मां नर्मदा के दर्शन भी होंगे आसान, अब जल्द तैयार होंगे रोप वे, मंत्री गडकरी ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति

जबलपुर एम्पायर टॉकीज से गौरीघाट तक 760 करोड़ रुपए की लागत से रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। रोपवे के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। मां नर्मदा के दर्शन करने लोग केवल सड़क मार्ग से ही ना जाएं, उन्हें विकल्प उपलब्ध हो इसके लिए रोप-वे के निर्माण का निर्णय लिया गया है। ये बात लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान कही। यहां बनेगा पहला रोप वे पहला रोपवे एम्पायर टॉकीज से सदर, गोरखपुर, गौरीघाट में नर्मदा के उस पार जाने के लिए तैयार होगा। इस रोप-वे की डीपीआर को अनुमति मिल गई है। दूसरा रोप वे भी होगा तैयार मंत्री सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी है। इसी प्रकार दूसरा रोप-वे सिविक सेंटर से बल्देवबाग दमोहनाका होते हुए अधारताल तक बनाया जाएगा। दोनों रोप-वे में जगह-जगह स्टेशन भी बनाए जाएंगे। नागरिकों को जिस स्टेशन तक यात्रा करनी हो उस स्टेशन तक इन रोप-वे के माध्यम से पहुंच सकेंगे। दो-तीन साल में बदला नजर आएगा जबलपुर बता दें कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सवा पांच करोड़ की लागत से बनाने वानी सीसी सड़कों का मंत्री सिंह ने भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन वर्षों में जबलपुर का स्वरूप बदला दिखाई देगा। recent visitors 35

इन्वेस्ट इन एमपी सत्र में प्रमुख उद्योग समूह होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 14 मई को बेंगलुरु में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश रोड शो में निवेशकों से होंगे रूबरू  इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश रोड शो में बीईएमएल के साथ औद्योगिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार इन्वेस्ट इन एमपी सत्र में प्रमुख उद्योग समूह होंगे शामिल भोपाल मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 मई को बेंगलुरु में सीइन्वेस्ट इन एमपीसी सत्र में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) परिसर का भ्रमण करेंगे, साथ ही 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज़ इन मध्यप्रदेश’ विषय पर आयोजित इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और नीतिगत प्रतिबद्धताओं को देश के अग्रणी निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। बीईएमएल परिसर में रहेगा कार्यक्रमों का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु पहुंचने के बाद बीईएमएल परिसर जाएंगे, जहां उनका स्वागत बीईएमएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक और बोर्ड के सदस्यों द्वारा किया जाएगा। बीईएमएल शॉप विज़िट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेट्रो कोच लोकार्पण और टेस्ट राइड में सम्मिलित होंगे। इसके उपरांत वे इंटीग्रेटेड डिज़ाइन सेंटर का भ्रमण करेंगे और बीईएमएल के भोपाल संयंत्र पर प्रस्तुति देखेंगे। बीईएमएल द्वारा मध्यप्रदेश में स्थापित की जा रही इकाई के लिए ज़मीन आवंटन पत्र सौंपे जाने की औपचारिकता भी इस अवसर पर होगी। बेंगलुरु में ‘इन्वेस्ट इन एमपी’ सत्र में होगा राज्य की औद्योगिक ताकत का प्रदर्शन 'द लीला पैलेस' में आयोजित इन्टरैक्टिव सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योग समूहों, निवेशकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों से संवाद करेंगे। इस सत्र में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, अधोसंरचना और क्षेत्रवार निवेश अवसरों पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग श्री संजय दुबे तथा प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला शामिल मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर निवेशकों जानकारी देंगे । निवेशकों के साथ होंगे वन-टू-वन मीटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों के माध्यम से सीधे संवाद करेंगे। इन संवादों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रमुख निवेशक शामिल होंगे। मध्यप्रदेश बन रहा है ‘मेक इन इंडिया’ का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश लगातार एक मजबूत औद्योगिक आधार तैयार कर रहा है। देश के बड़े औद्योगिक समूहों के साथ संवाद की यह श्रृंखला राज्य को निवेश के नए क्षितिज की ओर ले जा रही है, जहां नीति, संसाधन और नेतृत्व तीनों ही स्तर पर उद्योगों को सुरक्षित और गतिशील मंच प्राप्त हो रहा है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जो मेट्रो रेल कोच, रक्षा उपकरण, खनन एवं निर्माण मशीनरी के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बेंगलुरु स्थित इसका विनिर्माण परिसर आधुनिक इंजीनियरिंग और स्वदेशी तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है, और यह आत्मनिर्भर भारत के विजन में महत्त्वपूर्ण भागीदार है।   recent visitors 28

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने उज्जैन को एक बार बड़ी सौगात दी है। उन्होंने दो एलिवेटेड कॉरिडोर(Elevated Corridors) बनाने की सैद्धांतिक सहमति दी है। यह कॉरिडोर मकोड़िया आम चौराहे से चामुंडा चौराहे, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज और निकास चौराहे से दौलतगंज होते हुए इंदौरगेट बनेंगे। सिंहस्थ में यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों के बीच समानांतर फोरलेन योजना बनाने को कहा। मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने के निर्देश सीएम ने  सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य समय सीमा में गुणवत्ता और मापदंड के अनुसार हों। एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करे। उन्होंने सिंहस्थ निर्माण कार्यों में शहर के आसपास सड़कों का जाल बिछाकर यातायात सुगम करने और संपूर्ण मेला क्षेत्र की कनेक्टिविटी 4 और 6 लेन करने की जानकारी दी। सीएम ने कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने को कहा। सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान सीएम बोले- हमने अधिकारियों को ये भी कहा कि इसके ऊपर पिलर और जोड़ दें, ताकि भविष्य में मेट्रो निकल सके। सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती रहने वाली है। इसके लिए उज्जैन की चारों दिशाओं के मार्गों का विस्तार हो रहा है। आंतरिक मार्ग भी चौड़े हो रहे हैं। एलिवेटेड ब्रिज बनाकर भी भीड़ प्रबंधन की प्लानिंग की गई है। नागपुर में ऐसे एलिवेटेड ब्रिज हैं, जिनमें नीचे ट्रक-बस गुजरते हैं और ऊपर मेट्रो ट्रेन चलती है। लोनिवि की सेतु शाखा सर्वे कर सौपेंगी रिपोर्ट सीएम द्वारा एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी के बाद अब लोनिवि की सेतु शाखा का अमला जल्द ही शहर के कुछ मार्ग पर इनके निर्माण की संभावनाओं को तलाशेगा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से बुधवारिया से इंदौर गेट तक और मकोड़ियाआम नाका-इंदिरा नगर से रेलवे स्टेशन-हरिफाटक तक एलिवेटेड ब्रिज के लिए सर्वे किया जाएगा। इधर इसके अलावा इन ब्रिज से नीलगंगा-पेशवाई स्थल, मंछामन गणेश मंदिर क्षेत्र को भी जोड़ने के लिए सर्वे होगा। इसके बाद ही फाइनल हो पाएगा कि वास्तव में किस मार्ग पर ये एलिवेटेड ब्रिज बनेंगे, क्योंकि