ग्रामीणों ने शव रखकर किया प्रदर्शन, राजस्थान-उदययपुर में ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंदा

उदययपुर. उदययपुर के समीप कुराबड़ थाना क्षेत्र में बीती रात भीषण सड़क हादसा हुआ। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। कुराबड़ थानाधिकारी चेन सिंह ने बताया कि कुराबड़ पंचायत समिति के पास के एक टेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को चपेट में ले लिया। हादसे में युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव मोर्चरी में रखवाए। पुलिस के अनुसार बाइक सवार मृतकों के नाम लालपुरा निवासी अजय मीणा, बुंदेल निवासी युवराज मीण और पुष्कर मीणा है। टक्कर इतनी जोरदार कि तीनों का शरीर क्षत विक्षत हो गया। इधर युवकों की मौत के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मोर्चरी के बाहर पहुंचे। ग्रामीणों ने मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक टेलर चालक गिरफ्तार नहीं हो जाता और मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जाता वे शव नहीं उठाएंगे। पुलिस और प्रशासन से जुडे़ अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश के प्रयास कर रहे हैं। recent visitors 117

बारिश में प्रतिबंध पर भी नहीं मान रहे लोग, राजस्थान-करौली में तलाई में डूबने से युवक की मौत

करौली. कुडगांव थाना क्षेत्र के सायपुर गांव के जंगल में भैंस चराने गए एक युवक की तलाई में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। मृतक यादराम चतुर्वेदी का शव करौली हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस मृतक का पोस्टमार्टम करा रही है। कुडगांव थानाधिकारी रुक्मिणी ने बताया कि यादराम चतुर्वेदी पुत्र रघुवर चतुर्वेदी उम्र 25 साल निवासी सायपुर जंगल में भैंस चराने गया था। इस दौरान यादराम तलाई में नहाने के लिए उतर गया। नहाते समय युवक डूबने लगा। युवक को डूबते देखकर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और युवक को तलाई से बाहर निकालने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को तलाई से निकाल कर करौली अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाधिकारी रुक्मिणी ने बताया कि क्षेत्र में हो रही तेज बारिश से नदी-नाले और बांध तालाब में पानी की भारी आवक हो रही है। खतरे को देखते हुए थाना अधिकारी ने गांव-गांव जा कर क्षेत्र के लोगों को गहरे पानी और बहाव क्षेत्र से दूर रहने के लिए सचेत भी किया था। थोड़ी देर बाद मृतक तलाई में उतरते देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने नहाने से मना किया था। recent visitors 119

घंटों परेशान हुए अभ्यर्थी, राजस्थान-अजमेर में कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा देने उमड़ी भीड़

अजमेर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से एलडीसी के करीब 4200 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन जिला स्तर पर किया गया था। इसमें करीब 12 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए अलग-अलग जगह से अजमेर आए थे। बोर्ड की ओर से दो पारी में आयोजित इस परीक्षा की समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों को घर लौटने में रोडवेज बसों की कमी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा और वह बस में जगह पाने के लिए मशक्कत करते नजर आए। सरकार ने भले ही प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन उसके बावजूद बसों की कमी के चलते अभ्यर्थियों को अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर घंटों बस का इंतजार करना पड़ा। नहीं चलाईं अतिरिक्त बसें रोडवेज प्रशासन ने परीक्षा को देखते हुए अतिरिक्त बसें नहीं चलाई, जिसका खामियाजा दूर दराज से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों को उठाना पड़ा। अभ्यर्थी बसों में घुसने के लिए धक्का मुक्की करते नजर आए। वहीं कई अभ्यर्थी अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से बस में घुसते दिखाई दिए। केंद्रीय बस स्टैंड अभ्यर्थियों की भीड़ से भरा बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा भीलवाड़ा और नागौर जाने वाली बसों के लिए भीड़ देखी गई। प्रतियोगी परीक्षा के कारण अजमेर का केंद्रीय बस स्टैंड अभ्यर्थियों की भीड़ से भरा हुआ नजर आया। रोडवेज बसों की कमी के चलते अभ्यर्थियों के साथ आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और वह बसों के इंतजार में घंटों बस स्टैंड पर बैठे रहे। बस में चढ़ना मुश्किल अजमेर में परीक्षा देने अभ्यर्थियों ने बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज को अतिरिक्त बसें लगानी चाहिए, जिससे कि परीक्षार्थी समय रहते अपने घर पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि वह सुबह से परेशान होकर परीक्षा देने पहुंचे हैं और जब शाम को बस स्टैंड पर पहुंचे तो उनको बसों में भीड़ दिखाई दी। अभ्यर्थियों ने बताया कि वह पिछले दो घंटें से बस स्टैंड पर बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जो बसें आ रही हैं, उसमें अभ्यर्थियों की भीड़ है। इस कारण बस में चढ़ना मुश्किल हो रहा है। recent visitors 112

