बिहार के कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी, जबकि दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती दर पर

पटना  शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। कई लोग अपने अपने शहर  व गांव लौटने लगे हैं। वहीं बिहार के लोग भी छठ पूजा के चलते अपने घरों को लौटने की तैयारी में हैं। हालांकि बिहार आने वालों की संख्या महापर्व छठ पर कई गुणा बढ़ जाती है। ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने से लोग विमान से जाना पसंद करते हैं। वहीं विमानन कंपनियां इसका फायदा उठाने से नहीं चूकतीं, क्योंकि आरक्षित रेल टिकटों की मारामारी चार-पांच महीने पहले से ही होने लगती है। बिहार में सात नवंबर को छठ महापर्व का आगाज होगा। ऐसे में कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी हो चुकी है। लेकिन, दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती और औसत दर पर मिल रहे हैं। पुणे, दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य शहरों से पटना आने वाले यात्रियों को चार से छह नवंबर तक ज्यादा किराया देना होगा। शहर        4 नवंबर    5 नवंबर    6 नवंबर    औसत किराया पुणे        12,611    12,506    11,100    6,500 दिल्ली        8,598    8,845    8,354    4,500 मुंबई        14,739    10,749    7,035    6,400 बेंगलुरु    10,493    11,581    7,235    7,200 हैदराबाद    9,635    9,206    9,206    6,400 चेन्नई        10,362    11,040    7,572    7,100 कोलकाता    6,647    6,122        6,647    3,500     recent visitors 99

इंजीनियरिंग करने के बाद नहीं मिल रही है नौकरी तो कर लें ये काम, चमक उठेगा करियर

इंजीनियरिंग के बाद नौकरी को लेकर परेशान हैं तो आइये आपके करियर को मजबूत बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कोर्स के बारे में जानते हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरियों के लिए तैयार करते हैं. इंजीनियरिंग के बाद करियर की राह में आगे बढ़ने के लिए कई शॉर्ट टर्म कोर्स हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरी दिलाने में मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन शॉर्ट टर्म कोर्स के बारे में जो आपके करियर को निखार सकते हैं. डाटा एनालिटिक्स डाटा एनालिटिक्स एक ऐसा कोर्स है जो आजकल बहुत लोकप्रिय हो रहा है. इसमें आपको डेटा इकट्ठा करने, उसका विश्लेषण करने और बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करने की तकनीकें सिखाई जाती हैं. इसके बाद आप डाटा एनालिस्ट या बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं, जो उच्च सैलरी वाली नौकरियों में शामिल हैं. वेब डेवलपमेंट वेब डेवलपमेंट का कोर्स आपको वेबसाइट बनाने और प्रबंधित करने की स्किल्स सिखाता है. इस कोर्स में आपको HTML, CSS, और JavaScript जैसी तकनीकों का ज्ञान दिया जाता है. इस क्षेत्र में नौकरी के कई अवसर हैं, और सैलरी भी अच्छी होती है. साइबर सिक्योरिटी साइबर सिक्योरिटी में शॉर्ट टर्म कोर्स करने से आप विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों से अपने सिस्टम को सुरक्षित रख सकते हैं. इस क्षेत्र में सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है, और यह एक उच्च सैलरी वाली नौकरी पाने का एक अच्छा जरिया है. डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग कोर्स आपको ऑनलाइन मार्केटिंग की स्किल्स सिखाता है, जैसे कि SEO, SEM, और सोशल मीडिया मार्केटिंग. इस क्षेत्र में फ्रीलांसिंग के अवसर भी हैं और अच्छे पैकेज भी मिलते हैं. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का शॉर्ट टर्म कोर्स आपको प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने की कला सिखाता है. इस कोर्स के बाद आप प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं, जो कि बहुत अच्छी सैलरी वाली नौकरी होती है.   recent visitors 98

बोरियाखुर्द खेल मैदान में बनेगा 55 फीट का रावण, 40-40 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण : अध्यक्ष गजेन्द्र तिवारी

