प्रदेश के लाखों पेंशनर्स को 1 मई 2023 से 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि सहित सभी अनुषांगिक लाभों का भुगतान 6 सप्ताह में जाए

इंदौर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में राहतकारी आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा है कि पेंशनर्स को 1 मई 2023 से 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि सहित सभी अनुषांगिक लाभों का भुगतान 6 सप्ताह में जाए। 2024 में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर दायर की गई थी याचिका पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष आमोद सक्सेना और नर्मदापुरम के दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने 2024 में याचिका दायर की। कोर्ट को बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने से पहले वे सभी एक वार्षिक वेतन वृद्धि पाने के हकदार हैं। हाई कोर्ट से पेंशनर्स को मिली बड़ी राहत हाई कोर्ट ने इस मामले में पेंशनर्स (MP Pensioners) को राहत देते हुए अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया कि वित्तीय लाभ केवल 1 मई 23 से 7% ब्याज के साथ दिया जाएगा। वहीं ये लाभ पेंशनर्स को तय की गई समय सीमा के अंदर ही दिया जाना चाहिए। बता दें कि कोर्ट के इस फैसले से एमपी के लाखों पेंशनर्स को राहत मिल गई है। recent visitors 45

भोपाल में 8 हजार पेड़ बचाने की मुहिम तेज, 18 मई को अयोध्या बायपास पर जुटेंगे लोग चिपको आंदोलन

भोपाल राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास को लेकर 20 साल पहले तय एक नियम ने आज यहां 8000 पेड़ों के काटने की स्थिति बनाई है। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक का अनुमान लगाते हुए 1995 में इस रोड की चौड़ाई 66 मीटर तय कर दी थी। आबादी के साथ रोड बनी और अनुमतियां भी यहां 66 मीटर की जगह छोड़कर दी गई, जिससे ग्रीनरी विकसित हुई। अब मास्टर प्लान में तय चौड़ाई को ही आधार बनाकर चौड़ीकरण तय किया और यहां पेड़ों की कटाई प्रस्तावित की गई। रविवार शाम पांच बजे करेंगे चिपको आंदोलन पेड़ों को बचाने पर्यावरण प्रेमी चिपको आंदोलन(Chipko movement) करेंगे। 18 मई शाम पांच बजे पर्यावरण प्रेमियों को बायपास पर एकत्रित होने का आह्वान किया गया है। पेड़ों को बचाने रक्षासूत्र बांधे जाएंगे। प्रशासन को इस आंदोलन की सूचना दी है। इस पर प्रशासन यहां उचित इंतजाम भी कर रहा है। प्रदर्शन को लेकर रणनीति भी बनाई जा रही है। बैठकों का दौर भी चल रहा है। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों शिवाजी नगर में बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि 18 मई की शाम को अयोध्या बायपास पर आंदोलन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। विकास जरूरी है, पर हरियाली के नाम पर ऐसा नहीं होने देंगे। एनएचएआई को प्रोजेक्ट में बदलाव करना चाहिए। ताकि, प्रोजेक्ट भी पूरा हो और पेड़ भी न काटे जा सके। इसलिए 10 लेन बनाया जा रहा अयोध्या बायपास बता दें कि इस रोड पर 3 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां साल भर में 30-35 लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए सड़क को सर्विस लेन मिलाकर 10 लेन किया जा रहा है। विरोध की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने हाईकोर्ट और एनजीटी में कैविएट दायर की है। ताकि न्यायालय कोई भी स्टे देने से पहले एनएचएआई का पक्ष सुना जाए। हाउसिंग बोर्ड ने विकसित की कॉलोनियां मास्टर प्लान में आवासीय सह व्यावसायिक गतिविधि के लिए तय इस क्षेत्र को अयोध्या नगर के तौर पर हाउसिंग बोर्ड ने इसे विकसित किया। बोर्ड के विकास से निजी डेवलपर भी सक्रिय हुए और आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन गया। आनंद नगर व अयोध्या बायपास के नाम से ये रोड पहचाने जाने लगी। अब 8000 पेड़ कटाई से ये फिर चर्चा में है। पेड़ों को बांध चुके रक्षासूत्र इससे पहले रविवार की शाम को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में लोगों रत्नागिरी तिराहे पर पहुंचकर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे थे। साथ ही उन्हें बचाने का संकल्प लिया था। आयोजन की अगुआई श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने की। उन्होंने कहा- यह सिर्फ पेड़ों की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हम इन पेड़ों को कटने नहीं देंगे। गुप्ता ने खुद पेड़ों को रक्षासूत्र बांधते हुए आंदोलन की शुरुआत की। recent visitors 33

सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, चौराहों पर लगाएं मिलावटखोरों व नकली दवा कारोबारियों की तस्वीरें

