जिला कांग्रेस ने मनाई सिवनी , भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि

सिवनी कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी इंदिरा भवन सिवनी में मनायी गई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी के छायाचित्र के समक्ष संगठन महाससचिव हनीफ खान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्चात उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेपीएस तिवारी, मोहनसिंह चंदेल, सुरेन्द्र करोसिया, शिव सनोडिया, आजम दिवान अली, नन्दू यादव, रंजीत यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, अशोक नरेती, नितिन डेहरिया, शुभम डेहरिया, श्रीमती पवनरेखा रिनायत, शिवदीप डहेरिया, सोनू हुसैन, श्यामसिंह माली, सतेन्द्र बघेल की उपस्थिति रही। recent visitors 34

2700 करोड़ की विकास योजनाएँ, पुडुचेरी में पीएम मोदी का कांग्रेस-डीएमके पर प्रहार

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने 'BEST पुडुचेरी' का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।   recent visitors 38

खामेनेई की मौत का असर पाकिस्तान में भी: कराची में हिंसा, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में टकराव

इस्लामाबाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और प्रदर्शनकारियों की कानून-व्यवस्था बलों से झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में खामेनेई की मौत के बाद गुस्सा भड़का। 1989 में आयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशक से अधिक समय तक देश का नेतृत्व किया। पुलिस की कार्रवाई, कई लोग घायल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग घायल हुए। घायलों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल कराची पहुंचाया गया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।   recent visitors 34

सशस्त्र बलों का कमांडर सहित मिलती हैं पावर, ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी शिया समिति

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे।मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के 'कमांडर-इन-चीफ' भी होता है। 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए। recent visitors 29

भारत सहित दुनिया में 10 चीजें डालेंगी असर?, ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ेंगे तेल और गैस के दाम

तेहरान. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। इस जंग का यह निर्णायक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश में अमेरिका लंबे समय से रहा है। अब खामेनेई के मारे जाने के बाद अपनी पिट्ठू सरकार बनाने की अमेरिका की कोशिश रंग ला सकती है। इस तरह खामेनेई का 47 साल का शासन ईरान में खत्म हुआ है तो वहां काफी कुछ बदलने जा रहा है। अमेरिका को उम्मीद होगी कि वह अपने समर्थन वाली सरकार बनवा लेगा। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उनके अकाउंट से ही एक आयत शेयर की गई है। इसका अर्थ है कि अब भी कुछ लोग इंतजार में हैं और वे अल्लाह से किया अपना वादा निभाएंगे। तेल और गैस के दाम बढ़ेंगे: इस जंग से दुनिया भर में ऊर्जा का एक अस्थायी संकट पैदा होगा। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बिजली भी महंगी होने की आशंका है। महंगाई भड़कने का खतरा: ऊर्जा और ईंधन की कीमतें यदि महंगी होती हैं तो उसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खाद्य वस्तुओं, दवाओं आदि पर पड़ता है। इन चीजों की महंगाई सीधे तौर पर हर देश को प्रभावित करेगी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगी। पूरे मिडल ईस्ट पर संकट: यदि इस यु्द्ध का विस्तार हुआ तो इसका असर पूरे मिडल ईस्ट पर होगा। इसके लक्षण तब दिखने भी लगे, जब ईरान ने अकेले ही 8 देशों पर हमला किया है। ईरान के सहयोगी हिज़्बुल्लाह, हूती आदि सक्रिय हो सकते हैं। इसके कारण यह युद्ध इज़रायल, लेबनान, यमन तक युद्ध फैल सकता है। मिडल ईस्ट में सेना बढ़ाएगा अमेरिका: इन हालातों से साफ है कि तत्काल जंग खत्म नहीं होगी और अमेरिका को मिडल ईस्ट में अपनी उपस्थिति बढ़ानी पड़ेगी। साफ है कि अमेरिका को फिर बड़े पैमाने पर मध्य-पूर्व में फौज रखनी पड़ सकती है। ईरान का परमाणु अभियान होगा तेज: अमेरिका की ओर से लगातार यह कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार ना बनाए। अब ऐसे हालात हो गए हैं कि ईरान को करारा हमला झेलना पड़ा है। ऐसी स्थिति में यह भी संभावना है कि वह भविष्य में अस्तित्व की जंग के लिए परमाणु हथियार ही बनाना शुरू कर दे। इससे वह अपने लिए सुरक्षा की गारंटी महसूस करेगा। रूस, चीन और भारत पर नजर: इस जंग में अमेरिका और इजरायल तो सक्रिय हैं ही। मिडल ईस्ट के भी कई मुसलमान देश मूक समर्थन अमेरिका को दे रहे हैं। अब तक इस पूरी जंग से एशिया के तीन बड़े प्लेयर चीन, रूस और भारत थोड़ा दूरी बनाए हुए हैं। आने वाले समय में हालात कैसे होंगे। इन तीनों देशों का रुख ही यह तय करेगा। तेल की सप्लाई अटकने का खतरा: अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ तो दुनिया का 20% तेल व्यापार प्रभावित होगा। भारत पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। recent visitors 25

