इंदौर में किसान ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए तरबूज सड़क पर फेंकें

इंदौर इंदौर में किसान ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए तरबूज सड़क पर फेंक दिए. किसानों का आरोप है कि नगर निगम सड़कों पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों के साथ अतिक्रमण के नाम पर अभद्रता और छीना झपटी कर रहा है. नगर निगम द्वारा एक किसान के साथ फिर ज्यादती करने का मामला सामने आया है. इस बात से दुखी किसान ने अपने ट्रैक्टर ट्राली में भरे हुए तरबूजों की सड़क पर बरसात कर दी. विरोध स्वरूप किसान ने इस दौरान अपने कपड़े भी उतार फेंके, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई. किसान ने सड़क पर की तरबूज की बारिश आरोप है कि, आम तौर पर सड़कों से अतिक्रमण हटाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की कोशिश रहती की दुकानदारों के साथ आपसी हितलाभ साधकर मामले को रफा दफा कर दिया जाए. लेकिन जो दुकानदार अधिकारियों और कर्मचारी की बात नहीं मानते उन्हें निगम कर्मियों की ज्यादती का शिकार होना पड़ता है. शहर के एरोड्रम क्षेत्र में छोटा बांगरदा के 60 फीट रोड पर ऐसे ही एक घटनाक्रम के चलते किसान ने सड़क पर तरबूजों की बरसात कर दी. अर्धनग्न होकर किसान का प्रदर्शन दरअसल, मौके पर नगर निगम की टीम और पुलिस ने रोड पर ट्रैक्टर खड़ा करके तरबूज बेचने का आरोप लगाते हुए तराजू जब्त कर लिया था. इस दौरान किसान के करीब 2 क्विंटल तरबूज भी सड़क पर फेंक दिए थे. इस बात से व्यथित किसान विक्रम सिसोदिया के भाई ने अर्धनग्न होकर सड़क पर ही तरबूज फेंकना शुरू कर दिए. इस दौरान वहां चौराहे पर भीड़ एकत्र होने से जाम लग गया. हालांकि यह देख नगर निगम की टीम चुपचाप मौके से रवाना हो गई. किसान ने लगाए नगर निगम कर्मचारियों पर आरोप किसान विक्रम सिसोदिया का कहना था, ''तरबूज बेचे नहीं जा रहे थे, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों ने तराजू छीन लिया और काफी सारे तरबूज सड़क पर फेंक दिए जो बहुत ही आपत्तिजनक है.'' उन्होंने कहा, ''वे खुद भी भाजपा कार्यकर्ता हैं, लिहाजा इस मामले की शिकायत वह महापौर को करेंगे.'' इधर इस मामले में बिना पड़ताल के किसी भी अधिकारी ने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है. विधायक पहुंचे एरोड्रम थाने इस पूरे मामले में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर जो बात सामने आई है उसकी जांच पड़ताल की जा रही है.'' लेकिन देपालपुर विधानसभा के भाजपा नेता के साथ जिस तरह से इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिस ने अभद्रता की उसके चलते क्षेत्रीय विधायक मनोज पटेल एरोड्रम थाने पर पहुंचे और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की बात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कही है. जिस पर संबंधित अधिकारियों ने विधायक को आश्वासन दिया है की जांच के बाद अभद्रता करने वाले निगम के अधिकारी और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी. क्षेत्रीय विधायक के थाने पहुंचने के मामले को लेकर एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि, ''विधायक ने जिन पुलिसकर्मियों की शिकायत की है उनकी जांच पड़ताल की जा रही है और आने वाले दिनों में कार्रवाई की जाएगी.   recent visitors 27

Sofia Qureshi पर विवादित टिप्पणी मामले में विजय शाह पर होगी बड़ी कार्रवाई, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