समय सीमा की भी चुनौती रहने वाली है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि हवाई पट्टी का भी विस्तार किया जाना है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी सर्वे कर चुकी है। बुधवारिया से इंदौर गेट तक के मार्ग को चौड़ा करने के लिए नगर निगम की टीम ने सर्वे कर लिया था। इसमें बड़ी संख्या में मार्ग के दोनों तरफ के व्यापारी प्रभावित हो रहे थे। चूंकि, अब इस मार्ग के ऊपर एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी सीएम ने दे दी है तो चौड़ीकरण नहीं होगा। कोई टूट-फूट नहीं होगी। बोले कि जब हमारे प्रधानमंत्री एक भी सैनिक को पार कराए बगैर रावलपिंडी में अटैक कर सकते हैं तो हमने भी सोचा कि निकास चौराहा (बुधवारिया) से इंदौर गेट तक बगैर किसी मकान को हाथ लगाए ऊपर रोड-ब्रिज बना दिए जाएं, ताकि नीचे कारोबार होता रहे और ऊपर से बस-ट्रक गुजरते रहे। इससे अच्छा क्या प्लान हो सकता हैं। ये हमारे शहर का सर्वाधिक व्यस्ततम मार्ग भी है। नीचे महाकाल की सवारी, जलसे-जुलूस निकलेंगे और ऊपर से वाहन गुजरते रहेंगे। तैयारी के निर्देश     सभी मुख्य देवस्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाएं।     न्यायिक संस्था शुरू की जाएगी। कार्ययोजना पाइपलाइन में रखें।     इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी की कार्ययोजना में उज्जैन में विकास कार्य का ब्लूप्रिंट तैयार करें। recent visitors 39

सरकार ने ग्रीन सिटी पायलट प्रोजेक्ट सांची और खजुराहो में शुरू कर दिया, जल्द ही अन्य नगरों में भी काम शुरू हो जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में दो वर्ष के अंदर 10 शहरों को ग्रीन सिटी(Green Cities) के तौर पर विकसित करने की कोशिश है। इसके लिए मुख्यत: हेरिटेज टाउन, पर्यटन स्थल और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महत्त्व के नगरों को चुना जाएगा। इन नगरों में 75% नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट सांची और खजुराहो में शुरू कर दिया है। जल्द ही अन्य नगरों में भी काम शुरू हो जाएगा। ग्रीन सिटी के तौर पर विकास के लिए नगरों के चयन की प्रक्रिया जारी है। इसमें महेश्वर, चंदेरी, मांडू, ओरछा, अमरकंटक, भीमबेटका, ओंकारेश्वर, चित्रकूट जैसे नगरों के चयन पर विचार चल रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025 की गाइडलाइन में इस संबंध में प्रावधान किया गया है। नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के एसीएस मनु श्रीवास्तव के अनुसार चयनित नगरों में सालभर घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ता जितनी बिजली का उपयोग करते हैं उसका 75त्न हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से सप्लाई करने की व्यवस्था बनाई जाएगी। धार्मिक, सांस्कृतिक महत्त्व के भवनों में शत प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग होगा। 6 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ता आरई पर होंगे शिफ्ट अधिकारियों के अनुसार ग्रीन सिटीज में 6 किलोवाट से अधिक लोड के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को नवीकरणीय ऊर्जा पर शिफ्ट किया जाएगा। उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। नीति के तहत सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के लिए १००त्न नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग अनिवार्य होगा। स्कूल, राशन दुकान, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र आदि में जहां सुबह 6 से रात 8 बजे तक काम होता है, वहां भी नवीकरणीय ऊर्जा की सप्लाई होगी। इस तरह बदलेंगे ग्रीन सिटी में     इन नगरों में अलग ग्रीन सबस्टेशन बनाए जाएंगे।     