Pushpendra
दहेजलोभी दूल्हा और उसके परिवार वालों ने दहेज की रकम नहीं मिलने पर, बिना दुल्हन बारात ले गए
पन्ना दहेज नाम के कलंक को मिटाने के कई सालों से प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के कुछ पिछड़े इलाकों में रूढ़ि वादी लोगों की सोच वालों की वजह से आज भी यह प्रथा चली आ रही है। यही नहीं, इसके दुष्प्रभाव भी हो रहे हैं जिससे जुड़ा ताजा मामला पन्ना जिला से सामने आया है। यहां एक दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाकर बारात का इंतजार करती रही। लेकिन पैसों के लोभी दूल्हे पक्ष के लोग चंद रुपयों के लिए बारात लेकर लौट गए। बेटी के अरमानों पर फिरा पानी अजयगढ़ के ग्राम बहिरवारा का यह पूरा मामला है जहां एक बेटी के अरमानों पर पानी फिर गया। वर पक्ष ने दहेज में 1 लाख रुपये की मांग कर दी। शादी की रस्मों के बीच यह डिमांड दूल्हे के पक्ष ने कर दी। जिसे दुल्हन पक्ष पूरा नहीं कर सके। आखिरकार सिंहपुर से आई बारात बिना दुल्हन लिए ही लौट गई। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने वर पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। शादी की रस्मों के बीच उठी दहेज की मांग दरअसल, मिजाजी लाल साहू की बेटी का रिश्ता सिंहपुर निवासी सोनू साहू से तय हुआ था। विवाह के लिए किशनपुर के मैरिज गार्डन में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। 11 मई को वर वधु के लोग बारात का स्वागत करने के लिए तैयार थे। दुल्हन लाल जोड़े में, हाथों में मेहंदी लगाए विवाह की रस्मो का इंतजार कर रही थी। तय समय पर बारात पहुंची और दहेज को लेकर विवाद उठ गया। पैसे नहीं दे सके तो लौट गई बारात वधू पक्ष का आरोप है कि वर पक्ष के लोग 1 लाख रुपये की जिद परअड़ गए। बेटी के पिता ने बताया कि अचानक इतनी राशि का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं था। जब नगदी देने से मना किया गया तो वर पक्ष ने शादी करने से मना कर दिया। मिन्नतें करने के बावजूद वे नहीं माने और बिना शादी किए ही बारात वापस लौट गई। जांच में जुटी पुलिस जिसके बाद वधू पक्ष ने शिकायत थाना में दर्ज करवाई है। इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी बखत सिंह का कहना है कि वधू पक्ष के लोगों ने दहेज नहीं देने पर शादी तोड़ने और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। recent visitors 31
सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय, कहा- ऐसा बयान उनके घिनौने सोच को बताता है
भोपाल कर्नल सोफिया कुरैशी पर पूरे देश को गर्व है। लेकिन मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने उनको लेकर 'गंदी बात' कर दी। इतनी गंदी कि नवभारत टाइम्स डॉट कॉम उसे बता भी नहीं सकता। बयान के वायरल होते ही हल्ला मच गया। सीधे शाह को भाजपा कार्यालय तलब कर लिया गया, जहां जाकर उन्होंने माफी मांग ली। आलाकमान के तेवर को देखते हुए मंत्री विजय शाह हवाई चप्पल में ही भागते हुए पार्टी ऑफिस पहुंचे। हवाई चप्पल में ही आए पार्टी दफ्तर पार्टी ने इस तरह फटकार लगाई कि वे हवाई चप्पल पहनकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और मीडिया से बचने के लिए दौड़ते हुए कार्यालय में दाखिल हो गए। भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मामले पर एमपी संगठन से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंत्री शाह को मिलने बुलाया तो उनके होश फाक्ता हो गए। वे हवाई चप्पल में ही पार्टी कार्यालय पहुंच गए। पार्टी नेतृत्व से मांगी माफी उन्होंने पार्टी के नेतृत्व से माफी मांगी और मीडिया में कहा कि मैं बहन सोफिया से हजार बार माफी मांग सकता हूं। आपको बता दें कि जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह सोमवार को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बेहद घटिया बयान दे दिया। लेकिन घटना का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने इतनी गंदी बात कही है कि हमारे लिये यहां लिखना भी कर्नल सोफिया की बेकद्री हो सकती है। यहां पर हम इसलिए बयान नहीं लिख रहे। दस बार माफी मांग लूंगा मीडिया से चर्चा में विजय शाह ने कहा कि जो घटना हुई उस पर भी आप जाओ। सबसे पहले मैं ये बता दूं कि मेरा पूरा परिवार, खानदान मिलिट्री बेस्ड रहा है। कारगिल से लेकर और तमाम जगहों पर मेरे परिवार में कई लोग शहीद हुए। मैं उस बात से मैं न सिर्फ विचलित था बल्कि बहुत दुखी था। हम सपने में भी उनके अपमान का सोच भी नहीं सकते। फिर भी किसी को ऐसा लगा हो, किसी समाज को या किसी व्यक्ति को तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं। शाह