जिलों में हो रहे कार्यों को देखने जाएंगे अधिकारी, मनरेगा आयुक्त को देंगे अनुश्रवण रिपोर्ट, ये अधिकारी करेंगे इन जिलों का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पानी की हर एक बूंद को बचाने और पुराने जल स्त्रोतों को संवारने के लिए प्रदेश में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में मनरेगा योजना के तहत 81 हजार खेत-तालाब, 1 हजार अमृत सरोवर, 1 लाख कूप रिचार्ज और पूर्व से प्रगतिरत जल संग्रहण और भूजल संवर्धन के 70 हजार कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत हो रहे कार्यों का निरीक्षण करने अधिकारी जिलों में जाएंगे और भ्रमण उपरांत जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत क्रियान्वित कार्यों के अनुश्रवण का प्रतिवेदन मनरेगा आयुक्त को देंगे। 44 अधिकारियों की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने लगाई ड्यूटी जिलों में हो रहे कार्यों का निरीक्षण करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 44 अधिकारियों का ड्यूटी आदेश जारी किया है। इसमें अतिरिक्त संचालक, सयुंक्त संचालक, उप संचालक, उपायुक्त, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारी शामिल है। सभी अधिकारी मई एवं जून माह में क्रमश: 2-2 बार आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे। ये अधिकारी करेंगे इन जिलों का भ्रमण श्री प्रद्युम्न शर्मा अतिरिक्त संचालक जबलपुर, श्री पी.सी. शर्मा अतिरिक्त संचालक बैतूल एवं नर्मदापुरम, श्री अमिताभ सिरवैया अतिरिक्त संचालक भोपाल-हरदा, श्री बी.एस. मंडलोई अतिरिक्त संचालक रतलाम, श्री अशोक चौहान संयुक्त आयुक्त खरगौन बड़वानी, श्री सुदेश मालवीय संयुक्त आयुक्त गुना, श्री बी.एस. जाटव संयुक्त आयुक्त दतिया, श्री आर.के. वर्मा संयुक्त आयुक्त रायसेन, श्रीमती शिवानी वर्मा संयुक्त आयुक्त देवास, श्री प्रभात कुमार उइके संयुक्त आयुक्त सिवनी, श्री इंदर सिंह ठाकुर संयुक्त आयुक्त सतना, श्रीमती सीमा खान संयुक्त आयुक्त सीहोर, श्री राकेश शुक्ला संयुक्त आयुक्त दमोह, श्री गोपाल खुराना संयुक्त आयुक्त छिंदवाड़ा, श्रीमती लक्ष्मी दुबे संयुक्त आयुक्त नरसिंहपुर, श्री अनिल कोचर संयुक्त आयुक्त बालाघाट, श्री दिनेश कुमार गुप्ता उप संचालक नीमच-मंदसौर, श्री नवाल मीणा उप संचालक रीवा, श्री सुधीर जैन उपसंचालक डिंडौरी, श्री वीरेंद्र त्रिपाठी उप संचालक कटनी, उमरिया, श्री के.पी. राज उप संचालक बुरहानपुर-खंडवा, श्री सुरेश झारिया उप संचालक छतरपुर, श्री शशिभूषण शर्मा उपायुक्त ग्वालियर, श्रीमती अनिता वात्सल्य उपायुक्त शाजापुर, श्रीमती सुधा भार्गव उपायुक्त इंदौर, श्री जितेंद्र जैन उपायुक्त शिवपुरी, श्री दीपक राय उपायुक्त भिंड, श्री सुधीर खांडेकर उपायुक्त सागर, श्री अनिल पवार उपायुक्त आगर मालवा, सुश्री नीरजा उपाध्याय उपायुक्त धार, श्रीमती मनीषा दवे उपायुक्त राजगढ़, श्रीमती लक्ष्मी चौधरी उपायुक्त उज्जैन, श्री राजीव खरे उपायुक्त विदिशा, श्री अजीत तिवारी उपायुक्त मंडला, श्री के.एस. मिर्धा मुख्य अभियंता अलीराजपुर, श्री नरेश रावत अधीक्षण यंत्री सीधी, श्री सतीश कुमार तिवारी अधीक्षण यंत्री सिंगरौली, श्री एस.एस. डाबर अधीक्षण यंत्री झाबुआ, श्री राजेंद्र पवार कार्यपालन यंत्री टीकमगढ़-निवाड़ी, श्री अश्विनी जायसवाल कार्यपालन यंत्री श्योपुर, सुश्री वियंका धानापुने कार्यपालन यंत्री अशोकनगर, श्री राकेश पांडेय कार्यपालन यंत्री शहडोल-अनूपपुर और श्री गुलाब कोडापे कार्यपालन यंत्री पन्ना जिले का भ्रमण करेंगे।   recent visitors 52

