आईसीसी ने WTC फाइनल की विजेता को मिलेंगे 30 करोड़, आईसीसी ने किया बंपर प्राइज मनी का एला

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 फाइनल की बंपर प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है। इस बार विजेता टीम को पिछले दो टूर्नामेंट के मुकाबले दोगुनी इनामी राशि मिलने वाली है। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच WTC 2025 का फाइनल मुकाबला 11 जून से लंदन के लॉर्ड्स में खेला जाना है। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम को इस बार करीब 30 करोड़ रुपये मिलेंगे और उपविजेता टीम भी मालामाल हो जाएगी, जिसको करीब साढ़े 18 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। लंदन के ऐतिहासिक स्टेडियम में खेले जाने वाले एकमात्र मैच में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत 11 जून से होगी। इस मैच के लिए आईसीसी ने 5.76 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब सवा 49 करोड़ रुपये इनाम के तौर पर बांटने का फैसला किया है। पिछले दो एडिशन्स के मुकाबले इस बार की प्राइज मनी दोगुनी से भी ज्यादा है। इसमें से खिताबी जीत हासिल करने वाली टीम को 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब पौने 31 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, हारने वाली टीम को 2.16 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब साढ़े 18 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें 2021 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की विजेता न्यूजीलैंड और 2023 के WTC फाइनल की विजेता ऑस्ट्रेलिया को 1.6-1.6 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब साढ़े 13-13 करोड़ रुपये मिले थे। दोनों बार भारतीय टीम मुकाबले हारी थी। दोनों बार भारत को 8-8 लाख अमेरिकी डॉलर मिले थे। भारतीय मुद्रा में ये रकम पौन सात करोड़ के आसपास बैठती है। इस तरह इस बार आईसीसी ने दिल खोलकर इस फॉर्मेट की चैंपियन टीम के लिए इनामी राशि देने का फैसला किया है। सिर्फ विजेता-उपविजेता ही नहीं, बल्कि आईसीसी ने तीसरे से नौवें नंबर तक वाली टीम को भी प्राइज मनी में से हिस्सा दिया है। तीसरे नंबर पर इस बार भारत रहा है, जिसे 1.44 मिलियन यूएस डॉलर (12 करोड़ 32 लाख रुपये) और नंबर चार रहने वाली न्यूजीलैंड की टीम को 1.2 मिलियन यूएस डॉलर यानी 10 करोड़ 26 लाख रुपये मिलने वाले हैं। पांचवें नंबर पर इंग्लैंड थी, जिसे 9 लाख 60 हजार यूएसडी, छठे नंबर वाली श्रीलंका की टीम को 8 लाख 40 हजार यूएसडी, सातवे नंबर वाली बांग्लादेश की टीम को 7 लाख 20 हजार यूएसडी, 8वें नंबर पर विराजमान रहने वाली वेस्टइंडीज की टीम को 6 लाख यूएसडी और नौवें नंबर पर रहने वाली पाकिस्तान की टीम को 4 लाख 80 हजार यूएसडी मिलेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

कोई टीम 6 मैच जीतकर टॉप पर है तो कोई 11 मैच जीतकर भी 5वें नंबर पर, WTC पॉइंट्स सिस्टम पर सवाल

नई दिल्ली साल 2019 से आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया था। आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की थी। इसमें टॉप की 9 टीमों को अपनी पसंद की 6 टीमों से टेस्ट सीरीज दो साल के चक्र में खेलने थी। इनमें तीन सीरीज घर पर और इतनी ही सीरीज टीमों को विदेश में खेलने का प्रस्ताव था। अगस्त 2019 से इसकी शुरुआत एशेज के साथ हुई। उस समय कहा गया कि जो टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर होगी, उसको डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, इसके बाद कोरोना के कारण मैच और सीरीज कम हो गईं। कुछ सीरीज कैंसिल हो गईं। ऐसे में आईसीसी ने अपनाया कि जीत प्रतिशत के हिसाब से टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद से ऐसा चला आ रहा है, लेकिन कुछ टीमों के लिए ये नियम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसी के बारे में आप यहां जान लीजिए। दरअसल, डब्ल्यूटीसी को टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप कहा जाता है, लेकिन ये दो साल तक चलता है और एक फाइनल के बाद ये तय होता है कि कौन सी टीम इस फॉर्मेट की चैंपियन है। दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेला जा चुका है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारतीय टीम उपविजेता रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस टूर्नामेंट के फॉर्मेट को लेकर है, क्योंकि कोई टीम को तो महज 12 मैच खेलती है और कोई टीम 22 मैच खेलती है। अगर जीत के हिसाब से भी देखा जाए तो मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टॉप 2 तो छोड़िए टॉप 4 में भी नहीं है। वहीं, महज 10 मैच खेलकर उनमें से 6 मुकाबले जीतने वाली टीम शीर्ष पर है। साउथ अफ्रीका ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में 10 मैच खेले हैं और 6 जीते हैं। एक मैच टीम का ड्रॉ रहा है और तीन मैच गंवाएं हैं। इस तरह साउथ अफ्रीका का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा है, लेकिन इसी साइकिल में इंग्लैंड की टीम अब तक 21 मैच खेल चुकी है और 11 मुकाबले जीत चुकी है, लेकिन टीम पांचवें नंबर पर है। इंडिया ने 16 में से 9 मैच जीते हैं और टीम तीसरे नंबर पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो आईसीसी को पॉइंट्स टेबल में बदलाव करने चाहिए, ताकि उन टीमों को नुकसान ना हो, जो ज्यादा मैच खेलती हैं। या फिर एक नियम बना देना चाहिए कि कम से कम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज ही WTC में काउंट होगी। अगर कोई देश पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलता है तो उसके पहले तीन या आखिरी तीन मैच ही WTC साइकिल में काउंट होंगे। एक और बदलाव ये किया जा सकता है कि मौजूदा सिनेरियो के हिसाब से अगर कोई टीम तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज को जीतती है तो उसे कुछ पॉइंट अतिरिक्त दिए जाएं। इस तरह जो पॉइंट्स टेबल तैयार होगी, वह सभी के लिए फेयर रहेगी, क्योंकि अगर किसी टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से जीत ली तो उसे 100 फीसदी पॉइंट मिलेंगे, लेकिन किसी ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीती तो उसके पॉइंट्स सिर्फ 20 फीसदी ही रहेंगे। ऐसे में टेस्ट सीरीज जीतने के मायने नहीं रहते। अगर सीरीज दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर भी रहती है तो भी 50 फीसदी पॉइंट टीमों को मिलते हैं। ऐसे में ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाली टीम तो फिर फाइनल खेलेंगी ही नहीं। ऐसा ही इस समय इंग्लैंड के साथ हो रहा है, जिसको लेकर उनकी टीम के कप्तान बेन स्टोक्स भी आवाज उठा चुके हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57