भारत में अब बंद होगी पाक के ‘भाईजान’ की दुकान, नए संकट से घिरे तुर्की और अजरबैजान, यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और तुर्की ने किस तरह पाकिस्तान का साथ दिया, इसे पूरी दुनिया ने देख लिया है। तुर्की और चीन निर्मित ड्रोनों का भरपूर इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए किया लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन सभी ड्रोनों और मिसाइलों की हवा निकाल दी। अभी भी पाकिस्तान द्वारा दागी गईं चीनी और तुर्की के मिसाइलों और ड्रोनों के अवशेष भारत में मौजूद हैं। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो गया है लेकिन चीन और तुर्की के अलावा एक और देश अजरबैजान का चेहरा बेनकाब हो गया है, जिसने भाईजान बनकर पाकिस्तान का समर्थन किया था। बड़ी बात ये है कि इन देशों की अर्थव्यवस्था में भारत का बड़ा योगदान है। चीन जहां भारत में अपने सस्ते माल बेचकर बड़ी कमाई करता है, वहीं तुर्की और अजरबैजान भारतीय पर्यटकों से गाढ़ी कमाई करता है। यानी ये देश कमाई भारत से करते हैं लेकिन उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहे हैं। ऐसे में भारतीयों ने अब इनका विरोध करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार का आह्वान किया जा रहा है। व्यापारियों के संगठन, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी भारतीय व्यापारियों और नागरिकों से मौजूदा शत्रुता के बीच पाकिस्तान का खुला समर्थन करने के जवाब में तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार करने का आह्वान किया है। चीनी उत्पादों का बहिष्कार पहले से ही जारी बता दें कि CAIT लंबे समय से चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहा है, जिसका काफी प्रभाव पड़ा है, और अब इसका इरादा इस आंदोलन को तुर्की और अजरबैजान तक बढ़ाने का है। संगठन इस अभियान को तेज करने के लिए ट्रैवल और टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ सहयोग करेगा। CAIT के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बुधवार को यह अपील की और इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के भाईजान तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने से इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं, खासकर उनके पर्यटन क्षेत्र पर काफी असर पड़ सकता है। 2024 में 300000 पर्यटक अकेले भारत से 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए खंडेलवाल ने बताया कि तुर्की में करीब 62.2 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से करीब 300,000 पर्यटक अकेले भारत से आए। यह 2023 की तुलना में भारतीय पर्यटकों में 20.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। व्यापारिक निकाय ने कहा कि तुर्की का कुल पर्यटन राजस्व 61.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें प्रत्येक भारतीय पर्यटक औसतन 972 अमेरिकी डॉलर खर्च करता है, जो कुल अनुमानित भारतीय व्यय 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। तुर्की को 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान उन्होंने कहा कि अगर भारतीय पर्यटक तुर्की का बहिष्कार करते हैं, तो देश को लगभग 291.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय शादियों, कॉर्पोरेट कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रद्द होने से अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक नुकसान और भी अधिक होगा। तुर्की ने भारत के खिलाफ अपना रंग तब दिखाया है, जब दो साल पहले ही वहां विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत ने दिल खोलकर उसकी मदद की थी। तुर्की की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 12 फीसदी है। अज़रबैजान के बारे में खंडेलवाल ने कहा कि 2024 में देश में लगभग 2.6 मिलियन विदेशी पर्यटक आए, जिनमें से लगभग 250,000 भारतीय थे। एक भारतीय  पर्यटक द्वारा औसत खर्च 2,170 AZN था, जो लगभग 1,276 अमेरिकी डॉलर है, जिससे कुल भारतीय योगदान लगभग 308.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने कहा कि इसलिए भारतीय पर्यटकों द्वारा बहिष्कार से इस परिमाण का सीधा नुकसान हो सकता है। छुट्टियों, शादियों और मनोरंजन के लिए जाते हैं अज़रबैजान उन्होंने बताया कि चूंकि भारतीय यात्री मुख्य रूप से छुट्टियों, शादियों, मनोरंजन और साहसिक गतिविधियों के लिए अज़रबैजान जाते हैं, इसलिए बड़े पैमाने पर गिरावट इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय आर्थिक मंदी का कारण बन सकती है। खंडेलवाल ने कहा कि यह आर्थिक दबाव तुर्की और अज़रबैजान दोनों को भारत के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कमी आएगी और दोनों देशों में स्थानीय व्यवसायों जैसे होटल, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर और अन्य पर्यटन-संबंधी सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अज़रबैजान की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 फीसदी है।   recent visitors 54