हॉकर्स और वेंडर्स भी सोलर लैंटर्न का उपयोग करेंगे, इसके लिए सहायता भी मिलेगी।     सभी स्ट्रीट लाइट्स सोलर से संचालित होंगी। इन्हें ग्रीन स्ट्रीट्समें बदला जाएगा।     रहवासी समितियां और बहुमंजिला भवनों में कॉमन एरिया में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।     6 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी छत पर उपयोग किए जा रहे लोड के 50 फीसदी क्षमता का सोलर रूफ टॉप लगानाअनिवार्य होगा।     ग्रीन सिटीज में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दिया जाएगा। चार्जिंग स्टेशनों को भी 50 फीसदी बिजली नवकरणीय स्रोतों से लेना होगी।     ग्रीन सिटीज में कम्युनिटी बेस्ड रीन्यूवेबल फार्मिंग को बढ़ावा देकर वहां आरई पावर प्लांट लगाया जाएगा। इसे पॉलिसी के तहतइंसेंटिव और सब्सिडी मिलेगी।     इसी प्रकार कम्युनिटी बेस्ड बायोगैस प्लांट भी विकसितकिए जाएंगे। इसे भी सरकारइंसेंटिव देगी। recent visitors 32

एमपी में मृतक खा गए करोड़ों का गेहूं-चावल, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

 गुना मध्यप्रदेश के गुना शहर के वार्ड आठ में रहने वाली कला बाई, लक्ष्मण सिंह अब इस संसार में नहीं हैं। इसी तरह बमोरी के प्रेमा, प्रताप, और मारकीमहू की पिंकी भी दुनिया छोड़कर जा चुक है। लेकिन इन लोगों के नाम से आज भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना(Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana) का राशन जारी होता रहा। जिले में ऐसे कई मामले हैं जहां इस प्रकार का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिले में 4989 मृतकों के नाम राशन जारी होने की जानकारी सामने आई है। इससे महीने करीब 8.43 लाख रुपए चपत सरकार को लग रही है। यह स्थिति पिछले तीन से चार साल से चल रही है। लेकिन कभी विभाग की नजर में यह नहीं आया। केंद्र सरकार ने स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू कराने के लिए जैसे ही उपभोक्ताओं की ईकेवायसी कराई तो पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद अब ऐसे लोगों के नाम उड़ाए जा रहे हैं, जिनका निधन हो चुका है, लेकिन उनके परिवार के सदस्य इनके नाम से राशन ले रहे थे। इस तरह एक साल में एक करोड़ से अधिक की चपत शासन को लग रही थी। अगर पिछले पांच साल की स्थिति देखे तो तीन से चार करोड़ रुपए का नुकसान सरकार को उठाना पड़ा है। इस तरह पकड़ी गई पूरी गड़बड़ी दरअसल केंद्र सरकार ने पीडीएस सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर स्मार्ट राशन व्यवस्था लागू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक वह व्यक्ति जिसके नाम से राशन जारी होता है, उसकी बायोमैट्रिक ईकेवायसी होनी है। यह प्रक्रिया जिले में पिछले दो साल से चल रही है। इस दौरान जिला आपूर्ति विभाग का अमला, पंचायत के कर्मचारी और मैदानी अमला जांच कर रहा है। परिवार के यहां पहुंचकर जब सभी सदस्यों की जानकारी ली जाती है तो पता चलता है कि कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी ने भी पात्रता पर्ची से नाम नहीं कटवाया है। इस वजह से राशन जारी होता रहा। हालांकि जिले में दिवंगत 4989 लोगों के नाम से राशन जारी होता रहा। यह स्थिति लंबे समय से चल रही है। मृतकों की संख्या हर साल बढ़ती गई, लेकिन पात्रता पर्ची से नहीं घटी। इसलिए इन सभी के नाम अब उड़ा दिए गए हैं। शहर से लेकर गांव तक फैला है जंजाल शहर के वार्ड क्रमांक आठ में कला बाई, लक्ष्मण की डेढ़ साल पहले ही मौत हो चुकी है। लेकिन इनके नाम से राशन जारी हो रहा था। इसी तरह मारकीमहू बाली बाई, पिंकी का भी निधन हो चुका है, लेकिन