पूर्व सीएम बोले थे वाड्रा लैंड डील मामले में दम नहीं, अब उसी के नाम पर बीजेपी मांग रही वोट, हरियाणा में दोगली भाजपा का आरोप

चंडीगढ़ हरियाणा के सबसे चर्चित मामले राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामला सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए वोटों वाली दुधारू गायब साबित हो रहा है। इसी मुद्दे को भुनाकर बीजेपी साल 2014 में हरियाणा की सत्ता पर काबिज हुई थी। अपने 10 साल के कार्यकाल में इस मामले में तमाम जांच और अथक प्रयासों के बावजूद जब कुछ नहीं मिला तो रॉबर्ट वाड्रा समेत पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी क्लीन चिट दे दी। अब जब हरियाणा से विदाई की नौबत आई तो भाजपा फिर वाड्रा लैंड डील मामले को जोरशोर से भुना रही है। ताकि लोगों को भ्रमित करके उनके वोट हथियाए जा सकें। खास बात यह है कि हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पिछले दिनों राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में खुद कहा था कि वाड्रा लैंड डील मामले में प्राथमिक रूप से कुछ भी गलत नहीं निकला है। बीजेपी ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच इस उद्देश्य से नहीं कराई थी कि किसी को जेल भेजना है। बीजेपी केवल इस मामले का सच जनता के सामने लाना चाहती थी। इससे पहले 5 मई, 2014 को हिसार की जनसभा में तब पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने इस घोटाले को जोरशोर से उठाते हुए यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को इंगित करते हुए कहा था कि मां-बेटे और दामाद से एक-एक इंच जमीन का हिसाब लिया जाएगा। एक दशक के शासन में भी न तो मोदी इस मामले में कुछ कर पाए और न ही हरियाणा में बीजेपी सरकार। बल्कि हुड्डा और वाड्रा को क्लीनचिट दे दी। राबर्ट वाड्रा से लैंड डील करने वाली डीएलएफ से बीजेपी ने लिया 170 करोड़ का चंदाः वाड्रा लैंड डील मामले की और भी रोचक कहानी यह है कि सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से लैंड डील करने वाली कंपनी डीएलएफ से बीजेपी ने इलेक्टोरल बॉंड के रूप में 170 करोड़ रुपए का ऑफिशियल चंदा लिया है। जबकि हरियाणा की बीजेपी सरकार के सीएमओ में कार्यरत और तत्कालीन सीएम मनोहर लाल के करीबियों ने बैकडोर मेंं डीएलएफ से मोटे फायदे लिए जो अलग हैं। इसीलिए डीएलएफ और वाड्रा लैंड डील में न्यायिक आयोग के माध्यम से क्लीनचिट दी गई थी। अब इस मामले का असर वायनाड के इलेक्शन में भी पड़ने की संभावना है, जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रत्याशी हैं। मोदी-बीजेपी फिर जोरशोर से उठा रहे वाड्रा लैंड डील मामलाः अगर 2024 के विधानसभा चुनाव के प्रचाार की बात करें तो बीजेपी का प्रचार मुख्य रूप से हरियाणा में वाड्रा लैंड लीड और मिर्चपुर कांड के इर्द-गिर्द ही रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह औऱ तमाम भाजपा नेता दलाल, दामाद आदि का भाषणों में जिक्र करके किसानों को उनकी जमीनें छिनने का भय दिखाकर वोट मांग रहे हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को भू माफिया के तौर पर पेश करते हुए वीडियो प्रचारित किए जा रहे हैं। एक वीडियो पर तो कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में आपत्ति भी दर्ज कराई गई है। इसी तरह के गाने प्रचारित किए जा रहे हैं। यहां तक कि अखबारों में दिए गए विज्ञापनों में भी वाड्रा लैंड डील का जिक्र किया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर एक दशक से भी पुराने मामलों को चुनाव में भुनाकर बीजेपी मतदाताओं को क्या याद दिलाना चाह रही है। बीजेपी क्यों नहीं दे रही जवाब 10 साल में क्यों कुछ नहीं कियाः हरियाणा के विधानसभा में चुनाव में आम मतदाता यह जानने को उत्सुक है कि हरियाणा और केंद्र में 10 साल तक शासन करने के बावजूद वाड्रा लैंड डील मामले में बीजेपी प्रभावी कार्रवाई करके किसानों को उनकी जमीनें वापस क्यों नहीं दिलवा पाई। मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने वाड्रा लैंड डील मामले में आखिर हुड्डा को क्लीनचिट क्यों दी। साल 2022 तक सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी का बतौर कॉलोनाइजर्स लाइसेंस क्यों प्रभावी रहा। अब इन मुद्दों को चुनाव में उठाना क्या भाजपा की दोगली नीति नहीं है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए नुकसान को क्या भुला पाएंगे हरियाणा के लोगः विधानसभा चुनाव के दौरान आम जनमानस के बीच यह सवाल भी सुर्खियों में है कि आम तौर पर गैर जाट की राजनीति करने वाली बीजेपी के शासन यानि मनोहर लाल खट्टर सरकार में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हरियाणा में जिस तरह का तांडव हुआ। लोगों की चुन-चुन कर न केवल संपत्तियां जलाई गईं बल्कि महिलाओं से बलात्कार तक हुए। मुरथल कांड को अभी तक लोग भूले नहीं है। उस दौरान क्या भाजपा ने गैर जाट समुदाय के लोगों को पूरी तरह सुरक्षा मुहैया कराई थी। जबकि बीजेपी के मंत्रियों तक ने अपने नुकसान की भरपाई का पूरा मुआवजा सरकार से उठाया था। हुड्डा सरकार में आईएएस अशोक खेमका ने उठाया था वाड्रा लैंड डील मामलाः उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-13 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हरियाणा के चर्चित आईएएस अशोक खेमका ने वाड्रा लैंड डील मामले का खुलासा किया था। उस समय यह मुद्दा देश-विदेश के अखबारों औऱ मीडिया चैनलों की सुर्खियों में छाया रहा था। क्योंकि आईएएस खेमका ने वर्ष 2012 में डीएलएफ और रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के बीच हुई 3.5 एकड़ जमीन ट्रांसफर करने वाली डील रद्द कर दी थी। recent visitors 106