बाणगंगा-कानोता बांध हादसे के बाद जारी किए निर्देश, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने बुलाई आपदा प्रबंधन की बैठक

जयपुर. प्रदेश में निरंतर बारिश का दौर जारी है। हिंडौन, करौली में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। जयपुर के कानोता बांध से भी चार लोगों के बहने की खबर सामने आई है। करौली हिंडौन में भी बारिश के कारण दो लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई। इस बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि राजस्थान के सभी नागरिकों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। आज मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदेश में हो रही भारी बारिश के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली गई। आपदा प्रबंधन से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं को अविलंब सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों आग्रह किया.—– 0- जलाश्यों और जल भराव के क्षेत्रों से दूर रहें। 0- बारिश में बिजली के पोल व बिजली के तार से दूरी बनाए रखें। 0- बारिश के दौरान भवनों में बने बेसमेंट का उपयोग करने से बचें। 0- बारिश के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों व बचाव के उपायों का विशेष रूप से ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मेरे राजस्थान प्रदेश के प्रत्येक परिवारजन के प्रति संवेदनशील हूं, इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप सभी वर्षा के दिनों में उचित सावधानियों को बरतें। ईश्वर से आप सभी प्रदेशवासियों के कुशल और मंगलमय जीवन की कामना करता हूं। recent visitors 210

मोर करी रेसिपी वीडियो अपलोड करने पर यूट्यूबर गिरफ्तार

हैदराबाद,  ‘‘मोर की सब्जी बनाने की विधि’’ का एक वीडियो यूट्यूब चैनल पर साझा करने के आरोप में तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले में एक यूट्यबूर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक वन अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि ‘यूट्यूबर’ ने अपने चैनल पर संभवत: अधिक से अधिक ‘व्यूज’ पाने के लिए ऐसा किया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा अपने चैनल पर मोर की सब्जी पकाने का वीडियो पोस्ट करने की सूचना मिलने पर वन अधिकारियों की एक टीम तंगल्लापल्ली गांव पहुंची और उस व्यक्ति के घर से सब्जी बरामद की। सब्जी के नमूने को ‘फोरेंसिक’ जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और जांच जारी है। व्यक्ति के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया गया। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की मांग पर वीडियो को भी हटा दिया गया है।     recent visitors 126

नशे के अपराध में लिप्त लोगों को जेल भेजा जाएगा, नशे से दूर रहने के लिए लोगों के जागरूक किया जाएगा- उप-मुख्यमंत्री शुक्ल

नशे को जड़ से समाप्त करने का अभियान अनवरत जारी रहेगा – उप-मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा को नशामुक्त बनाकर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ने का लें संकल्प – उप-मुख्यमंत्री शुक्ल नशे के अपराध में लिप्त लोगों को जेल भेजा जाएगा, नशे से दूर रहने के लिए लोगों के जागरूक किया जाएगा- उप-मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि नशे को जड़ से समाप्त करने का अभियान अनवरत जारी रहेगा। नशे के अपराध में लिप्त लोगों को जेल भेजा जाएगा। नशे से दूर रहने के लिए लोगों के जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा-सुधार केन्द्रों में नशे की लत से छुटकारा दिलाने का कार्य किया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में नशामुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में शामिल हुए। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है। आने वाली पीढ़ी यदि नशे में रहेगी तो विकास के फल का स्वाद उसे नहीं मिल पाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हो रहे हैं जिनके माध्यम से आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश पहुंचेगा। अभियान चलाकर नशे को जड़ से समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है। रीवा जिले को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा सक्रियता से कार्य किया जा रहा है। गत दिनों मेडिकल नशे की बड़ी खेप को पकड़कर अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने आह्वान किया कि सभी नागरिक रीवा को नशामुक्त बनाकर सुनहरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लें। इस कार्य में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नशामुक्ति की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे की बुराईयों के प्रति जागरूक कर नशे के प्रतिषेध का संदेश दिया गया। सांसद जनार्दन मिश्र, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, डीआईजी एसपी पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी, छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि तथा बुद्धजीवी उपस्थित रहे।   recent visitors 99

