हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं तोड़ा गया अवैध निर्माण, कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद महानगर के इकबालपुर में अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया। कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं। हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने इसे लेकर टिप्पणी की कि बार-बार निर्देश के बावजूद नगर निगम अवैध निर्माण को गिराने में विफल रहा है। जहां रातों-रात घर बन जाते हैं और उसे तोड़ने में सालों लग जाता है। जस्टिस सिन्हा ने कुछ महीने पहले इकबालपुर के डेंट मिशन रोड पर छह मंजिला अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद उस पर अमल नहीं हुआ। यही नहीं शकील अहमद सागर नाम के एक व्यक्ति अवैध निर्माण को गिराने के लिए और समय की मांग करते हुए हाई कोर्ट पहुंच गया, जिसे देखकर जज ने अपना गुस्सा जाहिर किया। कोर्ट ने पांच दिसंबर तक का दिया समय कोर्ट ने सवाल किया कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने अभी तक कोर्ट के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया है। नगर निगम के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की जा रही है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए समय देना होगा। वकील ने कहा कि छह मंजिला बहुमंजिला मकान को गैस कटर और हथौड़े से गिराना है, इसलिए काम बहुत धीमा है। उन्होंने कहा कि इस मकान को गिराने का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जा सकता है। इस पर जज ने कोलकाता नगर निगम को उक्त मकान के गिराने के लिए पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। recent visitors 86

यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है, उत्तराखंड में अक्टूबर में लागू होगी UCC !

देहरादून उत्तराखंड में इस साल अक्टूबर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयक को इस साल मार्च में ही मंजूरी दे चुकी हैं। यूसीसी के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी और लिव इन रिलेशनशिप को नियंत्रित किया जाएगा। यूसीसी के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी निजी कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा था, "यह कानून समानता, एकरूपता और समान अधिकार का है। इसे लेकर कई तरह की शंकाएं थीं, लेकिन विधानसभा में दो दिन की चर्चा से सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह कानून किसी के खिलाफ नहीं है। यह उन महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा था, “इससे उनका (महिलाओं का) आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह कानून महिलाओं के समग्र विकास के लिए है।" recent visitors 87

जेपी नड्डा ने कहा- राहुल गांधी को ‘नकली देशभक्त’ बताते हुए कहा कि उन्हें देश के हितों से कोई लेना-देना नहीं

राजकोट (गुजरात) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने शनिवार कांग्रेस पर देश को बांटने का आरोप लगाया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी को ‘नकली देशभक्त’ बताते हुए कहा कि उन्हें देश के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा अध्यक्ष ने यहां तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, "ये लोग भारत जोड़ो यात्रा के जरिये देश को तोड़ने में व्यस्त हैं। हम सब को देश को एकजुट करने की दिशा में सरदार वल्लभ भाई पटेल के अमूल्य योगदान को याद करना चाहिए।" नड्डा ने कांग्रेस पर चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भुलाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा, “मुझे दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आज कांग्रेस नेता केवड़िया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने नहीं गए, जिन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर एक नए भारत का निर्माण किया।” नड्डा ने कहा कि देश के युवा "इन नकली देशभक्तों को" सच्चाई से रू-ब-रू कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोगों को "सिर्फ और सिर्फ राजनीति करने से मतलब है"। देश की तरक्की और लोगों के हितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की जनता अब समझदार हो चुकी है। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में उनकी कार्यशैली की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार विकास कर रहा है। मौजूदा सरकार राजनीति से परे हटकर लोगों के हितों के बारे में सोच रही है। recent visitors 95

जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की पहली प्राथमिकता – विधायक सिन्हा