नगर निगम ने बताया- बगैर अनुमति शहर में टांगे फ्लैक्स और होर्डिंग, 50 हजार रुपये जुर्माना, FIR भी दर्ज करने के निर्देश

इंदौर बगैर अनुमति शहर में जहां-तहां होर्डिंग और फ्लैक्स टांगना विज्ञापन एजेंसी को महंगा पड़ा। नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए एजेंसी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई भी की जा रही है। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि शहर की छबि धूमिल करने वालों के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को बगैर अनुमति शहर में फ्लैक्स और होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं है। चालानी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नगर निगम उपायुक्त लता अग्रवाल ने बताया कि सयाजी होटल में रिवाज बाय रस्मोरिवाज के नाम से होने वाली प्रदर्शनी के प्रचार-प्रसार के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध होर्डिंग और फ्लैक्स लगाए गए थे। इन्हें लगाने के लिए नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। यह मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के नियमों का उलंघन है। इस पर रिवाज बाय रस्मोरिवाज के अधिकृत प्रतिनिधि लव गर्ग और प्लस मार्केटिंग एजेंसी के अभिषेक प्रजापत के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए विजय नगर पुलिस थाने में पत्र लिखा गया है। 100 से ज्यादा स्थान पर लगे थे होर्डिंग-फ्लैक्स उपायुक्त अग्रवाल ने बताया कि मार्केटिंग एजेंसी ने शहर में 100 से ज्यादा स्थानों पर उक्त होर्डिंग और फ्लैक्स लगा रखे थे। रिमूवल विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन्हें हटाकर जब्त कर लिया है। मार्केटिंग एजेंसी और उक्त प्रदर्शन के आयोजक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। recent visitors 84

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कैबिनेट बैठक सिंग्रामपुर में रखने के फैसले के लिए आभारी हूं : मंत्री श्री पटेल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक, लाड़ली बहना एवं स्व-सहायता समूह तथा सिंगौरगढ़ किले के महत्वूपर्ण स्थलों के भ्रमण का कार्यक्रम आगामी 5 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कार्यक्रम स्थलों का जायजा लिया एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पहली कैबिनेट वीरांगना रानी दुर्गावती के स्मरण में उनकी 500वीं जन्म जयंती पर जबलपुर में हुई थी, एक वर्ष पूरा होने को है, 501वीं जयंती 5 अक्टूबर को आयोजित की जा रही है। जब कैबिनेट में इस बात की चर्चा हुई थी तो हम सभी ने प्रस्ताव रखा था कि सिंगौरगढ़ में यदि यह कैबिनेट होती है, तो वास्तव में यह यादगार होगी। मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभारी हूं, उन्होंने प्रदेश की कैबिनेट बैठक सिंग्रामपुर में रखने का फैसला किया है, पूरी सरकार रानी दुर्गावती जी की पहली राजधानी में उनके चरणों में बैठकर राज्य के हितों का विचार करेगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जब यहां आना हुआ था तब भी हम सभी गौरवान्वित थे, यह ऐसे कालखंड है, जो इतिहास में दर्ज होने वाले है। यहां ए.एस.आई. का स्मारक है जिसमें तानसेन की गौरवशाली परंपरा थी, उसी गरिमा, प्रतिष्ठा को यह स्मारक याद दिलाते हैं। यह वनवासी क्षेत्र है, सिंगौरगढ़ का अजेय किला है, इसकी प्रतिष्ठा आसमान छुए, यही हम सभी की कोशिश है। मंत्री श्री लोधी और मंत्री श्री लखन पटेल बधाई के पात्र है, उनके नेतृत्व में तैयारियां पूरी की गई हैं। इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अघ्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक दमोह श्री जयंत कुमार मलैया, कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सीईओ जिला पंचायत श्री अर्पित वर्मा और अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 80

