नोएडा में अब तक 2 लाख फ्लैट खरीदारों को कब्जा दिया, लेकिन 18 हजार की ही रजिस्ट्री, DM ने बिल्डरों को भेजा नोटिस

नई नोएडा नोएडा के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैट की रजिस्ट्री में देरी पर ऐक्शन की तैयारी में है। डीएम ने 95 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए तलब किया है। इस मामले में जिला प्रशासन ने एक बैठक बुलाई है जिसमें फ्लैट की रजिस्ट्री न होने की शिकायत करने वाले खरीदारों को भी बुलाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब तक 2 लाख फ्लैट खरीदारों को कब्जा तो दे दिया गया है, लेकिन रजिस्ट्री को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। कई फ्लैट मालिक तो पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बावजूद कई बिल्डर खरीदारों को उनके फ्लैट का कब्जा तो दे रहे हैं लेकिन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगभग दो लाख खरीदारों को फ्लैट का कब्जा मिल चुका है, लेकिन अब तक केवल 18 हजार फ्लैट की ही रजिस्ट्री हो पाई है। कई खरीदार करीब एक दशक से इंतजार कर रहे हैं और बिल्डरों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। अब डीएम के नोटिस के बाद बिल्डरों पर ऐक्शन शुरू हो सकता है इस बारे में पूछे जाने पर सहायक पुलिस महानिदेशक बृजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बिल्डर जानबूझकर रजिस्ट्री में देरी कर रहे हैं। इस संबंध में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के लगभग 95 बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में बिल्डरों को खरीदारों के सवालों का जवाब देना होगा। उनके अनुसार, अगर कोई बिल्डर बैठक में शामिल नहीं होता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 54

इटारसी स्टेशन पर ‘किलाबंदी’ टिकट चेकिंग: 428 यात्री पकड़े गए, 2.70 लाख रुपए का जुर्माना वसूला

इटारसी मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अनियमित यात्राओं पर रोक लगाने एवं अधिकृत यात्रियों को सुगम सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष टिकट जांच अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 15 मई 2025 को इटारसी स्टेशन पर प्रातः 06:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक 'किलाबंदी' टिकट चेकिंग अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का संचालन श्री अरुण श्रीवास्तव, मुख्य टिकट निरीक्षक, भोपाल के नेतृत्व में 31 टिकट चेकिंग स्टाफ के सहयोग से किया गया। अभियान के दौरान स्टेशन परिसर के बाहर जाने वाले सभी मार्गों की घेराबंदी की गई, जिससे बिना जांच कोई भी यात्री बाहर न निकल सके। इस चेकिंग अभियान के अंतर्गत कुल 33 ट्रेनों के यात्रियों के टिकटों की जांच की गई। जांच में 202 यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पाए गए, जिनसे ₹1,59,815/- वसूले गए। वहीं 224 यात्री अनुचित टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़े गए, जिनसे ₹1,10,355/- की वसूली की गई। इसके अतिरिक्त 2 मामलों में यात्रियों द्वारा बिना बुकिंग सामान ले जाने या गंदगी फैलाने के आरोप में ₹200/- का जुर्माना वसूला गया। इस प्रकार कुल 428 मामलों से ₹2,70,370/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस प्रकार के 'किलाबंदी' टिकट जांच अभियान रेलवे की ओर से यात्रियों में जागरूकता लाने एवं अनुशासन बनाए रखने का प्रभावी प्रयास हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा से पूर्व वैध टिकट अवश्य लें। प्रतीक्षा सूची ई-टिकट एवं प्लेटफॉर्म टिकट पर यात्रा करना अनुमन्य नहीं है। यात्री IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप अथवा UTS ऐप के माध्यम से आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं। recent visitors 39

जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, तब तुर्की ने ही पाक की मदद की थी, अमेरिका का डबल गेम!