महासमुंद. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप और नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के मार्गदर्शन में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर नागरिकों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए नगरीय निकायों में सतत जारी है। शनिवार कों आज शिविर के अंतिम दिन महासमुंद के वार्ड क्रमांक 27,28 और 29 के नागरिकों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए महिला जिम के पास पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। महासमुंद मे कुल 11 शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर ने की। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि एवं स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि शिविर मे प्राप्त आवेदनो का निश्चित रूप से हल होगा। यहाँ गौरव पथ का जल्दी ही निर्माण होगा। नहर लींकिंग रोड भी बहुत जल्दी तैयार होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगर पालिका मे विकास तेजी से होगा। समस्या का मिल जुलकर समाधान किया जायेगा। ज्यादा से ज्यादा आवास बनाने का प्रयास किया जाएगा। हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से हल करना है। शिविर की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर ने कहा कि जब से सरकार आई है तब से विकास के रास्ते खुल रहे है। अब तेजी से विकास हो रहा है। समस्या का समाधान किया जाएगा। मुलभुत सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि स्थानीय समास्यो का समाधान होगा। सतपाल सिँह पाली ने कहा कि विकास का काम कर रहे है, निरंतर विकास कार्य जारी है। आम जनता विधायक से सीधे बात कर सकते है और अपनी समस्या का हल कर सकते है। शिविर में संदीप दीवान ने कहा कि27 जुलाई से लगातार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और समस्यों का समाधान करना प्राथमिकता मे है।राज्य के सभी नगरीय निकायों मे शिविर का आज अंतिम दिन है। प्रदीप चंद्राकर ने कहा कि जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का उदेश्य है एक मंच के नीचे सभी विभाग मौजूद है ताकि आम जन को भटकना मत पड़े। स्थानीय समस्या को यही समाधान करें. बड़े स्तर की समस्या को उपर भेजा जाएगा। शिविर मे पार्षद गण देवी चंद राठी, महेन्द्र जैन, मनीष शर्मा एवं प्रकाश शर्मा, श्रीमती सुजाता विश्वनाथन, श्याम साकरकर, विश्वनाथन, धरम साहू, देवेंद्र चंद्राकर, निरंजना शर्मा, प्रीति सोनी, सुधा साहू, सुनीता, उमा साहू, मधु यादव, रेखा बेहरा, राधारानी सहित बड़ी संख्या मे वार्ड वासी और विभाग के अधिकारी मौजूद थे। शिविर में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पेयजल, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग से संबंधित आवेदनों के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, शहरी आजीविका मिशन, समाज कल्याण, महिला बाल विकास, भवन अनुज्ञा, सामाजिक पेंशन, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।जिसके निराकरण के निर्देश दिए गए है। recent visitors 92

ओला पीड़ित किसानों को मिला 9 लाख का मुआवजा, छत्तीसगढ़-बिलासपुर जिले के 4 गावों को सहायता

रायपुर. राज्य शासन द्वारा किसानों को खेती-किसानी में प्राकृतिक रूप से 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इस कड़ी में बिलासपुर जिले के बेलगहना तहसील के 4 गावों के 164 ओला पीड़ित किसानों को 9 लाख रुपए की मुआवजा राशि के चेक का वितरण किया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने कोनचरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए। शेष किसानों को आरटीजीएस के जरिए राशि बैंक खातों में जमा करा दी गई। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर नुकसान के लिए 8500 रुपए की मुआवजा दी जाती है। 33 प्रतिशत अथवा इससे अधिक नुकसान पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। गौरतलब है कि बेलगहना के ग्राम पहांदा, कोनचरा, सुखेना और जरगा के किसानों का रबी धान की फसल को ओला वृष्टि से नुकसान पहुंचा था। उन्होंने जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देकर मुआवजा की मांग की थी। कलेक्टर ने टीएल में रखकर इसकी प्रगति की समीक्षा की। राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को तेजी से सर्वे कर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लाभान्वित किसानों में पहांदा के 116, कोनचरा के 33, सूखेना के 11 और जरगा के 4 किसान शामिल हैं। recent visitors 111

देवेंद्र फडणवीस ने लगाए गंभीर आरोप- ‘मुझे जेल में डालने के लिए अधिकारियों को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट’

