सभी जवान सुरक्षित और सर्चिंग भी जारी, छत्तीसगढ़-सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़

सुकमा. सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र अंतर्गत माओवादियों के कोर जोन चिंतावागू नदी के किनारे सुरक्षाबलों की पीएलजीएल बटालियन और किस्टाराम एरिया कमेटी के नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। बताया जा रहा है कि 2 अक्तूबर को सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी ग्राम बोटेलंका, एरनपल्ली व आसपास क्षेत्र की ओर नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी। वहीं, तीन अक्तूबर की सुबह मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ स्थल से अस्थाई कैंप को ध्वस्त कर भारी मात्रा में नक्सलियों के डम्प सामाग्रियों एवं विस्फोटक सामान को बरामद किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में जिला बल, डीआरजी, बस्तर फाईटर, 206 कोबरा वाहिनी, 208 कोबरा वाहिनी, 204 कोबरा वाहिनी एवं 203 कोबरा वाहिनी की संयुक्त कार्यवाही की गई।  इलाके में सर्चिंग जारी है और सभी जवान सुरक्षित हैं। recent visitors 68

सदस्यता अभियान को लेकर 5 को लेंगे बैठक, राजस्थान-जयपुर आएँगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा

जयपुर. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 5 अक्तूबर शनिवार को जयपुर प्रवास पर रहेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार शाम 7 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर आएंगे। इस दौरान सांगानेर एयरपोर्ट पर जेपी नड्डा का भव्य स्वागत किया जाएगा। राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शाम 7.30 बजे से स्टेच्यू सर्किल स्थित एक होटल में जयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से संवाद करेंगे और सदस्य बनाएंगे। भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक डॉ अरूण चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा रात 8.30 बजे से भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से सदस्यता अभियान को लेकर संवाद करेंगे। इस दौरान बैठक में सांसद, पूर्व सांसद, सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व विधायक, जिला प्रमुख, मेयर, उप महापौर के साथ प्रदेश सदस्यता अभियान की टोली, प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक के साथ आगामी रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। recent visitors 79

मां वैष्णो का दरबार शारदीय नवरात्रों पर दुल्हन की तरह सजा, दर्शनार्थियों की सुविधा का रखा जा रहा विशेष ध्यान

कटरा शारदीय नवरात्रों की प्रतिपदा को जम्मू के कटरा स्थित मां वैष्णो देवी का भवन दुल्हन की तरह सज गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी की आराधना को जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है। वहीं, मां वैष्णो देवी भवन परिसर में विशाल शत चंडी महायज्ञ का आयोजन भी किया गया है। माता के भवन परिसर में जगह-जगह बने विशाल पंडाल, स्वागत द्वार और देवी-देवताओं की मूर्तियां श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। देसी और विदेशी फलों-फूलों की महक से वातावरण महक रहा है। मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन पाने के लिए भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार दोपहर तक लगभग 25,500 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया था और वे मां के दर्शन के लिए रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं को बिना किसी देरी के आरएफआईडी यात्रा कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें यात्रा में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है। कटरा में श्रद्धालुओं के लिए आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए कई पंजीकरण केंद्र खोले गए हैं, जिनमें रेलवे स्टेशन, मुख्य बस अड्डा, हेलीपैड और अन्य स्थान शामिल हैं। बिना आरएफआईडी कार्ड के किसी को भी वैष्णो देवी की यात्रा की अनुमति नहीं है। सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस और श्राइन बोर्ड के अधिकारी मौजूद हैं, जो कार्ड की जांच के बाद श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दे रहे हैं। नए लाल और पीले रंग के आरएफआईडी कार्ड जारी किए गए हैं, जबकि पुराने कार्ड अब मान्य नहीं होंगे। ऑनलाइन यात्रा पर्ची लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कटरा रेलवे स्टेशन पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन एटीएम स्थापित किया गया है, जिससे वे बिना कतार में लगे यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। अर्ध कुवारी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक लंगर की व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें शुद्ध घी की खिचड़ी और अन्य पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। पानी की व्यवस्था के लिए आरोग्य युक्त जल केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, मां वैष्णो देवी भवन परिसर में विशाल शत चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 51 पंडितों द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी। यह यज्ञ देश और विश्व की सुख-शांति के लिए आयोजित किया जा रहा है। सुरक्षा के कड़े प्रबंध भी किए गए हैं। कटरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 6 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें विभिन्न प्रमुख स्थानों पर अधिकारी तैनात रहेंगे। विशेष सुविधाओं की अग्रिम बुकिंग पूरी तरह से फुल हो चुकी है, जिसमें हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, और रोपवे शामिल हैं। श्रद्धालुओं को अटका आरती में शामिल होने का भी अवसर मिलेगा, जहां देश के नामी गायक भजन प्रस्तुत करेंगे।   recent visitors 67

