WTC points table: भारत शीर्ष पर, ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर, बांग्लादेश 7वें स्थान पर खिसका

WTC points table: India on top, Australia in 2nd place, Bangladesh slipped to 7th place

WTC points table: India on top, Australia in 2nd place, Bangladesh slipped to 7th place कमलेशभोपाल ! भारत बनाम बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के बाद WTC अंक तालिका: कानपुर में रोहित शर्मा और कंपनी के आक्रामक प्रदर्शन ने टीम को WTC स्टैंडिंग में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की। भारत बनाम बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के बाद WTC अंक तालिका:कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में दूसरे टेस्ट में भारत ने बेहद आक्रामक प्रदर्शन किया और बांग्लादेश को सात विकेट से हराया। इस परिणाम ने भारत को पड़ोसी देश पर क्लीन स्वीप करने में मदद की, जिसने चेन्नई में पिछला मुकाबला 280 रनों से जीता था। इससे भी अधिक असाधारण बात यह रही कि भारत ने बाधाओं को पार करते हुए एक ऐसे मैच में सकारात्मक परिणाम हासिल किया, जिसमें ड्रॉ अपरिहार्य लग रहा था। मैच का अधिकांश हिस्सा बारिश से प्रभावित रहा और दो दिन पूरी तरह से बारिश की भेंट चढ़ गए। इस बीच, पहले दिन केवल 35 ओवर फेंके गए। भारत ने चौथे दिन स्थिति को नियंत्रण में कर लिया क्योंकि बारिश कम हो गई और अंतिम दिन में एक सत्र शेष रहते मैच को समाप्त कर दिया। मेजबान टीम ने पहले बांग्लादेश को 233 रनों पर ढेर कर दिया और फिर पारी घोषित करने से पहले 285/9 का स्कोर बनाकर अपनी लय में लौटी। 52 रनों की मामूली बढ़त के साथ, भारत चौथे दिन खेल खत्म होने से पहले दो बार बढ़त बनाने में भी सफल रहा। पांचवें और अंतिम दिन मेजबान टीम ने एक और धमाकेदार प्रदर्शन किया, जिसमें रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह ने अहम भूमिका निभाई। रविचंद्रन अश्विन ने अंतिम दिन पहला विकेट लिया और इसके तुरंत बाद जडेजा भी इसमें शामिल हो गए। भारत का दबदबा इतना था कि भारत ने शुरुआती सत्र में बांग्लादेश को 146 रनों पर आउट कर दिया, जिससे उन्हें 95 रनों का मामूली लक्ष्य मिला। जडेजा और जसप्रीत बुमराह बांग्लादेश की धज्जियाँ उड़ाने वाले खिलाड़ी थे और दोनों ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लिए। जवाब में, भारत ने 40 ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। जब भारत सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त के बावजूद जीत की ओर बढ़ रहा था, तो उसका लक्ष्य काफी स्पष्ट हो गया, जो कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) है। भारत WTC फाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा है। अब उनका लक्ष्य तीसरी बार फाइनल में जगह बनाना है और बांग्लादेश के खिलाफ 2-0 की सीरीज जीत ने उनके इस लक्ष्य को हासिल करने की संभावनाओं को मजबूत किया है। recent visitors 171

युवकों ने एक-दूसरे को किया लहूलुहान, छत्तीसगढ़-दुर्ग में पारिवारिक विवाद में चली तलवारें

दुर्ग। जिले में लगातार आपराधिक घटनाएं घट रही है. इसी कड़ी में भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में बीती रात युवकों के बीच तलवार और कटरबाजी हुई. इस वारदात में चार लोग घायल हुए हैं, जिसमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है. जिसे इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात करीब 1:00 बजे शहीद वीर नारायण चौक के पास पारिवारिक विवाद के चलते कुछ युवक आपस में भिड़ गए. फिर दोनों ही पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर तलवारबाजी और कटरबाजी हुई. इस वारदात में 4 लोग घायल हुए हैं और एक की हालत गंभीर है. गंभीर रूप से घायल युवक सतीश सेन को शासकीय लाल बहादुर शास्त्री सुपेला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रायपुर रेफर कर दिया गया है. मामले में खुर्सीपार पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है और देर रात एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. शहर में लगातार हो रही तलवारबाजी और कटरबाजी से लोगों में भय का माहौल है. वहीं सोमवार शाम को पुलिसने छावनी थाना क्षेत्र में हुई कटरबाजी के गिरफ्तार चार आरोपियों का जुलूस निकाला. उसके बावजूद अपराधियों का हौसला बढ़ा हुआ है और अपराधी बेखौफ होकर लगातार वारदात को अंजाम दे रहे हैं. recent visitors 86

