राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल को जिला बड़वानी का भी प्रभार

भोपाल राज्य शासन द्वारा कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल को जिला उज्जैन के अतिरिक्त जिला बड़वानी का भी प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं।   recent visitors 47

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े बदलाव: युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

राज्य मंत्रिपरिषद का ऐतिहासिक निर्णय – छत्तीसगढ़ औद्योगिक क्रांति की ओर एक और कदम रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा। स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा। आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी। खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा। उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे। ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे। कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी। दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।   रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा। निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान "प्लग एंड प्ले" फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं। समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा। recent visitors 45

आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी

नई दिल्ली उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है तो दक्षिण के राज्यों में झमाझम बारिश हो रही। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश, आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की हे। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी तीन से चार दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बरसात होने जा रही है। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। हालांकि, उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश में 15-18 मई और पश्चिमी राजस्थान में 15-17 मई के दौरान हीटवेव चलने वाली है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 15-18 मई, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 14 और 15 मई को भारी बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय में 15 और 16 और अरुणाचल प्रदेश में 14 मई को बहुत भारी बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, मेघालय में 14 मई को भारी बरसात होगी। पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में 14-18 मई, गुजरात में 14 और 15 मई को बारिश होने जा रही है। मध्य महाराष्ट्र में 14 व 15 मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 मई, तटीय कर्नाटक में 14 मई, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक में 14-18 मई, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 14, 15 मई और 18 मई, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 15 मई, केरल, माहे में 14 मई और 18-20 मई के बीच भारी बारिश होने जा रही है। तेलंगाना में 14 मई को ओले पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-20 मई, राजस्थान में 14 मई, पंजाब, हरियाणा में 14 और 16 मई, उत्तराखंड में 15 व 16 मई, पश्चिमी राजस्थान में 17 और 18 मई को हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।   recent visitors 38

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की, दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया

भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में उथलपुथल का दौर अभी थमा नहीं है। पार्टी में आपसी खींचातानी और अनुशासनहीनता बदस्तूर जारी है। कांग्रेस नेता पार्टी हित की बजाए व्यक्तिगत हित को सर्वोपरि रखकर काम करते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि इसके लिए अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से भी जब तब हाथ मिलाते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाते हुए कई नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। संगठन ने कुछ नेताओं को तो पार्टी से निलंबित ही कर दिया है। एमपी कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गेंदाल डामोर को पद से हटा दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गेंदाल डामोर पर कांग्रेस स​मर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के​ लिए बीजेपी से हाथ मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप है। संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं इसी के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की है। गेंदाल डामोर के पुत्र और पुत्रवधू को पार्टी से निलंबित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर एवं राजेश गेंदाल डामोर को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। गेंदाल डामोर, राजेश डामोर और शांति डामोर पर कार्रवाई के संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय कामले ने आदेश जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि कांग्रेस संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। recent visitors 34

कलाकारों और साहित्यकारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है मासिक पेंशन बढ़ाने का निर्णय: मुख्यमंत्री साय

मासिक पेंशन 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये – 162 कलाकारों को मिलेगा सम्मान और संबल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के उन कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक निर्णय लिया गया, जो आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। अब इन्हें दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे कलाकार और साहित्यकार समाज की आत्मा हैं। उनका योगदान अमूल्य है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके प्रति राज्य की संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बजट सत्र में की गई घोषणा का परिपालन है, और हमारी सरकार हर वर्ग के सशक्तिकरण हेतु प्रतिबद्ध है। यह पेंशन संस्कृति विभाग की वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 के अंतर्गत दी जाती है। इस योजना की शुरुआत 1986 में हुई थी, जब सहायता राशि न्यूनतम 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये थी। बाद में 2007 में इसे 1500 रुपये और 2012 में 2000 रुपये किया गया, लेकिन 12 वर्षों से इसमें कोई वृद्धि नहीं हुई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्तमान में कुल 162 कलाकारों और साहित्यकारों को यह मासिक पेंशन दी जा रही है। अब उन्हें सालाना 24 हजार की जगह 60 हजार रुपये मिलेंगे, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी कर सकेंगे। मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस संशोधन से राज्य पर कुल  58.32 लाख रुपये का वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पहले जहां कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये था, वह अब बढ़कर 97.20 लाख रुपए वार्षिक हो जाएगा। लेकिन यह व्यय राज्य सरकार के लिए गौरवपूर्ण कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन लोगों ने कला, साहित्य और संस्कृति की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया, उनका आत्मसम्मान बनाए रखना हमारा दायित्व है। यह निर्णय संवेदनशील और समावेशी शासन का प्रमाण है। सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक सहारा देगा, बल्कि कलाकारों और साहित्यकारों को आत्मबल और सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करेगा। recent visitors 39