खाना खाने जाते समय हादसा, छत्तीसगढ़-सुकमा में स्कार्पियो ने प्रधान आरक्षक को मारी टक्कर

सुकमा. सुकमा के रक्षित केंद्र में पदस्थ प्रधान आरक्षक के साथ ही अन्य जवान नक्सली कैदी का इलाज कराने के लिए मेकाज पहुंचे थे। कैदी को भर्ती कराने के बाद आरक्षक खाना खाने जा रहा था। इस दौरान एक स्कार्पियो ने टक्कर मार दी। हादसे में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कांकेर जिले के मुसुरपुट्टा निवासी चंद्रभान अरकरा (55) अपने अन्य साथियों के साथ नक्सल मामले में गिरफ्तार नक्सली को इलाज के लिए मेकाज लेकर पहुंचे, जहां कैदी को भर्ती कराने के बाद प्रधान आरक्षक अपने साथियों के साथ खाना खाने के लिए निकले थे। इस दौरान अचानक से दंतेवाड़ा कर्मा परिवार में चलने वाले फॉलो वाहन के चालक ने टक्कर मार दी। इसके बाद घायल प्रधान आरक्षक को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया, जहां प्रधान आरक्षक ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद स्कार्पियो चालक ने गाड़ी को परपा थाने में ले जाकर खड़ा कर दिया। वहीं, घटना के बारे में जानकारी भी दी। परपा पुलिस ने घटना वाले दिन ही आरोपी स्कार्पियो चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। वहीं, प्रधान आरक्षक की मौत के बाद आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रधान आरक्षक के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे व एक बेटी है। recent visitors 64

बिलासपुर मंडल ने लिया फौरी निर्णय, छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश आवाजाही करने वाली 22 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर/रायपुर. मध्य प्रदेश आवाजाही करने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत बीरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का किया जाना है। इसकी वजह से अम्बिकापुर और नर्मदा एक्सप्रेस समेत 22 ट्रेनों को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे की ओर से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बीरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमोडलिंग का काम किया जा रहा है। इस दौरान प्री एनआई और एनआई कमीशनिंग के तहत तीसरी लाइन कनेक्टिविटी का काम भी किया जाएगा। इसके चलते कुछ पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस दौरान भोपाल से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस 2 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 30 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। जबलपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस 2 से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। यही नहीं अंबिकापुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस 3 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस पहली से 9 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। रीवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। इसी तरह 4, 7, 9 और 11 अक्टूबर को रीवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी और 5, 8, 10 एवं 12 अक्टूबर को चिरमिरी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। कटनी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस 2 से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। चिरमिरी से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस 3 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। यही नहीं पश्चिम मध्य रेलवे से गुजरने वाली और इंदौर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस 1 से 12 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस 30 सितंबर से 11 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। लखनऊ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस 3, 7 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। रायपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस 4, 8 एवं 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 22867 दुर्ग-निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 8 एवं 11 अक्टूबर को रद्द रहेगी। वहीं निजामुद्दीन से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस 5, 9 एवं 12 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस 6 और 8 अक्टूबर को रद्द रहेगी। यही नहीं कानपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस 7 एवं 9 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस 06 अक्टूबर को रद्द रहेगी। अजमेर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस 7 अक्टूबर को रद्द रहेगी। दुर्ग से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18205 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस 3 और 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी। नवतनवा से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 18206 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस 5 और 12 अक्टूबर को रद्द रहेगी। ट्रेन नंबर 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया कटनी-जबलपुर-कछपुरा-नैनपुर होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। ट्रेन नंबर 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस 2 से 10 अक्टूबर तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया नैनपुर-कछपुरा-जबलपुर-कटनी होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। recent visitors 73

एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के रिटायरमेंट पर दुःखी हुआ स्टाफ और स्कूली बच्चे

सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के रिटायरमेंट पर दुःखी हुआ स्टाफ और स्कूली बच्चे मंडला एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के प्राचार्य के पद पर रहे रूपलाल मरकाम सोमवार को अपनी शासकीय सेवा अवधि पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। रूपलाल मरकाम ने 36 वर्ष 8 माह 6 दिन शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं, जिसमें गाजीपुर में प्राचार्य के रूप में उन्होंने 12 वर्ष तक कार्य किया है। बता दें की सोमवार को एकीकृत शासकीय हाई स्कूल गाज़ीपुर के स्टाफ ने दोपहर लगभग 2 बजे विद्यार्थियों की मौजूदगी में विदाई समारोह आयोजित किया, जिसमें सेवानिवृत्त प्राचार्य रूपलाल मरकाम को प्रतीक चिन्ह सौंपा गया। विदाई समारोह कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई, हेमंत सारथी द्वारा तिलक वंदन किया गया। तत्पश्चात स्कूल के बच्चों ने विदाई का भावनात्मक गीत प्रस्तुत किया। महिमा लखेरा, दीक्षा सारथी, निहारिका सरोते द्वारा गुरु के ऊपर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। स्कूल के बच्चों ने प्राचार्य की राहों में फूल बरसाए और नाचते गाते उनका स्वागत वंदन किया गया, तो वहीं स्कूल के स्टाफ फूल माला लेकर प्राचार्य रूपलाल मरकाम के विदाई समारोह में शामिल हुए, इसके बाद सेवानिवृत्त प्राचार्य को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्राचार्य ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यालय परिसर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी आवश्यकता होगी वह सेवानिवृत्ति के बाद भी शाला के विकास में हरसंभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर रहेंगे। बता दें की अपने अनुशासित व्यवहार और सरकारी स्कूल के प्रति अलग ही लगन के चलते सेवानिवृत प्राचार्य रूपलाल मरकाम ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कार्यक्रम का कुशल संचालन ट्वेटा से दिलीप मरावी और आभार प्रदर्शन प्रमोद शुक्ल ने किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने कहा कि प्राचार्य रूपलाल मरकाम हमारे लिए एक आदर्श के रूप में हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। उनसे हमने अनेक कार्य सीखे हैं, वे बड़े ही कुशल नायक, कर्मठ, प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों का बड़े ही ईमानदारी और बहुत ही सरलता पूर्वक निर्वहन किया है। विद्यालय परिवार उनके कार्यों को हमेशा याद रखेगा। विद्यालय की शिक्षिका झीनी मरावी ने कहा हम प्राचार्य रूपलाल मरकाम के हमेशा ऋणी रहेंगे क्योंकि उनके बिना हमारा विद्यालय अभिभावक विहीन हो गया है जिसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने प्राचार्य के कुशल कार्य दक्षता की प्रसंशा करते हुए कहा की उनके दिशा निर्देशन में विद्यालय ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विद्यालय की शिक्षिका कीर्ति दुबे ने प्राचार्य को विदाई देते हुए कहा की इतने वर्षों में उनके द्वारा हमें अच्छे कर्मठ होने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय में बिताए हुए समय का महत्व समझाया गया। साथ ही विवादों से बचकर रहने की प्रेरणा भी प्राचार्य रूपलाल मरकाम द्वारा हमें दी गई। हमारा स्कूल स्टाफ उन्हे और उनकी सीख को कभी नहीं भूल पाएगा। विद्यालय के शिक्षक अरविंद तिवारी ने कहा की मैं प्राचार्य जी को 27 वर्षों से जान रहा हूं जो अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा ईमानदार व कर्मठ रहे है, मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है, मैं अपने जीवन में उनकी बातों को अमल भी करता हूं। शिक्षक दिनेश उपाध्याय ने कहा की प्राचार्य रूपलाल मरकाम जी का एक गांव से निकलकर इतनी तरक्की करना हम सबके लिए प्रेरणा का विषय है। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित – पूर्व प्राचार्य केहरपुर, के.के. हरदा प्रभारी प्राचार्य, ओमप्रकाश चौबे, अरविंद तिवारी, चित्रलेखा ठाकुर, स्मृति ठाकुर, खेमराज महान, प्रमोद शुक्ल, रामुलिया पंद्राम, दीपा पटेल, रीता पटेल, शिवा कुरेशी, रश्मि साहू, रश्मि मरकाम, मीना श्रीवास्तव, स्वाति परते, श्रद्धा चौरसिया, पलास नामदेव, जी.पी. झरिया, परमू पंद्राम, हेमंत सारथी सहित अन्य शिक्षक और स्कूल के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। recent visitors 64

सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाकर हमला कर रहे नक्सली, छत्तीसगढ़ में पटाखे और अगरबत्तियों से धमाके

रायपुर/नई दिल्ली. दिवाली पर फोड़े जाने वाले पटाखे और पूजा के लिए जलाई जाने वाली अगरबत्तियां नक्सलियों का नया हथियार बन गई हैं। नक्सली दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंपों पर हमला करने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों की ओर से 25 सितंबर को तेलंगाना के कोठागुडेम जिले में सीआरपीएफ के पुसुगुप्पा शिविर के आसपास राकेट हमला और गोलीबारी के लिए अगरबत्ती के जरिए पटाखे फोड़ कर सुरक्षा बल के जवानों का ध्यान भटकाने का अनोखा तरीका अपनाया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 सितंबर की शाम को करीब साढ़े छह बजे जब अंधेरा छा रहा था तभी तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर कैंप में तैनात जवानों को धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने बेस सीमा से करीब 200 मीटर दूर धुआं निकलते देखा। घने जंगल वाले इलाके में जब CRPF जवानों ने उधर मोर्चा संभाला तो कुछ ही देर में दूसरी ओर छिपे नक्सलियों की ओर से गोलीबारी होने लगी। नक्सलियों ने रॉकेट या ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) से हमला किया। जवानों ने इंसास और एके सीरीज की असॉल्ट राइफलों से जवाबी फायरिंग की, जबकि कुछ बम और ग्रेनेड भी दागे गए। करीब 45 मिनट तक आवाजें और फायरिंग जारी रही, जिसके बाद जवानों को पता चला कि नक्सली पीछे हट गए हैं। एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि कैंप की बाड़ को कुछ नुकसान पहुंचा क्योंकि उनके पास रॉकेट गिरे थे। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि दिवाली के पटाखे रस्सियों के सहारे पेड़ों पर लटकाए गए थे और उनको जलाने के लिए अगरबत्तियों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले भी कुछ घटनाएं हुई हैं, जिनमें जवानों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह से पटाखे फोड़े गए थे। फिर शिविरों पर गोलीबारी की गई थी। रॉकेटों से भी हमला किया गया था। हालांकि तब इस हथकंडे के कोई सबूत नहीं मिले थे। तेलंगाना की घटना का जिक्र करने वाले अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने पुसुगुप्पा सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले ने नक्सलियों की इस नई तरकीब की पोल खोली है। विशेषज्ञों के अनुसार, नक्सली अगरबत्तियों का इस्तेमाल टाइमर के रूप में कर रहे हैं। वे पटाखों के पास इन्हें जलाते हैं। जब तक पटाखों में धमाका होता है तब तक वे कैंपों के पास गोलीबारी के लिए पोजीशन ले चुके होते हैं। नक्सली अगरबत्तियों से पटाखे फोड़कर सुरक्षा बलों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। वे सुरक्षा बल के जवानों को कैंपों से बाहर निकालना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि नक्सली आमने-सामने की लड़ाई करने की स्थिति में अब नहीं हैं, इसलिए वे प्रॉक्सी हमले कर रहे हैं। जवानों पर हमले करने के लिए वह आईईडी का इस्तेमाल सहित इन तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। recent visitors 82