परिवार के लोग राशन ले रहे थे। वहीं बमोरी के डोगरी में प्रेमा, करोला में प्रताप के नाम से भी राशन जारी होता रहा, जबकि इनका निधन काफी समय पहले हो चुका है। फर्जीवाड़े का पूरा गणित गरीब कल्याण योजना के तहत जिले भर में 2 लाख 17 हजार परिवारों को मुत अनाज दिया जाता है। इन परिवारों में सदस्य संया 9 लाख 50 हजार है। इस तरह प्रत्येक सदस्य के नाम पर दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिए जाते हैं। वहीं एक रुपए किलो नमक दिया जाता है। शासन द्वारा प्रत्येक सदस्य को 30 रुपए किलो कीमत का गेहूं और 40 रुपए किलो कीमत का चावल मुत दिया जाता है। इस तरह एक सदस्य पर प्रतिमाह 170 रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन जिले में 4989 सदस्यों जो मृत हो चुके हैं, उनके नाम पर भी राशन जारी हुआ। इस तरह इन मृत सदस्यों के राशन पर शासन ने हर माह 8.43 लाख रुपए खर्च किए। अगर साल का आंकड़ा देखें तो यह एक करोड़ से अधिक पर पहुंच जाता है। इस तरह यह गड़बड़ी पिछले तीन से चार साल से चल रही है। केंद्र सरकार का स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू होने वाला है, इस दौरान हर परिवार के सदस्यों की ईकेवायसी कराई जा रही है। इसी दौरान पता चला है कि दिवंगत लोगों के नाम से भी परिवार के लोगों ने राशन ले लिया है। अब इनके नाम काटे जा रहे हैं। वहीं लोगों से अपील की गई है कि वह अपनी पात्रता पर्ची को दुरुस्त कराएं।- अवधेश पांडे, जिला आपूर्ति अधिकारी recent visitors 29

महाकाल मंदिर के लड्डू की मांग राेज 30 क्विवंटल, प्रसाद पैकेट के लिये 5 करोड़ का टेंडर

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्तों को 400 रुपये किलो का लड्डू प्रसाद 500 रुपये किलो में खरीदना पड़ रहा है। वजह काउंटरों पर अधिकांश समय सिर्फ 100 और 200 ग्राम के पैकेट ही उपलब्ध रहते हैं। इनकी कीमत क्रमश: 50 व 100 रुपये है। वजन के हिसाब से प्रसाद की कीमत देखें तो यह 500 रुपये किलो पड़ता है। भक्तों की संख्या बढ़ी तो गायब हो गए बड़े पैकेट     महाकालेश्वर मंदिर समिति महाकाल के लड्डू प्रसाद के रूप में शुद्ध देशी घी से निर्मित बेसन के लड्डू विक्रय करती है। मंदिर परिसर व महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है।     समिति 100, 200, 500 ग्राम तथा एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय करती है। इनकी कीमत क्रमश: 50,100,200 व 400 रुपये है। 100 व 200 ग्राम के छोटे पैकेट में प्रसाद 500 रुपये किलो पड़ता है।     500 ग्राम व 1 किलो के पैक में प्रसाद की कीमत 400 रुपये किलो आती है। जब लड्डू प्रसाद का दाम 400 रुपये किलो निर्धारित किया गया था। उस समय काउंटरों पर चारों पैक में प्रसाद उपलब्ध रहता था, लेकिन धीरे-धीरे समिति ने आधा किलो व एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय बंद कर दिया।     दिखावे के लिए काउंटरों पर आधा किलो व एक किलो के पैकेट रखे जाने लगे। जैसे-जैसे भक्तों की संख्या बढ़ी मंदिर प्रशासन ने बड़े पैक में प्रसाद गायब ही कर दिया। इन दिनों काफी समय से बड़े पैक में प्रसाद उपलब्ध नहीं है। इसका कारण समय पर कच्चे माल की उपलब्धता नहीं होना बताया जा रहा है। मांग और पूर्ति में अंतर महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी को मांग और पूर्ति में अंतर को बताया जा रहा है। अब यह किल्लत कच्चे माल की कमी के कारण हो रही है या समय पर हलवाई लड्डू प्रसाद तैयार नहीं कर पा रहे हैं। बताया जाता है हाथ से लड्डू बनाने तथा पैकिंग करने में समय लगता है। बावजूद इसके मंदिर समिति आधुनिक प्लांट नहीं लगा रही है। मशीन से लड्डू बनाने की योजना खटाई में महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए अन्नक्षेत्र परिसर में अत्याधुनिक लड्डू प्रसाद इकाई का निर्माण किया जा रहा था। इसमें मशीन से लड्डू बनाने का अत्याधुनिक प्लांट भी स्थापित किया जाना था। आधुनिक यूनिट का आधार भाग तैयार भी हो गया था लेकिन अचानक मंदिर समिति ने यह प्लान कैंसिल कर दिया। लड्डू प्रसाद निर्माण का कभी टेंडर नहीं होता महाकाल मंदिर समिति सफाई, सुरक्षा, खाद्य सामग्री, कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग भर्ती का साल दो साल में टेंडर जारी करती है। जिस प्रकार मंदिर की यह सभी व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के जरिए चलती है, उसी प्रकार लड्डू प्रसाद निर्माण का भी टेंडर होना चाहिए। पहली बार टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही हलवाई को लड्डू बनाने का ठेका दिया गया था। उसके बाद से लड्डू प्रसाद निर्माण टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गया। बताया जाता है मंदिर समिति हर बार हलवाई का अनुबंध बढ़ा देती है। चार दिन पहले हुए प्रबंध समिति की बैठक में फैसिलिटी मैनेजमेंट का तो टेंडर जारी हुआ, लेकिन लड्डू प्रसाद निर्माण का टेंडर करने की बजाय फिर से अनुबंध बढ़ा दिया गया। समिति ने इसकी जानकारी भी मीडिया से साझा नहीं की है। उज्जैन के श्री महाकाल मंदिर की प्रबंध समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट के लिये 5 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है। मंदिर के लड्‌डू प्रसाद की देशभर में मांग है। रोज करीब 30 क्विवंटल लड्डू प्रसाद का निर्माण मंदिर समिति करती है और पूरा प्रसाद दर्शनार्थी खरीदकर ले जाते हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 8 मई को लड्डू पैकेट के लिए टेंडर निकाला है। जिसमें एक साल के लड्डू पैकेट सप्लाई के लिए 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह पैकेट प्रिंटेड होंगे जिसकी डिजाइन मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तय की जायेगी। पिछले साल ही बदली थी लड्डू पैकेट की डिजाइन गौरतलब है कि पहले प्रसाद के पैकेट पर महाकाल शिखर और ओम की तस्वीर होती था। हांलाकि, इस डिजाइन पर विवाद होने के बाद मंदिर समिति ने इसे बदलकर पैकेट पर फूल का फोटो लगाया था। इसे एक बार फिर बदल दिया गया है और नई डिजाइन के साथ पैकेट जारी किया गया है। बता दें कि प्रसाद के पैकेट की पुरानी डिजाइन पर कुछ साधु, संतों एवं धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि प्रसाद के पैकेट को फेंक दिया जाता है, ऐसे में धार्मिक प्रतीकों का अपमान होता है, इसलिए पैकेट की डिजाइन बदल दी जाए। इस पर इंदौर हाईकोर्ट ने मंदिर समिति को 3 महीने में मामले का समाधान करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट की डिजाइन बदल दी  थी। हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं सूत्रों के मुताबिक श्री महाकालेश्वर मंदिर की लड्डू निर्माण ईकाई में हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं। और रोज ही इतने लड्डू की खपत हो जाती है। विशेष पर्व जैसे सावन सोमवार, महाशिवरात्रि व अन्य मौकों पर 50-65 क्विंटल लड्डू तैयार किए जाते हैं। इनकी भी एक दिन में खपत हो जाती है। लड्डूओं के 100 ग्राम, 200 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के पैकेट तैयार किए जाते हैं। जिन्हें भक्त 50, 100, 200 और 400 रुपये में खरीदते हैं। साल 2024 में 53 करोड़ का प्रसाद बिका था श्री महाकालेश्वर मंदिर का  लड्डू प्रसाद देशभर में प्रसिद्ध है। प्रसाद की गुणवत्ता को देखते हुए एफसीसीसीआई से भी फाइव स्टार रेटिंग की गई है। लंबे समय तक प्रसाद की गुणवत्ता बरकरार रहती है। साल 2024 में जनवरी से 13 दिसंबर तक मंदिर को कुल आय 165 करोड़ रुपये से अधिक हुई थी, जिसमें लड्डू  प्रसादी से करीब  53 करोड़ 50 लाख रुपये की आय शामिल थी। recent visitors 37

