अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जिस दिन आया था, उस दिन से हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं : उमर अब्दुल्ला

जम्मू जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला ने घाटी में विधानसभा चुनाव कराने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करें ताकि हम तैयारी शुरू करें। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में विधानसभा चुनाव पर पत्रकारों से कहा, “अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जिस दिन आया था, उस दिन से हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। पहले लोकसभा का चुनाव हुआ, जो हमने निपटा लिए। अब विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के लोग जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर आएंगे। हमारी उनसे गुजारिश होगी कि आयोग जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करे और यहां पर चुनाव की तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि उनसे यह भी गुजारिश रहेगी कि वे सबके साथ बराबरी का सलूक करें, ताकि हम लेवल प्लेइंग फील्ड पर चुनाव लड़ें। जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नए जम्मू-कश्मीर का जिक्र सिर्फ संसद में होता है। जमीनी स्तर पर देखें तो यहां के हालात कुछ और ही बयां करते हैं। यहां पर महंगाई है। बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही। मुल्क में सबसे ज्यादा बेरोजगारी अगर कहीं है, तो कश्मीर में है। पांच साल पहले हमसे बहुत सारे वादे किए गए थे, लेकिन उसमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनसे अपील है कि वहां के लोग शांति से रहें। जम्मू-कश्मीर से कई बच्चे वहां पढ़ाई के लिए जाते हैं। उनकी सुरक्षा का सही इंतजाम होना चाहिए।   recent visitors 111

मंत्री दयाशंकर सिंह ने खा आगामी कुंभ मेले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए

बलिया  उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया में घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर पिछले वर्ष की तरह इस बार भी महिलाओं को रोडवेज बसों में दो दिन तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी कुंभ मेले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। मंत्री ने कहा, “कुंभ मेले को देखते हुए हमने सात हजार नई बसें खरीदने का फैसला किया है। साथ ही, पांच सौ इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर भी दिया जा चुका है। मेला क्षेत्र में डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। सभी बसें अस्थाई डिपो में खड़ी की जाएंगी और श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से मेला क्षेत्र में ले जाया जाएगा।” दयाशंकर सिंह ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार हमने रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी महिलाएं रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।” मंत्री ने यह भी बताया कि कुंभ मेले के लिए राज्य सरकार ने 11 नए अस्थाई डिपो बनाने का निर्णय लिया है। इन डिपो में बसें खड़ी की जाएंगी और श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से मेला क्षेत्र में ले जाया जाएगा। सिंह ने कहा, ‘कुंभ मेला के दृष्टिगत सात हजार नई बस खरीद रहे हैं । सौ इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का ऑर्डर अभी दे दिया है। साथ ही 120 बसों का फिर टेंडर किया गया है। हम पांच सौ इलेक्ट्रिक बस भी लेने जा रहे हैं।इसके अलावा इस बार वॉल्वो लक्जरी बसें भी ले रहे हैं। कुंभ के मेला क्षेत्र में कोई डीजल और पेट्रोल गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य कुंभ मेला को प्रदूषण मुक्त बनाना है और इस दिशा में हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।”   recent visitors 90

अब समय नहीं आ गया है कि, भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखायी थी ?