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाकिस्तान हिरासत से बीएसएफ के जवान की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूलवश सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ के सकुशल भारत लौट आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 23 अप्रैल को सीमा पार पहुंचे बीएसएफ कांस्टेबल पाक हिरासत में थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ रही कूटनीतिक शक्ति से दुश्मन देश सहित सम्पूर्ण विश्व परिचित है। यही हमारा सशक्त नया भारत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना के पहले पाकिस्तान को भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर श्री अभिनंदन वर्धमान को भी छोड़ना पड़ा था।   recent visitors 36

यदि महिलाएं राफेल उड़ा सकती हैं तो सेना की कानूनी शाखा में उनकी संख्या सीमित क्यों है फिर, उच्चतम न्यायालय का सवाल

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने सेना की ‘जज एडवोकेट जनरल' (जेएजी-विधि) शाखा में 50-50 चयन मानदंड पर सवाल उठाते हुए केंद्र से पूछा कि यदि भारतीय वायुसेना में कोई महिला राफेल लड़ाकू विमान उड़ा सकती है तो सेना की जेएजी शाखा के लैंगिक रूप से तटस्थ पदों पर कम महिला अधिकारी क्यों हैं? न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने आठ मई को दो अधिकारियों अर्शनूर कौर और आस्था त्यागी की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं ने अपने कई समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर क्रमश: चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया था लेकिन महिलाओं के लिए कम रिक्तियां निर्धारित होने के कारण जेएजी विभाग के लिए उनका चयन नहीं किया गया। अधिकारियों ने पुरुषों और महिलाओं के लिए ‘‘असंगत'' रिक्तियों को चुनौती देते हुए कहा था कि उनका चयन नहीं किया जा सका क्योंकि कुल छह पदों में से महिलाओं के लिए केवल तीन रिक्तियां थीं। पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा, ‘‘हम याचिकाकर्ता अर्शनूर कौर द्वारा प्रस्तुत मामले से प्रथम दृष्टया संतुष्ट हैं।'' शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम प्रतिवादियों को निर्देश देते हैं कि ‘जज एडवोकेट जनरल' (जेएजी) के रूप में नियुक्ति के लिए अगले उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में उन्हें शामिल करने के उद्देश्य से जो भी कार्रवाई आवश्यक है, उसे शुरू किया जाए।'' पीठ ने एक समाचार पत्र के लेख का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि एक महिला लड़ाकू पायलट राफेल विमान उड़ाएगी। उसने कहा कि ऐसी स्थिति में उसे युद्ध बंदी बनाए जाने का खतरा है। न्यायमूर्ति दत्ता ने केंद्र और सेना की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, ‘‘अगर भारतीय वायुसेना में एक महिला का राफेल लड़ाकू विमान उड़ाना स्वीकार्य है तो सेना के लिए जेएजी में अधिक महिलाओं को शामिल करने की अनुमति देना इतना मुश्किल क्यों है?'' पीठ को बताया गया कि कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान दूसरी याचिकाकर्ता त्यागी भारतीय नौसेना में शामिल हो गईं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने पदों के लैंगिक आधार पर तटस्थ होने का दावा करने के बावजूद महिलाओं के लिए सीमित पद निर्धारित करने के लिए केंद्र से सवाल किया। भाटी ने कहा कि जेएजी शाखा सहित सेना में महिला अधिकारियों की भर्ती और नियुक्ति एक प्रगतिशील प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘‘2012 से 2023 तक 70:30 (या अब 50:50) के अनुपात में पुरुष और महिला अधिकारियों की भर्ती की नीति को भेदभावपूर्ण एवं मौलिक अधिकारों का हनन कहना न केवल गलत होगा बल्कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का भी अतिक्रमण होगा जो भारतीय सेना में पुरुष एवं महिला अधिकारियों की भर्ती के बारे में निर्णय लेने के लिए एकमात्र सक्षम प्राधिकारी है।'' शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि पदों को लैंगिक रूप से तटस्थ क्यों बताया गया है जबकि रिक्तियां लैंगिकता के आधार पर विभाजित होने के कारण उच्च योग्यता वाली महिला उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया जा सका। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि यदि 10 महिलाएं योग्यता के आधार पर जेएजी के लिए योग्य हैं तो क्या उन सभी को जेएजी शाखा की अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। पीठ ने कहा कि लैंगिक तटस्थता का मतलब 50:50 का अनुपात नहीं है बल्कि इसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई किस लिंग से है। भाटी ने केंद्र के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि श्रम बल आकलन और आवश्यकता के आधार पर सेना की सभी शाखाओं में लिंग-विशिष्ट रिक्तियां मौजूद हैं। भाटी ने कहा कि रक्षा सेवाओं में लैंगिक एकीकरण एक विकासशील प्रक्रिया है और यह समय-समय पर समीक्षा एवं अध्ययन का विषय है।   recent visitors 45