ने कहा कि मैंने कहा न कि दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है। पार्टी ने दूसरे मैटर के लिए बुलाया था हालांकि विजय शाह ने इस बात से मुकर गए कि पार्टी संगठन ने उन्हें बयानबाजी के लिए बुलाया था। शाह ने कहा है कि महामंत्री जी से दूसरे मैटर पर बात करने के लिए बुलाया था। बीजेपी नेताओं ने परिवार से की मुलाकात वहीं, मंत्री विजय शाह के बयान से पार्टी को नुकसान हुआ है। मध्य प्रदेश बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का संदेश लेकर बीजेपी नेताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार से नौगांव जाकर मुलाकात की है। सोफिया कुरैशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भड़के अजय राय मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान ने अब तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल लगातार विजय शाह को घेर रहे हैं। इतना ही नहीं, भाजपा संगठन ने भी विजय शाह को तलब कर लिया है। इसी बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बयान सामने आया है। जिममें उन्होंने केन्द्र सरकार को मंत्री का इस्तीफा लेने की बात कही है। कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान अजय राय ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने अपने बयान से देश की वीरांगना बिटिया कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान करके नारीशक्ति, देश की सेना के साथ-साथ हमारी एकता पर भी चोट किया है। उनका बयान उनके छोटे और घिनौने सोच को बताता है। किसी जिम्मेदारी पर बैठा आदमी ऐसा अनैतिक और नफरती बयान कैसे दे सकता है। अजय राय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मंत्री से तुरंत इस्तीफा लेना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए अन्यथा यही माना जाएगा कि इस ओछी बयानबाजी में उनकी भी मूक सहमति है। हालांकि अगर ऐसा हुआ भी तो कोई ताज्जुब की बात नहीं होगी। क्योंकि, भाजपा और संघ का इतिहास ही महिला विरोध के साथ-साथ नफरत फैलाने वाला रहा है। recent visitors 44
मैच के दौरान विराट कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देंगे फैंस, चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिखेगा सबसे अलग नजारा
मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के बाद आईपीएल 2025 कुछ दिनों में फिर से शुरू होने जा रहा है। 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टकराएंगी। आरसीबी बनाम केकेआर मैच को लेकर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के फैंस ने एक तगड़ा प्लान बनाया है। फैंस चिन्नास्वामी में आरसीबी की जर्सी नहीं पहनेंगे। फैंस ने सफेद जर्सी पहनने का फैसला किया है, जिसका मकसद कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देना है। कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है और फैंस अपने पसंदीदा क्रिकेटर के लिए कुछ यादगार करने की कोशिश में जुटे हैं। फैंस ने इस संबंध में कैंपेन शुरू किया है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही। कैंपेन में आरसीबी और कोहली के सभी फैंस से मैच के दौरान स्टेडियम में आरसीबी की लाल और काली जर्सी के बजाय सफेद जर्सी पहनने की अपील की गई है। इसका उद्देश्य विराट के प्रति सम्मान जताना है, जिन्होंने 12 मई को खेल के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास ले लिया। वायरल पोस्ट में कहा गया, ''क्या आप इस बात को फैलाने में मदद कर सकते हैं कि अगले आरसीबी मैच में फैंस टेस्ट की सफेद जर्सी पहनकर स्टेडियम आएं? विराट कोहली को ट्रिब्यूट देने के लिए ऐसा करें। कोहली ने हममें से बहुत से लोगों को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करवाया है। मैं भले ही उन्हें सफेद जर्सी में खेलते हुए कभी नहीं देख पाऊंगा लेकिन मैं बस यह बताना चाहता हूं कि उनके पसंदीदा फॉर्मेट में उन्हें कितना प्यार किया जाता था।'' पोस्ट में आगे कहा गया, ''यह दमदार जेस्चर साबित करेगा कि उनकी विरासत आंकड़ों से कहीं आगे है। यह फैंस के दिलों में बसती है। प्लीज इसके बारे में सोचें और इसे हकीकत बनाने में हमारी मदद करें। यह हममें से बहुतों के लिए बहुत मायने रखेगा। मैंने एक टेम्प्लेट भी बनाया है। मुझे यह भी लगता है कि हम चिन्नास्वामी के बाहर जर्सी देने के लिए फंड जुटा सकते हैं। यह हमारा सबसे अच्छा मौका है। भले ही जर्सी न हो, लेकिन सादे सफेद टी-शर्ट से काम चल सकता है।" सोशल मीडिया पर भले ही मुहिम चलाई जा रही हो लेकिन ऐसा होगा या नहीं, ये देखने वाली बात होगी। 36 वर्षीय कोहली ने 2011 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेल, जिसमें 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 30 शतक जमाए। कोहली ने इंस्टाग्राम पर संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, ''जब मैं खेल के इस प्रारूप से दूर जा रहा हूं तो यह आसान नहीं है। लेकिन यह सही लगता है। मैंने इसे अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे उम्मीदों से कहीं अधिक दिया है।'' उन्होंने कहा, ''मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभार लेकर जा रहा हूं जिसने मुझे इस दौरान खेलते हुए देखा।'' recent visitors 34
हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं:CM योगी
लखनऊ लखनऊ में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'भारत शौर्य तिरंगा यात्रा' का भव्य शुभारंभ किया. इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, 'पूरा भारत अपनी सेना के बहादुर जवानों का अभिनंदन करने के लिए आतुर दिखाई दे रहा है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसलों पस्त कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए हम पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देते हैं.' सीएम योगी ने तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करते हुए एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'पूरा देश हमारे जवानों की वीरता और बहादुरी को सलाम करने के लिए उत्सुक है. हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं. पूरे देश और दुनिया ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकी हमले की निंदा की.' उन्होंने कहा कि इस घटना पर पाकिस्तान ने चुप्पी साधे रखी. आतंकी हमले के बारे में सभी सबूत मुहैया कराए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी भूमिका से इनकार किया. आखिरकार ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया है और पहले दिन ही 100 से अधिक आतंकवादियों को उनके भयानक कृत्य के लिए सजा दी गई. ये देश और दुनिया ने देखा है, और भारत की सेना का लोहा को माना है. 'कोई छेड़ेंगा तो छोड़ेंगे नहीं' सीएम ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसले को पस्त कर दिया है. पाकिस्तान द्वारा की गई हिमाकत का जिस मजबूती के साथ भारत के बहादुर जवानों ने जवाब देते हुए दुनिया को संदेश दिया कि हम पहले से किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन कोई छेड़ेगा तो उसको छोड़ेंगे भी नहीं. और भारत ने ये करके दिखाया है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी 13 मई से 23 मई तक देशभर में 'तिरंगा यात्रा' निकाल रही है. 10 दिन चलने वाली इस यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा. recent visitors 52
हिंदू बेटी ने बलूचिस्तान में रचा इतिहास, कौन हैं 25 साल की कशिश.. जो बनीं असिस्टेंट कमिश्नर
बलूचिस्तान महज 25 साल की उम्र में कशिश चौधरी ने इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाली वह बलूचिस्तान प्रांत की पहली महिला बनी हैं, जिन्हें असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद पाक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण की दिशा में काम करेंगी। बलूचिस्तान के चगाई जिले के नोशकी शहर की रहने वाली कशिश ने बलूचिस्तान पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की परीक्षा पास कर यह उपलब्धि हासिल की है। यह न सिर्फ उनके व्यक्तिगत जीवन में मील का पत्थर है, बल्कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। कड़ी मेहनत और अनुशासन से सफलता कशिश ने पाक चैनल समा टीवी से बात करते हुए बताया कि उन्होंने लगातार तीन साल तक हर दिन कम से कम आठ घंटे पढ़ाई की। उन्होंने कहा, “अनुशासन, मेहनत और समाज के लिए कुछ करने की चाहत ने मुझे इस सफर में प्रेरित किया।” उनके पिता गिर्धारीलाल पेशे से व्यापारी हैं। उन्होंने अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, “मेरी बेटी ने जो हासिल किया है, वह उसकी मेहनत और लगन का परिणाम है। यह मेरे लिए गर्व की बात है।” बताया- क्या होंगी प्राथमिकताएं कशिश चौधरी और उनके पिता ने क्वेटा में बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से मुलाकात की। कशिश ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह महिलाओं और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के साथ-साथ प्रांत के समग्र विकास के लिए काम करेंगी। मुख्यमंत्री बुगती ने कहा, “यह देश और बलूचिस्तान के लिए गर्व की बात है कि हमारे अल्पसंख्यक समुदाय की बेटियां इतनी मेहनत कर अहम पदों तक पहुंच रही हैं। कशिश हमारे लिए गर्व का प्रतीक हैं।” और भी महिलाएं दिखा रहीं दम पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की महिलाएं धीरे-धीरे पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इससे पहले 2022 में मनीषा रोपेटा कराची की पहली हिंदू महिला एसपी बनीं थीं। वहीं, पुष्पा कुमारी कोहली कराची में सब-इंस्पेक्टर हैं। सुमन पवन बोधनानी 2019 में सिंध के शहादादकोट में सिविल जज बनी थीं। recent visitors 49
