भारत ने अब पाकिस्तान के साथ खड़े होने वाले तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर करारा जवाब देना शुरू

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान की लड़ाई में तुर्की ने पाक का साथ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तुर्की ने पाकिस्तान को वॉर के मिसाइल से ड्रोन तक देने में मदद की। भारत के लोगों को तुर्की का ये रवैया रास नहीं आया है। लिहाजा भारत ने अब पाकिस्तान के साथ खड़े होने वाले तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर करारा जवाब देना शुरू कर दिया है। तुर्कीये के खिलाफ भारतीय व्यापारियों (Indian Traders) ने ‘ट्रेड स्ट्राइक’ का ऐलान कर दिया है। पुणे के व्यापारियों ने तुर्की से सेब खरीदना पूरी तरह बंद कर दिया है। वे अपने देश के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ईरान और अन्य क्षेत्रों से सेब मंगवा रहे हैं। वहीं उदयपुर में मार्बल कारोबारी भी तुर्की से व्यापार रोकने को ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र के पुणे में व्यापारियों ने तुर्की से आयात होने वाले सेबों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी है। स्थानीय बाजारों से ये सेब गायब हो गए हैं और ग्राहकों ने भी इसका बहिष्कार कर दिया है। हर साल पुणे के फलों के बाजार में तुर्की सेबों की हिस्सेदारी लगभग ₹1,000 से ₹1,200 करोड़ की होती है, लेकिन अब यह कारोबार ठप हो गया है। पुणे के एपीएमसी (कृषि उत्पन्न बाजार समिति) मार्केट में सेब व्यापारी सय्योग जेंडे ने बताया कि हमने तुर्की से सेब मंगवाना पूरी तरह बंद कर दिया है। अब हम हिमाचल, उत्तराखंड, ईरान और अन्य स्रोतों से सेब मंगा रहे हैं। तुर्की सेबों की मांग में करीब 50% की गिरावट आई है। दयपुर के व्यापारियों ने तुर्की से मार्बल का आयात बंद किया एशिया के सबसे बड़े मार्बल व्यापार केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले उदयपुर के व्यापारियों ने तुर्किये (तुर्की) से मार्बल का आयात बंद करने का फैसला किया है। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराना ने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जब तक तुर्किये पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, तब तक उससे व्यापार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत में आयात होने वाले कुल मार्बल का करीब 70% हिस्सा तुर्किये से आता है, लेकिन अब यह आयात बंद किया जा रहा है। ट्रेवल एजेंसियां तुर्की और अजबैजान की बुकिंग बंद की तुर्की और अजरबैजान जैसे देशों की इकोनॉमी में टूरिज्म का बहुत बड़ा रोल है. इन दोनों के देश की कुल जीडीपी का 10 फीसदी हिस्सा टूरिज्म से ही आता है। अजरबैजान की बात करें तो यहां 70% पर्यटक भारत से ही जाते हैं। भारत-पाक तनाव के बाद भारत के लोगों के बॉयकॉट तुर्की और अजरबैजान कैंपेंन छेड़ दिया जिसका असर दिखना शुरु हो गया। travel booking platforms जैसे Ixigo और EaseMyTrip Turkey के लिए बुकिंग नहीं ले रहे हैं। भारतीयों ने बॉयकॉट तुर्की और अजबैजान कैंपेन चलाया भारत के लोगों तुर्की को बॉयकॉट करना शुरू कर दिया है। अब लोग अजरबैजान की जगह बैंकाक जाने लगे हैं। देश भर के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने इन देशों में जाने का अपना प्लान कैसिंल कर दिया है। अकेले पूर्वांचल से 15000 पर्यटकों ने इन दोनों देशों का प्लान कैंसिल किया है। ऑल इंडिया टूरिस्ट फेडरेशन के मुताबिक दिनों में सिर्फ पूर्वांचल से 15000 से ज़्यादा पर्यटकों ने अपना प्लान और टिकट कैंसिल करा लिया है। पिछले साल 37500 लोगों ने इन दोनों देशों की यात्रा की थी। अभी तो तीन दिन का ही ये आंकड़ा है उम्मीद की जा रही है कि ये संख्या 25 हज़ार से 30 हज़ार के बीच जा सकती है। ट्रैवल कंपनियां भी इसमें लोगों का साथ दे रही है। कॉक्स एन्ड किंग, एसओटीसी और इज़ माय ट्रिप जैसी ट्रैवेल कम्पनियां और एयर इंडिया सहित कई एयरलाइन्स कम्पनी लोगों से कोई कैंसिलेशन चार्ज भी नही ले रही हैं। 2.50 लाख टूरिस्ट इंफोइंडिया के आकड़ों के मुताबिक साल 2024 में भारत से करीब 2.50 लाख टूरिस्ट ने अजरबैजान की यात्रा की। वहीं तुर्की की बात करें तो करीब 3 लाख टूरिस्ट भारत से तुर्की गए थे। यात्रा के दौरान हर यात्री औसतन करीब 1000 अमेरिकी डॉलर यानी 85,000 रुपये खर्चा किया। इस तरह पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों को पिछले साल करीब 469 करोड़ रुपये की आय हुई। recent visitors 23