नई दिल्ली बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन तो बहाना था. जिस तरह आरक्षण के खत्म होने के बाद भी लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं उससे लगता है कि यह पूरा आंदोलन हिंदुओं के खिलाफ ही शुरू हुआ हो. हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, हिंदू महिलाओं को उनके घर से उठा लिया जा रहा है, हिंदुओं के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लूट हो रही है, मंदिरों को जलाया जा रहा है. जाहिर है कि भारत इन सब घटनाओं को लेकर चिंतित है. भारत सरकार लगातार बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ संपर्क में है. पर जब वहां कोई कानून व्यवस्था ही नहीं है तो अधिकारी क्या सचाई बताएंगे. इस तरह के अधिकारियों से संपर्क मात्र से हिंदुओं के जान-माल की रक्षा नहीं की जा सकती है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी सरकार से कहा है कि वो बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करे. बाबा रामदेव जग्गी वासुदेव जैसे गुरुओं ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई है. क्या अब समय नहीं आ गया है कि भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखाया था? भारत हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर सकता है? बांग्लादेश की सेना हो या खालिदा जिया, सबको है भारत की जरूरत इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि शेख हसीना भारत के प्रति पूर्ण समर्पित थीं. चीन और अमेरिका के दबाव में भी उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया जो भारत के हितों के विपरीत जाता. पूर्वोत्तर के आतंकवाद को पस्त करने में भी शेख हसीना ने मोदी सरकार की बहुत मदद की. पूर्वोत्तर के तमाम आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप, जो बांग्लादेश में चल रहे थे, उन्हें खत्म करने में उन्होंने मदद की. कई कुख्यात आतंकियों को भारत को बांग्लादेश ने सौंप कर आतंकवाद पर लगाम लगाने का काम किया. जाहिर है कि अभी कुछ साल अवामी लीग फिर से सत्ता में आने से रही. बीएनपी की खालिदा जिया शुरू से ही पाकिस्तान और अमेरिका समर्थक रही हैं. उनकी पूरी राजनीति भारत विरोध पर टिकी रही है. इसलिए ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए की वो भारत विरोधी रणनीति पर ही काम करेंगी. पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ऐसा महसूस किया जा रहा था कि भारत के लिए परेशानी और बढ़ेगी. पर आज भारत अपने पड़ोसियों में सबसे ज्यादा निश्चिंत शायद अफगानिस्तान से ही है. इसी तरह से अगर भविष्य में खालिदा जिया अगर सत्ता में आती हैं तो उनकी भी मजबूरी होगी भारत से रिश्ते सुधारना. अगर सैन्य शासन कंटीन्यू होता है तो उसे भी भारतीय समर्थन की जरूरत होगी. इसलिए हिंदुओं को बचाने के लिए सबसे पहला प्रयास तो वर्तमान में बंग्लादेश में जो भी सत्ता में आए उससे बात करने की होनी चाहिए. अगर फिर भी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा नहीं रुकती है तो दूसरे कदमों पर विचार करना चाहिए. भारत की बिजली और अन्य मदद पर निर्भर है बांग्लादेश भारत का बांग्लादेश में अरबों का निवेश है.दक्षिण एशिया में बांग्लादेश हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वर्ष 2022-23 के बीच दोनों देशों के बीच का कुल व्यापार 15.93 बिलियन अमेरिकी डालर रहा है. ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश कई प्रोजेक्ट्स पर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. बांग्लादेश वर्तमान में 1160 मेगावाट बिजली भारत से आयात कर रहा है. दोनों देशों के बीच भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन बेहद अहम है. भारत ने पिछले एक दशक में बांग्लादेश को सड़क, रेलवे, बंदरगाहों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए हैं.बांग्लादेश भारत पर बिजली के लिए निर्भर है. भारत के हाथ खींचने से बांग्लादेश के कई प्रोजेक्ट्स रुक सकते हैं. बांग्लादेश पहले से ही चीन का कर्जदार है .चीन का कर्जा इतना बढ़ चुका है कि चीन अब बिना कुछ लिए मदद नहीं करने वाला है. खालिदा जिया हों या सेना कोई भी नहीं चाहेगा कि कर्ज के लिए चीन की ऐसी शर्तों को मानें जो देश के स्वाभिमान के खिलाफ हैं. अलगाववादी आंदोलनों को दे सकते हैं हवा दक्षिण एशिया की राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि किस तरह बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के पूर्वी ईसाई बहुल हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई देश बनाने की तैयारी चल रही है. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी एक बार कहा था कि पश्चिमी देशों की योजना है कि ईस्ट तिमोर जैसा एक ईसाई देश बनाया जा सके, जो सीधे उनकी उंगली पर नाच सके. हसीना ने यह भी कहा था कि एक ह्वाइट मेन बांग्लादेश के एक द्वीप पर सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति मांग रहा था. समझा जाता है कि उनका इशारा अमेरिका की ओर था. बांग्लादेश में तख्तापलट से भी समझा जा रहा है कि अमेरिकी एजेंसियों का हाथ है. भारत को खुलकर इस अलगाववादी आंदोलन को हवा देनी चाहिए. रही बात भारत के हिस्से की तो भारत आर्थिक और सामरिक दोनों तरीकों से इतना ताकतवर हो चुका है कोई भी यहां का स्टेट या समुदाय फटेहाल लोगों के साथ नहीं जाना चाहेगा. भारत को बांग्लादेश में काफी समय से चल रहे बंगभूमि आंदोलन को हवा देना होगा. इस अलगाववादी आंदोलन की कल्पना बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में एक अलग बंगाली हिंदू देश बनाने की है. वंगा ऑर्मी एक अलगाववादी हिंदू संगठन है जिसका नेतृत्व कालिदास बैद्य करते हैं. 1971 में भारतीय सेना ने मुक्तिवाहिनी को ट्रेनिंग दी, जो बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करने में काम आया. यूक्रेन में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा हुई, उससे सीख ले सकते हैं काउंसिल आफ स्ट्रैटेजिक अफेयर्स से संबद्ध सामरिक विश्लेषक दिव्य कुमार सेतु अपने एक ऑर्टिकल में लिखते हैं कि बांग्लादेश में जिस तरह हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं उसकी भयावहता को देखते हुए भारत को हिंदू अल्पसंख्यकों की दूरगामी सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम करना होगा. इसके लिए भारत चाहे तो रुस से सीख ले सकता है. यूक्रेन के डोनस्क और लुहांस्क में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है उसी तरह भारत के निकट बांग्लादेश में हिंदुओं की घनी आबादी वाले क्षेत्र स्थापित किए जाएं. अगर हम यह नहीं कर सके तो बांग्लादेश … Read more