भारतीय मूल की अनीता आनंद ने रचा इतिहास, गीता पर हाथ रखकर ली मंत्री पद की शपथ… जानिए भारत से क्या है कनेक्शन……
ओटावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है. उन्होंने भारतीय मूल की अनीता आनंद (Anita Anand) को विदेश मंत्री नियुक्त किया है. अनीता पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं. अनीता आनंद ने पवित्र हिंदू ग्रंथ गीता पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. उन्होंने कहा कि मैं कनाडा की विदेश मंत्री के तौर पर चुने जाने को लेकर सम्मानित महसूस करती हूं. मैं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मिलकर काम करने और एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए हमारी टीम के साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं. बता दें कि उन्हें मेलोनी जोली की जगह विदेश मंत्री बनाया गया है. जोली को उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है. कार्नी के कैबिनेट में आधी सदस्य महिलाएं हैं. पीएम कार्नी ने कहा कि उनका मंत्रिमंडल कनाडा के लोगों की इच्छा और जरूरत के मुताबिक बदलाव लाने के लिए काम करेगा. अनीता का भारत से क्या है कनेक्शन? अनीता आनंद भारतीय मूल की है. उनके पिता तमिलनाडु से जबकि मां पंजाब से हैं. लेकिन बाद में उनके माता-पिता कनाडा जाकर बस गए. उन्होंने गीता पर हाथ रखकर विदेश मंत्री पद की शपथ ली. वह ट्रूडो सरकार में परिवहन और व्यापार मंत्री भी रह चुकी हैं. अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में हुआ था. उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं. अनीता टोरंटो विश्वविद्यालय में लॉ की प्रोफेसर रह चुकी हैं. वह पहली बार 2019 में ओकविल से सांसद चुनी गई थीं. वह 2021 से 2023 तक रक्षा मंत्री और 2023 से 2024 तक ट्रेजरी बोर्ड की अध्यक्ष रही. 2025 के चुनाव में उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी और मार्क कार्नी की अल्पमत सरकार में कैबिनेट मंत्री बनीं. वह राजनीति में आने से पहले पेशे से वकील और प्रोफेसर रही हैं. अनीता ने अपनी भारतीय विरासत को बार-बार स्वीकार किया है. उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर भारत के साथ अपने संबंधों को उजागर किया है. उन्होंने कनाडा की रक्षा मंत्री के रूप में भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम किया. बता दें कि मार्क कार्नी की अगुवाई में हाल ही में हुए आम चुनाव में लिबरल पार्टी ने 343 में से 169 सीटें जीती थीं. हालांकि, लिबरल पार्टी बहुमत के लिए 172 सीटों से तीन सीटें लाने से चूक गई थी. लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने सरकार बनाई. यह कनाडा में लिबरल पार्टी की चौथी सरकार है. कौन हैं अनीता आनंद पूर्व में कनाडा की रक्षा मंत्री और परिवहन मंत्री जैसे पदों को संभाल चुकी अनीता आनंद का जन्म 20 मई 1967 को कनाडा के केंटविले में एक प्रवासी डॉक्टर परिवार के घर में हुआ था। उनके माता-पिता 1960 के दशक की शुरुआत में भारत से कनाडा चले गए थे। उनकी मां पंजाब से थी, जबकि पिता तमिलनाडु से थे। उनकी दो बहनें गीता और सोनिया हैं। कनाडा की पहली हिंदू मंत्री उन्होंने ओंटारियो से राजनीति विज्ञान में अकादमिक डिग्री हासिल की और न्यायशास्त्र में कला स्नातक किया। उन्होंने डलहौजी और टोरंटो यूनिवर्सिटी से क्रमशः कानून में स्नातक और मास्टर डिग्री हासिल की। 1995 में आनंद ने कनाडाई वकील और बिजनेस एग्जीक्यूटिव जॉन नॉल्टन से शादी की। उनके चार बच्चे हैं। साल 2019 में वह कनाडा के संघीय मंत्रिमंडल में शामिल होने वाली पहली हिंदू बनीं। राजनीति छोड़ने का किया था ऐलान आनंद ने जनवरी में कहा था कि वह राजनीति छोड़कर शिक्षा जगत में लौट रही हैं। लेकिन 2025 के संघीय चुनाव में फिर से चुने जाने के बाद कार्नी ने उन्हें मंत्रिमंडल में वापस आने और विदेश मामलों का मंत्रालय संभालने के लिए राजी कर लिया। वह हाउस ऑफ कॉमन्स में ओकविले ईस्ट राइडिंग का प्रतिनिधित्व करती हैं। recent visitors 32