14 मई 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज के दिन धन और प्रेम जीवन को लेकर सावधान रहना अच्छा है। चुनौतियां मुश्किल लग सकती हैं लेकिन अक्सर यह छुपे हुए अवसर के समान होती हैं। तनाव कम लें। अपने प्रेम जीवन में खुश रहें। आज क्वालिटी से समझौता किए बिना सभी पेशेवर लक्ष्य हासिल करें। वृषभ: आज पॉजिटिव एनर्जी के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। अपने लक्ष्यों का पीछा करते रहें। अच्छे मौकों को हाथ से खो देना या हार का अनुभव करना अच्छा फील नहीं होता है, लेकिन रियलिटी को एक्सेप्ट करना जरूरी है। मिथुन: आज के दिन अपने प्रेम संबंधी मुद्दों और दफ्तर की दिक्कतों को सावधानी से संभालें। इन्ही छोटी-मोटी चीजों से रिश्ता मजबूत होता है। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। याद रखें कि नए मौके हमेशा आपका इंतजार कर रहे हैं। कर्क: हर रिश्ते को समय-समय पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन हम उससे कैसे निपटते हैं, यह जरूरी है। अपनी प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दें। यह भी सुनिश्चित करें कि आप आज पैसों को मैनेज समझदारी से करें। सिंह: जब कोई हमारी फीलिंग्स को एक्सेप्ट नहीं करता है या दूर चले जाने का विकल्प चुनता है, तो यह एक संकेत है कि वह हमारे लिए नहीं सही है। मुद्दों का सामना करने में जल्दबाजी करने के बजाय, एक कदम पीछे हटें और भावनाओं को शांत होने का समय दें। विश्वास रखें कि मुश्किल घड़ी बीत जाएगी। कन्या: आज अपने प्रोफेशनल रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मुद्दों की जांच करें। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करें। आपका रिश्ता पार्टनर के साथ और भी मजबूत हो जाएगा। तुला: आज के दिन रिजेक्शन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इसे सही व्यक्ति को खोजने की दिशा में एक कदम बढ़ाने के रूप में देखें, जो वास्तव में आपकी तारीफ करता है कि आप जैसे हैं वैसे ही आपको एक्सेप्ट करता है। खर्च पर कंट्रोल करें। वृश्चिक: आज के दिन स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन दोनों उत्तम रहेगा। आप सोच-समझकर इनवेस्टमेंट करने के लिए जरूरी डीसीजन ले सकते हैं। एक्सपर्ट की सलह लें। चुनौतियां जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाना आप जानते हैं। धनु: आज के दिन पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। अपने चेहरे पर मुस्कान रखें क्योंकि यह आपके कॉन्फिडेंस को दर्शाता है। आज प्यार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए शांत रहें। कार्यालय में आपकी उत्पादकता हाई रहेगी। मकर: आज आप पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन भारी वस्तुएं उठाने से बचें। आज के डिजिटल युग में अपनी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सिक्युरिटी को प्राथमिकता दें। कुंभ: आज के दिन लाइफ और वर्क के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। अपनी एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल करें। आज अपने शरीर और दिमाग की आवश्यकता को सुनना महत्वपूर्ण है। आराम करें क्योंकि बॉडी को इसकी जरूरत है। मीन: आज आप चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होंगे। अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालने से बचें और टास्क को कंप्लीट करने में अपना समय लें। recent visitors 64