वॉशिंगटन अमेरिका ने तुर्की को 304 मिलियन डॉलर की मिसाइलों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। यह कदम नाटो सहयोगी व्यापार और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हाल के समय में जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, तब तुर्की ने ही पाकिस्तान की मदद की थी। न सिर्फ उसने 350 से ज्यादा तुर्की ड्रोन पाकिस्तान को दिए थे, बल्कि उन्हें ऑपरेट करने के लिए मिलिट्री ऑपरेटिव को भी भेजा था। इसके बाद से ही तुर्की और भारत के संबंध भी खराब होने लगे हैं और भारत की जनता उसे एक 'दुश्मन' देश की तरह मानने लगी है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका डबल गेम खेल रहा है। एक ओर वह भारत से अच्छे रिश्ते की बात करता है तो दूसरी ओर पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्की को भी हथियार देने से भी पीछे नहीं हटता। अमेरिका और तुर्की के बीच हथियारों का यह सौदा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो गुरुवार को नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए तुर्की गए थे। हालांकि, अभी इस सौदे में अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत है। रुबियो के अगले दिन युद्ध विराम के बारे में रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच संभावित वार्ता के लिए इस्तांबुल जाने की उम्मीद है। रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने बताया है कि तुर्की ने 225 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से 53 एडवाइंस मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और 79.1 मिलियन डॉलर की लागत से 60 ब्लॉक II मिसाइलों का अनुरोध किया है। आरटीएक्स कॉर्पोरेशन बिक्री के लिए मुख्य ठेकेदार होगा। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यप एर्दोगन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बैठक का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अंकारा द्वारा रूसी मिसाइल-रक्षा प्रणाली की खरीद और सीरियाई कुर्द मिलिशिया के लिए वॉशिंगटन के समर्थन से उत्पन्न तनावपूर्ण संबंधों को फिर से बेहतर किया जा सके। तुर्की और अमेरिका अमेरिका समर्थित कुर्द बलों, जिनके संबंध अलगाववादी तुर्की समूह पीकेके से हैं, को नई सीरियाई सेना में शामिल करने पर बातचीत कर रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में पीकेके ने घोषणा की कि वह तुर्की के खिलाफ स्वायत्तता के लिए 40 साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने हथियार डाल देगा। अमेरिका और तुर्की के पास नाटो में दो सबसे बड़ी सेनाएं हैं। अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट्स भी खरीदना चाहता है तुर्की इतना ही नहीं, तुर्की ने बार-बार हथियार खरीद में अमेरिका के F-35 फाइटर जेट्स को शामिल करने का इरादा जताया है। हालांकि इसके लिए अमेरिका को अंकारा पर रूसी S-400 मिसाइल-रक्षा प्रणाली के अधिग्रहण के बाद लगाए गए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को खरीदने पर प्रतिबंध हटाना होगा। तुर्की द्वारा रूसी S-400 की खरीद के परिणामस्वरूप वॉशिंगटन के साथ गतिरोध पैदा हो गया था, जिसके कारण बाद में अमेरिका ने CAATSA के रूप में जाने जाने वाले प्रतिबंध लगाए। हालांकि, अंकारा ने वॉशिंगटन की मांग के अनुसार एस-400 को त्यागने से इनकार कर दिया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि ट्रंप CAATSA में संशोधन करने के लिए सहमत हो सकते हैं, जिससे तुर्की लॉकहीड मार्टिन कॉर्प द्वारा निर्मित एफ-35 जेट खरीद सकेगा। recent visitors 53

दिल्ली एम्स पहुंचे डिप्टी सीएम शर्मा, नक्सल हमले में घायल जवानों से की मुलाकात, बढ़ाया हौसला

रायपुर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती घायल सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री ने जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। बता दें कि ये जवान हाल ही में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ (KGH) में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान घायल हुए थे। इस ऑपरेशन में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सागर गणेश बोराडे, हेड कांस्टेबल मुनेश चंद शर्मा, कांस्टेबल कृष्ण कुमार गुर्जर और कांस्टेबल धनु राम भी शामिल थे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। मैं आपके साहस और समर्पण को प्रणाम करता हूं। उन्होंने जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। recent visitors 33

यात्रियों की सुरक्षा में तत्परता: संदिग्ध गतिविधियों पर आरपीएफ की सक्रिय कार्रवाई

भोपाल भोपाल मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सघन निगरानी और गश्ती अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा भोपाल रेलवे स्टेशन पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने की महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई, जो यात्री सामान चोरी करने की नीयत से प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध रूप से घूम रहे थे। घटना भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 पर रात्रि 10 बजे के आसपास की है, जब आरपीएफ आरक्षक कृष्ण कुमार द्वारा दो संदिग्ध व्यक्तियों को यात्रियों के बीच संदिग्ध गतिविधि करते हुए देखा गया। तत्काल सतर्कता दिखाते हुए आरक्षक द्वारा दोनों व्यक्तियों को रोका गया और पूछताछ की गई। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान क्रमशः कल्लू खान  उम्र – 24 वर्ष और दीवान सिंह सुजान सिंह  उम्र – 25 वर्ष के रूप में की गई। पूछताछ के दौरान दोनों के पास किसी भी प्रकार का वैध टिकट या रेलवे परिसर में रहने का अधिकार पत्र नहीं पाया गया। उक्त व्यक्तियों के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 145, 146, 137 तथा 1727/25 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को सख्ती से रोका जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। recent visitors 37

