योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती का लिया फैसला

लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में संविदा पर बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया है। प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती होगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती  की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसकी मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस फैसले के बाद कक्षा 9 से 12 तक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि तकरीबन 2 साल पहले भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें तीन बिंदुओं को लेकर आपत्ति जताई गई थी और सुधार करने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि विभाग ने इस बार सरकार क मंशा अनुरूप फिर से नया प्रस्ताव भेजा है। recent visitors 58

अब उज्जैन और सागर में खुलेंगे पोषण केंद्र, मोटे अनाज के साथ सभी सामग्री मिलेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर में 30 जन पोषण केंद्र खोलकर की जा चुकी है। अब इसका विस्तार उज्जैन और सागर में किया जाएगा। यहां 15-15 दुकानों को पोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मोटे अनाज से बने उत्पादों के साथ अन्य सामग्री भी दुकान संचालक रख सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि दुकान संचालकों को अतिरिक्त आय का माध्यम मिले और हितग्राहियों को भी सुविधा मिले। कारगर सिद्ध नहीं हुए नवाचार मध्य प्रदेश में अधिकतर उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है। समितियों की सरकार पर निर्भरता कम हो और आय में वृद्धि हो, इसके लिए इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का प्रविधान रखा गया है। कुछ नवाचार भी हुए, पर वे अधिक कारगत सिद्ध नहीं हुए। इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया अब भारत सरकार ने उचित मूल्य की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र की तरह संचालित करने का माडल लागू किया है। पहले चरण में इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में उज्जैन और सागर में 15-15 दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होने वाली सामग्री के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार सभी वस्तुएं रखने की अनुमति होगी। इससे नागरिकों को सुविधा तो मिलेगी ही, दुकान संचालक समिति का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। recent visitors 38

छात्रों को डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, अब ऐसे छात्रों को इस डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, जिससे उन्हें ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी. बल्कि पॉलिटेक्निक करने के बाद स्टूडेंट सीधे बीए, बीकॉम या बीएससी के फर्स्ट ईयर में एडमिशन ले सकेंगे. इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग ने एमपी बोर्ड का प्रस्ताव भी भेजा है. इसके मंजूर होने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस पहल से पॉलिटेक्निक की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को करियर के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को शैक्षणिक लचीलापन भी मिलेगा।  माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत पॉलिटेक्निक के दो साल पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं पास के समकक्ष माना जाएगा. यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा गया है और यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह व्यवस्था लागू हो सकती है. बता दें कि तकनीकी शिक्षा विभाग वर्तमान में नए कोर्स को तैयार कर प्रवेश कराने के लिए काउंसलिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. इंजीनियरिंग में मिलता है डिप्लोमा का लाभ वर्तमान में 10वीं पास करने के बाद जो स्टूडेंट पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, उनका डिप्लोमा तीन साल का होता है और इसे करने के बाद विद्यार्थी सीधे बीई के सेकंड ईयर में प्रवेश के पात्र होते हैं. लेकिन अब तक पॉलिटेक्निक करने वालों को कॉमर्स, आर्ट्स या अन्य मेन स्ट्रीम्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था. ऐसे में पॉलिटेक्निक के बाद यदि छात्र नान टेक्निकल कोर्स में दाखिला लेते थे, तो उन्हें पहले 12वीं की परीक्षा पास करनी होती थी. लेकिन अब इसकी जरुरत नहीं होगी. माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग से जो प्रस्ताव मिला है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद ही निर्णय हो सकेगा. पालीटेक्निक में प्रवेश बढ़ाने के लिए लिया फैसला अधिकारियों ने बताया कि कई बार स्टूडेंट इसी कारण पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेने से हिचकिचाते हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा संस्थानों में दाखिले घटे हैं. तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. प्रस्ताव के मुताबिक कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा. इसके बाद उसका कॉलेज में मनचाही स्ट्रीम में एडमिशन हो सकेगा. recent visitors 53