प्रथम त्रैमास की बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करें : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को प्रथम त्रैमास में मिली बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस मद में राशि खर्च की जाना है, उसी में नियमानुसार खर्च करें। किसी भी हालत में बजट राशि लैप्स न हो। प्रथम त्रैमास की राशि 30 जून तक खर्च कर ली जाए। राज्यमंत्री श्री जायसवाल मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कौशल तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा की विभागीय योजनाओं का भौतिक लक्ष्य भी समय -सीमा में पूरा करें। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली, साथ ही विभागीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शासन के निर्देशों पर तत्परता से कार्यवाही हो। हाथकरघा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिंहित कर रोजगार से जोड़ें। उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करें। केंद्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय योजनाओं का 30 सितंबर के पहले नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं और बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रस्तुत करें, शीघ्र ही पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड श्री माल सिंह, कमिश्नर एवं प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम श्री मदन नागरगोजे, कमिश्नर रेशम संचालनालय श्री मोहित बुंदस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 51

मनेंद्रगढ़ में रेल परियोजना को गति, भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी, 30 दिनों में दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की कोशिशें रंग ला रही हैं। उनके अथक प्रयासों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ए) के तहत एक अधिसूचना जारी की है। इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विधायक साल 2017 से है प्रयासरत है। इसके बाद साल 2018 में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पचास पचास प्रतिशत राशि से निर्माण कार्य के लिए एमओयू हुआ था। किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने ये कह कर प्रोजेक्ट को रोक दिया कि इसकी स्थानीय स्तर पर कोई उपयोगिता नहीं है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से पहले बजट में है इस प्रोजेक्ट के लिए राशि की मांग रखी जिसे पहले बजट में है वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।  इसके पश्चात शुरू हुई अन्य प्रक्रियाओं के तहत भू अर्जन हेतु सर्वे प्रक्रिया पूर्ण कर रेल मंत्रालय के द्वारा राजपत्र में भू अर्जन के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। इस अधिसूचना के तहत भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी की गई है, जिसमें चिराईपानी, सरोला, बंजी, खैरबना, सरभोका और चित्ताझोर गांवों के भूखंडों के खसरा नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। सर्वे सूची में उल्लिखित भूखंडों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति या दावा है, तो वे 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। मंत्री जायसवाल के प्रयासों से एमसीबी जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस रेल प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से चिरमिरी को राज्य और राष्ट्र स्तर पर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और इसके साथ ही यहां के लोगों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य जैसे अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। recent visitors 68

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट 'फिल्म सिटी' भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी 'बेव्यू प्रॉजेक्ट्स' और 'भूटानी ग्रुप' को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।   recent visitors 60

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नीलाम खनिज ब्लॉक की समीक्षा के लिए समिति गठित

भोपाल राज्य शासन ने मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में स्वीकृति एवं अनुबंध निष्पादन के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियां नियत समयावधि में प्राप्त किये जाने एवं नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र प्रारंभ कार्य की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, गृह, वन, राजस्व, पर्यावरण सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, खनिज साधन को सदस्य सचिव बनाया गया हैं। समिति मुख्यत: मुख्य खनिज के नीलाम खनिज ब्लॉक में नियत समयावधि में विभिन्न स्वीकृतियां जारी किये जाने की समीक्षा करेंगी। नीलाम खनिज ब्लॉक स्वीकृति के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियों नियत समयावधि में जारी किये जाने तथा नीलाम खनिज ब्लॉक में शीघ्र खनिज उत्पादन प्रारम्भ होने की समीक्षा करेगी। recent visitors 47