रायपुर बोरियाखुर्द खेल मैदान में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारी में मोहल्ले के लोग अभी से जुट गए है। दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस वर्ष 55 फीट का रावण, 40-40 फीट का मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहण किया जाएगा, जिसे कारीगर अभी से बनाने में जुट गए है। दशहरा समिति के मीडिया प्रभारी एवं प्रचार प्रसार के विजय वर्मा व फलेश्वर साहू ने बताया कि 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे बच्चों एवं युवाओं द्वारा पतंगबाजी के बाद स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम को 7 बजे रावण दहन किया जाएगा इससे पहले भव्य आतिशबाजी की जाएगी। रात्रि 8 बजे से छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अंजोर लोक कला मंच के गरिमा स्वर्णा दिवाकर के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पूर्व गुरुवार को आयोजन स्थल पर भूमि पूजन कर तैयारियां प्रारंभ की गई। इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष लच्छूराम निषाद, उपाध्यक्ष रमेश कुमार नंदे, दूज राम साहू, सचिव रुद्र कुमार साहू, कोषाध्यक्ष कोमल साहू, एनके शुक्ला, लेखराम साहू, संदीप साहू, गोपाल साहू, रोशन लाल साहू, धनराज सतपुते, मोहित सेन समेत अन्य लोग उपस्थित थे। recent visitors 69

थलपति 69 में थलपति विजय के साथ काम करेंगे गौतम मेनन

मुंबई, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और अभिनेता गौतम वासुदेव मेनन फिल्म थलपति 69 में काम करते नजर आयेंगे। केवीएन प्रोडक्शंस ने घोषणा की है कि गौतम वासुदेव मेनन आधिकारिक तौर पर बहुप्रतीक्षित तमिल फिल्म थलपति 69 के कलाकारों में शामिल हो गए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, यह पता चला था कि बॉबी देओल, पूजा हेगड़े और ममिता बैजू इस फिल्म में शामिल हो गए हैं। गौतम मेनन के साथ, थलपति 69 के कलाकारों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे यह भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित परियोजनाओं में से एक बन गई है। यह बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म थलपति विजय की अंतिम फिल्म हो सकती है। केवीएन प्रोडक्शंस के बैनर तले वेंकट के. नारायण द्वारा निर्मित, थलपति 69 ,अक्टूबर 2025 में तमिल, तेलुगु और हिंदी में बड़े पैमाने पर अखिल भारतीय रिलीज़ के लिए तैयार है।   recent visitors 158

इंदौर शहर में अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों पर विदेश की तर्ज पर यलो बाक्स जंक्शन बनाए जा रहे