तीसरे विश्व युद्ध की आहट से भारतीय शेयर बाजार सहम गया, निवेशकों को भारी नुकसान

नई दिल्ली तीसरे विश्व युद्ध की आहट से आज (3 अक्टूबर) भारतीय शेयर बाजार सहम गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ईरान-इजराइल के बमों से भड़की आग से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। आज सेंसेक्स में 2.10% की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें यह 1,769.77 अंक टूटकर 82,497 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 2.12% गिरकर 25,250  पर बंद हुआ। इस बिकवाली से मार्केट के बड़े दिग्गज अंबानी-अडानी से लेकर टाटा तक सबके लाखों करोड़ स्वाहा हो गए। अंबानी-अडानी-टाटा सब फेल बाजार में जारी बिकवाली के चलते अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.95% की गिरावट आई, जिसके बाद कंपनी का शेयर 2,813.95 पर चला गया। वहीं हाल टाटा ग्रुप की कंपनियों के साथ भी रहा। टीसीएस के शेयर में 1.29% की गिरावट देखी गई, जिसके बाद शेयर 4,232 रुपए पर कारोबार बंद किया। ईरान में चाबहार पोर्ट को मैनज कर रही भारत की लार्ज कैप कंपनी अडानी पोर्ट के शेयर में भी 2.82% की गिरावट देखी गई, जिसके बाद वह 1,426 पर कारोबार बंद किया।  एक अक्टूबर को बाजार बंद होने पर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,74,86,463.65 लाख करोड़ रुपए था जबकि आज बाजार बंद होने पर 4,65,07,685.08 लाख करोड़ रुपए रह गया। जिस कारण निवेशकों को 978,778.57 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। क्यों आई ये गिरावट? बाजार में जारी इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण इजरायल और ईरान के बीच जंग का ऐलान हो जाना है। बता दें कि इजराइल और हिजबुल्ला के बीच जारी जंग में ईरान की एंट्री ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ा दिया है। दरअसल, ईरान ने इजराइल पर जबरदस्त पलटवार करते हुए 1 अक्टूबर की रात में एक के बाद एक 150 से अधिक मिसाइलें दाग दी। हमले के बाद इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले के बुरे परिणाम भुगतने होंगे। फिर इजराइल के तरफ से जवाबी हमले शुरू कर दिए गए। इसने ना सिर्फ भारतीय बाजार को घूटने पर लाया बल्कि अमेरिकी बाजार में भी बिकवाली ला दी। सेबी का फरमान पड़ा भारी फ्यूचर्स एंड ऑप्शन यानी F&O ट्रेड को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है। SEBI ने 1 अक्टूबर की शाम को सर्कुलर भी जारी कर दिया। इसके तहत इंट्रा-डे पोजिशन लिमिट की निगरानी होगी। डेरिवेटिव्स मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, मार्केट रेगुलेटर डेरिवेटिव्स फ्रेमवर्क को सख्त कर रहा है। F&O से जुड़े ज्यादातर नए बदलाव 20 नवंबर से ही लागू होंगे। इंडेक्स ऑप्शन बायर्स से अपफ्रंट ऑप्शन प्रीमियम लिया जाएगा। ऑप्शन एक्सपायरी के दिन शॉर्ट ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 2% का एडिशनल मार्जिन लिया जाएगा। सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट को भी बढ़ा दिया है। इसे 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है। अब हर हफ्ते एक एक्सचेंज की सिर्फ एक वीकली एक्सपायरी होगी। साथ ही एक्सपायरी के दिन ज्यादा मार्जिन देना होगा। इसके तहत शॉर्ट पोजिशन पर 2% एक्सट्रीम लॉस मार्जिन (ELM) मार्जिन देना होगा। इन सेक्टर्स के शेयर में दिखी बिकवाली     ऑटो शेयरों में मारुति के शेयर में 4.26% की गिरावट आई और वे 12,605 रुपए पर आ गए, जबकि उनका पिछला बंद भाव 13,167 रुपए था। कंपनी के करीब 0.17 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 22.12 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।     एशियन पेंट्स का शेयर 4% की गिरावट के साथ 3145 रुपए पर आ गया, जबकि उनका पिछला बंद भाव 3277 रुपए था। कंपनी के करीब 0.50 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 15.83 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।     बीएसई पर लार्सन एंड टुब्रो के शेयर 4.15% की गिरावट के साथ 3500 रुपए पर आ गए, जबकि उनका पिछला बंद भाव 3651.50 रुपए था। कंपनी के करीब 1.44 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 50.79 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 4.81 लाख करोड़ रुपए रह गया।     बीएसई पर एक्सिस बैंक के शेयर 1225.90 रुपए के पिछले बंद भाव के मुकाबले 3.75% गिरकर 1179.60 रुपए पर आ गए। कंपनी के करीब 0.90 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 10.78 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। बैंक का मार्केट कैप गिरकर 3.68 लाख करोड़ रुपए रह गया।   recent visitors 132