कांग्रेस हिंडनबर्ग के साथ मिलकर काम कर रही, रिपोर्ट पर बीजेपी हुई हमलावर

नई दिल्ली  हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के लेकर बीजेपी ने विपक्ष पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये रिपोर्ट देश में आर्थिक अराजकता फैलाने की कोशिश है। बीजेपी नेता ने इसे हार के बाद विपक्ष की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह देश को आर्थिक रूप से बर्बाद करने की कोशिश है। उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी ने कहा कि रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए सेबी प्रमुख ने उसका जवाब दे दिया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस हिंडनबर्ग के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टूलकिट वालों को देश से कोई मतलब नहीं है। हिंडनबर्ग का भारत विरोधी एजेंडा रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंडनबर्ग के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि यह पीएम मोदी के खिलाफ एजेंडा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हिंदुस्तान से नफरत कर रही है और देश कांग्रेस पार्टी से नफरत कर रहा है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंडनबर्ग वाले भारत विरोधी एजेंडा चलाते हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि यह शेयर बाजार को क्रैश कराने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। सेबी चीफ की सफाई इससे पहले सेबी) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने कहा कि यह 'चरित्र हनन करने का प्रयास' है, क्योंकि सेबी ने पिछले महीने नेट एंडरसन के नेतृत्व वाली कंपनी को नियमों का उल्लंघन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इससे पहले हिंडनबर्ग ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख बुच और उनके पति धवल बुच के पास उस विदेशी कोष में हिस्सेदारी है, जिसका इस्तेमाल अडानी समूह में धन की कथित हेराफेरी के लिए किया गया था। जॉर्ज सोरोस को घेरा रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी बिजनेसमैन जॉर्ज सोरोस हिंडनबर्ग में मुख्य निवेशक हैं. यह एक टूलकिट गैंग है और साजिश के तहत भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई जा रही है. शेयर बाजार को अस्थिर किया जा रहा है. आपने देखा होगा कि कैसे साजिश के तहत ये रिपोर्ट शनिवार को आई, जब बाजार बंद रहता है. सोमवार को इस रिपोर्ट के बाद बाजार में क्या हुआ आप सबने देखा. कांग्रेस पर बोला हमला रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर भी सवाल खड़े किए. बीजेपी नेता ने पूछा कि आखिर कांग्रेस चाहती क्या है. कांग्रेस चाहती है कि भारत में कोई आर्थिक निवेश न हो. भारत की प्रगति को रोकने की साजिश रची जा रही है. कांग्रेस पार्टी भारत को कमजोर और भारत की आर्थिक स्थिति को बिगड़ना चाहती है. बीजेपी नेता ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि चमन उजड़ेगा नहीं और हम भारत को कमजोर नहीं होने देंगे. कौन हैं जॉर्ज सोरोस जॉर्ज सोरोस का जन्म 12 अगस्त, 1930 को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुआ था. वे खुद को दार्शनिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी बताते हैं. हालांकि, उन पर दुनिया के कई देशों की राजनीति और समाज को प्रभावित करने का एजेंडा चलाने का आरोप लगता रहता है. 11 नवंबर 2003 को वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में सोरोस ने कहा था, जॉर्ज डब्ल्यू बुश को राष्ट्रपति पद से हटाना उनके जीवन का सबसे बड़ा मकसद है. और ये उनके लिए 'जीवन और मौत का सवाल' है. सोरोस ने कहा था कि अगर कोई उन्हें सत्ता से बेदखल करने की गारंटी लेता है, तो वो उस पर अपनी पूरी संपत्ति लुटा देंगे. 1956 में वो लंदन से अमेरिका आ गए थे. यहां आकर उन्होंने फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट की दुनिया में कदम रखा और अपनी किस्मत बदली. 1973 में उन्होंने 'सोरोस फंड मैनेजमेंट' लॉन्च किया. उनका दावा है कि अमेरिकी इतिहास में उनका फंड सबसे बड़ा और कामयाब इन्वेस्टर है. भारत विरोधी बयान के लिए हैं मशहूर हंगरी-अमेरिकी मूल के मशहूर अरबपति जॉर्ज सोरोस अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. खासतौर पर उनकी नजर भारतीय उपमहाद्वीप में हो रहे राजनीतिक बदलावों पर रहती है. सोरोस कई मंचों से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लगातार सत्ता में बने रहने से तानाशाही की ओर बढ़ने वाला नेता कहते रहे हैं. पीएम मोदी पर उठाया था सवाल भारत में नागरिकता संशोधन कानून और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर जॉर्ज सोरोस ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था. सोरोस का आरोप था कि भारत हिंदू राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है. – इसी साल जनवरी में जब हिंडनबर्ग से अडानी ग्रुप पर सवाल उठाया तो हाथ सेंकने के लिए जॉर्ज सोरोस भी सामने आ गए थे. जॉर्ज सोरोस ने अडानी मुद्दे के बहाने फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा. सोरोस ने दावा किया था कि अडानी के मुद्दे पर भारत में एक लोकतांत्रिक परिवर्तन होगा. -बीते दिनों उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, लेकिन नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक नहीं हैं. मोदी के तेजी से बड़ा नेता बनने के पीछे अहम वजह मुस्लिमों के साथ की गई हिंसा है. recent visitors 108