आईपीएल मैच में 18 मई को आरसीबी और सीएसके के बीच खेला गया मैच हर किसी को याद होगा, हरभजन ने खोला राज

नई दिल्ली महेंद्र सिंह धोनी को सबसे कूल क्रिकेटर्स में शुमार किया जाता है, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान उनका गुस्सा कई बार देखा जा चुका है। ऐसे ही एक किस्से के बारे में हरभजन सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया है। 2024 आईपीएल मैच में 18 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के बीच खेला गया मैच हर किसी को याद होगा। इस मैच के बाद किस तरह से धोनी ने गुस्से में स्क्रीन पर मुक्का मारा था और क्या कुछ हुआ था, उसके बारे में हरभजन सिंह ने खुलकर बात की है, जो उस समय स्टेडियम में ही मौजूद थे। स्पोर्ट्स यारी पर जब हरभजन सिंह से पूछा गया कि 18 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच मैच के बाद क्या हुआ था, एंकर ने पूछा- उन्होंने (धोनी) हाथ नहीं मिलाया था इस बार, जब हार गए थे, इस पर भज्जी ने जवाब में कहा, ‘मुझे लगता है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम सेलिब्रेट कर रही थी और उनको पूरा हक बनता है यार, क्योंकि जिस तरह टीम वो जीती, क्योंकि मैं वहां पर मौजूद था, ऊपर से नीचे जब देख रहा था, तब वो (आरसीबी) अपना सेलिब्रेट कर रहे हैं, इन्होंने (धोनी) लाइन लगा ली थी, हाथ मिलाने के लिए। और वो लेट हो गए। और वहां सेलिब्रेशन खत्म हो गई और जब तक आए वो हाथ मिलाने के लिए, ये अंदर गए और इन्होंने (धोनी) ड्रेसिंग रूम से पहले जो स्क्रीन लगी हुई है, उस पर मुक्का भी मारा। क्योंकि मैं वहां पर ऊपर से देख रहा था। जीत-हार में ऐसा होता है।’ एंकर ने कहा इतनी भी देर नहीं हुई थी, 10 सेकेंड ज्यादा लगे थे, इस पर हरभजन सिंह ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं वो तीन मिनट भी ज्यादा ले लें, उनका वो हक बनता है, सेलिब्रेट उन्होंने करना है। खैर वहां उनकी (धोनी) अपनी एक सोच थी, वो चले गए। वो शायद सोच रहे थे कि ये मैच जीतेंगे, ये आईपीएल जीतेंगे। शायद उनका जो सपना था कि मैं ट्रॉफी के साथ रिटायर हो जाऊं, वो नहीं हो रहा था, वो चूर-चूर हो गया था।’ 18 मई को आईपीएल 2024 का कहने को तो यह लीग मैच था, लेकिन किसी नॉकआउट मैच से कम नहीं था। सीएसके को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना था या फिर कम से कम 200 रन बनाने थे और आरसीबी को यह मैच जीतना था और वह भी सीएसके को कम से कम 18 रनों के अंतर से हराना था। आखिरी ओवर यश दयाल ने किया था। सीएसके को जीत के लिए आखिरी ओवर में 35 रन चाहिए थे, लेकिन प्लेऑफ में पहुंचने के लिए 17 रनों की जरूरत थी। धोनी ने पहली गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन अगली गेंद पर आउट हो गए। आरसीबी ने 27 रनों से मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बनाई थी और सीएसके प्लेऑफ की दौड़ से आउट हो गया था। recent visitors 102