NEET PG पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, परीक्षा स्थगित करने की मांग के साथ दायर हुई थी याचिका

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 11 अगस्त को निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) 2024 में 'कुछ व्यवहारिक परेशानियों' के कारण स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता विशाल सोरेन और अन्य के अधिवक्ता अनस तनवीर की ओर से मामले का उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार की और नौ अगस्त के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया, "कृपया इसे शुक्रवार सूचीबद्ध करें।" सोरेन द्वारा दायर याचिका दलील दी गई है कि अभ्यर्थियों को एन वक्त पर ऐसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जहां पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्हें अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा शहरों का आवंटन 31 जुलाई को किया गया और परीक्षा केंद्रों की घोषणा 8 अगस्त को की जानी है।इस प्रकार अभ्यर्थियों को 11 अगस्त को परीक्षा के लिए संबंधित केंद्रों तक पहुंचने के लिए बहुत कम समय दिया गया। इसके अलावा परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी है। इतना ही नहीं सामान्यीकरण समेत अन्य फॉर्मूले के बारे में अभ्यर्थियों को कुछ भी मालूम नहीं है। इस वजह से याचिकाकर्ताओं को कई प्रकार की आशंका हो रही है।     recent visitors 88

नाग पंचमी के दिन बाबा का विशेष श्रृंगार, हवन और महाआरती, 5,000 से अधिक भक्त दर्शन पहुंचे

खरगोन.  मध्य प्रदेश का श्री नागेश्वर भिलट देव मंदिर अपनी अद्भुत आस्था और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. बाबा नागेश्वर के प्रति भक्तों की गहरी आस्था के चलते यहां हर साल भक्तों की भीड़ उमड़ती है. नाग पंचमी के अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में भव्य मेले का आयोजन होता है. मंदिर पुजारी के अनुसार, नाग पंचमी का यह पर्व आस्था और भक्ति का प्रतीक है. यह मंदिर खरगोन जिले के मंडलेश्वर के पास श्रीनगर में स्थित है. मंदिर के पुजारी राधेश्याम सोनी बताते हैं कि, श्री नागेश्वर भिलट देव मंदिर की स्थापना लगभग 60 साल पहले मंडलेश्वर के थानेदार सनपाल ने एक वृक्ष के नीचे की थी. समय के साथ यह स्थान आस्था का केंद्र बन गया. 2001 में भव्य मंदिर बना. यहां मांगी गई हर मुराद बाबा पूरी करते हैं. भक्त यहां नारियल चढ़ाने से लेकर तुलादान तक की मान्यताएं लेकर आते हैं और बाबा के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता. नाग पंचमी का विशेष आयोजन पुजारी बताते हैं कि, नाग पंचमी के दिन बाबा का विशेष श्रृंगार होता है, हवन और महाआरती की जाती है. इस दिन मंदिर में लगभग 5,000 से अधिक भक्त दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें इंदौर और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के श्रद्धालु भी शामिल होते हैं. इस साल यह आंकड़ा बढ़ सकता है. हर साल नाग पंचमी पर यहां एक दिवसीय मेला भी लगता है, इस बार यह मेला तीन दिन रहेगा, जो आज गुरुवार 8 अगस्त से रविवार 10 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है. मेले की विशेषताएं मेले में बड़े झूले जैसे ड्रेगन, नाव, और क्रास लगाए गए हैं, जिनका किराया 40 रुपए तक रहेगा. बच्चों के लिए भी छोटे झूले उपलब्ध हैं, ताकि सभी उम्र के लोग मेले का आनंद ले सकें. इसके अलावा, मेले में कई दुकानें भी लगाई जाती हैं, जहां लोग खरीदारी कर सकते हैं. एनसीसी कैडेट्स की भूमिका हर साल नाग पंचमी पर मंदिर की व्यवस्था महात्मा गांधी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंडलेश्वर के एनसीसी कैडेट्स संभालते हैं. पुजारी का कहना है कि NCC कैडेट्स अनुशासन और सेवा के साथ मंदिर की व्यवस्था संभालते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. 4 क्विंटल प्रसादी तैयार इस विशेष दिन पर मंदिर सेवा समिति ने लगभग 4 क्विंटल मोदक प्रसाद तैयार किया है, जिसे भक्तों में वितरित किया जाएगा. बाटी को बारीक करके उसमें देशी घी, गुड़-शकर, ड्रायफुड आदि मिलाकर यह प्रसादी तैयार होती है. recent visitors 116