दिल्ली-एसीआर में Vodafone Idea ने आज से शुरू की 5G सर्विस

नई दिल्ली वोडाफोन आइडिया (Vi) आज 15 मई से दिल्ली-NCR में अपनी हाई-स्पीड 5G सर्विस की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी ने इस घोषणा के साथ दिल्ली को उन शहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है, जहां पहले फेज में Vi ने 5G लॉन्च किया है। इससे पहले यह सेवा मुंबई, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में शुरू की जा चुकी है। Vi का लक्ष्य है कि अगस्त 2025 तक वह देश के उन सभी 17 सर्किलों में 5G नेटवर्क उपलब्ध करा दे जहां उसके पास 5G स्पेक्ट्रम मौजूद है। Vi अपने यूजर्स को एक आकर्षक इंट्रोडक्टरी ऑफर दे रहा है जिसके तहत जिनके पास 5G-सपोर्टेड डिवाइस हैं, वे 299 रुपये या उससे ऊपर के प्लान पर अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा सकते हैं। Vi 5G यूजर्स अब हाई-स्पीड नेटवर्क का इस्तेमाल स्ट्रीमिंग, गेमिंग, वीडियो कॉलिंग, फास्ट डाउनलोड्स और रीयल-टाइम क्लाउड एक्सेस जैसे कामों के लिए कर सकेंगे। Airtel और Jio पहले से आगे Vi अब दिल्ली में 5G सर्विस शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ Jio और Airtel पहले ही दिल्ली समेत देश के कई शहरों में 5G सेवा दे रहे हैं। Vi को प्रतिस्पर्धी प्लेयर्स की तरह तेजी से विस्तार करना होगा। Vi के 5G प्लान्स Vi फिलहाल मुंबई में अपने 5G यूजर्स के लिए कुछ किफायती प्लान्स ऑफर कर रही है। इनमें शामिल हैं: 299 रुपये का प्रीपेड प्लान: Vi के इस प्लान में 1GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 28 दिन की वैधता और किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। 579 रुपये का प्रीपेड प्लान: इस प्लान में 1.5GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 56 दिन की वैधता और अनलिमिटेड कॉलिंग। 451 रुपये का पोस्टपेड प्लान: जहां 5G उपलब्ध है वहां अनलिमिटेड 5G डेटा, 50GB डेटा, हर महीने 3000 SMS और अन्य बेनिफिट्स पोस्टपेड यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं।   recent visitors 64

मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड 559 Student Trainee पदों के लिए भर्ती, मिलेगा 10 हजार रुपए स्टाइपेंड