 इंदौर  इंदौर शहर के बिगड़े यातायात को व्यवस्थित करने के लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। अब शहर के व्यस्ततम चौराहों पर नगर निगम यलो बाक्स जंक्शन बना रहा है। हाल ही में हाई कोर्ट और रीगल तिराहे पर इसे बनाया गया है। लेकिन अधिकांश वाहन चालकों को इसका पालन कैसे करें, इसकी जानकारी तक नहीं है। इसलिए अब यातायात विभाग वाहन चालकों को जागरूक कर रहा है। बता दें कि अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों पर विदेश की तर्ज पर यलो बाक्स जंक्शन बनाए जा रहे हैं। इसके पहले देवास नाका, लैंटर्न चौराहा, नौलखा, इंद्रप्रस्थ चौराहा आदि जगह इस तरह के जंक्शन बनाए जा चुके हैं, लेकिन वाहन चालकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। रात में चमकने वाले स्टापर भी लगेंगे चौराहों पर रात में चमकने वाले स्टापर भी लगाए जा रहे हैं। ये सूर्य की रोशनी से चार्ज होंगे और रात में वाहन चालकों को दूर से नजर आएंगे। इससे दुर्घटना रुकेगी। वहीं शहर में डिवाइडरों की पेंटिंग का काम भी चल रहा है। वाहन चालक और राहगीरों को कर रहे जागरूक यातायात सिपाही सुमंत सिंह कछावा ने बताया कि अधिकांश वाहन चालकों को यलो बाक्स जंक्शन के बारे में जानकारी नहीं है। गुरुवार को हमने पलासिया चौराहे पर राहगीरों को जागरूक किया। उन्हें बताया कि पैदल सड़क पार करने के लिए यलो बाक्स का उपयोग न करते हुए सिर्फ जेब्रा क्रासिंग का ही उपयोग करें। इसी तरह वाहन चालकों को भी बताया कि रेड सिग्नल होने पर स्टाप लाइन पर रुकना है, यलो बाक्स में नहीं आना है। यलो बाक्स जंक्शन पर विशेष ध्यान रखें     यलो बाक्स जंक्शन पर विशेष ध्यान रखना होगा। अभी विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। आगे चलकर नियम नहीं मानने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई भी की जाएगी। – अरविंद तिवारी डीएसपी, यातायात विभाग यलो बाक्स जंक्शन क्या है यलो बाक्स जंक्शन का चलन विदेश और भारत के बड़े शहरों में किया जाता है, ताकि किसी तरह की सड़क दुर्घटना न हो और यातायात सुगमता से चले। चौराहों पर वाहन चालकों के रुकने के लिए स्टाप लाइन होती है। फिर पैदल चलने वालों के लिए जेब्रा क्रासिंग बने होते है। इसके बाद यलो बाक्स जंक्शन बनाते हैं। इसका उपयोग वाहन चालक और पैदल राहगीरों के लिए अलग-अलग है। चौराहे पर वाहन चालकों को स्टाप लाइन पर रुकना होता है, लेकिन वे जेब्रा क्रासिंग पार कर यलो बाक्स में खड़े हो जाते हैं। वहीं पैदल राहगीरों को भी यलो बाक्स में न जाकर सिर्फ जेब्रा क्रासिंग से ही सड़क पार करनी चाहिए। recent visitors 65

शारदीय नवरात्रि 2024: तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि मनुष्य अत्यंत सौम्य और शांत है, जो सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से वैभव बढ़ता है, सुखों में वृद्धि होती है और सामाजिक प्रभाव भी बढ़ता है। लोग आपको सम्मान देना शुरू कर देते हैं। देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि माँ अत्यंत सरल सौम्य, शांत और ममतामयी है। माँ इस रूप में अपने भक्‍तों की सुख-समृद्धि में वृद्धि करती है। मां चंद्रघन माता की पूजा करने से आपके सुखों और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है और मां दुर्गा समाज में आपका प्रभाव बढ़ता है। आइए विस्तार से जानें मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, भोग और पूजा मंत्र व आरती। माँ का चंद्रघंटा नाम कैसे मनाया जाता है? माँ की पूजा से जीवन में सफलता मिलती है। माँ के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा होता है, इसलिए उन्हें चंद्रघन कहते हैं। मां चंद्रघन को अलौकिक, किशोरी और ममतामयी के रूप में माना जाता है। माँ के इस रूप की पूजा करने से आपको जीवन के हर क्षेत्र में आदर्श की स्थापना होती है। माँ की पूजा सूर्योदय से पहले करनी चाहिए। पूजा में लाल और पीली गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए। माँ के मस्तक पर अर्धचन्द्र के आकार का शोभायमान है, इसलिए देवी का नाम चन्द्रघन बताया गया। पूजा में शंख और घंटियाँ के साथ पूजा करने से माँ की शोभा होती हैं और कृपालु मोती मिलते हैं। माँ चंद्रघंटा का रूप नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा होती है। माँ का रंग सोने जैसा चमकीला है और वह शेर की सवारी करती है। उनके आठ हाथों में कमल, धनुर्धर, बाण, तलवारें, कमंडल, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं। माँ के गले में सफेद फूलों की माला और सिर पर चंद्रमा से रत्नजड़ित मुकुट है। माँ सदैव युद्ध की मुद्रा में तंत्र साधना में लीन रहती हैं। उनकी पूजा करने से आपके तेज और प्रभाव में वृद्धि होती है। आपके समाज में आपका एटमविश्लेषण विशाल है और आपके समाज में विशेष वर्गीकरण होता है। माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि नवरात्रि में तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा का महत्व बताया गया है।  सुबह स्नान करके साफ-सुथरा साबुन और मां का ध्यान करें।  मां चंद्रघंटा की मूर्ति को लाल या पीले वस्त्रों में स्थापित करें।  मां को कुमकुम और अक्षत से सुरक्षित करें और विधान से पूजा करें।  मां चंद्रघंटा का रंग पीला अत्यंत प्रिय है। माँ को मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग।  पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती और चंद्रघंटा माता की आरती का पाठ भी करें। ऐसा करने से मां खुश होती हैं और भक्त अपनी कृपा बरसाती हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा में मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग लगाया जाता है। माँ को केसर की खीर बहुत पसंद है. आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयाँ बनाकर भी माँ को भोग लगा सकते हैं। ब्लॉग में मिसरी जरूर रखें और पेड़े भी चढ़ा सकते हैं। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग का महा सिद्धांत लाल रंग की शक्ति और तीरंदाजी का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघन की पूजा में लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है। ऐसा करने से मां चंद्रघंटा आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाती हैं। इससे आपके सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। आपकी टार्की होती है और आपके अंदर एक नया एटमविश्लेषणवास पैदा होता है। माँ चन्द्रघन पुष्पा का पूजा मंत्र पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।। वन्दे शाश्वत लाभाय चन्द्राधिकृत शेखरम्। सिंहरूढ़ा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ सामुदायिक स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। रंग, गदा, त्रिशूल, चापचर, पदम् कमण्डलु मंगल वरभीतकराम॥ मां चंद्रघंटा आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चन्द्र समान तुम शीतल दाती। चन्द्र तेज किराए में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। गैजेट बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को वापस लाने वाली। हर संकट में डूबने वाली। हर रविवार जो तुम ध्यान करो। श्रद्धा जो विनय सुनाएं। मूर्तिपूजक चंद्र आकार सन्मुख घी की ज्योत जलें। नज़र कहे मन की बात. पूर्ण आस करो जगदाता। काँची पुर स्थान। कर्नाटिका में मन प्रियजन। नाम तेरा रतु महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी। recent visitors 89