 छतरपुर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया। जिसके बाद से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की तरफ से मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है तो वहीं FIR दर्ज कराने की भी तैयारी चल रही है। बीजेपी ने मामले को शांत करने के लिए कुछ नेताओं को कर्नल सोफिया के घर भेजा। भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का संदेश लेकर बीजेपी के कई नेता कर्नल सोफिया कुरैशी के छतरपुर स्थित नौगांव घर पहुंचे। कर्नल सोफिया के घर पहुंचे BJP नेता बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के निर्देश के बाद पूर्व विधायक मानवेंद्र सिंह सहित बीजेपी नेताओं ने सोफिया कुरैशी के नौगांव छतरपुर स्थित घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और सोफिया को देश की बेटी बताया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि सोफिया हमारे देश की बेटी है और हमें उन पर गर्व है। बता दें कि विजय शाह के बयान से बीजेपी आलाकमान बेहद नाराज़ है और विवाद बढ़ने के बाद विजय शाह ने माफ़ी भी मांगी है।    खिलाफ FIR दर्ज कराने की तैयारी, इधर बंगले की बढ़ाई गई सुरक्षा मंगलवार को करनाल मोहल्ला स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। पूर्व कैबिनेट मंत्री मानवेन्द्र सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी, पूर्व अध्यक्ष अंजुल सक्सेना, और वार्ड पार्षद श्यामसुंदर अर्जरिया पूर्व पार्षद कलीम खान ने उनके भाई बंटी सुलेमान से मुलाकात कर पूरे परिवार को बधाई दी। भाजपा की ओर से सार्वजनिक रूप से सम्मान कर कहा गया, “ऐसी बेटियाँ राष्ट्र की धरोहर होती हैं।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी व्यक्तिगत रूप से बधाई भेजी। पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह ने कही ये बात पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे लिए बहुत गर्व की बात है, माननीय प्रधानमंत्री जी और राष्ट्रीय नेतृत्व ने हमारे नगर की बेटी को लीडरशिप में सबसे आगे जिम्मेदारी सौंपी। जिस तरीके से बेटी सोफिया ने यह कार्य किया है, इसके लिए हम सभी गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आगे राष्ट्रीय नेतृत्व इस परिवार का सम्मान करेगा। हम सभी परिवार का मनोबल बढ़ाने आए हैं। परिवार को भी गर्व होना चाहिए कि उनकी बेटी ने देश के लिए इतना बड़ा कार्य किया।    कर्नल सोफिया के चचेरे भाई बंटी सुलेमान बोले- परिवार के लिए गर्व की बात   कर्नल सोफिया के चचेरे भाई बंटी सुलेमान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय नेतृत्व ने जिस तरह से उनकी बहन का मान बढ़ाया है, यह उनके परिवार के लिए गर्व की बात है और पूरा परिवार बहुत खुश है। हमारी बहन उनके फैसले पर खरी उतरी है। आगे भी इसी तरह का विश्वास उस पर बनाए रखे। हमारे परिवार की ओर से बहुत-बहुत आभार। मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान ने देशभर की राजनीति गरमा दी है। एक तरफ जहां कांग्रेस समेत देशभर के राजनैतिक दल प्रदेश भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह के बयान की निंदा करते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर चुके हैं तो वहीं दूरी तरफ देश के आम लोगों में भी मंत्री विजय शाह की टिप्पणी पर नाराजगी दिखाई दे रही है। हालात ये हो गए हैं विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह की ओर से माफी मांगे जाने के बावजूद मामला गर्माता देख भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इसपर संज्ञान लेना पड़ा है।  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा के राज्य संगठन से मंत्री विजय शाह से जुड़े मामले की रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले पर फैसला लिया जाएगा। मंत्री शाह के इस बयान पर मचा बवाल दरअसल, सोमवार को href="https://www.patrika.com/indore-news/" target="_blank" rel="noopener">इंदौर जिले के महू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था, जिसके वीडियोज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मंत्री ने कहा, ‘जिन्होंने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा, मोदी जी ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी की तैसी कर दी।’ इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में तकरार पैदा कर दी। उन्होंने कहा, ‘तुम्हारे समाज की बहन तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।’ विवाद बढ़ने बेकफुट पर आए मंत्री इधर, बयान के बाद विजय शाह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मिलने पहुंचे। प्रदेश बीजेपी दफ्तर में दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में मुलाकात हुई। हालांकि विजय शाह ने अपने विवादित बयान को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि मैं अपने बयान को लेकर माफी मांगता हूं। मैं 10 बार माफी मांगता हूं। बीजेपी हुई असहज कर्नल सोफिया कुरैशी पर पूरे देश को नाज है। वहीं, मध्य प्रदेश के लिए तो अलग ही गर्व की बात है। कर्नल सोफिया कुरैशी मध्य प्रदेश के नौगांव की रहने वाली हैं। वह यहां की बेटी हैं। तमाम बयानवीर नेता कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफों के पुल बांधते नहीं थक रहे हैं। बीजेपी लगातार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एज ले रही है। बड़बोले मंत्री विजय शाह ने अपने एक बयान से सब कुछ गुड़ गोबर कर दियाहै। विपक्ष के साथ-साथ इनके बयान से सोशल मीडिया पर भी उबाल है। लोग मंत्री की बेशर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पार्टी ने भी तलब कर खानापूर्ति कर दी है। बेशर्मी पर मंत्री की राक्षसी हंसी हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है, जब मंत्री विजय शाह विवादों में घिरे हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी से मंत्री माफी मांग रहे हैं। एक नहीं, 10-10 बार माफी मांग रहे हैं। अफसोस है कि यह सिर्फ दिखावे के लिए है। उन्हें अपने घटिया बयान पर लगता है कि कोई अफसोस नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। माफी के बाद वह ठहाके लगाकर हंसते हैं। बीजेपी ढो क्यों रही? मंत्री विजय शाह के बयान को लेकर बीजेपी की फजीहत हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी को आगे कर भारत सरकार ने दुनिया को अलग संदेश दिया था। बीजेपी इस मुद्दे पर अलग माइलेज ले रही थी। इसके जरिए … Read more