सेवानिवृत्त कर्मचारी के आयु के 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही उसे 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि का लाभ दिया जाए: मध्यप्रदेश हाई कोर्ट

इंदौर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने आदेश दिया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के आयु के 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही उसे 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्त निगमकर्मी जगदीश करोड़ीवाल ने इस संबंध में एडवोकेट मनीष यादव के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। 2009 में अधिसूचना जारी की गई थी इसमें उन्होंने कहा था कि 80वें वर्ष में प्रवेश पर 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि के संबंध में राज्य शासन के 2009 में अधिसूचना जारी की थी। इंदौर नगर निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी करोड़ीवाल पिछले वर्ष 79 वर्ष की आयु पूर्ण कर 80 वे वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। पेंशन बढ़ोतरी की गुहार लगाई थी उनके द्वारा निगमायुक्त को आवेदन देते हुए पेंशन वृद्धि की पात्रता का हवाला देते हुए 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि दिए जाने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन उन्हें पेंशन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। न्यायमूर्ति अभ्यंकर ने आदेश दिए एडवोकेट यादव के तर्को से सहमत होकर न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने याचिका स्वीकारते हुए 30 दिन के भीतर याचिकाकर्ता को उक्त पेंशन वृद्धि का लाभ 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही देने के आदेश दिए। इस राशि पर ब्याज भी देना होगा। recent visitors 156

नूंह में बोले राहुल गांधी- भाजपा द्वारा फैलाई जा रही नफरत को सफल नहीं होने देगी

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को हरियाणा की जनता से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया तथा कहा कि कांग्रेस धर्म, भाषा और जाति के आधार पर ‘‘भाजपा द्वारा फैलाई जा रही नफरत'' को सफल नहीं होने देगी। गांधी नूंह में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए और कहा कि आज मोहब्बत और नफरत के बीच लड़ाई है। पिछले साल नूंह में विश्व हिंदू परिषद के जुलूस पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद हिंसा भड़क गई थी जिसमें दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन आरोप लगाया कि कि कांग्रेस प्यार फैलाती है जबकि भाजपा नफरत फैलाती है। हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए पांच अक्टूबर को मतदान होगा। मतणना आठ अक्टूबर को होगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण चीज भाईचारा है। भाजपा और आरएसएस के लोग जहां भी जाते हैं, नफरत फैलाते हैं। वे जिस भी राज्य में जाते हैं, कहीं भाषा के बारे में बात करते हैं, कहीं वे धर्म के बारे में बात करते हैं और कहीं वे जाति के बारे में बात करते हैं।'' गांधी का कहना था, ‘‘नफरत को खत्म करना होगा। भारत नफरत का देश नहीं है, यह मोहब्बत का देश है। आपने यह पूरे देश को दिखाया है।'' उन्होंने कहा कि भारत ‘मोहब्बत की दुकान' का देश है, ‘नफरत का बाजार' का नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘हम देश में इस नफरत को जीतने नहीं देंगे। देश में प्यार, भाईचारा और एकता की जीत होगी।'' नफरत से दुख और डर फैलता है- कांग्रेस नेता उनका कहना था, ‘‘नफरत से देश कमजोर होता है। नफरत से दुख और डर फैलता है। प्यार ही है जो नफरत की दवा है। प्यार से भाईचारा फैलता है और प्यार से देश आगे बढ़ता है। हम प्यार की बात करते हैं लेकिन वे (भाजपा) नफरत फैलाते हैं और देश को तोड़ने की कोशिश करते हैं।'' राहुल गांधी ने चुनावी सभा के दौरान हाथ में संविधान की प्रति ले रखी थी। उन्होंने कहा कि संविधान ने गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की है, लेकिन ‘‘भाजपा और आरएसएस संविधान पर हमला करने पर तुले हुए हैं।'' देश में विचारधारा की लड़ाई- राहुल गांधी कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘देश में विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ कांग्रेस है, जो देश संविधान से चलाना चाहती है। जबकि दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस हैं, जो संविधान खत्म करना चाहते हैं।'' उन्होंने महिला पहलवानों के विषय का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आप सभी ने देखा कि भाजपा ने देश के पहलवानों के साथ क्या किया। भाजपा का सदस्य बिना डरे महिलाओं के खिलाफ अपराध कर रहा है, उनका यौन उत्पीड़न कर रहा है, लेकिन भाजपा को कोई मतलब नहीं। ये संविधान पर आक्रमण है, क्योंकि संविधान कहता है कि देश की हर महिला की रक्षा होनी चाहिए।''   recent visitors 78