बारातियों से भरी अनियंत्रित बस गहरी खाई गिरी, तीन की मौत, कई घायल

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. कंठी घाट चांदो में बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जिसमें एक बच्ची, युवक और एक महिला शामिल है. वहीं बस में सवार लगभग 25 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बस शंकरगढ़ से झारखंड बारात लेकर जा रही थी, इसी दौरान कंठी घाट के पास बस की स्थिति बिगड़ गई और वह गहरी खाई में पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही चांदो पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल लोगों को तत्काल चांदो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल बलरामपुर में जारी है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि कंठी घाट रोड निर्माण कार्य एवं घाट कटिंग का कार्य बीते कई वर्षों से चल रहा है, जो कछुए की चाल से भी धीमा है। वहीं जानकारी के अनुसार, जिस बस से बारात लेकर जा रहे थे, उस बस की स्थिति भी काफी खराब थी, फिटनेस भी सही नहीं था। शायद यही कारण है कि इतनी बड़ी घटना घटित हुई। recent visitors 40

बलूचिस्तान हिंदुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यहां हिंगलाज माता का मंदिर स्थित है: सीएम सरमा

बलूचिस्तान भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच बलूचिस्तान की आजादी की मांग तेज हो गई है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने वहां स्थित एक हिंदू मंदिर का जिक्र करते हुए इसे सनातन धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बताया है। सरमा ने गुरुवार को कहा कि बलूचिस्तान हिंदुओं के लिए ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यहां हिंगलाज माता का मंदिर स्थित है जो 51 पवित्र शक्तिपीठों में से एक है। यहां पाकिस्तान का सबसे बड़े हिंदू उत्सव हिंगलाज यात्रा मनाया जाता है। हिंगलाज माता का प्राचीन गुफा मंदिर देश के उन कुछ हिंदू स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। आपको बता दें कि मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में 44 लाख हिंदू रहते हैं, जो कि कुल आबादी का सिर्फ 2.14 प्रतिशत है। भक्तगण ज्वालामुखी के शिखर तक पहुंचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियां चढ़ते हैं या चट्टानों से होते हुए यात्रा करते हैं। यहां मौजूद गड्ढे में नारियल और गुलाब की पंखुड़ियां फेंकते हैं और हिंगलाज माता के दर्शन के लिए दैवीय अनुमति मांगते हैं। यहां तीन दिवसीय मेला लगता है। मंदिर के सबसे वरिष्ठ पुजारी महाराज गोपाल बताते हैं कि लोग यहां क्यों आते हैं। वह कहते हैं, "यह हिंदू धर्म में सबसे पवित्र तीर्थस्थल है। जो कोई भी इन तीन दिनों के दौरान मंदिर में आता है और पूजा करता है, उसके सभी पाप क्षमा हो जाते हैं।" हिमंत सरमा ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह मंदिर हिंगोल राष्ट्रीय उद्यान की दुर्गम पहाड़ियों में स्थित है और ऐसा माना जाता है कि यही वह स्थान है जहां देवी सती का शीश गिरा था। इस कारण यह स्थान देवी शक्ति के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘सिंधी, भावसर और चरण समुदायों’’ के श्रद्धालु सदियों से रेगिस्तानी रास्तों को पार करते हुए इस मंदिर में दर्शन के लिए कठिन यात्राएं करते आ रहे हैं। हिंगोल नेशनल पार्क के बीहड़ इलाकों में बसे इस मंदिर के बारे में माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां देवी सती का सिर गिरा था, जो इसे शक्तिपीठ के सबसे पवित्र स्थलों में से एक बनाता है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि धार्मिक महत्व से परे, बलूचिस्तान इस क्षेत्र में उपमहाद्वीप के विभाजन से पहले तक हिंदुओं की प्राचीन सांस्कृतिक उपस्थिति का भी गवाह रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तीर्थ स्थल को बलूच समुदाय भी गहरे सम्मान से ‘नानी मंदिर’ कहकर संबोधित करते है, जो विभिन्न समुदायों के बीच साझा विरासत और पारस्परिक श्रद्धा की दुर्लभ मिसाल है। recent visitors 56