विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की घोषणा, अगले हफ्ते भारत आएंगे राष्ट्रपति मुइज्जू, मालदीव के तेवर नरम

नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अगले सप्ताह भारत दौरा करेंगे। वह सात से दस अक्टूबर तक राजकीय यात्रा करेंगे। यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यह घोषणा की। जून में भारत आए थे मुइज्जू मुइज्जू गत जून में भी भारत आए थे। उस समय वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। जायसवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग को और गति मिलेगी। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध भी प्रगाढ़ होंगे। मालदीव के राष्ट्रपति का शेड्यूल भारत यात्रा के दौरान मुइज्जू मुंबई और बेंगलुरु भी जाएंगे। उधर, मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, मुइज्जू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर भारत दौरा करेंगे। इस दौरान वह राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। बता दें कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गए थे। हालांकि अब मुइज्जू सरकार के रुख में नरमी आ गई है। recent visitors 92

धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए अब 14 अक्टूबर तक कराया जा सकेगा पंजीयन

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि बढ़ाकर अब 14 अक्टूबर तक कर दी गई है। पहले यह अवधि 4 अक्टूबर तक थी, जिसे किसानों की सुविधा के लिए और बढ़ाया गया है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में किसानों के कल्याण के लिए लगातार नई योजनाएं और कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर किसान को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तिथि बढ़ने से अधिक से अधिक किसान पंजीयन करवा सकेंगे और समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकेंगे।   recent visitors 96

सीवरेज परियोजना से शाजापुर में शत-प्रतिशत घरों को जोड़ा गया

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए चयनित नगरीय निकायों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग विश्व बैंक की मदद से सीवरेज सिस्टम विकसित कर रहा है। शाजापुर में सीवरेज कनेक्शन के लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है। यहाँ 13 हजार 260 घरों को सीवरेज कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। प्रदेश के शाजापुर जिले की दो छात्राओं ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता की नई मिसाल पेश की है। सीएम राइज स्कूल शाजापुर की सोनाक्षी और साक्षी सूर्यवंशी ने भोपाल में हुई राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भाग लेकर साबित किया कि उम्र महज एक संख्या है, जब बात समाज और पर्यावरण की बेहतरी के लिए कुछ कर दिखाने की हो, तो च्चे भी इस अहम मुद्दे में पीछे नहीं हैं। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इनकी प्रस्तुति का विषय था ‘‘स्मार्ट सीवेज फ़ॉर सिविलाइज़्ड सोसाइटी‘ एक ऐसा मुद्दा, जो सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ा है। दोनों छात्राओं ने न सिर्फ नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवपलमेंट कम्पनी द्वारा निर्मित सीवेज प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि इसे एक बड़े सामाजिक मुद्दे के रूप में समाज के सामने प्रस्तुत किया। शाजापुर की सीवरेज परियोजना विश्व बैंक के सहयोग से संचालित है। यह परियोजना शहर के नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है। नागरिकों तक सीवरेज परियोजना का लाभ पहुँचाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाने का सार्थक प्रयास किया गया। नुक्कड़ नाटक, महिलाओं की बैठकें, स्कूल-कॉलेजों में सेमिनार और घर-घर सम्पर्क के प्रयासों ने समाज को प्रेरित किया है। शाजापुर में उभर रही यह सोच दर्शाती है कि जब बच्चों को सही मार्गदर्शन और शिक्षा मिलती है, तो वे समाज में बड़े बदलावों की नींव रख सकते हैं। सोनाक्षी और साक्षी के प्रयासों को न केवल उनके स्कूल और समुदाय में सराहा जा रहा है, बल्कि विश्व बैंक और अन्य संस्थानों द्वारा भी इस पहल को समर्थन मिल रहा है। recent visitors 80

खेल मंत्री श्री सारंग ने किया निर्माणाधीन इंटरनेशनल र्स्पोर्ट स्टेडियम का निरीक्षण