टायर तले कुचलकर मौत, स्कूल बस की जर्जर फर्श से गिरी बच्ची

अलीगढ़. यूपी के अलीगढ़ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां दादों थाना क्षेत्र के माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की लापरवाही ने गंगीरी गांव की एक छह साल की बच्ची की जान ले ली। स्कूल की जर्जर बस में पिछले टायरों के ऊपर वाली सीट के नीचे का फर्श टूटा हुआ था, जिसमें बड़े गड्ढे के बराबर छेद था। इसी में से बच्ची नीचे टायरों पर आ गिरी और कुचलकर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक बच्ची को लेकर गंगीरी आ रहा था, तभी लोगों ने रोककर उसकी पिटाई कर दी। गांव मलसई पर करीब तीन घंटे जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत किया। बाद में ढोलना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना दादों क्षेत्र के गांव नाय भाय के रहने वाले रवि यादव वर्तमान में गंगीरी चौराहे पर रहते हैं। इनकी छह साल की बेटी अनन्या दादों के गांव कसेर भूडिया स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थी। छुट्टी के बाद चालक बच्चों को छोड़ने के लिए निकला। वह रोजाना पहले छिछोरा, किनावा, नगला भूड़ में बच्चों को छोड़ते हुए गंगीरी आता है। इसी रास्ते से शनिवार को भी आ रहा था। ढोलना क्षेत्र के गांव नगला साधु के पास बच्ची फर्श के छेद में से नीचे गिर गई। चालक ने बस को रोककर बच्ची को उठाया। उसे सीट पर रखकर गंगीरी लौट रहा था। इसी बीच गांव मलसई पर जन सेवा केंद्र चलाने वाले बच्ची के पिता रवि को जानकारी हो गई। उन्होंने बस को रुकवा लिया। गांव के लोगों ने चालक की पिटाई कर दी। इसके बाद मलसई पर जाम लगा दिया। इसे देख चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। सीओ छर्रा संजीव कुमार तोमर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर लोगों को शांत किया। सीओ के अनुसार अग्रिम कार्रवाई कासगंज पुलिस की ओर से की जा रही है। स्कूल बस पर नकाबपोश बदमाशों का हमला, दहशत इससे पहले थाना टप्पल क्षेत्र के खेड़िया बुजुर्ग के पास बाइक सवार 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने स्कूल बस को घेरकर हमला कर दिया। उन्होंने बस के शीशे तोड़े और अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे छात्रों व अभिभावकों में भारी दहशत फैल गई। बस सहायक की सूझबूझ से बदमाश भाग निकले। जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी दोपहर सवा दो बजे जट्टारी के निजी इंटरमीडिएट कॉलेज की बस लंगोटगढ़ी, खेड़िया बुजुर्ग व बुलाकीपुर के छात्रों को छोड़ रही थी। विशाल कोल्ड स्टोरेज के पास तीन बाइकों पर सवार हमलावरों ने बस रोकी, दरवाजा खोलने की कोशिश की। असफल होने पर उन्होंने पिछली खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। हालांकि पीछे से आते दूसरे स्कूल वाहन को देखकर फरार हो गए। वहीं, छात्रों ने एक हमलावर प्रशांत शर्मा निवासी ग्राम मांदक को पहचान लिया। पूछताछ पर उसने कबूल किया कि उसके साथ अनुराग, भरत, भारत चौहान व दो अज्ञात शामिल थे। recent visitors 25

17 कर्मचारियों की मौत और 18 घायल, नागपुर में डेटोनेटर बनाने वाली कंपनी में धमाका

नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल इलाके के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। राउलगांव स्थित 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' नामक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह कंपनी खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक तैयार करती है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच हुआ। उस समय फैक्ट्री में सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी अपना काम शुरू कर चुके थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब डेटोनेटर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के उस हिस्से की छत और दीवारें ढह गईं जहां धमाका हुआ था। आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। बताया जा रहा है कि धमाके के समय संबंधित यूनिट में 25 से 30 श्रमिक मौजूद थे। मलबे और आग के कारण अभी भी कुछ कर्मियों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुँच गईं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबे से लोगों को निकालने और आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और 'एसबीएल एनर्जी' प्रबंधन से भी संपर्क किया गया है। यह जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों अनदेखी की गई थी या यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम था। recent visitors 28