महाराष्ट्र महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की पिछली महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि एमवीए की सत्ता के दौरान उन्हें और भाजपा के दूसरे नेताओं को फंसाने व जेल में डालने के लिए अधिकारियों को सुपारी दी गई थी। उन्होंने कहा, 'महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान झूठे मामले बनाकर मुझे गिरफ्तार करने की साजिश रची गई। मगर, यह गनीमत रही कि हम उस समय इनका पर्दाफाश करने में सफल रहे। इसे लेकर हमने वीडियो सबूत भी सीबीआई को सौंपे। आज तक हमारे पास इसके कई वीडियो सबूत हैं।' देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'एमवीए शासन के दौरान कुछ अधिकारियों को मेरे, गिरीश महाजन और प्रवीण दरेकर जैसे नेताओं को जेल में डालने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। कुछ अधिकारियों ने इसे ले भी लिया, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय कई अधिकारियों ने यह करने से इनकार कर दिया था।' डिप्टी सीएम ने मुंबई के पूर्व टॉप पुलिस ऑफिसर परमबीर सिंह के आरोप को लेकर सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उन पर भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए दबाव डाला। 'झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश' उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'उन्होंने (परमबीर सिंह) मुझे और दूसरे भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिशों पर जो कहा, वह पूरी तरह सच है। उन्होंने तो केवल एक ही घटना के बारे में बात की है। मगर, ऐसी 4 घटनाएं हैं जिनमें मुझे झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश रची गई।' महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बीते दिनों दावा किया कि फडणवीस ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से बचाने की कोशिश की थी। साथ ही, एमवीए सरकार को गिराने के लिए सिंह से उनके खिलाफ आरोप लगाने को कहा था। 'फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति' भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति थी। बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि एक नेता जो उस समय विपक्ष में था, वह पुलिस अधिकारी से ऐसा कैसे कह सकता है? फडणवीस और सिंह दोनों ने वरिष्ठ राकांपा नेता (शरदचंद्र पवार) की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अलग-अलग खारिज कर दिया। देशमुख के दावों के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने विस्तार से बताए बिना कहा, 'झूठ बोले कौवा कटे… काले कौवे से डरियो।' सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस अधिकारियों से बार और रेस्तराओं से हर माह 100 करोड़ रुपये वसूलने को कहा था। इस आरोप के मद्देनजर देशमुख ने 2021 में गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।   recent visitors 90

मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत और तीन अन्य घायल, राजस्थान-भरतपुर में बारिश से गिरा दो मंजिला मकान

भरतपुर. भरतपुर रेंज के डीग जिले के जुरहरा थाना इलाके के गावड़ी गांव में बारिश के कारण एक मकान ढह गया। मलबे में दबने से महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई, वहीं पिता, एक बेटा और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जुरहरा से भरतपुर के आरबीएम अस्पताल इलाज के लिए भर्ती किया गया है। घटना देर रात 1 बजे की है, जब पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था। गांव के पूर्व सरपंच शेरू ने बताया कि दो दिन से पूरे इलाके में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बीती रात साजिद (27) अपनी पत्नी समसीदा (25), बड़ी बेटी सहवाना (8) बेटे मोहिन (4) छोटी बेटी आनिया (2) के साथ घर में सो रहा था। करीब 1 बजे अचानक साजिद का मकान भरभराकर गिर गया, जिसमें पूरा परिवार दब गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत साजिद के घर पहुंचे, जहां पूरा परिवार मलबे में दबा हुआ था, इसके बाद गांव वालों ने करीब 1 घंटे की कोशिश के बाद सभी को बाहर निकाला लेकिन तब तक समसीदा और उसकी बेटी आनिया की मौत हो चुकी थी। वहीं साजिद, उसका बेटा मोहिन और बेटी सहवाना गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें तुरंत जुरहरा अस्पताल भिजवाया गया गया। जहां उनकी गंभीर हालत देखते हुए, उन्हें भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मौका-मुआयना कर रहे हैं। recent visitors 113