आईएसएल: ओडिशा एफसी के सामने केरला ब्लास्टर्स चुनौती

भुवनेश्वर ओडिशा एफसी की टीम आज शाम अपने घरेलू मैदान कलिंगा स्टेडियम में खेले जाने वाले इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2024-25 मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स एफसी की मेजबानी करेगी। दोनों टीमों ने अब तक अपने तीन मैचों में एक-एक जीत हासिल की है। ओडिशा ने पिछले शनिवार को जमशेदपुर एफसी को 2-1 से हराकर सीजन की पहली जीत हासिल की जबकि केरला ब्लास्टर्स एफसी ने गुवाहाटी में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी से 1-1 का ड्रा खेला। उसे आगामी मुकाबले में जीत की राह पर लौटने की उम्मीद होगी। ओडिशा एफसी के स्पेनिश हेड कोच सर्जियो लोबेरा ने केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ अपने 11 मुकाबलों में से नौ जीते है, जो 82% की सफलता दर है। इस कैलेंडर वर्ष में, केरला ब्लास्टर्स ने लीग के अपने आठ मैचों में केवल एक जीत हासिल की है। उन्होंने इन सभी मैचों में गोल खाए हैं, और यह निश्चित रूप कोच मिकेल स्टेहरे के लिए चिंता का विषय होगा। ओडिशा एफसी और उसके फैंस लगातार दो हार के सिलसिले के टूटने से खुश हैं। लोबेरा ने मुश्किल समय में टीम का हौंसला बढ़ाने के लिए फैंस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं क्योंकि आखिरकार, हमने तीन महत्वपूर्ण अंक बटोर लिये। हर बार जब अधिक फैंस स्टेडियम आते हैं, तो वे हमें मुश्किल क्षणों से निकालते हैं। मैं इनका समर्थन पाकर खुश हूं।” केरला ब्लास्टर्स एफसी के स्वीडिश हेड कोच मिकेल स्टेहरे को भरोसा है कि सीजन के शुरुआती तीन मैचों के बाद उनकी टीम सही रास्ते पर है। स्टाहरे ने कहा, “मैं खुश नहीं हूं, लेकिन मैं बहुत दुखी भी नहीं हूं। हम और बेहतर कर सकते हैं। हम अभी भी मजबूत हैं और अंक जीत रहे हैं। मुझे लगता है कि हम सही रास्ते पर हैं।” दोनों टीमें आईएसएल में 23 बार एक-दूसरे से खेल चुकी हैं, जिसमें केरला ब्लास्टर्स ने नौ मुकाबले जीते हैं, जबकि ओडिशा को सात जीत मिली है। सात मुकाबले ड्रा रहा है।   recent visitors 73

दो आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत पर भेजे, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में रेलवे ट्रैक पर रखा पत्थर

जगदलपुर. श्रीविल्लिपुत्तूर रेलवे स्टेशन की पुलिस ने छत्तीसगढ़ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के ऊपर रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने का आरोप है। तेनकासी जिला के कदयानल्लूर रेलवे स्टेशन और तिरुनेलवेली जिला के पंबाकोविलशांडे रेलवे स्टेशन के बीच इस वारदात को अंजाम दिया गया था। 25 सितंबर को ट्रेन नंबर 12662 के साथ ये घटना घटी। ट्रेन का नाम चेन्नई एग्मोर- पोथिगई एक्सप्रेस है। ट्रैक पर पत्थर होने के कारण ट्रेन टकराई और कुछ समय के लिए रुक गई थी। रेलवे पुलिस ने सेनगोट्टई के सीनियर इंजीनियर की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। आरपीएफ ने दो टीमों को तैनात किया था। टीमें जांच के लिए स्थानीय लोगों के पास गईं और मामले की तह तक जाने की कोशिश की। बाद में पता चला कि बस्तर के ईश्वर मेदिया और जगदलपुर के बघेल पास के एक इलाके में पत्थर की खदान में काम करते हैं। शक के आधार पर इन लोगों को पकड़कर लाया गया और इनसे पूछताछ की गई। आरोपियों ने कबूला, इन धाराओं के तहत हुई गिरफ्तारी — पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों को धारा 150(1) ए और 147 के तहत गिरफ्तार किया गया है। धारा 150(1) ए अवैध रूप से रेलवे ट्रैक पर पत्थर या लकड़ी रखने के लिए है। वहीं धारा 147 रेलवे संपत्ति के अतिक्रमण से जुड़ी है। इन धाराओं का जिक्र रेलवे एक्ट में दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद इन लोगों को राजपालयम कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच और पूछताछ के बाद पता लगेगा कि आखिर उन लोगों ने ट्रैक पर पत्थर क्यों रखा। हालांकि आरोपियों ने कबूल कर लिया है अब अन्य पक्षों की भी जांच होगी और इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा। recent visitors 73