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की उच्च स्तरीय समीक्षा

रायपुर : छत्तीसगढ़ की पहचान बनेगा नया विधानसभा भवन: सितम्बर 2025 तक निर्माण हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश 51 एकड़ क्षेत्र में बन रहा है भव्य और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया विधानसभा परिसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की उच्च स्तरीय समीक्षा रायपुर नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 51 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ की नवीन विधानसभा का निर्माण तीव्र गति से जारी है। अब तक 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में निर्माण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और इसे सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा। इसकी भव्यता और कार्यक्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी। नवीन विधानसभा भवन के निर्माण कार्यों को तीन प्रमुख विंगों में विभाजित किया गया है—विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन और सेंट्रल हॉल परिसर। इनमें दर्शक दीर्घा, मीडिया दीर्घा, सभागृह कक्ष, पुस्तकालय, विद्युतीकरण, वातानुकूलन, डामरीकरण, उद्यानिकी, जल एवं विद्युत आपूर्ति, आंतरिक साज-सज्जा और फिक्स्ड फर्नीचर का कार्य तीव्र गति से जारी है। हर विभाग की जिम्मेदारी तय: समन्वय से बनेगा आदर्श परिसर बैठक में लोक निर्माण विभाग, उद्यानिकी, संस्कृति विभाग और चिप्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण का समावेश: फायर फाइटिंग से लेकर सोलर पैनल तक विधानसभा परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो प्रणाली, 300 किलोवॉट सोलर पैनल और 500 सीटर ऑडिटोरियम की स्थापना की जा रही है, जिससे यह परिसर पर्यावरणीय दृष्टि से भी आदर्श उदाहरण बने। संस्कृति का संगम: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति पर आधारित संग्रहालय भी होगा शामिल संस्कृति विभाग द्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानन्द, श्री मुकेश बंसल, डॉ. बसवराजू एस, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 33

छत्तीसगढ़ में पीएम आवास 2018 की सर्वे सूची के सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास

रायपुर : अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपा 3 लाख 700 पीएम आवासों का स्वीकृति पत्र छत्तीसगढ़ में पीएम आवास 2018 की सर्वे सूची के सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का कराया गृह प्रवेश प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास हितग्राहियों के पैर पखार कर सौंपी खुशियों की चाबी मनरेगा में छत्तीसगढ़ का लेबर बजट बढ़ाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री चौहान अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान केंद्रीय  ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल हुए। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को उनके पूर्ण हो चुके आवास की चाबी सौंपी और उन्हें शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री ने आवास का निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों के आवास का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के नवनिर्मित 51 हजार आवासों में हितग्राहियों को गृह प्रवेश भी करवाया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित किया तथा अमृत सरोवर पोर्टल का शुभारंभ किया।   केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि नया सर्वे हो रहा है और जिनके कच्चे मकान हैं, उनके पक्के मकान बनाए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि डबल इंजन की सरकार बनी तो सबको पक्के मकान बनाकर देंगे, हमारी सरकार बनते ही हमने अपना वादा निभाया।  छत्तीसगढ़ में जो पात्र हितग्राही थे सबके आवास अब स्वीकृत हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का उदय हो रहा है। हमारा संकल्प विकसित भारत के निर्माण का है। विकसित छत्तीसगढ़ बनेगा। उन्होंने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख लखपति दीदी बनीं हैं। आने वाले समय में 4 लाख लखपति दीदी बनाएंगे। महिला स्व-सहायता से जुड़ी हर दीदी को लखपति बनाएंगे। गांव के हर एक गरीब को रोजगार से जोड़कर उसकी आमदनी बढ़ाएंगे।   खेती को बनाएंगे फायदे का धंधा केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि खेती को फायदे का धंधा बनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की फसल 3100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं। किसानों की आय को बढ़ा रहे हैं। मेरे पास 16000 से अधिक कृषि वैज्ञानिक है। 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक गांवों में आएंगे और 15 से 20 गांवों के किसी सेंटर पर किसानों के साथ बैठकर कृषि को फायदे का धंधा बनाने के लिए चर्चा करेंगे। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया जाए, वे आपके बीच जाएंगे, आपकी समस्या को सुनेंगे, आपके खेत को देखेंगे, मिट्टी-मिट्टी का परीक्षण करेंगे कि खेत किस प्रकार की फसल के लिए उपयुक्त है। खरीफ फसलों की तैयारी के लिए सुझाव देंगे। खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज जिन 51000 हितग्राही को अपने घर का चाबी मिल रही है उन सभी को शुभकामनाएं। इसके साथ आपको बिजली, पानी सभी सुविधा मिलेगी। एक साथ कई सुविधा दे रहे हैं ताकि आपके जीवन में कोई भी अभाव ना रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिले में 15 हजार आवास की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लेबर बजट बढ़ा दिया जाएगा। घर बनाने के लिए हितग्राहियों को 90 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।  उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के वीर जवानों के शौर्य और वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब सहने वाला नहीं, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष कर सरगुजा संभाग के लिए सौभाग्य का दिन है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास देने वाले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में पधारे है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  13 दिसम्बर को हमारी सरकार बनते ही 14 दिसम्बर की पहली कैबिनेट बैठक में हमने पहला काम 18 लाख आवास की स्वीकृति देने का किया। पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराएंगे आवास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी आवास प्लस-प्लस का सर्वे चल रहा है। सब से आग्रह है कि 15 मई तक सर्वेक्षण में अपना नाम जुड़वा लें। इस बार आवास के लिए पात्रता में कई छूट दी गई हैं। जिनके पास पांच एकड़ असिंचित जमीन या ढाई एकड़ सिंचित जमीन है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपए तक है, जिनके पास मोटर सायकल हैं उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए पात्र माना गया है। आम जनता की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश में चल रहा है सुशासन तिहार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 3 चरणों में सुशासन तिहार चल रहा है। पहले चरण में लोगों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उनका समाधान किया गया और तीसरे चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं और मंत्रिगण समाधान शिविर में शामिल हो रहे हैं। विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और समीक्षा बैठक आयोजित किया जा रहा है। अभी तक मैं … Read more

स्टॉक मार्केट में गिरावट पर ब्रेक… सेंसेक्स खुलते ही 400 अंक उछला, ये 10 स्टॉक बने रॉकेट