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने नाथू बरखेड़ा में निर्माणाधीन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी समीक्षा की जा रही है कि अंतर्राष्ट्रीय मापदण्ड के अनुसार कार्य प्रगतिरत है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले समय में ओलम्पिक की मेजबानी भारत करता है, तो मध्यप्रदेश में कम से कम 3 खेल हों। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में अगर कुछ परिवर्तन करना होगा अथवा फेसिलिटी को बढ़ाना होगा, तो उसका प्लॉन किया जा रहा है। जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक कर इस पर निर्णय लिया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरे के बाद पुन: समीक्षा की जायेगी। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को आपस में को-ऑर्डिनेशन करने के निर्देश दिये। साथ ही चेक-लिस्ट बनाकर कार्य करने की हिदायत दी। मंत्री श्री सारंग ने एथलेटिक्स स्टेडियम देखा और वहाँ पर बैठने, पार्किंग, सीवेज, लाइटिंग आदि का निरीक्षण कर कंस्ट्रक्शन डिटेल्स का प्रेजेंटेशन भी देखा। उन्होंने फेस-1 और फेस-2 में किये जाने वाले कार्यों का आंकलन किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिये कि काम समय पर हो। मंत्री श्री सारंग ने हॉकी स्टेडियम की केपेसिटी भी जानी। प्रथम फेस में एथलेटिक्स ईस्ट-वेस्ट ट्रेक, ड्राइव-वे, ब्रॉडकास्ट कम्पाउण्ड, हॉकी स्टेडियम विथ रूफ, वॉटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, एथलेटिक्स एफओपी, हॉकी, प्रेक्टिस हॉकी फील्ड, वार्म अप ट्रेक और आउटडोर फील्ड पर काम चल रहा है। इसी प्रकार द्वितीय फेस में इंडोर स्टेडियम, मल्टीलेवल पार्किंग, एक्वेस्टिंग कम्‍पाउण्ड, ब्यायस-गर्ल्स हॉस्टल और फुटबाल फील्ड पर काम किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग के साथ निरीक्षण के दौरान खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, इंचार्ज अधिकारी सुश्री वाणी साहू सहित कांट्रेक्टर और इंजीनियर्स मौजूद थे।   recent visitors 87

पीएम जन-मन योजना में 3 हजार 876 से अधिक जनजातीय घर हुए रोशन

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा "प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान" (पीएम जन-मन योजना) में कंपनी कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (पीवीटीजी) की बहुलता वाले 9 जिलों में अब तक 3 हजार 876 घरों को रोशन किया गया है। कंपनी ने 2 अक्टूबर को इन्हीं 9 जिलों में 355 नये घरों को कनेक्शन देकर विद्युतीकृत किया है। इन 9 जिलों में ग्वालियर, विदिशा, अशोकनगर, श्योपुर, दतिया, गुना, शिवपुरी, रायसेन एवं भिण्ड शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीएम जन-मन योजना में अब शेष 10 हजार 942 जनजातीय हितग्राहियों के घरों को दिसंबर 2024 तक विद्युतीकृत किया जाएगा। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिस पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है। योजना में पीवीटीजी बहुल गावों एवं मजरों-टोलों को भी ऊर्जीकृत किया जा रहा है। कंपनी के अंतर्गत ग्वालियर, विदिशा, अशोकनगर, श्योपुर, दतिया, गुना, शिवपुरी, रायसेन एवं भिण्ड जिले में कुल मिलाकर 1158 गावों एवं मजरों-टोलों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। इस योजना से एक ओर जहां इन जनजातीय परिवारों के बच्चों को पढ़ने-लिखने के साथ ही घरेलू कामकाज और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी, सड़क, बिजली और मूलभूत सुविधाएं मिलने से उनके रहन-सहन के स्तर में भी सुधार दिखाई दे रहा है। recent visitors 85

सड़क और रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। गोपद नदी पुल के शुभारंभ से आवागमन सुगम होगा, समय की बचत होगी तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विन्ध्य के जिले आर्थिक क्षेत्र में गहरा जुड़ाव रखते हैं तथा एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में रोड एवं रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। सिंगरौली से प्रचुर मात्रा में फ्लाई ऐश का परिवहन रीवा तथा सतना की सीमेंट फैक्ट्री में होता है। इस पुल के निर्माण से अब आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इससे पहले श्री शुक्ल ने विधिवत पुल का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सभी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के 4 लेन का निर्माण कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रीवा-सीधी के बीच भी 4 लेन सड़क का कार्य प्रारंभ किया जाएगा जिससे झांसी से रांची तक निर्बाध 4-लेन कनेक्टिविटी होगी जो क्षेत्र के विकास में सहायक होगी। उन्होने कहा कि रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाइन की भी नियमित समीक्षा की जा रही है। जून 2025 तक सीधी तक रेल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है और कार्य योजना अनुसार कार्यवाही की जा रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। विन्ध्य क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध है तथा यहां प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 23 अक्टूबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव रीवा में आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के कई प्रमुख कंपनियों द्वारा सहभागिता की जायेगी। इस कॉनक्लेव से विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति आयेगी तथा विकास को गति मिलेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिहावल श्री विश्वामित्र पाठक, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक सिंगरौली श्री रामनिवास शाह, विधायक देवसर श्री राजेंद्र मेश्राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 78

पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की समिति ने राज्य की महिला जन-प्रतिनिधियों से की चर्चा

भोपाल   संचालक सह आयुक्त, पंचायतराज संचालनालय, श्री मनोज पुष्प ने बताया कि भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय की समिति ने म.प्र. का 2 दिवसीय दौरा किया है। समिति ने नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी भोपाल में 3 एवं 4 अक्टूबर को आयोजित प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन संवाद कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों से रू-ब-रू चर्चा की। समिति ने महिला सशक्तिकरण के लिए जारी कार्यक्रमों के अलावा संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। दो दिवसीय संवाद में प्रदेश की महिला जनप्रतिनिधियों ने खुलकर अपने विचार रखें। उन्होंने महिलाओं की बेहतरी के लिये आवश्यक सुझाव भी दिये। कार्यक्रम के अंत में संचालक, महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान (एमजीएसआईआरडी) जबलपुर ने सभी का आभार व्यक्त किया। पंचायती राज व्यवस्था में महिला प्रतिनिधियों के प्रतिनिधित्व एवं सशक्तिकरण के प्रयासों को मैदानी स्तर पर जानने के लिए उच्चतम न्यायालय के सुझावों के अनुरूप भारत सरकार द्वारा पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों व विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त सचिव, भारत सरकार, पंचायती राज श्री सुशील कुमार सहित 10 सदस्य शामिल है। समिति के सदस्य संयोजक के रूप में संयुक्त सचिव, भारत सरकार, पंचायती राज सुश्री ममता वर्मा कार्य कर रही है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के अंतर्गत पंचायतीराज व्यवस्था की स्थापना में प्रावधान किये गये है। 73वें संविधान 1993 के माध्यम से मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई। पंचायतों में देश की आधी आबादी अर्थात महिला प्रवर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए मध्यप्रदेश में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। सरकार महिलाओं को राजनैतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है और इसमे सफलता भी मिल रही है। प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाओं ने विगत वर्ष संपन्न हुए पंचायत निर्वाचनों में भाग लेकर व निर्वाचित होकर सफलता का परचम लहराया है। समिति ने चर्चा कर अनुभव जाने एवं मांगे सुझाव समिति द्वारा राज्य के विभिन्न वर्गों की विभिन्न स्तरों पर निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में रूबरू चर्चा कर सुझाव मांगे गये, उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली गई। महिला जनप्रतिनिधि हुई शामिल इस कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत सिंगरौली सुश्री सोनम सिंह, विदिशा की सरपंच सुश्री वर्षा राजपूत, खरगौन की सरपंच श्रीमती मीना वर्मा, राजगढ सरपंच श्रीमती सुविता भिलाला, अध्यक्ष जिला पंचायत इंदौर वक्सवाहा से सरपंच श्रीमती ललिता यादव सहित विभिन्न जिलो से महिला जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम), म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी), संयुक्त राष्ट्र महिला संघ (यूएनएफपीए), ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) आदि विभिन्न विभागों की महिला प्रतिनिधि भी उपस्थित हुई और अपना पक्ष रखा। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से महिला मामलों की विशेषज्ञ प्रोफेसर सुश्री रूचि घोष तथा महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान (एमजीएसआईआरडी) जबलपुर से महिला मामलों की जानकार सुश्री वंदना तिवारी से भी अपने सुझाव प्रस्तुत किये। समिति ने ग्रामीण क्षेत्र का दौरा भी किया म.प्र. भ्रमण पर आई समिति ने भोपाल जिले के विकासखंड फंदा की ग्राम पंचायत फंदा कलां का जमीनी दौरा भी किया। उन्होंने वहां की महिला सरपंच वर्षा कुंवर सोलंकी सहित विभिन्न महिला पंचो, स्व सहायता समूह की सदस्यों, पटवारी, आंगनबाडी वर्कर, एएनएम आदि लाईन डिपार्टमेंटो के कर्मचारियों से भी बात कर प्रॉक्सी रिप्रेजेंटेशन दूर करने के सुझाव मांगे, साथ ही पंचायत की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।   recent visitors 84