एयरपोर्ट पर फोन करके बताया- आपके विमान में बम है’, मच गई अफरा-तफरी, एयरपोर्ट पर तुरंत हाई अलर्ट जारी

कोलकाता भारत-पाक तनाव के बीच कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार दोपहर को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट के रवाना होने से ठीक पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने एयरपोर्ट पर फोन करके दावा किया कि विमान में बम है। इसके बाद विमान प्रबंधन ने एयरपोर्ट पर तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया और कोलकाता-मुंबई इंडिगो फ्लाइट नंबर 6ए5227 की उड़ान रोक दी गई। विमान में सवार सभी यात्रियों को उतारकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। वहीं, विमान को एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां बम निरोधक दस्ते ने उसकी पूरी तलाशी ली। एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में विमान में कोई बम नहीं होने की पुष्टि हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रोटोकाल अपनाए गए। विमान के सभी सामान को उतार दिया अधिकारी ने बताया कि यह फोन काल यात्रियों के चेक-इन करने के बाद आई थी। फ्लाइट को दोपहर 1.30 बजे उड़ान भरनी थी और शाम 4.20 बजे मुंबई में उतरना था। सभी 195 यात्रियों को आपातकालीन प्रोटोकाल के अनुसार विमान से उतरने के लिए कहा गया और विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया। विमान से सभी सामान उतार दिया गया। अधिकारी ने बताया कि हाई अलर्ट के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के जवानों ने पूरे एयरपोर्ट पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। बम के अफवाह की यह दूसरी घटना बताते चलें कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पलहगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर आपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई किए जाने के बाद से हवाई अड्डे पर बम की अफवाह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले छह मई को, मुंबई हवाई अड्डे पर एक काल आया था जिसमें दावा किया गया कि चंडीगढ़ से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट में बम है। बाद में, यह एक अफवाह निकली। recent visitors 59

नवा रायपुर में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया नारियल पौधे का रोपण

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवा रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क में नारियल का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नारियल के पौधों का रोपण कर हरियाली बढ़ाने के संकल्प को और मजबूत किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप दें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार  छत्तीसगढ़ में हरित आवरण को बढ़ाने हेतु संकल्पित है और वृक्षारोपण को एक जन-भागीदारी अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, कृषि संचालक राहुल देव, उद्यानिकी संचालक एस. जगदीशन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 42

मंत्री सारंग ने दिए निर्देश, प्रदेश में सीपीपीपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सीपीपीपी विंग की स्थापना

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश में सीपीपीपी मॉडल के अंतर्गत इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन और सुनियोजित मॉनिटरिंग के लिये एक विशेष “सीपीपीपी विंग” की स्थापना के निर्देश दिये। यह सीपीपीपी विंग निजी निवेशकों, सहकारी समितियों और किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशों के परिपालन में मंगलवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये है कि इस विंग के लिए पृथक कार्यालय स्थापित किया जाए तथा इसके माध्यम से एमओयू की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। बैठक में सीपीपीपी मॉडल के सफल एवं धरातलीय क्रियान्वयन तथा सहकारी क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सिंगल विंडो सुविधा से सहकारी समितियों, निवेशकों और किसानों को मिलेगा त्वरित समाधान मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “सीपीपीपी विंग” किसानों, सहकारी समितियों तथा निजी निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिये सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश संबंधी आवश्यक अनुमतियों, प्रक्रियाओं एवं मार्गदर्शन के लिए एक एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत सहकारी बैंकों, समितियों, किसानों व निजी उद्यमियों के मध्य एमओयू की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाया जाएगा। सीपीपीपी विंग भारतीय उद्योग परिसंघ व एमपीआईडीसी के साथ करेगा समन्वय मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “सीपीपीपी विंग” की कार्य प्रणाली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के साथ समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह विंग केन्द्र एवं राज्य सरकार की सहकारी योजनाओं के साथ जुड़कर किसानों, नव उद्यमियों और सहकारी संस्थाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। कच्चा माल उत्पादक किसानों के लिये प्रशिक्षण कार्यशालाओं और वृहद सेमिनार मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सहकारी क्षेत्र में कच्चे माल का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य उत्पादन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और किसानों को तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाना होगा। साथ ही प्रदेश में एक वृहद सेमिनार का आयोजन भी किया जाए, जिसमें सफल सहकारी उद्यमियों, संस्थाओं और श्रेष्ठ कार्य करने वाले किसानों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और अनुभवों का आदान-प्रदान होगा। प्रदेश की सहकारी समितियों की परफॉर्मेंस आधारित ग्रेडिंग होगी मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश की सभी सहकारी समितियों की ग्रेडिंग की जाए। यह ग्रेडिंग समितियों की वित्तीय स्थिति, प्रबंधन की पारदर्शिता, सेवाओं की गुणवत्ता, लाभांश वितरण और कृषकों तथा सदस्यों को दी जा रही सुविधाओं के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस ग्रेडिंग प्रणाली के माध्यम से समितियों की कार्य प्रणाली, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, सदस्य संतुष्टि और नवाचार की क्षमताओं का मूल्यांकन किया जा सकेगा।   recent visitors 62

मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में सुधार के लिए समाज और सरकार दोनों के साझा प्रयासों की आवश्यकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में सुधार के लिए समाज और सरकार दोनों के साझा प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं है, स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक चेतना को संस्कार के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिये जन-सामान्य को प्रेरित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ किशोरी ही भविष्य में स्वस्थ माँ बनती है। किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित जाँच, गर्भावस्था से पूर्व की तैयारियाँ, गर्भकालीन निगरानी और प्रसव पश्चात देखरेख अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ भोपाल कार्यालय में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक पहलों की समीक्षा की और सुझाव प्राप्त किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार तभी संभव है जब जनमानस में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जागे और यह सामाजिक संस्कृति का रूप ले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हो रहा है और लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं नियमित एएनसी (एंटी-नेटल केयर) सेवाएं ले रही हैं। यह आँकड़े चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत पंजीकरण और देखरेख को हम सामाजिक आदत और उत्तरदायित्व के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए हमें यह एक जन-संस्कृति बनानी होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार ने ‘मातृ-शिशु संजीवन मिशन’ और ‘अनमोल 2.0 पोर्टल’ पहल प्रारंभ की हैं, जो सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम, मैदानी स्वास्थ्य कर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। यूनिसेफ विशेषज्ञों ने बताया कि गंभीर कुपोषण (एसएएम) के प्रभावी समाधान से 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु में होने वाली 68 प्रतिशत मृत्यु को रोका जा सकता है। नवजात देखरेख को सुदृढ़ करने से 70 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण आवश्यक है, इससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और उपचार समय पर किया जा सके। इन सुझावों पर सहमति व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर एकीकृत अंतर्विभागीय रणनीति के माध्यम से कुपोषण, मातृ और शिशु मृत्यु दर की चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि समर्पित प्रयासों से मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सुविधाएं नहीं देनी हैं, बल्कि उपयोग के प्रति नागरिकों को प्रेरित भी करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक संगठित और समर्पित रणनीति पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें जन-भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहे। यूनिसेफ के ऑफिस इंचार्ज डॉ. अनिल गुलाटी एवं हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार ने राज्य में स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।   recent visitors 49

मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु विभाग के कार्यों की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। समुदाय के अनेक विद्यार्थियों ने लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इनका निवास है। इनकी पुरानी पृष्ठभूमि अथवा पूर्व धारणा के आधार पर इन जातियों के सभी लोगों को अपराधी ना माना जाए। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में भी जातिगत संबोधन से संबोधित ना किया जाए। अपराधियों की जानकारी में जातियों का उल्लेख नहीं किया जाएं। इस तरह की असम्मानजनक शब्दावली से बचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विभाग की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन द्वारा इन जातियों के ऐसे लोगों को अपराधों से विमुख करने के लिए प्रयास किया जाए जो विभिन्न कारणों से अपराधों से जुड़ जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा सांसी जाति के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग के कल्याण के कार्यों को प्रभावी रूप से संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न छात्रवृतियों की राशि शैक्षणिक सत्र के दौरान ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि आगामी शिक्षण सत्र में विभिन्न जिलों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति वितरण के कार्य तय समय में किया जाएगा। इस बारे में विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में मेस सुविधा संचालन की स्वीकृति दिए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में मेस संचालन शुरू होगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि दिल्ली छात्र गृह योजना में वर्तमान में स्वीकृत 50 सीट की वृद्धि कर 150 सीट किया जाना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कन्या छात्रावास में बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण होने तक कांटेदार फेंसिंग की जाए। वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन में मध्यप्रदेश बन रहा है मॉडल राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रदेश की वक्फ समितियों का डिजिटलाइजेशन राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ समितियों के डिजिटलाइजेशन सहित अन्य कार्यों में मध्यप्रदेश मॉडल के रूप में कार्य कर रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार ने अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण, छात्रवृत्ति राशि के वितरण और अन्य योजनाओं की जानकारी दी। संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण श्री नीरज वशिष्ठ ने जानकारी दी कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की 51 जातियां हैं। इन जातियों में 14 जातियां अनुसूचित जाति वर्ग, 10 जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग और 27 जातियां सामान्य वर्ग की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी जातियों को विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की जाति का प्रमाण पत्र दिया जाता है और विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 50

पूर्वोत्तर राज्यों पर पका रहे एक नया ख्याली पुलाव, भारत के खिलाफ फिर षडयंत्र रच रहे मोहम्मद यूनुस

नई दिल्ली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने एक बार फिर पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर अपने जहरीले और खतरनाक मंसूबों को उजागर किया है। उन्होंने इस बार सुझाव दिया है कि भारत के पूर्वोत्तर के सात राज्य स्वतंत्र देश जैसे है, जिनके साथ क्षेत्रीय और एकीकृत आर्थिक विकास की रणनीति बनाई जा सकती है।  यूनुस ने नेपाली संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उनकी तरफ से कहा गया है कि बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों के बीच एक एकीकृत आर्थिक रणनीति बनाई जानी चाहिए। बता दें कि कुछ महीने पहले ही मोहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर के इस क्षेत्र को "भूमि से घिरा हुआ" (Landlocked) कहा था और बांग्लादेश को इस क्षेत्र का अभिभावक कहा था। इस बार मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात राज्यों के लिए एक एकीकृत आर्थिक योजना का आह्वान किया है और कहा कि इन देशों और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग रहने की अपेक्षा एक साथ रहने पर अधिक लाभ होगा। एक्स पर किए गए एक पोस्ट में मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने नेपाल संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा के साथ यूनुस की बैठक के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “यूनुस ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों के बीच एक एकीकृत आर्थिक रणनीति का आह्वान किया है, जिसमें जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क संपर्क में सीमा पार सहयोग की संभावना पर जोर दिया गया है।” पिछले महीने बीजिंग में उगला था जहर पिछले महीने,बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मीटिंग के दौरान मोहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को 'भूमि से घिरा हुआ' कहकर विवाद खड़ा कर दिया था। तब उन्होंने कहा था कि सात राज्यों के लिए समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। यूनुस ने कहा था, "भारत के सात राज्य, भारत का पूर्वी भाग, जिन्हें सात बहनें कहा जाता है… वे भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का भूमि से घिरा हुआ क्षेत्र है। उनके पास समुद्र तक पहुँचने का कोई रास्ता नहीं है।" बांग्लादेश सरकार के मुखिया ने यह भी कहा था कि हम इस पूरे क्षेत्र के लिए महासागर के एकमात्र संरक्षक हैं। इसलिए यह एक बड़ी संभावना को खोलता है। इसलिए यहां चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है। जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क पर अब नया ख्याली पुलाव अब नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और भारत के सात राज्यों को लेकर मोहम्मद यूनुस ने नया ख्याली पुलाव बनाना शुरू किया है, जिसमें जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क संपर्क में सीमा पार सहयोग की संभावना पर जोर दिया गया है। उन्होंने सोमवार को नेपाल की संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा से शिष्टाचार भेंट के दौरान ये टिप्पणियां कीं। इंदिरा राणा ढाका में नेपाल के दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बांग्लादेश पहुंची थीं। उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा, “बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और सात बहनों के लिए एक एकीकृत आर्थिक योजना होनी चाहिए। हमें अलग होने की तुलना में एक साथ मिलकर अधिक लाभ प्राप्त करना है।” recent visitors 64