मुंबई भारत और पाकिस्तान में सीजफायर (India-PAK Ceasefire) होने के बाद भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जहां ताबड़तोड़ तेजी आई, तो अगले ही दिन सेंसेक्स-निफ्टी भरभराकर टूटे. वहीं सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार की बात करें, तो मार्केट की ओपनिंग ग्रीन जोन में हुई और बीते दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आया. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही 400 अंक से ज्यादा उछल गया, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (NSE Nifty) ने 120 अंक चढ़कर कारोबार की शुरुआत की. इस दौरान टाटा स्टील का शेयर (Tata Steel Share) छलांग लगाता हुआ नजर आया. Sensex-Nifty की तेज शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 81,148.22 की तुलना में उछलकर 81,278.49 के लेवल पर खुला और कुछ ही मिनट में ये 415 अंक की तेजी लेकर 81,564.41 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. बात अगर निफ्टी (Nifty) की करें, तो इसने भी अपने पिछले बंद 24,578.35 के लेवल से छलांग लगाते हुए 24,613.80 पर कारोबार शुरू किया और सेंसेक्स की तरह ही मिनटों में तेज रफ्तार पकड़ते हुए 143 अंक चढ़कर 24,721.70 पर कारोबार करने लगा. 438 शेयर जोरदार तेजी के साथ ओपन मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच Share Market की शानदार ओपनिंग हुई र शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 438 कंपनियों के शेयरों ने ग्रीन जोन में जोरदार शुरुआत की. इसके अलावा लगभग 100 शेयर ऐसे रहे, जो अपने पिछले बंद के मुकाबले गिरावट लेकर खुले, जबकि 32 कंपिनयों के शेयरों में कोई चेंज देखने को नहीं मिली. निफ्टी पर Tata Steel, Bharti Airtel, Shriram Finance, Tech Mahindra, JSW Steel शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स में शामिल रहे, तो वहीं Tata Motors, Cipla, Hero MotoCorp, Asian Paints और Eicher Motors ने खराब शुरुआत की. ये 10 शेयर टॉप गेनर अगर शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में Tata Steel Share 4.38% की उछाल के साथ पहले नंबर पर रहा और इसका भाव 156.05 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा Bharti Airtel Share (2.47%), Tech Mahindra Share (1.11%) की तेजी के साथ ट्रेड करता नजर आया. HDFC Bank, Reliance और Adani Ports के शेयर भी ग्रीन जोन में ओपन हुए, हालांकि इनकी रफ्तार धीमी रही. मिडकैप कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी  Glaxo Share (7.65%) में रही, इसके अलावा ABCApital Share (4.82%), Mazgaon Dock Share (3.83%), MFSL Share (3.47%), SAIL Share (3.32%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Indorama Share (19.98%), जबकि GSRE Share (11.49%) की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. कल फिसला था शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटे थे. सेंसेक्स ने 82,249.60 के लेवल पर ओपन होकर कारोबार की शुरुआत की थी और अंत में 1281.68 अंक या 1.55 फीसदी की गिरावट लेकर 81,148.22 पर क्लोज हुआ था. इसी तरह निफ्टी भी दिनभर रेड जोन में नजर आया था. NSE Nifty 24,864.05 पर खुलने के बाद मार्केट बंद होने पर 346.35 अकों की तगड़ी गिरावट लेते हुए 24,578.35 पर बंद हुआ था.   recent visitors 42

मध्यप्रदेश ने एथेलेटिक्स में 1 रजत और कलारिपयट्टू खेल में 1 कांस्य पदक सहित कुल 2 पदक प्राप्त किये

खेलो इण्डिया यूथ गेम्स- 2025 भोपाल खेलो इण्डिया यूथ गेम्स 2025 का आयोजन बिहार में 4 से 15 मई 2025 तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी खेल का शानदार प्रदर्शन कर रहें है। प्रतियेागिता में मध्यप्रदेश 9 स्वर्ण, 6 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 26 पदक के साथ सातवें स्थान पर है। आज मध्यप्रदेश ने एथेलेटिक्स में 1 रजत और कलारिपयट्टू खेल में 1 कांस्य पदक सहित कुल 2 पदक प्राप्त किये। प्रतियोगिता में आज एथेलेटिक्स खेल में मध्यप्रदेश के अवदेश ने बालक यूथ अंडर 18 वर्ग के 1500 मी. रन इवेन्ट में 3:56.78 सेकेण्ड का समय लेकर रजत पदक प्राप्त किया। कलारिपयट्टू में म.प्र की खिलाड़ी कु. प्रियांशी जामलिया और समृद्धि पटेल ने स्वर्ड एण्ड शील्ड और फ्लेक्सिबल स्वार्ड टीम इवेन्ट में बेहतर खेल का प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता। कुश्ती के 65 कि.ग्रा. फ्री स्टाइल इवेन्ट के मुकाबले में खेल अकादमी के खिलाड़ी निशित जायसवाल ने हरियाणा के खिलाड़ी रोहित को परास्त कर फायनल मुकाबले में प्रवेश किया। इसी तरह बॉक्सिंग खेल में 65 किग्रा. भार वर्ग में जरसित ने हरियाणा के खिलाड़ी को हराकर फायनल मुकाबले में प्रवेश किया। दोनो ही फायनल मुकाबले कल खेले जायेंगें। 14 मई को एथेलेटिक्स, बॉक्सिंग, फेंसिंग, वेट लिफ्टिंग, योगासन, कुश्ती, थांग-ता, बास्केटबाल और हॉकी के मुकाबले खेले जायेंगे। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बिहार में आयोजित खेलो इण्डिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन की सराहना की है, उन्होंने पदक विजेता खिलाड़ियों बधाई देते हुये, खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।   recent visitors 38