मध्यप्रदेश के बदमाश को यूपी पुलिस ने पैर में गोली मरकर किया घायल

दतिया मध्यप्रदेश के दतिया का शातिर बदमाश सद्दाम उर्फ गुल्लू का बीती रात उत्तर प्रदेश की पुलिस से चेकिंग के दौरान आमना सामना हो गया। इस दौरान आमने-सामने की फायरिंग में सद्दाम के पैर में लगी पुलिस की गोली से घायल हो गया। पहले भी झांसी पुलिस की ग्राम बाजना में बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसके बाद सद्दाम फरार हो गया था। बीती रात सद्दाम के दतिया से झांसी की तरफ आने की मुखबर से मिली सूचना मिलने पर झांसी पुलिस ने घेराबंदी कर दी। इसी दौरान रकसा पुनावली मार्ग पर आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। पुलिस को सामने देख सद्दाम उर्फ गुल्लू ने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सद्दाम उर्फ गुल्लू के पैर में गोली लगी और वह हो गया घायल। जिसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। घटना को लेकर स्नेहा तिवारी सीओ सदर झांसी ने बताया कि सद्दाम उर्फ गुल्लू का आपराधिक रिकॉर्ड देखें तो 14 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। recent visitors 73

ड्रिल मशीन में हुई ब्लास्टिंग, छत्तीसगढ़-कोरबा की दीपका खदान में लगी भीषण आग

कोरबा। एसईसीएल (SECL) दीपका खदान में एक भीषण आगजनी की घटना सामने हुई है. खदान के आमगांव क्षेत्र में कोयला उत्खनन के दौरान ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही एक ड्रिल मशीन में अचानक आग लग गई. घटना के दौरान ड्रिल मशीन का चालक बाल-बाल बच गया और उसने समय रहते खुद को सुरक्षित निकाल लिया. मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट और मशीन के अधिक गर्म होने की वजह से आग लगना बताया जा रहा है. ड्रिल मशीन में आग की भीषण लपटें इतनी तेजी से फैली कि करोड़ों रुपये की मशीन धू-धू कर जलने लगी. आग को देखते हुए तुरंत एसईसीएल के दमकल विभाग को सूचना दी गई. मौके पर दमकल वाहनों ने पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की. इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन ड्रिल मशीन पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है. recent visitors 64

कोच्चि के एक गांव की जमीन पर Waqf Board ने किया दावा, सैकड़ो परिवार बेघर होने की कगार पर