प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 1 जून से 500 मिलीलीटर तक की प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर लगाया बैन

हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 1 जून से 500 मिलीलीटर तक की प्लास्टिक की पानी की बोतलों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिलों के उपनिदेशकों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है, जिसमें पर्यावरण विभाग के हालिया निर्णय को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का यह कदम पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्लास्टिक की छोटी बोतलों, खासकर पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (पीईटी) पानी की बोतलों के बढ़ते उपयोग और उनके पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। एकल उपयोग वाले प्लास्टिक कचरे को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। अब छात्रों और शिक्षकों को पानी ले जाने के लिए पुन: प्रयोज्य बोतलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। recent visitors 33

प्रदेश के लाखों पेंशनर्स को 1 मई 2023 से 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि सहित सभी अनुषांगिक लाभों का भुगतान 6 सप्ताह में जाए

इंदौर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में राहतकारी आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा है कि पेंशनर्स को 1 मई 2023 से 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि सहित सभी अनुषांगिक लाभों का भुगतान 6 सप्ताह में जाए। 2024 में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर दायर की गई थी याचिका पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष आमोद सक्सेना और नर्मदापुरम के दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने 2024 में याचिका दायर की। कोर्ट को बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने से पहले वे सभी एक वार्षिक वेतन वृद्धि पाने के हकदार हैं। हाई कोर्ट से पेंशनर्स को मिली बड़ी राहत हाई कोर्ट ने इस मामले में पेंशनर्स (MP Pensioners) को राहत देते हुए अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया कि वित्तीय लाभ केवल 1 मई 23 से 7% ब्याज के साथ दिया जाएगा। वहीं ये लाभ पेंशनर्स को तय की गई समय सीमा के अंदर ही दिया जाना चाहिए। बता दें कि कोर्ट के इस फैसले से एमपी के लाखों पेंशनर्स को राहत मिल गई है। recent visitors 37

भोपाल में 8 हजार पेड़ बचाने की मुहिम तेज, 18 मई को अयोध्या बायपास पर जुटेंगे लोग चिपको आंदोलन

