मध्यप्रदेश 9 स्वर्ण, 5 रजत और 10 कांस्य सहित कुल 24 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर

खेलो इण्डिया यूथ गेम्स 2025 बिहार मध्यप्रदेश 9 स्वर्ण, 5 रजत और 10 कांस्य सहित कुल 24 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर आज मध्यप्रदेश ने अर्जित किया 04 कांस्य खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई भोपाल दिनांक 4 से 15 मई 2025 तक खेलो इण्डिया यूथ गेम्स 2025 का आयोजन बिहार में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी खेल का शानदार प्रदर्शन कर रहें है। प्रतियेागिता में मध्यप्रदेश 9 स्वर्ण, 5 रजत और 10 कांस्य सहित कुल 24 पदकांे के साथ पांचवें स्थान पर है। आज मध्यप्रदेश टीम ने वेटलिफ्टिंग, योग, एथेलेटिक्स (पोल वॉल्ट), एथेलेटिक्स (3000 मी.) में बेहतर खेल प्रदर्शन कर 01-01 कांस्य सहित कुल 04 पदक अर्जित किये। प्रतियोगिता में आज म.प्र. के खिलाड़ियों द्वारा खेले गये मुकाबलों में अर्जित पदकों की जानकारी का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:-     वेटलिफ्टिंग:– हिमांशु कुशवाह ने 73 किग्रा. पुरूष वर्ग में स्नैच में 115 कि.ग्रा और क्लीन एण्ड जर्क 140 कि.ग्रा. सहित कुल 255 कि.ग्रा. भार उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया।     योगासनः- रिया ने टेªडिशनल योगासन इवेन्ट में 60.58 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक अपने नाम किया।     पोल वॉल्ट:– आशीष कुमार यादव ने एथेलेटिक्स (पोल वॉल्ट) में 4.10 मी. छलांग लगाकर कांस्य पदक अर्जित किया।     एथेलेटिक्स (3000 मी.):- श्रृष्टि ने महिला वर्ग के 3000 मी. इवेन्ट मंे 10ः29.50 का समय लेकर कांस्य पदक प्राप्त किया।  दिनांक 13.5.2025 को एथेलेटिक्स, बॉक्सिंग, फेंसिंग, वेटलिफ्टिंग, कलरिपयट्टू, योगासन, कुश्ती, थांग-ता और हॉकी के मुकाबले खेले जायेंगे। प्रदेश के खेल मंत्री मान. विश्वास कैलाश सारंग ने बिहार में आयोजित खेलो इण्डिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने पदक विजेता खिलाड़ियों बधाई देते हुये, खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।   recent visitors 33

प्रदेश में 13 मई से सभी यात्री और शैक्षणिक संस्था वाहनों की होगी चेकिंग

प्रदेश में 13 मई से सभी यात्री और शैक्षणिक संस्था वाहनों की होगी चेकिंग परिवहन विभाग ने जारी किये निर्देश भोपाल प्रदेश में यात्री बसों, शैक्षणिक संस्थानों की बसों और स्कूल बसों की सघन चेकिंग किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह विशेष अभियान 13 मई से प्रदेश में एक साथ शुरू होगा। अभियान में पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और जिला परिवहन कार्यालय को निर्देश जारी किये गये हैं। जाँच अभियान में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है। उनमें – •सभी वाहनो में केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 118 अनुसार गति नियंत्रक लगा होना चाहिये। •सभी यात्री बसों में सभी वीएलटीडी डिवाइस लगा होना आवश्यक है। शैक्षणिक वाहनों में AIS 140 अनुरूप व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस (VLTD), केमरे तथा पेनिक बटन लगे हों। VLTD का परिवहन विभाग के सेन्ट्रल सर्वर से एन्टीग्रेशन अनिवार्यतः हो तथा वाहन में परिवहन किये जाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं सम्बंधित शैक्षणिक संस्था को इसका ऐक्सेस प्रदान करना भी आवश्यक होगा। •सभी वाहनो में प्रथम उपचार पेटी (फर्स्टएड बॉक्स) अनिवार्य रूप से रखा जाये। •एक अक्टूबर 2023 के बाद निर्मित शैक्षणिक वाहनो में केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 1250 के प्रावधान अनुसार AIS-135 अनुरूप FAPS लगा होना चाहिए तथा शेष शैक्षणिक वाहनों में वाहन अनुसार उचित मात्रा का अग्निशमन यंत्र लगा होना चाहिए। •वाहनों की खिड़कियों पर काले कॉच या परदे नहीं लगे होगें तथा वाहनो के अंदर की गतिविधि सदैव वाहन के बाहर से स्पष्ट रूप से दिखना चाहिये। •वाहन के साथ वैध बीमा प्रमाण-पत्र, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट होना अनिवार्य है। •यदि वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र होने के उपरांत अनफिट पाई जाती है तो फिटनेस जारीकर्ता अधिकारी / ATS के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। •वाहन चालक एवं परिचालक के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। •बस के सभी प्रकार के कर (टैक्स) पूर्ण रूप से जमा होना चाहिए। •बस के विरुद्ध पूर्व के चालान की जानकारी भी आवश्यक रूप से ली जाए। •बस में किसी भी प्रकार के ओवरलोड अर्थात परमिट से अधिक यात्री न हो। बसों में माल ले जाने की परंपरा बहुत अधिक बढ़ रही है इसकी सघन चेकिंग की जायेगी। निर्धारित मात्रा से अधिक माल का परिवहन यात्री बसों द्वारा न किया जाए। दोषी वाहन चालकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।   recent visitors 26

