शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश की समाप्ति तक की अवधि में संभाग और जिला स्तर पर समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया है। शिविर में किये जाने वाले कार्यों के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। शिविर में क्रमोन्नति वेतनमान, समयमान वेतनमान, वेतन वृद्धि, सेवा अभिलेखों के अपडेटेशन पर विशेष कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही आगामी 3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण का कोष एवं लेखा द्वारा परीक्षण किया जाकर वसूली योग्य प्रकरणों में सेवा से पूर्व वसूली का निर्धारण किया जायेगा। शिविर में पेंशन और अन्य लम्बित स्वतत्वों का निराकरण, अन्य लम्बित अभ्यावेदनों का निराकरण किया जायेगा। जिला और संभागीय कार्यालयों को 30 मई तक समय-सारणी का निर्धारण संबंधित संयुक्त संचालक के मार्गदर्शन में किये जाने के लिये कहा गया है। समय-सारणी की सूचना लोक शिक्षण संचालनालय को दिये जाने के लिये कहा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी समीक्षा शिविरों में होने वाली प्रतिदिन की कार्यवाही की 5 जून तक प्रति कार्य-दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भोपाल से समीक्षा की जायेगी। प्रकरणों पर निराकरण नहीं होने पर लम्बित आवेदन और न्यायालयीन प्रकरण निर्मित होने पर संबंधित संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। लम्बित प्रकरणों के संबंध में आवेदक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।   recent visitors 36

सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देकर फंसे मंत्री विजय शाह, अब खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

भोपाल ‘ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ी जानकारी मीडिया से साझा करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में सूबे के काबीना मंत्री विजय शाह के खिलाफ बुधवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं इस मामले को लेकर विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं और उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की है. उन्होंने याचिका पर ⁠जल्द सुनवाई की मांग की है. दरअसल कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान को लेकर हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके बाद मंत्री शाह पर FIR दर्ज हुई है. ये याचिका एओआर शांतनु कृष्णा के माध्यम से दाखिल की गई है. मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले का मीडिया की खबरों के आधार पर बुधवार को ही खुद संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर शाह के खिलाफ मानपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने का कृत्य), धारा 196 (1) (बी) (अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला ऐसा कृत्य जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती हो या भंग होने की आशंका हो) और धारा 197 (1) (सी) (किसी समुदाय के सदस्य को लेकर ऐसी बात कहना जिससे अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर विपरीत असर पड़ता हो या उनके बीच शत्रुता या घृणा या दुर्भावना की भावना पनपती हो या पनपने की आशंका हो) के तहत दर्ज की गई है. इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान के संदर्भ में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं.'' मानपुर पुलिस थाने में बुधवार रात 11:30 बजे के आस पास दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 12 मई (सोमवार) को रायकुण्डा गांव में हलमा (सामूहिक श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता की जनजातीय परम्परा) के कार्यक्रम के दौरान शाह के संबोधन के कुछ अंश प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए. शाह ने बयान को लेकर मांगी थी माफी शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए बुधवार को माफी मांग ली और कहा कि वह ‘बहन सोफिया' और सेना का हमेशा सम्मान करते हैं. अगर किसी व्यक्ति को उनकी बातों से ठेस पहुंची है, तो वह 10 बार माफी मांगने के लिए तैयार हैं.  शाह ने कर्नल सोफिया को ‘देश की बहन' करार दिया और कहा कि उन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर काम किया है. HC के आदेश के बाद FIR दर्ज मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार रात इंदौर जिले में एफआईआर दर्ज की गई है. मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 3 अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की गई है. उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1) (B) और 197 (1)(C) के तहत FIR दर्ज की गई है. मंत्री ने मांगी माफी मंत्री की वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. साथ ही उनके इस्तीफे की मांग भी की जा रही है. इसी बीच मंत्री ने वीडियो जारी कर के माफी भी मांगी है और सोफिया कुरैशी को अपनी बहन बताया है. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, हाल ही में मैंने जो बयान दिया अगर उसकी वजह से किसी भी समाज की भावना आहत हुई है, तो इसके लिए मैं दिल से न सिर्फ शर्मिंदा हूं बल्कि बेहद दुखी भी हूं और सभी से माफी चाहता हूं. उन्होंने सोफिया कुरैशी को लेकर आगे कहा, हमारे देश की वो बहन, सोफिया कुरैशी, जिन्होंने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर जो काम किया है, उन्हें हमारी सगी बहन से भी ऊपर सम्मानित मानता हूं. सोफिया कुरैशी को बताया बहन कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री ने कहा, मैं भारतीय सेना और बहन सोफिया के उन सभी साथियों का दिल से सम्मान करता हूं, जिन्होंने हमारी बहनों का बदला लेने के लिए, हिंदुस्तान की मान-मर्यादा की रक्षा करते हुए, हमारे विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. मेरी भावना और मंशा यही थी कि मैं उनके अदम्य साहस और बलिदान को समाज के सामने सम्मानपूर्वक रखूं, लेकिन दुख के लम्हों में मुझ से कुछ ऐसे शब्द निकल गए जो नहीं निकलने चाहिए थे. आज मैं पूरे समाज, समुदाय, बहन सौफिया और सभी आर्मी जवानों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मैं हमेशा बहन सोफिया और हमारी सेना के वीरों का सम्मान करता हूं और एक बार फिर सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. मंत्री ने क्या बयान दिया था ऑपरेशन सिंदूर के बाद मंत्री लोगों के संबोधित कर रहे थे इसी दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र किया और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की. मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को उन आतंकवादियों की बहन बताया, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की. यही नहीं, मंत्री ने पीएम मोदी पर भी व्यंग्य कसते हुए कहा था कि उन्होंने आतंकवादियों की बहन को सेना में भेजा है.   recent visitors 47