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।   recent visitors 42

इन स्टेप्स को फॉलो कर गलत UPI पेमेंट को ले वापस

नई दिल्ली UPI सर्विस के आने के बाद से कैश का इस्तेमाल कम होता गया है। हालांकि डिजिटली पेमेंट करने का एक नुकसान ये है कि अगर कभी गलती से किसी गलत अकाउंट पर पेमेंट हो जाए, तो उसे वापस पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। दरअसल गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट करने पर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर पैसे वापस पाने की एक आसान प्रक्रिया है, जिसे फॉलो करके आप बड़े आसानी से जल्द से जल्द अपने पैसे वापस पा सकते हैं। चलिए आज इस पूरे प्रोसेस के बारे में जानते हैं। पहले उस अकाउंट होल्डर से बात करें कभी भी किसी गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट हो जाने पर सबसे पहले आपको तुरंत उस अकाउंट के मालिक से बात करनी चाहिए। अक्सर लोग समझते हैं कि गलती से पेमेंट हो जाना आम बात है। अगर आपको सीधा उसी शख्स से पैसे वापस मिल जाएं, तो आपको बाकी की प्रक्रिया में जाना ही नहीं पड़ेगा और आपका काफी समय बच जाएगा। हालांकि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच हो सकता है कि अगर आप उस शख्स से संपर्क करें जिसके खाते में गलती से पेमेंट कर दी गई है, तो वह आपको सही से जवाब न दें। ऐसे में आपको आगे बताई गई प्रक्रिया को फॉलो करना है। तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क करें गलत अकाउंट में UPI पेमेंट करने के तुरंत बाद आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। आप कस्टमर केयर या ब्रांच जाकर संपर्क कर सकते हैं। बैंक आपसे पेमेंट की डिटेल लेगा और एक जांच प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में बैंक उस बैंक से संपर्क करता है जिसमें पैसा गया है। अगर पैसे रिसीवर ने खर्च नहीं किया होगा, तो बैंक आपकी मदद से उसे रिवर्स करा सकता है। ध्यान रहे कि गलत पेमेंट होने के 48 घंटे के अंदर बैंक से संपर्क करना जरूरी होता है। बैंक से संपर्क न हो पाने की स्थिति में 18001201740 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। UPI ऐप के कस्टमर सपोर्ट से शिकायत करें आपने जिस भी UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि से पेमेंट की है उसके अपने "Help" या "Support" सेक्शन में जाकर कस्टमर केयर से बात करें। वहां आप अपनी गलत पेमेंट की शिकायत करवा सकते हैं। इसके बाद ऐप की टीम आपके बैंक और रिसीवर बैंक से मिलकर केस की जांच करती है। अगर गलती साबित होती है और पैसे रिसीवर ने वापिस देने पर सहमति दी, तो रिफंड मिल सकता है। यह प्रक्रिया कुछ दिन ले सकती है, लेकिन कई मामलों में मदद जल्द भी मिलती है। NPCI या RBI को शिकायत दर्ज करें अगर बैंक या UPI ऐप से समाधान नहीं मिलता है, तो आप NPCI यानी कि National Payments Corporation of India या RBI के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। NPCI की वेबसाइट https://www.npci.org.in और RBI की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in है। वहां शिकायत फॉर्म भर कर और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें। NPCI या RBI आपके मामले की जांच करके बैंक को निर्देश दे सकता है कि वो उचित कदम उठाए। यह थोड़ा लंबा प्रोसेस हो सकता है, लेकिन असरदार होता है। recent visitors 68