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है, इसे समर्पण के साथ निभाएं : खाद्य मंत्री राजपूत परिणय सूत्र में बंधे 750 नवयुगल, पुष्प वर्षा कर सपत्नीक मंत्री राजपूत ने दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है। इसे समर्पण के साथ निभाएं ताकि जीवन में कभी कोई परेशानी न आये। एक-दूसरे का साथ हर परेशानी में दें जिससे आपका जीवन सुख और समृद्धि से भरा रहे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई है। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में 750 से अधिक मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह कार्यक्रम के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह योजना के माध्यम से बेटियों की शादी में अब सीधे 49000 की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाने लगी है। मंत्री राजपूत ने कहा कि सभी नव दंपति आज दी जाने वाली राशि से अपनी गृहस्ती का सामान खरीदना या घूमने जाना किंतु अपना जीवन पूरे प्रेम के साथ जीना। मंत्री राजपूत ने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना के कारण प्रभावशाली बन गया है। पाकिस्तान ने भारत पर आंख उठाने की गुस्ताखी की जिस पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना ने करारा जवाब देकर उनको अच्छा सबक सिखाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से हमारी गरीब मध्यम वर्ग की बेटियों की शादी की जा रही है जिसमें मंत्री,नेता अधिकारी एवं हजारों की संख्या में बाराती उपस्थित है। राजपूत ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़ा शुभ दिन है जब एक ही पंडाल में हिंदुओं की बेटियों की शादियां हो रही है वहीं मुस्लिम बेटियों का निकाह भी हो रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं मंत्री गोविंद राजपूत की पत्नी श्रीमती सविता राजपूत ने कहा कि सभी दूल्हे राजा हमारी बेटियों को कोई कष्ट ना देना उनका कष्ट हमारा कष्ट है आप उनका पूरा ध्यान रखना और प्रेम से अपना जीवन जीना। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने अवसर पर बुंदेली गीत बन्नो तेरी अखियां सुरमेदानी की प्रस्तुति दी तो बेटियों के परिजनों की आंखें नम हो गई। कार्यक्रम में बुंदेली गायिका कविता शर्मा की बुंदेली मांगलिक गीतों से पूरा समारोह विवाह की मस्ती में सराबोर हो गया। पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जोड़े को दी शुभकामनाएं राहतगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत सहित मंच पर आसीन सभी अतिथियों ने सभी जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने सभी बेटियों को अपनी तरफ से उपहार स्वरूप साड़ियां भेंट की तथा चैक वितरित किये गये। आयोजन में बुंदेली व्यंजन परोसे जा रहे थे, वहीं गर्मी से बचने के लिए ठंडी छाछ एवं पना कुल्फी का आनंद भी लिया जा रहा था।   recent visitors 32