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के कारोबार को ‘सामाजिक अपराध’ करार देते हुए कहा कि यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मिलावटखोरों, नकली दवाओं के कारोबारी नेटवर्क और इस अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त व निर्णायक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को सार्वजनिक रूप से चिन्हित किया जाए और उनकी तस्वीरें प्रमुख चौराहों पर लगाई जाएं, ताकि जनता भी उन्हें पहचान सके और समाज में उनके प्रति नकारात्मक संदेश जाए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि तेल, घी, मसाले, दूध और पनीर जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं की जांच यथासंभव उत्पादक इकाई पर ही की जाए। दूध व दुग्ध उत्पादों की विशेष रूप से सघन जांच के लिए समर्पित टीमें बनाई जाएं जो लगातार निगरानी रखें। साथ ही पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान कर इस पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। नकली औषधियों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस के साथ विभागीय समन्वय को और बेहतर बनाया जाए ताकि प्रवर्तन कार्यवाहियों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा भी बैठक में की गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। पूर्व में कार्यरत छह प्रमुख मंडलों के अलावा अब अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, कानपुर, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और देवीपाटन मंडलों में भी नई प्रयोगशालाएं और कार्यालय स्थापित किए गए हैं। लखनऊ, गोरखपुर और झांसी में प्रयोगशाला भवनों का उच्चीकरण किया गया है। साथ ही, लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में तीन आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जिनमें सूक्ष्मजीव, प्रोटोजोआ, विषाणु, जीवाणु, माइक्रोटॉक्सिन्स तथा अन्य रोगकारक जीवों की जांच संभव हो पाई है। लखनऊ और मेरठ में परीक्षण भी प्रारंभ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इन प्रयोगशालाओं के संचालन व रखरखाव हेतु एक ‘कॉर्पस फंड’ स्थापित करने का सुझाव दिया। recent visitors 39

प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए , हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा

रायपुर : धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली रायपुर हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है। recent visitors 52

इस कारण कोलकाता से छिन सकती है IPL फाइनल की मेजबानी …

कोलकाता एक हफ्ते के विराम के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने IPL 2025 के नए शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। 27 मई तक लीग स्टेज के मैच होंगे। वहीं इसके बाद 29 मई से प्लेऑफ के मैच खेले जाएंगे और फाइनल 3 जून को होगा। पहले के कार्यक्रम के अनुसार खिताबी मुकाबले की मेजबानी कोलकाता को करनी थी, मगर नए शेड्यूल में बीसीसीआई ने प्लेऑफ के वेन्यू तय नहीं किए हैं। ऐसे में अब खबर आ रही है कि कोलकाता से फाइनल मुकाबले की मेजबानी छिन सकती है। वहीं प्लेऑफ मुकाबले होस्ट करने की रेस में दिल्ली का नाम भी शामिल किया जा सकता है। पहले के शेड्यूल के अनुसार क्वालीफायर-1 और एलिमिनेटर हैदराबाद में तो क्वालीफायर-2 और फाइनल कोलकाता में होने थे। मगर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए बीसीसीआई शेष टूर्नामेंट के लिए 7 ही वेन्यू चुने हैं जिसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, बेंगलुरु, जयपुर और अहमदाबाद शामिल है। KKR लीग स्टेज के अपने 7 मुकाबले होम ग्राउंड पर खेल चुकी है, जिस वजह से 7 वेन्यू में कोलकाता शामिल नहीं है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि दिल्ली भी आईपीएल-2025 के चार प्लेऑफ मैचों की मेजबानी करने की दौड़ में है, साथ ही अहमदाबाद (जो फाइनल का संभावित स्थल है) और मुंबई भी। सूत्र ने कहा, "फाइनल के लिए तय की गए दिन, 3 जून के आसपास कोलकाता में भारी बारिश के पूर्वानुमान है, इस वजह से इसे कोलकाता से शिफ्ट कर दिया गया है। अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली के लिए मौसम का पूर्वानुमान फिलहाल साफ है।" IPL 2025 का नया शेड्यूल इस प्रकार है- 17 मई, 2025 – शाम 7:30 बजे – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, बेंगलुरु 22 मई – शाम 7:30 बजे – गुजरात टाइटन्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, अहमदाबाद 23 मई – शाम 7:30 बजे – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, बेंगलुरु 24 मई – शाम 7:30 बजे – पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स, जयपुर 25 मई – दोपहर 3:30 बजे IST – गुजरात टाइटन्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, अहमदाबाद 25 मई – शाम 7:30 बजे IST – सनराइजर्स हैदराबाद बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, दिल्ली 26 मई – शाम 7:30 बजे IST – पंजाब किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस, जयपुर 27 मई – शाम 7:30 बजे IST – लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लखनऊ आईपीएल 2025 प्लेऑफ शेड्यूल 29 मई – शाम 7:30 बजे IST – क्वालीफायर 1 30 मई – शाम 7:30 बजे IST – एलिमिनेटर 1 जून – शाम 7:30 बजे IST – क्वालीफायर 2 3 जून – शाम 7:30 बजे IST – फाइनल recent visitors 46

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 का आगाज, आलिया भट्ट ने पोस्टपोन किया अपना कान्स डेब्यू