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य-जीव सप्ताह-2024

भोपाल राज्य स्तरीय वन्य-जीव सप्ताह-2024 में वन विहार में 3 अक्टूबर को प्रातः 6 बजे पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एक्सीलेंस एवं मित्तल कॉलेज भोपाल के 89 प्रतिभागियों ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के दर्शन किये, जिनमें प्रमुख है ब्लैक डरोंगो, ओपन बिल स्टोर्क, रेड मुनिया, ग्रे हेरॉन, ब्रॉज बिंग जकाना, इंडियन रॉबिन, मैगपाई रॉबिन, व्हिस्टलिंग टील, पैराडाइस पलाईकैचर एवं लिटिल कार्मोरेंट आदि तथा तितलियों में बटरफ्लाई, कॉमन क्रो, ग्रे पेनसी, कॉमन ईवनिंग ब्लू टाईगर, स्ट्राइपड टाईगर, प्लेन टाईगर आदि को देखकर प्रतिभागी उत्साहित हो उठे। स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. सुरेन्द्र तिवारी, डॉ सुदेश वाघमारे, डॉ. संगीता राजगीर एवं मो. खालिक तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा द्वारा किया गया। वन उत्सव में प्रातः 7 बजे से कक्षा 5 से 8 एवं कक्षा 9 से महाविद्यालयीन वर्ग के लिये 'वन विहार’ विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 68 प्रतिभागियों ने भाग लिया एवं सॉफ्ट कॉपी के रूप में अपने फोटोग्राफ्स कार्यालय में जमा किये। अन्य प्रतियोगिता के रूप में प्रातः 10 बजे से रंगोली प्रतियोगिता कक्षा 5 से 8 तक वर्ग के लिये 'मध्यप्रदेश के वन्य-जीव एवं कक्षा 9 से महाविद्यालयीन वर्ग के लिये 'शहरी भू भाग में बाघ' विषय पर आयोजित की गई, जिसमें कुल 110 प्रतिभागियों ने भाग लिया। आज की अन्य प्रतियोगिताओं के रूप में प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक "विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण को आर्थिक विकास से ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिये’’ विषय पर विद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता भी विश्व प्रकृति निधि भारत के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 4 अक्टूबर 2024 के कार्यक्रम दिनांक 4 अक्टूबर को प्रातः 9.30 बजे से वन विहार स्थित विहार वीथिका में 'वन्य-जीव गलियारे वन्य-जीव मानव द्वंद को कम करने एवं जैव विविधता को बढावा देने में प्रभावी है’ विषय पर विश्व प्रकृति निधि भारत के सहयोग से महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी तथा दोपहर 12 बजे से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिये 'कथा वाचन' प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। भोपाल वन मंडल के सहयोग से वन्य-जीव संरक्षण के लिये 'टाईगर वॉक' का आयोजन किया गया। यह टाईगर वाक टी.टी. नगर स्टेडियम के सामने स्थित मुख्य मार्ग से होती हुई मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में समाप्त होगी। recent visitors 83