आधार कार्ड, पैन कार्ड को मौत के बाद ऑनलाइन कर सकते है बंद

नई दिल्ली  व्‍यक्ति के जीते-जी उसके पास कई डॉक्‍युमेंट्स होते हैं जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जिनका इस्‍तेमाल रोजमर्रा के कागजी कामों में होता है। जब किसी की मृत्‍यु हो जाती है तो अक्‍सर परिवार के लोग उसके आधार, पैन समेत बाकी डॉक्‍युमेंट्स काे संभालकर रख देते हैं। लेकिन जिम्‍मेदारी यहीं खत्‍म नहीं होती। एक्‍सपर्ट का कहना है कि व्‍यक्ति की मौत के बाद कम से कम उसके आधार और पैन कार्ड को कैंसल करवा देना चाहिए, क्‍योंकि उसके मिसयूज होने का खतरा रहता है। अपराधी कई बार ऐसे डॉक्‍युमेंट्स को हासिल करके फ्रॉड और आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं। व्‍यक्ति की मौत के बाद उसके पैन और आधार को ऑनलाइन कैंसल करवाया जा सकता है। कैसे? आइए जानते हैं। ​मौत के बाद व्‍यक्ति का पैन कार्ड कैसे कैंसल कराएं कोई भी पैन कार्ड उसकी ऑफ‍िशियल एक्‍सपायरी डेट तक वैलिड रहता है। अगर किसी का आकस्मिक निधन हो जाए तो उसके पैन कार्ड को कैंसल करा देना चाहिए। ऐसा नहीं कराने पर कोई उस पैन कार्ड पर अकाउंट खोल सकता है, गलत तरह से लोन ले सकता है। पैन कार्ड कैंसल कराने का ऑफलाइन तरीका भी है और ऑनलाइन भी। ऑफलाइन तरीके में एक आवेदन पत्र देना होता है। पत्र में मृतक का पूरा नाम, मृत्‍यु की तारीख, पैन कार्ड कैंसल करवाने का कारण और साथ में उस व्‍यक्ति की डिटेल दी जाती है जो पैन कार्ड कैंसल करवा रहा है जैसे मृतक व्‍यक्ति का बेटा या पत्‍नी। साथ में कुछ डॉक्‍युमेंट्स जैसे- डेथ सर्टिफ‍िकेट आदि अटैच करना होता है। वह आवेदन इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में एओ के पास जमा कराया जाता है। इनकम टैक्‍स के ई-फाइलिंग पोर्टल से एओ की डिटेल मिल जाती है। NSDL की वेबसाइट पर जाएं अगर आप यह काम ऑनलाइन करवाना चाहते हैं तो Form 49A भरना होगा, जोकि NSDL की वेबसाइट पर मिल जाएगा। वहां पैन करेक्‍शन ऐप्‍लिकेशन के ऑप्‍शन में जाकर पैन कैंसल की रिक्‍वेस्‍ट देनी होगी। उसके बाद तमाम डॉक्‍युमेंट नजदीकी NSDL PAN सर्विस सेंटर में जमा करवाने होंगे। मौत के बाद व्‍यक्ति का आधार कार्ड कैसे कैंसल कराएं रिपोर्टों के अनुसार, आधार कार्ड को कैंसल कराने का कोई विकल्‍प फ‍िलहाल उपलब्‍ध नहीं है। लेकिन आप मृतक का बायोमेट्रिक डेटा लॉक करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक डेटा लॉक होने से मृतक के फ‍िंगरप्रिंट्स, आइरिस स्‍कैन आदि से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने का सबसे आसान तरीका है एसएमएस के जरिए। मृतक के रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर से 1947 पर एसएमएस भेजना होगा। उसमें टाइप करना होगा GETOTP और स्‍पेस देकर आधार नंबर के आखिरी 4 डिजिट लिखने होंगे। ओटीपी आने के बाद एक और एसएमएस इस फॉर्मेट में करें- LOCKUID < आधार के आखिरी 4 नंबर > <6 डिजिट OTP> आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर भी यह काम कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें। माई आधार सेक्‍शन में जाकर Lock/Unlock Biometrics को सिलेक्‍ट करें। वहां फ‍िर से आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफाई करें। आखिर में Lock Biometrics पर क्लिक कर दें। ऐसा करना क्‍यों जरूरी है हाल के दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड काफी ज्‍यादा बढ़ गए हैं। यह कोई नहीं जानता कि कब किसके साथ साइबर अपराध हो जाए। अगर कोई मृत व्‍यक्ति के आधार-पैन के साथ फर्जीवाड़ा होता है तो उसके परिवार के लिए सिचुएशन को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इन डॉक्‍युमेंट्स काे कैंसल करवा दिया जाए प्रोटेक्‍ट कर लिया जाए। recent visitors 72

अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा का टाइम टेबल जारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल(MPBSE) 10वीं व 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका 17 जून से मिलेगा। जिले में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद दोनों ही कक्षाओं के 15967 छात्र इस परीक्षा में बैठकर अपने पूरे साल को बचा सकते हैं। यहां बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों की पूरक परीक्षा नहीं आएगी। अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी और उनकी अंक सूची में सप्लीमेंट्री भी लिखा हुआ नहीं आएगा। यदि छात्र सभी विषयों में फेल हैं, तो वह सभी विषयों की परीक्षा दे सकता है। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा के लिए टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। दूसरी परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर अन्य जो भी नियम हैं वे फरवरी-मार्च में हुई परीक्षा वाले ही रहेंगे। इसलिए खास है यह परीक्षा दूसरी परीक्षा में छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही जो छात्र पास हो गए हैं, वे श्रेणी सुधार के लिए भी परीक्षा दे सकते है। साथ ही किसी वजह से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे छात्र या परीक्षा में समय पर न पहुंचने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में मौका मिलेगा। पूरा साल खराब नहीं होगा यानी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होगा। साथ ही जो छात्र परीक्षा देगा परिणाम आने तक वह अगली परीक्षा में अस्थायी रूप से प्रवेश भी ले सकता है। इससे उसकी अगली परीक्षा की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। recent visitors 42

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी. recent visitors 64

मुख्यमंत्री आज रीवा और सीधी भ्रमण पर रहेंगे, सीधी से लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा और सीधी जिले के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 10 बजे भोपाल से वायुयान से प्रस्थान कर सुबह 11 बजे एयरपोर्ट रीवा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा की तहसील के दिव्यगवां में मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने के बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल गंगा संवर्धन अभियान के 501 खेत तालाबों तथा अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। स्वामित्व योजना से हितग्राहियों को भू अधिकार पत्रों का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 एकड़ प्रस्तावित क्षेत्र में पौध-रोपण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.55 बजे हेलीपैड सीधी पहुंचेंगे। सीधी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की मई माह की किश्त की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में जारी करेंगे। साथ ही पेंशन हितग्राहियों और सिलेंडर रिफिलिंग की राशि भी अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री विशाल आमसभा को संबोधित करने के साथ निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।   recent visitors 39