लॉस एंजिल्स कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 का आगाज हो चुका है. फैशन के सबसे बड़े फैशन इवेंट में बॉलीवुड से हॉलीवुड तक के स्टार्स ने शिरकत किया है. इस बार बॉलीवुड की दो हसीनाओं का डेब्यू होने वाला है. नितांशी गोयल और आलिया भट्ट डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. लेकिन वहीं, अब भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच आलिया भट्ट ने बड़ी कुर्बानी देते हुए कान्स फिल्म फेस्टिवल को छोड़ने का फैसला लिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में आलिया भट्ट अपने डेब्यू को लेकर चर्चा में बनी हुई थीं. लेकिन आखिरी समय में उन्होंने प्लान कैंसल कर दिया और अपना कान्स डेब्यू पोस्टपोन कर दिया है. ओपनिंग सेरेमनी अटेंड करने के लिए एक्ट्रेस को वीकेंड पर उन्हें ट्रैवल करना था. लेकिन उन्हें अपने देश के लिए खड़े होना है इसलिए ये फैसला लिया है. बता दें कि कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में अपने डेब्यू को पोस्टपोन करने पर आलिया भट्ट  का अभी तक कोई ऑफिशियल अपडेट सामने नहीं आया है. लेकिन उनकी टीम ने डेवलेपमेंट पर नजर बनाया हुआ है और अगर सिचुएशन में इम्प्रूवमेंट होता है तो आलिया भट्ट अपना प्लान रीशेड्यूल कर सकती हैं. कान्स में दिखेंगे ये बॉलीवुड स्टार्स बता दें कि कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 में हर बार की तरह इस साल भी ऐश्वर्या राय बच्चन रेड कारपेट पर अपनी खूबसूरती का जलवा बिखेरेंगी. इसके अलावा जाह्नवी कपूर, ईशान खट्टर और करण जौहर भी आने वाले हैं. क्योंकि कान्स में उनकी फिल्म होमबाउंड की स्क्रीनिग होने वाली है. इसके अलावा शर्मिला टैगोर सत्यजीत रे की क्लासिक फिल्म अरान्येर दिन रात्रि की स्क्रीनिंग के लिए शामिल होंगी. recent visitors 51

बलूचों ने पाकिस्तानी पंजाबी ट्रक ड्राइवरों को किडनैप कर की हत्या

इस्लामाबाद भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही सीजफायर हो गया है, लेकिन बलूचिस्तान में विद्रोही अब भी पड़ोसी देश की नाक में दम किए हुए हैं। पंजाब मूल के 4 ट्रक ड्राइवरों को किडनैप कर बलूचिस्तान में हत्या कर दी गई है। इन लोगों की हत्याओं की जिम्मेदारी फिलहाल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने नहीं ली है, लेकिन पाकिस्तानी एजेंसियों का संदेह बलूच विद्रोहियों पर ही है। दरअसल इन ट्रक ड्राइवरों को 9 मई को ही किडनैप कर लिया गया था। इन्हें तब अगवा किया गया था, जब वे ईरान से एलपीजी के ट्रक लेकर आ रहे थे। इन्हें रास्ते में ही बलूच विद्रोहियों ने रोका और फिर उनकी पहचान जानने के बाद अगवा कर लिया। लंबे समय से पंजाबी मूल के पाकिस्तानियों को बलूच विद्रोही टारगेट करते रहे हैं। बीते कुछ सालों में तो ऐसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। डॉन की न्यूज के मुताबिक क्वेटा से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अहमदवाल इलाके से इन लोगों को अगवा किया गया था। विद्रोहियों ने पहले ट्रक टायरों को गोलियां मारकर पंचर कर दिया। इसके बाद ड्राइवरों को अगवा कर ले गए। सुरक्षाबलों के मौके पर पहुंचने से पहले ही वे ट्रक ड्राइवरों को लेकर निकल चुके थे। अब उनके शव मंगलवार को बरामद किए गए हैं। ये शव एक सुनसान स्थान पर मिले थे। इनकी जानकारी स्थानीय लोगों की तरफ से ही पुलिस प्रशासन को दी गई थी। इसके बाद इन शवों को नोशकी ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इन सभी लोगों को करीब से गोलियां मारी गई हैं और कई गोलियां लगने से इनकी मौत हुई है। इनमें से दो ड्राइवर मोइन और हुजैफा पाकिस्तानी पंजाब के पाकपट्टन इलाके के रहने वाले हैं। अन्य दो इमरान अली और इरफान अली रहीम यार खान के निवासी थे। इन शवों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके घरों में भेज दिया गया। इस मामले की जांच शुरू हो गई है, लेकिन अब तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। पंजाबी मूल के लोगों को ही क्यों बना रहे हैं निशाना दरअसल ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जब बलूच विद्रोहियों ने हाईवे ही जाम कर दिया और फिर पंजाबी मूल के लोगों को टारगेट करके कत्ल किया। इसके अलावा पिछले दिनों जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को भी अगवा किया गया था। इसमें भी पंजाबी मूल के लोगों को ही निशाना बनाया गया था। बलूच विद्रोहियों का कहना है कि पाकिस्तान का उनकी जमीन पर अवैध कब्जा है। इसके अलावा देश के शासन, सेना, राजनीति में पंजाब का ही प्रभुत्व है और बलूचिस्तान को किनारे रखा जाता है। recent visitors 66