घरेलू क्रिकेट लीग में पहली बार DRS का इस्तेमाल, जून में होगी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग

रायपुर छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आगामी जून महीने से CCPL यानी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन का आगाज होने जा रहा है। पिछले सीजन की तुलना में इस बार कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ इसकी अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। नवा रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि आयोजन की गुणवत्ता और दर्शकों का अनुभव दोनों ही बेहतर हो। बता दें कि CCPL में इस बार अंतरराष्ट्रीय मैचों की तर्ज पर DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) सिस्टम लागू किया जाएगा। यह अब तक केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में देखने को मिलता था। इस सिस्टम के तहत, प्रत्येक टीम को तीन रिव्यू मिलेंगे, जिनका उपयोग वे ग्राउंड अंपायर के फैसले को चैलेंज करने के लिए कर सकते हैं। यह पहली बार है जब घरेलू क्रिकेट लीग में इस अत्याधुनिक तकनीकी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे खेल के फैसले और भी निष्पक्ष और सटीक होंगे। BCCI पैनल के होंगे अंपायर, इंटरनेशनल कमेंटेटर करेंगे कमेंट्री CCPL में इस बार इंटरनेशनल कमेंटेटर्स की कमेंट्री होगी, जो पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैचों में काम कर चुके हैं। लीग के लिए 10 अंतरराष्ट्रीय कमेंटेटरों की सूची तैयार की गई है, जिनमें से 3 से 4 कमेंटेटरों को फाइनल किया जाएगा। इसके साथ ही, बीसीसीआई पैनल के अंपायरों को इस लीग के मैचों में अपनी अंपायरिंग सेवा देने के लिए बुलाया जाएगा, जिससे मैचों की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के मीडिया प्रभारी राजेश दवे ने बताया कि हम छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का यह सीजन और बेहतर करने जा रहे हैं। इस बार डीआरएस सिस्टम, इंटरनेशनल कमेंटेटर और बीसीसीआई पैनल के अंपायर आयोजन में शामिल होंगे। दर्शकों के बैठने के लिए भी बेहतर व्यवस्था रहेगी। सीसीपीएल का स्टैंडर्ड बेहतर कर इसे एक ब्रांड बनाएंगे। इन 6 टीमों के बीच होगी भिड़ंत CCPL में पिछले सीजन की तरह इस बार भी 6 टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों में रायपुर राइनोस, बिलासपुर बुल्स, सरगुजा टाइगर्स, बस्तर बाइसनस, रायगढ़ लायंस और राजनांदगांव पैंथर्स शामिल हैं। पिछले सीजन के फाइनल में रायपुर राइनोस ने बिलासपुर बुल्स को हराकर CCPL का खिताब अपने नाम किया था। नए खिलाड़ियों का भी होगा चयन CCPL के पिछले सीजन में टीम बनाने के लिए प्रदेशभर से 450 खिलाड़ियों को चुना गया था। इनमें से 280 खिलाड़ी शॉर्टलिस्ट हुए थे। इसके बाद फिर इनमें से 6 टीमों के लिए 120 खिलाड़ियों का चयन किया गया था, लेकिन इस बार उन खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा जिन्होंने पिछले सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया। खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बाहर किया जा सकता है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। TV पर होगा लाइव प्रसारण, स्टेडियम में मिलेगी फ्री एंट्री गौरतलब है कि इस बार भी CCPL के सभी मैचों का प्रसारण सोनी टीवी पर किया जाएगा। दर्शकों के लिए इस बार स्टेडियम में फ्री एंट्री होगी और उनकी बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। स्टेडियम में आने वाले दर्शकों के लिए एक पास सिस्टम भी लागू किया जाएगा। recent visitors 34