जोश बटलर वेस्टइंडीज के आगामी दौरे के लिए सफेद गेंद दौरे के लिए इंग्लिश टीम में करेंगे वापसी

लंदन वेस्टइंडीज के आगामी दौरे के लिए नियमित सीमित ओवरों के कप्तान जोस बटलर की इंग्लैंड की टीम में वापसी होगी। इंग्लिश टीम वेस्टइंडीज दौरे पर इस साल अक्टूबर-नवंबर में तीन टी20 और पाँच वनडे खेलेगी। बटलर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 और वनडे मैचों में नहीं खेल पाए थे क्योंकि वे पिंडली की चोट से उबर रहे थे। इंग्लैंड ने टीम में तीन अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी शामिल किया है, जिसमें 22 वर्षीय यॉर्कशायर के लेग स्पिनर जाफर चौहान शामिल हैं, जिन्हें सीनियर टीम में पहली बार शामिल किया गया है। वह साउथ एशियन क्रिकेट अकादमी के पहले स्नातक हैं। अन्य दो अनकैप्ड खिलाड़ी जॉन टर्नर और डैन मूसली हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम का हिस्सा थे। इंग्लैंड ने 14 खिलाड़ियों की शुरुआती टीम चुनी है, और 28 अक्टूबर को रावलपिंडी में होने वाले सीरीज के तीसरे मैच के शुरू होने के बाद पाकिस्तान में टेस्ट टीम से दो और खिलाड़ी शामिल किए जाएंगे। बटलर की जगह ऑस्ट्रेलिया सीरीज में इंग्लैंड की अगुआई करने वाले हैरी ब्रूक टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। कैरेबियाई दौरे की शुरुआत वनडे से होगी – पहले दो मैच 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को एंटीगुआ में होंगे, उसके बाद 6 नवंबर को तीसरे मैच के लिए बारबाडोस जाएंगे। पांच टी20 मैच 9 से 17 नवंबर के बीच खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम: जोस बटलर, जोफ्रा आर्चर, जैकब बेथेल, जाफर चौहान, सैम करन, विल जैक्स, लियाम लिविंगस्टोन, साकिब महमूद, डैन मूसली, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल साल्ट, रीस टॉपले, जॉन टर्नर।   recent visitors 186