कोच्चि केरल की व्यावसायिक राजधानी कोच्चि की हलचल से दूर मुनंबम उपनगर में मछुआरों का एक खूबसूरत गांव है- चेराई. समुद्र तट के करीब स्थित चेराई अपने बीच रिसॉर्ट्स के साथ आज पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है. लेकिन इस गांव के लोग पलायन के डर में जी रहे हैं. गांव के लगभग 610 परिवारों ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन और संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड ने दावा किया है. कानूनी विवाद में फंसने के कारण गांव वाले 2022 से ही न तो अपनी जमीन पर लोन ले सकते हैं, और न ही इसे बेच सकते हैं. सिरो-मालाबार चर्च और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल जैसे प्रमुख ईसाई संगठनों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के संबंध में गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को एक पत्र भेजकर वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन के लिए अपने सुझाव दिए हैं.  इस खूबसूरत गांव में पहुंची और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. समुद्र तट के सामने एक छोटे से घर में बूढ़ी मां गौरी और उनकी विकलांग बेटी सिंटा से मुलाकात हुई. सिंटा ने बताया कि कुछ साल पहले उन्हें स्ट्रोक हुआ था, जिससे उनका जीवन कठिन हो गया. उन्होंने कहा, 'मैं अब भी यहां लॉटरी टिकट बेचकर जीवन यापन करती हूं. हम यह घर नहीं छोड़ सकते. यह हमारा है. 2022 तक सब कुछ सामान्य था, अचानक हमें बताया गया कि जिस जमीन पर हम वर्षों से रह रहे, अब वह हमारी नहीं रही.' ग्रामीणों ने की वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन की मांग सिंटा की पड़ोसी सीना के पास भी बताने के लिए ऐसी ही कहानियां थीं. सीना ने कहा कि उनका घर ही उनकी जिंदगी की एकमात्र कमाई है. उन्होंने कहा, 'मेरे पति एक मछुआरे हैं. सालों की मेहनत के बाद उन्होंने यह घर बनाया है. हमने इस मकान के अलावा कुछ और नहीं बनाया है, जिसे अपना कह सकें. यदि यह घर हमारे हाथ से चला गया तो कुछ नहीं बचेगा. सरकार को वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन करना चाहिए और हमारी समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए.' इस गांव के हर घर की यही कहानी है. थोड़ी दूर पर, प्रदीप और उनकी पत्नी श्रीदेवी मिले. उनके हाथों में अपनी जमीन और घर से जुड़े दस्तावेज थे. उन्होंने आजतक की टीम को अपने दस्तावेज दिखाए और कहा कि यह साबित करने के लिए काफी है कि जमीन हमारी है. प्रदीप ने कहा, 'मैंने यह जमीन 1991 में फारूक कॉलेज से उनके द्वारा मांगी गई राशि चुकाकर खरीदी थी. मेरे पास सभी सबूत हैं. मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती, इसलिए मैंने अब काम करना बंद कर दिया है. मेरा बेटा परिवार की देखभाल करता है. मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि भविष्य में उसे इस घर में रहने में कोई दिक्कत न हो. मैं हमारे अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाऊँगा. मैंने मेहनत से यह घर बनाया है.' प्रदीप इसके आगे अपनी बात पूरी नहीं कर पाए और रोने लगे. गांव वाले न जमीन बेच सकते हैं न ही गिरवी रख सकते हैं इलाके के लोगों को उम्मीद है कि चर्चों द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक के संबंध में गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को लिखे गए पत्र से उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिलेगी. ग्रामीणों ने कहा कि वे एक सदी से भी अधिक समय से चेराई गांव में रह रहे हैं. उनके अनुसार, यह जमीन 1902 में सिद्दीकी सैत ने खरीदी थी और बाद में 1950 में फारूक कॉलेज को दान कर दी थी. मछुआरों और कॉलेज के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद 1975 में सुलझ गया, जब उच्च न्यायालय ने कॉलेज के पक्ष में फैसला सुनाया. 1989 से स्थानीय लोगों ने कॉलेज से जमीन खरीदनी शुरू कर दी. हालांकि, 2022 में विलेज ऑफिस ने अचानक दावा किया कि गांव वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा है. इसके बाद ग्रामीणों को उनके राजस्व अधिकारों से वंचित कर दिया गया और उन्हें अपनी संपत्ति बेचने या गिरवी रखने से रोक दिया गया.   recent visitors 99

मंत्री पटेल ने प्रदेश की पंचायत एवं सामुदायिक भवन विहीन पंचायतों में पंचायत एवं सामुदायिक भवन बनाने कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रदेश की पंचायत एवं सामुदायिक भवन विहीन पंचायतों में पंचायत एवं सामुदायिक भवन बनाने कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने 25-30 वर्ष पुराने जर्जर पंचायत भवनों का सर्वे कर, उनकी उपयोगिता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। मंत्री पटेल मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री पटेल ने स्वच्छता ही सेवा अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्धियों को सराहना की। उन्होंने नर्मदा नदी किनारे के 776 तथा पर्यटन महत्व के 117 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित करने के कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शेष ग्रामों को ओडीएफ प्लस बनाने का कार्य भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। मंत्री पटेल ने कहा कि गांवों में वृक्षारोपण के लिए ऐसे स्थलों को चिन्हित करे जो जल स्रोतों के किनारे स्थित है। वृक्षारोपण उपरांत वृक्षों के संरक्षण और समय- समय पर मूल्यांकन की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि खेत सड़क योजना के लिए सभी पंचायतों से प्लान प्राप्त किया जाए। मंत्री पटेल ने निर्देशित किया कि वनाधिकार पट्टे प्राप्त अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को मनरेगा के तहत अतिरिक्त 50 दिवसों की मजदूरी मिलने के कार्य में जिलों में प्रगति लाई जाए, इसके निर्देश जारी करें। मनरेगा में अच्छा कार्य करने वाले विकासखंडों को प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ग्रामों में 2 अक्टूबर को होने वाली विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन सभी पंचायतों में अनिवार्य रूप से कराया जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव, संचालक पंचायत राज संचालनालय मनोज पुष्प, अपर सचिव एवं मिशन डायरेक्टर एसबीएम दिनेश जैन एवं आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 54

काशी में साईं प्रतिमा पर विवाद, ब्राह्मण सभा के विरोध के बाद अब तक 18 मूर्तियां हटाई गई