जबलपुर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश के 559 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का मौका देगी। इस एकवर्षीय प्रशिक्षण में युवाओं को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। कम्पनी ने यह पहल मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत की है। इन्सके लिए आवेदन जमा कराए जाएंगे।  10 हजार रुपए तक स्टाइपेंड कम्पनी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इंजीनियरिंग अथवा नॉन-इंजीनियरिंग आईटीआई व स्नातक एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। अधिकतम आयु 29 वर्ष के युवाओं का चयन प्रशिक्षण के लिए हो जाने के बाद साढ़े आठ हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक स्टाइपेंड दिया जाएगा। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन ने जानकारी दी कि एकवर्षीय प्रशिक्षण हेतु वर्तमान में कुल 559 रिक्तियां हैं। यह रिक्तियां जबलपुर, सारनी, बिरसिंगपुर, चचाई, खंडवा, मंदसौर, नागपुर, सिरमौर, उमरिया, अशोकनगर, शहडोल, रीवा, सतना, शिवपुरी में हैं। मेरिट आधार में चयन इंजीनियरिंग अथवा नॉन इंजीनियरिंग में प्राप्तांकों के प्रतिशत के आधार पर वरीयता क्रम (मेरिट आधार) में चयन किया जाएगा। समान अंक होने पर अधिक आयु वाले अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवश्यकता होने पर वेटिंग लिस्ट से चयन किया जायेगा। चयन होने पर चयनित अभ्यार्थी को मुख्यमंत्री सीखों कमाओ योजना के आनलाईन पोर्टल पर आनलाईन कांट्रैक्ट ऑफर किया जाएगा। मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड एक पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी है, जो कि मध्‍यप्रदेश शासन के अधीन मध्‍यप्रदेश राज्‍य में विद्युत उत्‍पादन में क्रियाशील है। यह मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत मण्‍डल की उत्‍तरवर्ती कंपनी है। यह कंपनी संचारण एवं संधारण के साथ ही मध्‍यप्रदेश राज्‍य में विद्युत उत्‍पादन क्षमता वृद्धि हेतु नये विद्युत गृहों का निर्माण भी कर रही है. मध्‍य्रप्रदेश राज्‍य में विद्युत क्षेत्र सुधार कार्यक्रम लागू करने के फलस्‍वरूप म.प्र.शासन द्वारा म.प्र.पा.जन.कं.लि. का गठन किया गया । कंपनी द्वारा विद्युत उत्‍पादन संबंधी गतिविधि का दायित्‍व म.प्र.रा.वि.मं. से अधिग्रहीत किया गया । कंपनी म.प्र.शासन की पूर्ण स्‍वामित्‍व की सार्वजनिक क्षेत्र की एक इकाई है । कंपनी का प्रादुर्भाव दिनांक 22.11.2001 को हुआ । कंपनी द्वारा व्‍यावसायिक क्रियाकलाप संबंधी प्रमाण पत्र दि.16.07.2007 को प्राप्‍त किया गया। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय शक्ति भवन, रामपुर जबलपुर में स्थित है । कंपनी की प्राधिकृत पूंजी वर्तमान में रू. 10,000 करोड़ है, जो कि रू. 100/- प्रत्‍येक के 10,000,00,000 करोड़ शेयरों में विभक्‍त हैं। वर्तमान में कंपनी के अंशदान प्रदत्‍त पूंजी रू..5325,54,68,800 (रू.पॉंच हजार तीन सौ पच्‍चीस करोड़ चौवन लाख अड़सठ हजार आठ सौ मात्र) है, जो कि रू. 100/- प्रत्‍येक के 5,3255,4,688 शेयरों में विभक्‍त है । MPPGCL पता संचालन पावर हाउस क्रमांक 2 अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई जिला अनुपपुर (म . प्र ) – 484220 फ़ोन: 07659263464 वेबसाइट: http://www.mppgcl.mp.gov.in/ recent visitors 40

अगस्त 2025 में मेट्रो का कमर्शियल रन यात्रियों के साथ होगा शुरू, स्टेशन से 500 मीटर दायरे में मिलेगी पार्किंग

भोपाल  मेट्रो ट्रेन स्टेशन पहुंचने के बाद वाहन कहां पार्क करें। इसके लिए अब संबंधित स्टेशन के पास के क्षेत्रों में पार्किंग स्थल की तलाश की जा रही है। ये पार्किंग स्थल स्टेशन से 500 मीटर के दायरे में होंगे। इस माह आखिर तक इसके लिए योजना तय होगी। इसका लाभ ये होगा कि लोग अपने वाहन से स्टेशन तक पहुंचेंगे, स्टेशन से कुछ दूरी पर वाहन पार्क कर मेट्रो में बैठ जाएंगे। कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत मेट्रो रेल कारपोरेशन को इसके लिए शासन ने निर्देश दिए थे। इसी प्लान में इन पार्किंग स्थलों को भी शामिल करना है। इसलिए जरूरी मेट्रो ट्रेन(Bhopal Metro) के सामने अब यात्रियों की चुनौती होगी। भोपाल में कमजोर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की वजह से लोगों को बाजार, कार्यालय के लिए निजी वाहनों का उपयोग करना ही होता है। ऐसे में स्टेशन से 500 मीटर दायरे में भी पार्किंग मिली तो वे लाभ लेंगे, जिससे मेट्रो को यात्री मिलेंगे। एमडी एस कृष्ण चैतन्य का कहना है कि मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। यात्रियों को मेट्रो तक लाने की प्लानिंग भी अभी से की जा रही। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में मेट्रो का कमर्शियल रन यानि यात्रियों के साथ सफर शुरू करने की योजना है। भोपाल में आठ स्टेशन के साथ 6.22 किमी की लाइन तैयार लगभग तैयार है। ● एस मेट्रो स्टेशन(Bhopal Metro) के लिए शक्तिनगर व साकेतनगर में पार्किंग विकसित होगी। ● इसके बाद अलकापुरी स्टेशन के लिए भी शक्तिनगर की ओर पार्किंग क्षेत्र रहेगा। ● डीआरएम ऑफिस स्टेशन में भी रेलवे कॉलोनी व उससे लगे क्षेत्र में पार्किंग तय करेंगे। ● रानी कमलापति के लिए रेलवे की पार्किंग के साथ सात नंबर अरेरा कॉलोनी या फिर मानसरोवर कॉप्लेक्स के पास जगह तय होगी। ● प्रगति स्टेशन में एमपी नगर के सरगम टॉकीज वाले क्षेत्र में पार्किंग होगी। ● बोर्ड ऑफिस वालों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग में जगह तय कराएंगे। यहां ज्योति की ओर अंडरग्राउंड पार्किंग को भी खोला जा सकता है। ● केंद्रीय विद्यालय स्टेशन की पार्किंग के लिए अरेरा हिल्स व सुभाष नगर के लिए डिपो की तरफ पार्किंग तय की जाएगी।   recent visitors 47