नवरात्री 2024 : मां दुर्गा की आराधना से धुल जाते हैं जन्म जन्मांतर के पाप

इस वर्ष 03 अक्टूबर से नवरात्रि अर्थात दुर्गा पूजा उत्सव प्रारंभ हो रहा है! हमारे देश का यह उत्सव बड़े व्यापक रुप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जगह-जगह भव्य पांडालों एवं झांकियों के साथ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इन स्थलों की सजावट तो देखते ही बनती है। इन दिनों सारा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहता है, सारा देश भक्तिमय रहता है। नवरात्रि पर्व. को मनाने के पीछे पौराणिक कथा प्रचलित है जो इस प्रकार है। एक समय की बात हैं ब्रम्हा आदि देवताओं ने पुष्प आदि विविध प्रकार से मां दुर्गा की पूजा की। फलस्वरुप दुर्गा जी प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मांगने को कहा। तब दुर्गा की ममतामयी वाणी सुनकर देवतागण बोले-हे देवी हमारे शत्रु महिषासुर को, जो संपूर्ण जगत के लिये त्रासद का कारण था जिसे अपने हाथों से आपने संहार किया था. तब से समस्त विश्व निरापद होकर चैन की सांस ले पा रहें हैं। आपने पृथ्ची के समस्त दृष्टों अत्याचारियों का वध करके सब देवताओं को भयमुक्त कर दिया है। अतः अब हमारे मन में कुछ भी पाने की अभिलाषा नहीं है। हमें संब कुछ मिल गया। तथापि आपकी आज्ञा है, इसलिये हम जगत की रक्षा के लिये आपसे कुछ पूछना चाहते हैं-महेश्वरी! कौन सा ऐसा उपाय है कि जिससे आप शीघ्र प्रसन्न होकर संकट में पड़े जीव की रक्षा करती हैं। देवश्वरी यह बात सर्वथा गोपनीय हो तो भी हमें अवश्य बताइये! देवताओं के इस प्रकार प्रार्थना करने पर दयालू मां ने कहा देवगण यह रहस्य अत्यंत गोपनीय और दुर्लभ है। मेरे बत्तीस नामों की माला सब प्रकार के दुःखों और विपत्तियों का नाश करने वाली है। तीनों लोकों में इसके समान दूसरी कोई स्तुति नहीं हैं। यह स्तुति रहस्य रूप है। इमे बताती हूं। सुनो ये बत्तीस नाम हैं (1) दुर्गा (2) दुर्गर्तिशमनी (3) दुर्गा पाद्धि निवारिणी (5) दुर्ग नाशिनी(6) दुर्गा साधिनी (7)) दुर्ग तौधरनी (8) दुर्ग मच्छेदनी(9) दुर्गमापडा (10) दुर्गमज्ञानदा(11) दुर्गा दैत्यलोक दानवला(12) दुर्गमा(13) दुर्गमालोका(14) दुर्गामात्म स्वरूपिणी(15) दुर्गमार्गप्रभा(16) दुर्गम विद्या(17) दुर्गा मांश्रिता(18) दुर्गम ज्ञानस्थाना(19) दुर्ग मोहा(20) दुर्ग मध्यानभाषिनी (21) दुर्गमना(22) दुर्गमार्थ स्वरुपिणी (23) दुर्गमासूर सहंस्त्री(24) दुर्गमां युद्धधारिणी(25) दुर्गभीमा (26) दुर्गामता (27)दुर्गम्या(28) दुर्गमेश्वरी(29) दुर्गमांगी (30)दुर्गभामा (31) दुर्गभाऔर (32) दुर्गमांगी "नामावलिमियां यस्तु दुर्गाया मम मानव:। पढेत् सर्वभवान्मुक्तों भविष्यति न संशयः। । कहा जाता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन दुर्गाजी के इन नामों का एक सौ आठ बार पाठ करता है उसके लिये तीनों लोकों में कुछ भी असाध्य नहीं रहता है। वह निःसंदेह सब प्रकार के भय के मुक्त हो जाता है। कोई शत्रुओं से पीड़ित हो दुर्भेट्य बंधन में पड़ा हो, इन बत्तीस नामों के उच्चारण मात्र से संकट से छुटकारा पा जाता है। विपत्ति के समय इसके समान अवनाशक उपाय दूसरा नहीं है। देवगण! इस नाम माला का पाठ करने वाले मनुष्यों की कभी कोई हानि नहीं होती। हमारे देश में दुर्गाजी की प्रतिमा जो मूर्तिकारों द्वारा बनाई जाती है अक्सर आप सभी ने देखा होगा वे सभी शेर पर सवार एवं अष्टभुजी, हर हाथों में 'ढाल, तलवार, आदि हथियार रहते हैं, तो इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। जब देवताओं ने मां दुर्गा जी से उनकी प्रसन्नता का रहस्य पूछा था तो देवी ने उनके समक्ष उपरोक्त बत्तीस नामों के पाठ का उल्लेख तो किया ही, साथ ही यह भी कहा था कि उनकी सुंदर मिट्टट्टी की क्रमशः गदा, खड़ग, त्रिशूल बाण, धनुष, वाली बाल, मुग्दर और कमल धारण करावें एवं अष्टभुजा मूर्ति बनायें! मूर्ति के मस्तक में चंद्रमा का चिन्ह हो उसके तीन नेत्र हो, उसे लाल वस्त्र पहनाया गया हो, वह सिंह पर सवार हो और महिषासुर का वध कर रही हो। मां का 16 श्रृंगार होना चाहिए। सोलह श्रृंगारों में यथा (1) शौच (2) उबटन (3) स्नान (4) केश बंधन) (5) अंगराज (6) अंजन (7) महावर (8) दंतरंजन (9) तांबूल (10) वसन (11) भूषण (12) सुगंध (13) महावर (14) कुंमकुम (15) भाल तिलक एवं (16) चिबुक बिंदु। को शामिल किया गया है। इस प्रकार मां की प्रतिमा बनाकर नाना प्रकार की सामग्रियों से भक्तिपूर्वक मूर्ति का पूजन करने से भक्तों की सब मनोकामना पूर्ण होती है। दुर्गापूजा भारत के अलावा कई देशों में भी की जाती है। दुर्गापूजा की परंपरा सिंधु कालीन सभ्यता के समय से इतिहास वेत्ताओं ने माना है। खुदाई से प्राप्त मूर्तियों, सिक्को में अंकित लिंग, वोनी, नंदीपद, स्त्री की सिंह सवार मूर्ति आदि से उक्त मान्यता को बल मिलता है कि प्राचीन समय से ही शक्ति पूजा की परंपरा थी। वर्तमान में दुर्गा पूजा को जापान में चनेष्टि यूनान में दीमेतारे तिब्बत में लामो मिश्र में आईसिस हैथर के नाम से पूजित किया जाता है। महाभारत के युद्ध के समय भी दुर्गा पूजा का एक विशेष उल्लेख आता है। जब कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू होने के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन की विजय श्री के लिए माँ दुर्गा की पूजा एवं उपासना की थी। श्री दुर्गा सप्तशती में दुर्गा देवी के जन्म की और उनके द्वारा अनेक राक्षसों का वध कर देवताओं को सुरक्षा प्रदान करने का विस्तार से वर्णन है। इसी परम धार्मिक ग्रंथ में देवी के नौ रूपों का भी उल्लेख है, जिसमें प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंध माता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी एवं नवम व अंतिम दुर्गा सिद्धिदात्री का पूर्ण वर्णन किया गया है।   recent visitors 77