वाराणसी  काशी के मंदिरों से साईं बाबा की प्रतिमा हटाए जाने का मामला अब बढ़ता जा रहा है। साईं बाबा की प्रतिमा हटाने का सपा एमएलसी ने इसका विरोध करते हुए काशी का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। बीते एक हफ्ते में सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा की अगुवाई में बीते एक हफ्ते में करीब 12 मंदिरों से साईं बाबा की प्रतिमा हटाई गई है। दो दिन पहले लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर से साईं बाबा की प्रतिमा हटाने का वीडियो सामने आने के बाद से विवाद बढ़ गया। वहीं, दूसरी ओर सनातन रक्षक दल के अजय शर्मा का कहना है कि हिन्दू मंदिरों में देवताओं के साथ किसी फकीर की मूर्ति पूजन कर के भगवान का दर्जा दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है। साईं नही चांद मियां हैं: सनातन रक्षक दल सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा बीते एक हफ्ते से काशी खण्ड के मंदिरों से साईं प्रतिमा हटाने की मुहिम में लगे हैं। एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में अजय शर्मा ने बताया कि सनातन संस्कृति और परम्परा में सनातन धर्मी वैदिक पूजा अर्चना हिन्दू भूल बैठे हैं। काशी के पौराणिक धर्मस्थलों में 33 कोटि देवी देवता विद्यमान हैं। ऐसे काशी खण्ड के मंदिरों में विधर्मी चांद मियां उर्फ साईं की प्रतिमा को स्थापित करना दुर्भाग्यपूर्ण और महापाप है। हम लोग मंदिर के महंत और पुजारियों को समझा-बुझा कर प्रतिमाओं को हटा रहे हैं। अभी काशी खण्ड के अंदर आने वाले देव स्थानों से चांद मियां उर्फ साईं की प्रतिमा हटाई जा रही है। धीरे-धीरे काशी खण्ड के बाहर भी ये जनजागृति का अभियान चलाया जाएगा। राजनीतिक स्टंट : आशुतोष सिन्हा मंदिरों से साईं प्रतिमा हटाए जाने का वीडियो वायरल हुआ। आम बनारसी इस मुद्दे पर बंटे हुए दिख रहे हैं। इसी बीच सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने इसे बीजेपी का स्टंट बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जिस तरह से आम जनता बीजेपी के खिलाफ हैं, उसे देखते हुए काशी में ये प्रयोग इशारे पर किया जा रहा है। काशी ने सभी धर्म और मत को हमेशा सम्मान दिया है। साईं का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र में है और काशी से साईं के बारे में गलत प्रचार करके बीजेपी चुनाव को मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। काशी में ही गलियों की हालत खराब है। महंगाई चरम पर है, गंगा साफ नहीं हुईं, उस पर ये लोग कोई आंदोलन नहीं करते, लेकिन जैसे ही कही चुनाव का समय आता है तो धर्म आधारित मुद्दों को हवा देकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश इन संगठनों की तरफ से शुरू हो जाती है। काशी में ब्राह्मण सभा ने छेड़ा अभियान, साई बाबा के मूर्ति को बताया प्रेत आत्मा काशी में ब्राह्मण महासभा के लोगो के द्वारा साई बाबा की मूर्ति को मंदिरों से हटाया जा रहा है। मंदिर से मूर्ति हटाए जाने को लेकर ब्राह्मण सभा का खुद को प्रदेश अध्यक्ष बताने वाले अजय शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म में प्रेत आत्माओं की पूजा मंदिरों में मान्य नही है। लोहटिया क्षेत्र में बड़ा गणेश मंदिर में जो साई की मूर्ति थी वह एक प्रेत मूर्ति थी,जिसे हटाकर गंगा में विसर्जित कर दिया गया है। साई की मूर्ति के स्थान पर लक्ष्मी जी की मूर्ति जल्द बैठाई जाएगी। वही साई भक्तों के आहत होने पर अजय शर्मा ने कहा कि जिन्हे साई में भक्ति है,वह अपने घरों में साई की पूजा करे इससे उन्हें कोई नही रोकेगा। मंदिर में साई की मूर्ति स्थापित कर पूजा करने का विरोध पहले भी हुआ और हमेशा होता रहेगा। वही दूसरी बड़ा गणेश मंदिर के महंत ने भी साई बाबा के मूर्ति को हटाने का समर्थन किया।। मंदिरों से साई मूर्ति हटाने पर समाजवादी पार्टी ने जताई आपत्ति, काशी का माहौल खराब करने की जा रही कोशिश काशी के मंदिरों से साई बाबा की मूर्ति हटाए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी ने इसे काशी के माहौल को खराबा करने कि कोशिश बताया है। समाजवादी पार्टी एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि बनारस सभी धर्मो के आस्था का केंद्र है और अब मूर्ति को हटाने की बाते सामने आ रही है। इससे पहले साई बाबा की पूजा मंदिर में होती रही है। तो इसे अभी हटाने का क्या मतलब है। जो लोग ऐसा काम कर रहे है वह काशी का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे है। recent visitors 92