दादर-भुसावल के बीच चलेंगी 140 स्पेशल ट्रेनें, वर्ष के अंत तक मिलेगी सुविधा, क्या है प्लान?

मुंबई  सेंट्रल रेलवे ने दिवाली के कारण ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 विशेष लंबी दूरी की ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। जो कि वर्तमान में नवरात्रि उत्सव के साथ चल रही है। इस फैसले से रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल त्योहारों के दौरान गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी होती है। इनमें गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली त्योहार शामिल हैं। ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 स्पेशल ट्रेनों का समय बढ़ा दिया है। ये है योजना… ट्रेन नंबर 09051 दादर-भुसावल और ट्रेन नंबर 09052 भुसावल-दादर हर सोमवार, बुधवार और गुरुवार को चलेगी और इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। ट्रेन संख्या 09049 दादर-भुसावल चलने वाली (26 यात्राएं) और ट्रेन संख्या 09050 भुसावल-दादर दोनों साप्ताहिक विशेष ट्रेनें प्रत्येक शुक्रवार को चलेंगी। इन ट्रेनों को 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। दोनों ट्रेनों के समय, स्टॉपेज और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वेबसाइट पर रिजर्वेशन खुला सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों के साथ-साथ www.irctc.co.in पर विशेष किराये के साथ सभी स्पेशल ट्रेनों के लिए आरक्षण खुला है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के विस्तृत ठहराव के लिए www.enquiry. Indianrail.gov.in पर जाने या NTES ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। रेलवे शहर में तीन सौ पौधे लगाएगाउधर 'स्वच्छता सेवा' के तहत एक हरित पहल के तहत मध्य रेलवे के नागपुर मंडल की ओर से शहर और इसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाए जा रहे हैं। हरित और स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह पहल शुरू की गई है। हाल ही में अपर मंडल रेल प्रबंधक पीएस खैरकर के नेतृत्व में पूरे विभाग में हजारों पौधे लगाए गए। रेलवे का लक्ष्य अकेले नागपुर शहर और उसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाने का है। इस गतिविधि में रेलवे के कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं। recent visitors 84