भोपाल राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास को लेकर 20 साल पहले तय एक नियम ने आज यहां 8000 पेड़ों के काटने की स्थिति बनाई है। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक का अनुमान लगाते हुए 1995 में इस रोड की चौड़ाई 66 मीटर तय कर दी थी। आबादी के साथ रोड बनी और अनुमतियां भी यहां 66 मीटर की जगह छोड़कर दी गई, जिससे ग्रीनरी विकसित हुई। अब मास्टर प्लान में तय चौड़ाई को ही आधार बनाकर चौड़ीकरण तय किया और यहां पेड़ों की कटाई प्रस्तावित की गई। रविवार शाम पांच बजे करेंगे चिपको आंदोलन पेड़ों को बचाने पर्यावरण प्रेमी चिपको आंदोलन(Chipko movement) करेंगे। 18 मई शाम पांच बजे पर्यावरण प्रेमियों को बायपास पर एकत्रित होने का आह्वान किया गया है। पेड़ों को बचाने रक्षासूत्र बांधे जाएंगे। प्रशासन को इस आंदोलन की सूचना दी है। इस पर प्रशासन यहां उचित इंतजाम भी कर रहा है। प्रदर्शन को लेकर रणनीति भी बनाई जा रही है। बैठकों का दौर भी चल रहा है। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों शिवाजी नगर में बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि 18 मई की शाम को अयोध्या बायपास पर आंदोलन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। विकास जरूरी है, पर हरियाली के नाम पर ऐसा नहीं होने देंगे। एनएचएआई को प्रोजेक्ट में बदलाव करना चाहिए। ताकि, प्रोजेक्ट भी पूरा हो और पेड़ भी न काटे जा सके। इसलिए 10 लेन बनाया जा रहा अयोध्या बायपास बता दें कि इस रोड पर 3 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां साल भर में 30-35 लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए सड़क को सर्विस लेन मिलाकर 10 लेन किया जा रहा है। विरोध की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने हाईकोर्ट और एनजीटी में कैविएट दायर की है। ताकि न्यायालय कोई भी स्टे देने से पहले एनएचएआई का पक्ष सुना जाए। हाउसिंग बोर्ड ने विकसित की कॉलोनियां मास्टर प्लान में आवासीय सह व्यावसायिक गतिविधि के लिए तय इस क्षेत्र को अयोध्या नगर के तौर पर हाउसिंग बोर्ड ने इसे विकसित किया। बोर्ड के विकास से निजी डेवलपर भी सक्रिय हुए और आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन गया। आनंद नगर व अयोध्या बायपास के नाम से ये रोड पहचाने जाने लगी। अब 8000 पेड़ कटाई से ये फिर चर्चा में है। पेड़ों को बांध चुके रक्षासूत्र इससे पहले रविवार की शाम को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में लोगों रत्नागिरी तिराहे पर पहुंचकर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे थे। साथ ही उन्हें बचाने का संकल्प लिया था। आयोजन की अगुआई श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने की। उन्होंने कहा- यह सिर्फ पेड़ों की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हम इन पेड़ों को कटने नहीं देंगे। गुप्ता ने खुद पेड़ों को रक्षासूत्र बांधते हुए आंदोलन की शुरुआत की। recent visitors 25

सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, चौराहों पर लगाएं मिलावटखोरों व नकली दवा कारोबारियों की तस्वीरें

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के कारोबार को ‘सामाजिक अपराध’ करार देते हुए कहा कि यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मिलावटखोरों, नकली दवाओं के कारोबारी नेटवर्क और इस अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त व निर्णायक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को सार्वजनिक रूप से चिन्हित किया जाए और उनकी तस्वीरें प्रमुख चौराहों पर लगाई जाएं, ताकि जनता भी उन्हें पहचान सके और समाज में उनके प्रति नकारात्मक संदेश जाए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि तेल, घी, मसाले, दूध और पनीर जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं की जांच यथासंभव उत्पादक इकाई पर ही की जाए। दूध व दुग्ध उत्पादों की विशेष रूप से सघन जांच के लिए समर्पित टीमें बनाई जाएं जो लगातार निगरानी रखें। साथ ही पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान कर इस पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। नकली औषधियों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस के साथ विभागीय समन्वय को और बेहतर बनाया जाए ताकि प्रवर्तन कार्यवाहियों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा भी बैठक में की गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। पूर्व में कार्यरत छह प्रमुख मंडलों के अलावा अब अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, कानपुर, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और देवीपाटन मंडलों में भी नई प्रयोगशालाएं और कार्यालय स्थापित किए गए हैं। लखनऊ, गोरखपुर और झांसी में प्रयोगशाला भवनों का उच्चीकरण किया गया है। साथ ही, लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में तीन आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जिनमें सूक्ष्मजीव, प्रोटोजोआ, विषाणु, जीवाणु, माइक्रोटॉक्सिन्स तथा अन्य रोगकारक जीवों की जांच संभव हो पाई है। लखनऊ और मेरठ में परीक्षण भी प्रारंभ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इन प्रयोगशालाओं के संचालन व रखरखाव हेतु एक ‘कॉर्पस फंड’ स्थापित करने का सुझाव दिया। recent visitors 30

प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए , हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा

रायपुर : धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली रायपुर हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है। recent visitors 43