महिलाओं से अभद्रता पर मारपीट से था आहत, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में नशेड़ी ने खुद का गला काटा

चित्तौड़गढ़. प्रारंभिक जांच में युवक के मारपीट से आहत होकर खुद का गला काटने की बात सामने आई है। वहीं यह नशे का आदी भी बताया है। रात को ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिलहाल इस मामले में कोई प्रकरण कोतवाली थाने में दर्ज नहीं हुआ है। युवक के बयान या रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में शिवाजी सर्कल पर यह मामला सामने आया। बुधवार रात करीब 9 गंभीर अवस्था में घायल युवक लोगों को मिला। इसके गले में चोट का निशान होकर काफी रक्त बह रहा था। लोगों ने इसको जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया। यहां इसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया। मामले की जानकारी मिली तो कोतवाली थाना प्रभारी संजीव कुमार स्वामी मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे हैं। युवक ने खुद को घायल किया था। शहर में रेलवे स्टेशन के समीप रहने वाला शकील कोतवाली थाना क्षेत्र में मोक्षधाम की तरफ गया था। इसके बाद में घायल अवस्था में चिकित्सालय में लाया गया। युवक ने खुद के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने से आहत होकर कांच की बोतल से गला काट लिया। जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद आगे उपचार के लिए इसको उदयपुर रेफर किया है। इस मामले में पुलिस उप अधीक्षक चित्तौड़गढ़ तेज कुमार पाठक ने बताया कि चिकित्सकों से इसके स्वास्थय को लेकर बात की है। इसके गले में ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इधर, कोतवाली थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि पुलिस ने इसके मामले की जांच की है। युवक नशे का आदी होकर एक ठेले पर महिलाओं से अभद्रता की थी। इसके कारण यहां विवाद हुआ। थोड़ी देर बाद खुद का गला काट कर आया। पुलिस ने इसके विडियो बयान दर्ज किए हैं। यह पहले भी इस तरह का कदम उठा चुका है। recent visitors 83

बेंगलुरू एफसी ने मुंबई सिटी से गोलरहित ड्रॉ खेला

मुंबई बेंगलुरू एफसी ने इंडियन सुपर लीग के मैच में मुंबई सिटी एफसी को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर अपना अपराजेय अभियान बरकरार रखा । बेंगलुरू एफसी के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने विरोधी टीम के कई हमले नाकाम किये । इस मैच के बाद बेंगलुरू चार मैचों में दस अंक लेकर शीर्ष पर है । वहीं मुंबई तीन मैचों में दो ड्रॉ और एक हार के बाद 11वें स्थान पर है । बेंगलुरू एफसी 18 अक्टूबर को पंजाब एफसी से खेलेगी जबकि मुंबई सिटी का सामना एफसी गोवा से होगा ।   recent visitors 76