यमुना नदी का पानी दूषित, 2 वर्षों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट: DPCC की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा यमुना नदी के प्रदूषण पर एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में यमुना के जल की गुणवत्ता में गंभीर गिरावट आई है. विशेष रूप से, जनवरी 2025 में यमुना में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर स्वीकार्य मानक से 42 गुना अधिक पाया गया है. एक स्वस्थ नदी में बीओडी की मात्रा आदर्श रूप से 3 मिलीग्राम/लीटर से कम होनी चाहिए. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के यमुना नदी के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक नजफगढ़ नाले के आउटफॉल में जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का स्तर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2023 में यह 53 मिलीग्राम/लीटर था. यह पिछले दो वर्षों में सबसे उच्चतम स्तर है. ‘यमुना के कायाकल्प में प्रगति’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के मध्य में यमुना में प्रदूषण के स्तर में थोड़ी सुधार देखने को मिली थी. हालांकि 2024 की शुरुआत और अंत में यमुना में प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 और मार्च 2025 के बीच दिल्ली के प्रमुख निगरानी बिंदुओं पर प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह, ISBT कश्मीरी गेट पर BOD का स्तर नवंबर 2023 में मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर दिसंबर 2024 में मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया. कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे स्थिति और भी गंभीर है. जनवरी 2023 में BOD रीडिंग 56 मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गई, जो कि पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है. डीपीसीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि दिल्ली में नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना में प्रदूषण के लिए दो मुख्य कारण हैं: एक तो अपर्याप्त वर्षा के कारण नदी के प्रवाह में कमी, और दूसरा सीवेज प्लांट की क्षमता में ठहराव. ISBT कश्मीरी गेट का स्तर भी खराब ISBT कश्मीरी गेट पर, पिछले दो वर्षों में BOD का स्तर लगभग 40 mg/l के आसपास बना रहा, लेकिन नवंबर 2023 में यह बढ़कर 52 mg/l और दिसंबर 2024 में 51 mg/l तक पहुंच गया. वहीं, कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे, जहां नदी दिल्ली से निकलती है, स्थिति और भी गंभीर है। जनवरी 2023 में BOD की रीडिंग 56 mg/l से बढ़कर जनवरी 2025 में खतरनाक 127 mg/l तक पहुंच गई, जो पिछले तीन वर्षों में उस स्थान पर सबसे उच्चतम स्तर है. डीपीसीसी की रिपोर्ट, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत यमुना नदी के पुनरुद्धार और मासिक जल गुणवत्ता की निगरानी करती है, राजधानी में चल रही कई कार्य योजनाओं के बावजूद नदी में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में शहर की निरंतर असफलता को उजागर करती है. खराब गुणवत्ता के लिए 2 फैक्टर जिम्मेदार विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की deteriorating गुणवत्ता के लिए दो मुख्य कारण जिम्मेदार हैं: एक तो कम बारिश के कारण नदी के पर्यावरणीय प्रवाह में कमी और दूसरे, सीवेज तथा अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की क्षमता में ठहराव. उनका कहना है कि पिछले वर्ष मानसून के बाद से दिल्ली और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की मात्रा बहुत कम रही है, जिससे यमुना में प्रदूषकों का पतला होना भी कम हुआ है. यमुना नदी से जुड़े कार्यकर्ता और साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल (एसएएनडीआरपी) के सदस्य भीम सिंह रावत ने बताया कि दिल्ली के सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर में अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं किया गया है. वर्तमान में, दिल्ली में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं, जिनकी कुल क्षमता 764 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) है, जबकि शहर में प्रतिदिन लगभग 792 एमजीडी सीवेज उत्पन्न होता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) 12 नए एसटीपी स्थापित करने की योजना बना रहा है. recent visitors 49