पाकिस्तान की मिसाइलें फुस्स, सीमावर्ती फलौदी के युवक मलबे के साथ सेल्फी लेकर बना रहे मजाक

जोधपुर पहलगाम हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक फैली भारत की हजारों किलोमीटर लंबी सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और आम नागरिक इलाकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। राजस्थान में तीन रातों तक पाकिस्तान की ओर से लगातार एक ही तरह की बड़ी मिसाइल दागी गई। ये वही मिसाइलें थीं, जिन पर पाकिस्तान अक्सर नाज करता है और जिनके नाम गौरी, गजनवी, अब्दाली, नस्र और शाहीन जैसे रखकर उन्हें दुनिया की ताकतवर मिसाइलों में गिनाता है लेकिन भारतीय सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन सभी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। 9 मई को दोपहर में पाकिस्तान की ओर से दागी गई कई मिसाइलें सीमावर्ती फलौदी क्षेत्र के गांवों के खेतों में आकर गिरीं। हालांकि प्रशासन और सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मिसाइल या ड्रोन के मलबे के पास न जाएं, क्योंकि इनमें लगे वारहेड या विस्फोटक कई बार सक्रिय अवस्था में रह जाते हैं और अचानक फट सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है लेकिन इन चेतावनियों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय युवकों ने इन मिसाइलों को एक तरह से खिलौना ही बना डाला। सेना और प्रशासन के मौके पर पहुंचने से पहले ही कुछ ग्रामीणों ने मिसाइलों को उलट-पलटकर देखा, किसी ने कहा कि अगर इसमें कुछ काम की चीज हो तो निकाल लो तो किसी ने इनके साथ सेल्फी लेना शुरू कर दिया। कुछ युवक तो इन मिसाइलों को सामान्य वस्तु समझकर ट्रैक्टर-ट्रॉली या बोलेरो कैंपर में रखकर दूसरी जगह ले गए। हालांकि बाद में भारतीय वायुसेना के जवान मौके पर पहुंचे और मिसाइलों के मलबे को जब्त कर लिया लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान की मिसाइलों का भारत के नागरिकों पर कोई डर नहीं है। फलौदी के युवाओं ने अपने व्यवहार से यह दिखा दिया कि उन्हें पाकिस्तान के मिसाइलों से कोई भय नहीं, भले ही उनके नाम शाहीन, गौरी या गजनवी क्यों न हों। हमारी सेना इतनी सक्षम हैं कि पाकिस्तान की दागी मिसाइलें भारत की धरती पर कोई नुकसान नहीं कर सकतीं। recent visitors 45

नागरिकों की सुरक्षा के लिये वाहनों की फिटनेस की जाँच के लिये चलाएं अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नागरिकों की सुरक्षा के लिये वाहनों की फिटनेस की जाँच के लिये चलाएं अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिस महानिदेशक को दिये गये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नागरिकों की सुरक्षा के लिये सड़क पर चलने वाले सभी वाहनों विशेषकर परिवहन वाहनों के आवश्यक कागजों समेत फिटनेस, परमिट और रजिस्ट्रेशन वैधता की जाँच के लिये 13 मई से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा को परिवहन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने के लिये कहा है। निर्देश में कहा गया है कि आवश्यक कागज न होने पर दोषी वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये।   recent visitors 25

दुनिया की सबसे महंगी कार, सिर्फ इन 3 धनकुबेरों के पास

नई दिल्ली दुनिया में कई अमीर लोग हैं, जिनके पास कई लग्जरी कारें होती हैं. इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें नई-नई कारें खरीदने का बहुत शौक होता है और वे लग्जरी कारों का कलेक्शन रखते हैं, लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि दुनिया की सबसे महंगी कार कौन सी है और किन लोगों के पास यह कार है? आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने जा रहे हैं. आइए जानते हैं. जब भी लग्जरी कारों का नाम आता है, तो सबसे पहले रोल्स रॉयस का नाम दिमाग में आता है. रोल्स रॉयस एक ब्रिटिश कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसकी कारें शानदार और बेहद महंगी होती हैं. दुनिया की सबसे महंगी कार भी रोल्स रॉयस की ही है, जिसका नाम है रोल्स रॉयस बोट टेल. यह कार दुनिया की सबसे महंगी और लग्जरी कार मानी जाती है. अगर हम दुनिया की सबसे महंगी कार रोल्स रॉयस बोट टेल की कीमत की बात करें, तो यह इतनी महंगी है कि किसी का भी होश उड़ सकता है. इस कार की कीमत है 28 मिलियन डॉलर, यानी करीब 239 करोड़ रुपये. इसका नाम और डिजाइन क्लासिक याच (नाव) से मिलता-जुलता है, इसलिए इसे बोट-टेल नाम दिया गया है. रोल्स रॉयस कंपनी ने अपनी बोट टेल कार की सिर्फ 3 यूनिट्स बनाई हैं, जिनके मालिक दुनिया में केवल तीन लोग हैं. इनमें शामिल हैं:     रैपर जेड और उनकी पत्नी पॉप आइकन बियॉन्से.     अर्जेंटीना के फुटबॉलर माउरो इकार्डी.     पर्ल इंडस्ट्री के एक उद्योगपति, जिनका नाम सार्वजनिक नहीं है. यह कार इन तीनों के पास है, और यह इनकी खास लक्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक है. recent visitors 81