जस्टिस बीआर गवई आज ली 52वें सीजेआई के रूप में शपथ, दे चुके हैं ये बड़े फैसले

नई दिल्ली जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ले ली है. वह सुप्रीम कोर्ट के 52वें सीजेआई बन गए हैं. देश के इस अहम पद पर बैठने से पहले उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया. CJI पद की शपथ लेते ही सबसे पहले उन्होंने अपनी मां कमलताई गवई के पैर छुए. जस्टिस गवई भारत के पहले बौद्ध सीजेआई हैं. आजादी के बाद वह देश में दलित समुदाय से दूसरे सीजेआई हैं.  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर उनका कार्यकाल छह महीने का होगा.   जस्टिस वीआर गवई के अहम फैसले जानें न्यायधीश रहते जस्टिस वीआर गवई ने कई अहम फैसले दिए, जिनकी खूब चर्चा हुई. उनके मुख्य फैसलों में बुलडोजर जस्टिस, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को बरकरार रखना, डिमोनेटाइजेशन को बरकरार रखना, अनुसूचित जाति कोटे में उप-वर्गीकरण को बरकरार रखना, शराब नीति में के कविता को जमानत देना, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की दो बार आलोचना करना शामिल हैं. देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस गवई परंपरा के अनुसार, वर्तमान सीजेआई अपने उत्तराधिकारी के रूप में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गवई वरिष्ठता के क्रम में सबसे आगे थे, जिसके चलते उनके नाम की सिफारिश की गई। कानून मंत्रालय ने सीजेआई जस्टिस खन्ना से उनके उत्तराधिकारी का नाम देने की आधिकारिक अपील की थी। ऐसा रहा करियर 16 मार्च, 1985 को वकालत शुरू करने वाले न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में सेवा दी। 17 जनवरी, 2000 को उन्हें नागपुर खंडपीठ के लिए सरकारी वकील और लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। 14 नवंबर, 2003 को वे बॉम्बे हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 12 नवंबर, 2005 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 24 मई, 2019 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। न्यायमूर्ति गवई सर्वोच्च न्यायालय में कई ऐसी संविधान पीठों में शामिल रहे, जिनके फैसलों का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा। दिसंबर 2023 में, उन्होंने पांच जजों की संविधान पीठ में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को सर्वसम्मति से बरकरार रखा। पिता रहे हैं बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। जस्टिस गवई के पिता दिवंगत आरएस गवई भी एक मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल रहे। जस्टिस गवई देश के दूसरे अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन साल 2010 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। कई मामलों पर जस्टिस बीआर गवई ने सुनाए ऐतिहासिक फैसले राजीव गांधी हत्याकांड (2022) जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 30 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद दोषियों की रिहाई को मंजूरी दी, यह मानते हुए कि तमिलनाडु सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। वणियार आरक्षण (2022) तमिलनाडु सरकार को वणियार समुदाय को विशेष आरक्षण देने के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि यह अन्य पिछड़ा वर्गों के साथ भेदभावपूर्ण था। नोटबंदी (2023) जस्टिस गवई ने 2016 की नोटबंदी योजना को 4:1 बहुमत से वैध ठहराते हुए कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच परामर्श के बाद लिया गया था और यह "अनुपातिकता की कसौटी" पर खरा उतरता है। ईडी निदेशक का कार्यकाल (2023) जुलाई 2023 में जस्टिस गवई की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को अवैध करार दिया और उन्हें 31 जुलाई 2023 तक पद छोड़ने का निर्देश दिया था। बुलडोजर कार्रवाई (2024) 2024 में, जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि केवल आरोपी या दोषी होने के आधार पर किसी की संपत्ति को ध्वस्त करना असंवैधानिक है। कार्रवाई बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं कर सकते, अगर होती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।   अन्य फैसले     मोदी सरनेम केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी थी। उन्हें इस केस में दो साल की सजा के बाद लोकसभा से अयोग्य करार दिया गया था।     सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता शीतलवाड़ को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत दी।     दिल्ली शराब घोटाले में बीआरएस नेता के कविता को भी जमानत दी। 1985 में की वकालत की शुरुआत नए CJI गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था. उन्होंने 16 मार्च 1985 को वकालत शुरू की. शुरुआती सालों में उन्होंने बार. राजा एस. भोसले (पूर्व महाधिवक्ता एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) के साथ 1987 तक कार्य किया. इसके बाद 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस की. जस्टिस गवई ने 1990 के बाद मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेचं में प्रैक्टिस की, जिसमें संवैधानिक और प्रशासनिक कानून विशेष क्षेत्र रहे. वह नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के लिए स्थायी वकील रहे. इसके अलावा, उन्होंने सीकोम, डीसीवीएल जैसी विभिन्न स्वायत्त संस्थाओं और निगमों, विदर्भ क्षेत्र की कई नगर परिषदों के लिए नियमित रूप से पैरवी की.   recent visitors 38