नाग पंचमी पर भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत लाभकारी, अपनों को भेजें 10 खास संदेश और शुभकामनाएं

नई दिल्ली नाग पंचमी का पर्व 09 अगस्त 2024, शुक्रवार को है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की विधिवत पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। हर साल सावन शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। नाग पंचमी के पावन अवसर पर आप अपने मित्रों, रिश्तेदारों व करीबियों को भेजें शानदार मैसेज, कोट्स व स्टेटस- ————————- 1. शिव शंकर के गले में विराजे ऐसी है नाग देवता की माया खुशियों से भर जाता जीवन उनका जिसने नाग देवता का मन से चाहा नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं । —————————— 2. नाग महादेव का है आभूषण श्री विष्णु भगवान का है शेष नाग सिंहासन अपने फन पर जिसने पृथ्वी उठाई उन नाग देवता को है मेरा वंदन नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं । ————————– 3. सावन का महीना आया है हो रही खुशियों की बौछार आपके लिए शुभ हो नाग पंचमी का त्योहार। ———————– 4. भोले नाथ के प्यारे हैं नाग देवता, करते हैं सभी पूरी मनोकामना, होंगे सब काम पूरे आप सबके, अगर रहे आपकी शुद्ध भावना। नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं । ——————— 5. हे नाग देवता सभी को समृद्धि और खुशी प्रदान करो, और सबका भला करो, आपको और परिवार के सभी जनो को नाग पंचमी की ढेर सारी शुभकामनाएं। ———————- 6. शिव की शक्ति के साथ शिव की भक्ति के साथ आपको इस शुभ अवसर पर जिंदगी में तरक्की मिले नाग पंचमी की ढेर सारी शुभकामनाएं। ———————- 7. शिव की शक्ति मिले आपको शिव की भक्ति मिले आपको इस पावन अवसर पर जीवन भर की तरक्की मिले आपको हैप्पी नाग पंचमी। ———————– 8. पीड़ा सारी मिट जाती जो लेता शिव का नाम अजब कृपा है आपकी हे शंकर भोले नाथ नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं। 9. तीनों लोक के स्वामी शिव के आभूषण है ये श्री विष्णु के शेषनाग रूप में सिंहासन है ये नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं। 10. नाग पंचमी के अवसर पर तुम ले लो शिव का नाम ऐसी कृपा मिलेंगी उनकी बनेंगे बिगड़े काम नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं। recent visitors 105

जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित किया जाये- मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित किया जाये। जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये। उक्त निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को दिए। श्रीमती गौर गुरूवार को निवास कार्यालय पर एसडीएम गोविंदपुरा, तहसीलदार गोविंदपुरा, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, वीडीए, एमपीईबी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम रवि श्रीवास्तव से कहा कि वह अधिकारियों के दल के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों के पुराने मकानों का सर्वें कर जर्जर मकानों को चिन्हित करें। चिन्हाकन के बाद इन मकानों में रहने वाले रहवासियों को पुनर्विस्थापित कर जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्षा काल में जर्जर मकानों के क्षतिग्रत होने से होने वाले नुकसान की अशांका को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाये।   recent visitors 79