही ताकतवर संगठन है। यह किसी एकदलीय शासन जैसे ढांचे की तरह कार्य करता है, हालांकि मैं यह नहीं कह रहा कि हम एकदलीय शासन में हैं।" सलमान खुर्शीद ने भी जताई चिंता पुस्तक के सह-लेखक और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि INDIA गठबंधन को बरकरार रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "अगर आप किसी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, तो उसे बार-बार अपमानित या दबाव में नहीं डाल सकते। किताब में कई उदाहरण दिए गए हैं, जहां हमारी संवेदनाओं को नजरअंदाज किया गया।" recent visitors 33

विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ आज SC में सुनवाई, कोर्ट के रुख पर BJP की निगाहें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी। विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-     राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है? जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को 'आतंकवादियों की बहन' कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। विजय शाह ने मांगी माफी मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। इस्तीफे का बन रहा है दबाव विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। recent visitors 49

CM साय ने कहा सुशासन तिहार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि "दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में जिले के प्रभारी  मंत्री श्री केदार कश्यप , विधायक श्री चैत राम अट्टामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह आयुक्त जनसंपर्क डॉ. श्री रवि मित्तल, संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "सुशासन तिहार" सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी। मुख्यमंत्री  ने  कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।  मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजापुर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि समर कैम्प और बाल शिक्षा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। दंतेवाड़ा जिले में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार (हाई स्कूल में 10% और हायर सेकेंडरी में 4% वृद्धि) पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत राइस मिल लगाने के लिए दी गई रियायतों की जानकारी दी और स्थानीय युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंची भूमि में मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही ताकि कृषक आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बीजापुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि टीम भावना से कार्य करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने भी समन्वयपूर्ण कार्यशैली पर बल दिया। recent visitors 50

आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में गर्मी का सितम देखने को मिलेगा, तपेगा यूपी-बिहार: मौसम विभाग

नई दिल्ली इस साल मानसून तय समय से पहले दस्तक देगा। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस बीच गुरुवार को मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में गर्मी का सितम देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी देखने मिलेगी। इसके अलावा कई राज्यों में लू चलने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक लू की संभावना है। हालांकि, दिल्ली में शुक्रवार को बारिश की भी संभावना है। आइए आपको मौसम से जुड़ी अपडेट बताते हैं। जानिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में, हम किसी पश्चिमी विक्षोभ की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इसलिए अधिकांश क्षेत्रों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में अगले 5 दिनों तक लू चलने की संभावना है, हमने वहां येलो अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों तक लू चलने की उम्मीद कर रहे हैं, हमने वहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा और 16-17 मई को हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन राज्यों में लू की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 15 और 16 को बिहार के कुछ इलाकों में, 16 और 17 को पंजाब में, 16-18 के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 15-17 के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में, 15-19 के दौरान पश्चिमी राजस्थान में, 17-19 के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में, 18 और 19 मई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू चलने की संभावना है। इसके अलावा, 15 और 16 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर रात में गर्म मौसम रहने की संभावना है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कैसा रहा मौसम? IMD के रिपोर्ट के अनुसार, गत 24 घंटों में तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर 60-90 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं। वहीं, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज तूफानी हवाएं चलीं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिली। दर्ज की गई है और पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि देखी गई। आगे कैसा रहेगा तापमान? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा उसके बाद 4 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। वहीं, अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है; उसके बाद 3 दिनों तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट होगी तथा उसके बाद 2 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। आईएमडी का कहना है कि अगले 4 दिनों के लिए मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी तथा उसके बाद 3 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। अगले 3 दिनों के लिए गुजरात राज्य में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी तथा उसके बाद 4 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।   recent visitors 50

CM यादव सरकार की टेक्सटाइल नीति, रणनीतियों और निर्यात को प्रोत्साहन देने वाले किये गये प्रयासों पर विशेष संबोधन देंगे

इंदौर प्रदेश में मानव निर्मित फाइबर, होम टेक्सटाइल और तकनीकी टेक्सटाइल के निर्यात की संभावनाओं को तलाशने और उन्हें बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16 मई को इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे सेमिनार का शुभारंभ करेंगे। राज्य सरकार और मैन मेड एंड टेक्नीकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (MATEXIL) के संयुक्त तत्वावधान में होटल मैरियट में सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार की टेक्सटाइल नीति, रणनीतियों और निर्यात को प्रोत्साहन देने वाले किये गये प्रयासों पर विशेष संबोधन देंगे। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य की टेक्सटाइल नीति और नई पहलों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही भारत टेक्स 2026 के संबंध में जानकारी दी जायेगी। टेक्सटाइल पार्क की संभावनाओं, निर्यात में वृद्धि की रणनीतियों और क्षेत्रीय निवेश के अवसरों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार रखे जायेंगे।   recent visitors 37