‘ब्रह्मोस’ मिसाइल जमीन, हवा और समुद्र से की जा सकती है लॉन्च

   नई दिल्ली भारत की ब्रह्मोस मिसाइल ने नूर खान (चकलाला) में एयरबेस सहित पाकिस्तान के कई प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों और एयरबेसों को निशाना बनाया। सूत्रों का कहना है कि भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल तब किया, जब पाकिस्तान ने अपनी फतह 11 बैलिस्टिक मिसाइलों से नई दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, फतह को हरियाणा के सिरसा के पास एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया था।   सूत्रों ने बताया कि क्रूज मिसाइल का सामरिक उपयोग पाकिस्तान की परमाणु ताकत की छवि को कमजोर करने के लिए किया गया था। यह एक ऐसा मोड़ था, जिसने पाकिस्तान को झकझोर कर रख दिया और सेना प्रमुख असीम मुनीर सहित सैन्य नेतृत्व को कदम पीछे खींचने पर मजबूर किया। एक दिन पहले भारत ने लाहौर में वायु रक्षा प्रणाली पर हमला किया था। इससे पाकिस्तान की कमजोरियां उजागर हो गई थीं कि भारत की मिसाइलें उसके क्षेत्र में बहुत अंदर तक सटीकता से लक्ष्य को भेद सकती हैं। ब्रह्मोस समेत भारत की मिसाइलों ने रफीकी, मुरीदके, नूर खान, रहीम यार खान, सुक्कुर, चुनियन, स्कार्दू, भोलारी, जैकबाबाद में भारी नुकसान पहुंचाया। 'दागो और फिर भूल जाओ' का सिद्धांत ब्रह्मोस दो-चरणीय मिसाइल है। इसे रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसका नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा से मिलाकर रखा गया है। यह भारत-रूस साझेदारी का प्रतीक भी है। मिसाइल ठोस ईंधन बूस्टर के साथ लॉन्च होती है जो उड़ान भरने के बाद अलग हो जाता है। इसके बाद तरल ईंधन से चलने वाला रैमजेट इंजन इसे मैक 3 की गति से आगे बढ़ाता है। 10 मीटर की ऊंचाई पर भी हमला कर सकती है मिसाइल यह 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकती है और जमीन से 10 मीटर की ऊंचाई पर भी हमला कर सकती है। इसे दागो और भूल जाओ के सिद्धांत पर डिजाइन किया गया है। एक बार लॉन्च होने के बाद इसे किसी और मार्गदर्शन की जरूरत नहीं होती। मिसाइल का कम रडार सिग्नेचर और उच्च गतिज ऊर्जा के कारण इसे रोकना बेहद कठिन हो जाता है। 290 किमी है मानक रेंज ब्रह्मोस मिसाइलों की मानक मारक क्षमता 290 किलोमीटर है। हालांकि, हाल ही में 450 किलोमीटर से अधिक और 800 किलोमीटर तक की विस्तारित मारक क्षमता वाले संस्करणों का सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया गया है। भविष्य के वेरिएंट का लक्ष्य 1,500 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्यों पर हमला करना है। 24 वर्ष पहले हुआ था ब्रह्मोस का पहला परीक्षण ब्रह्मोस का पहला परीक्षण 12 जून, 2001 हुआ था। भारतीय नौसेना ने 2005 में आईएनएस राजपूत पर अपना पहली ब्रह्मोस प्रणाली शामिल की थी। भारतीय सेना ने 2007 में अपनी रेजिमेंट के साथ इसे शामिल किया और बाद में वायुसेना ने सुखोई-30एमकेआई विमान से हवाई-लॉन्च वाले संस्करण को शामिल किया। 2025 तक इसके दो संस्करण सेवा में हैं।   recent visitors 27