एम्स भोपाल में एक और नई सुविधा शुरु, 3 डी प्रिंटिंग तकनीक से होगा हड्डी रोग का निशुल्क इलाज

भोपाल  एम्स भोपाल में एक और नई सुविधा शुरु हो गई है, जो अब तक देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही थी. इस सुविधा के शुरु होने से एम्स भोपाल में हड्डी रोग के मरीजों का अधिक सटीकता के साथ इलाज किया जा सकेगा. इसमें ऑपरेशन का खर्च निशुल्क रहेगा और मरीज को ज्यादा दवाइयां भी नहीं लेनी पड़ेगी. एम्स भोपाल के डाक्टरों ने बताया कि, इस तकनीक से हड्डी रोग के इलाज में नई क्रांति आएगी. मध्य प्रदेश समेत आसपास के लोगों को उपचार की बेहतर सुविधा मिलेगी. 3 डी प्रिंटिंग तकनीक से किया सफल इलाज एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि, ''ऑर्थोपेडिक्स विभाग में अब इन-हाउस 3 डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत की गई है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हाल ही में इस तकनीक का उपयोग करते हुए एक डिस्टल फीमर मैलयून के जटिल मामले का सफलतापूर्वक सर्जिकल सुधार किया गया है. इस प्रक्रिया के लिए रोगी-विशिष्ट 3-डी प्रिंटेड कटिंग गाइड का निर्माण एम्स भोपाल में ही किया गया, और यह पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया, जिससे मरीज पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा.'' पेशेंट फर्स्ट के आधार पर होगा इलाज 3-डी प्रिंटिंग तकनीक की मदद से हड्डियों की सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनती है. यह मरीजों को उनकी विशेष शारीरिक संरचना के अनुसार कस्टमाइज्ड उपचार उपलब्ध कराती है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में बेहतर परिणाम देती है. इस तकनीक का उपयोग भविष्य में कई अन्य जटिल मामलों में भी किया जाएगा. प्रो. सिंह ने बताया कि, ''एम्स भोपाल में इन-हाउस 3 डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ी प्रगति है. यह तकनीक हमें हर मरीज के लिए व्यक्तिगत और सटीक उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा रही है, जो हमारे पेशेंट फर्स्ट दृष्टिकोण को दर्शाती है.'' 3 डी प्रिंटिंग तकनीकी से ये होगा फायदा अब तक हड्डी रोग की सर्जरी में धातु प्रत्यारोपण और दान की गई हड्डी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें सर्जन मरीज के शारीरिक रचना के अनुसार उसमें ऊतक प्रदान करते हैं. लेकिन कई बार यह मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार फिट नहीं होता है. अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए 3 डी प्रिंटर तकनीकी का इस्तेमाल किए जाने से हड्डी की जगह धातु की प्लेट लगाने की जरुरत नहीं होती. इससे संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा. recent visitors 45