हस्तशिल्प एवं हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिये देश के सभी प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं स्थापित की जाएं‍- मंत्री दिलीप जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश की स्थानीय कलाकृतियों, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिये देश के सभी प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं स्थापित की जाएं‍। इसके लिये हर स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जाये‍‍। राज्य मंत्री जायसवाल गुरूवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभाग के सभी उत्पादों का उत्पादन एवं उनकी गुणवत्ता बढ़ाने और इन्हें आकर्षक तरीके से पैकेजिंग कर बेचने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल उन्नयन कार्य में भी और प्रगति लाई जाये और अधिकाधिक कारीगरों को प्रशिक्षित किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग अमित राठौर, सचिव, खादी व ग्रामोद्योग विकास बोर्ड माल सिंह, आयुक्त रेशम मदन विभीषण नागरगोजे, मप्र संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के प्रबंध संचालक तथा आयुक्त, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मोहित बुंदस, उप सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग ऋषि गर्ग, अवर सचिव जी.एस. आर्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। हम रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें बैठक में राज्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग जरूरतमंदों की आजीविका चलाने वाला विभाग है। इसलिये विभागीय उत्पादन गतिविधियों में और तेजी लाएं। हम रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने सिंहस्थ-2028 में विभागीय उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विक्रय के लिये अधिकारियों को अभी से कार्ययोजना बनाकर तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये। यह भी कहा कि महाकाल लोक परिसर में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का स्थायी स्टाल (आउटलेट) किया जाए। प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं खोलने के संबंध में बताया गया कि इसके लिये दूसरे प्रदेशों से समन्वय कर मृगनयनी की ब्रांच स्थापित करने के लिये ढोस चर्चा की जा रही है। बताया गया कि हर जिले में वन भारत साड़ी वॉकथान आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश की करीब एक लाख से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 17 सितम्बर 2023 को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रारंभ की गई। योजना में अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी। योजना में 18 प्रकार के परंपरागत व्यवसायों जैसे बढ़ई, नाव निर्माता, कवच निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (मूर्तिकार व पत्थर तराशने वाले), पत्थर तोड़ने वाले, मोची (चर्मकार)/जूते बनाने वाले, राज-मिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने निर्माता (पारम्परिक), नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगरों को शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि मूलत: सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग की इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग “ट्रेनिंग पार्टनर” के रूप में कार्य करेगा। पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र एवं आईडी कार्ड के जरिये कारीगरों और शिल्पकारों का पात्रता पंजीयन कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग करेगा। पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन या इससे अधिक दिनों का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन की दर से शिष्यवृत्ति (Styfund) भी दी जाएगी। बुनियादी कौशल प्रशिक्षण में ई-वाऊचर के रूप में 15 हजार रूपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। कारीगरों एवं शिल्पकारों को व्यवसाय/दुकान/आऊटलेट स्थापित करने के लिये बैंक लिंकेज व पात्रतानुसार लोन लिंकेज भी दिया जाएगा। योजना में 18 प्रकार के परम्परागत कामों में लगे कारीगरों एवं शिल्पकारों को विधिवत् प्रशिक्षण दे कर इनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिये मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग निभायेगा। बैठक में राज्यमंत्री जायसवाल ने योजना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के दायित्वों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की लक्ष्य पूर्ति (प्रशिक्षण आदि) पर तेजी से काम किया जाए। योजना को लक्षित वर्ग के हितग्राहियों तक पहुँचाने तथा कारीगरों एवं शिल्पकारों के उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिये हर स्तर पर इनकी मार्केटिंग भी की जाये। रेशम व खादी वस्त्रों का उत्पादन बढ़ाने के लिये भी हर जरूरी कदम उठाये जायें। बैठक में खादी ग्रामोद्योग विकास बोर्ड के सचिव द्वारा बताया गया कि रेशम संचालनालय द्वारा बुरहानपुर जिले के शासकीय रेशम केन्द्र जैनाबाद में उच्च कोटि के रेशम कीट (मलबरी) का उत्पादन किया जा रहा है। यहां खादी उत्पादन केन्द्र भी प्रारंभ करने के लिये बोर्ड द्वारा ठोस कार्यवाही की जा रही है। आयुक्त हाथकरघा ने बताया कि हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा ग्रामीण हाट उज्जैन में 30 महिलाओं को भगवान के वस्त्र निर्माण करने के लिये एक माह का प्रशिक्षण दिया गया है। उज्जैन में ही पत्थर शिल्प के शिल्पियों का प्रशिक्षण सत्र 5 अगस्त से प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेश के अन्य क्राफ्ट क्लस्टर में धातु, पत्थर एवं लकड़ी की मूर्ति निर्माताओं को प्रशिक्षण एवं विपणन सहायता दी जा रही है। विभाग द्वारा गुणवत्ता प्रमाणन, ब्राडिंग, विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और अन्य गतिविधियों के रूप में बुनकरों एवं कारीगरों को मार्केट सपोर्ट भी दिया जा रहा है।   recent visitors 141

आर्ता: पुत्रवत आचारेत अर्थात-रोगी से पुत्र के समान व्यवहार करने सहित अनेक सिद्धांतों के प्रतिपादक महर्षि चरक के सिद्धांत आज भी हैं प्रासंगिक : मंत्री इन्दर सिंह परमार

आर्ता: पुत्रवत आचारेत अर्थात-रोगी से पुत्र के समान व्यवहार करने सहित अनेक सिद्धांतों के प्रतिपादक महर्षि चरक के सिद्धांत आज भी हैं प्रासंगिक · मंत्री इन्दर सिंह परमार भोपाल चरक जयंती श्रावण शुक्ल नाग पंचमी 2081 संवत इस बार 9 अगस्त 2024 को है। ईसा से लगभग 200 वर्ष पूर्व चिकित्सा ग्रंथ लुप्त हो गए थे । यह पूरे भारतीय जनमानस और विश्व के लोगों के लिए अत्यंत ही संकट का दौर था। जब सारी मानवता त्राहि-त्राहि करने लगी जब सारी धरती के लोग कष्ट से मरने लगे। जब समाज अकाल मृत्यु को प्राप्त होने लगा जैसा कि भगवान ने श्रीमद्भगवद्गीता में प्रतिज्ञा की, जब-जब धर्म की हानि होगी तब तब मैं आऊंगा। जब जब अधर्म रूपी रोगों का साम्राज्य होगा। पाप का साम्राज्य होगा तब- तब मैं प्रकट होउंगा। तब भगवान शेषनाग स्वयं इस धरती पर विचरण करते हुए आये और उन्होंने देखा कि जनता कितने कष्ट में है कितनी दुखी है। उनका हृदय द्रवित हो गया, करुणा से भर उठे और उन्होंने कपिष्ठल नामक गाँव जो कश्मीर में पुंछ के पास स्थित गांव है, वहां पर वेद वेदांग नामक एक वैदिक ब्राह्मण के घर में श्रावण शुक्ल नाग पंचमी के दिन जन्म लिया। शेषनाग का पूज्य दिवस अवतरण दिवस श्वेत वाराह पुराण में स्वयं ब्रह्मदेव ने नाग पंचमी का दिन बताया है। इस कारण से महर्षि चरक के जन्मदिन को हम श्रावण शुक्ल पंचमी नाग पंचमी मनाते हैं। महर्षि चरक ने वेद उपनिषदों का अध्ययन करने के उपरांत आयुर्वेद का अध्ययन प्रारंभ किया। उन्होंने महर्षि पुनर्वसु आत्रेय के द्वारा उपदिष्ट और आचार्य अग्निवेश के द्वारा प्रणीत लिखित ग्रंथ अग्निवेश तंत्र को खोजा। उसके छिन्न-भिन्न अंशों को सहेजा सम्हाल।जो बड़ी मुश्किल से उनको प्राप्त हुए और उस ग्रंथ को अग्निवेश तंत्र को जो कि पूर्ण नहीं था उस समय उसको धीरे-धीरे करके लेखन कार्य प्रारंभ किया। औषधियों का चयन करना, औषधियों के बारे में खोजना,उनका प्रयोग किया। इस प्रकार से चरक संहिता का वर्णन लिखना प्रारंभ किया। जिसमे मानव जीवन रोग चिकित्सा का वर्णन है। सबसे महत्व की बात चिकित्सा जगत में उन्होंने चिकित्सा सिद्धांत दिए। वह अपने आप में अप्रतिम कार्य था ।पूरी मानव सभ्यता, मानव समाज, पृथ्वी उनके उपकार कभी नहीं भूल सकती। ऐसे मनीषी का जन्म भगवान के तुल्य ऐसे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक का जन्मदिन मनाना हम चिकित्सकों का ही नहीं इस मानव जाति का परम कर्तव्य है। आभार प्रदर्शन है। यह धन्यवाद है ऐसे व्यक्ति के लिए जिन्होंने मानव समाज को इस पूरी धरती को रोगों के भय से दूर किया। चिकित्सा सिद्धांतों की स्थापना की। विश्व के प्रथम चिकित्सक शेषावतार महर्षि चरक का परिचय अथर्ववेद के उपवेद और पंचमवेद आयुर्वेद के आदि चिकित्सक महर्षि चरक को भगवान शेषनाग का अवतार माना जाता है। उनका जन्म ईसा से 200 वर्ष पूर्व कश्मीर में पुंछ के पास कपिष्ठल नामक गांव में हुआ था। श्वेत वाराह पुराण के अनुसार उनका जन्मदिन श्रावण शुक्लपक्ष नागपंचमी (इस बार 9 अगस्त 2024) को मनाया जाता है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में भगवान शेषनाग के कपाट भी आज ही के दिन खोले जाते हैं। उन्होंने महाभारत काल के पश्चात खण्डित हो चुके कायचिकित्सा(मेडिसिन) के महान ग्रंथ अग्निवेश-तंत्र का प्रतिसंस्कार (पुनर्लेखन) कर चरक-संहिता रूपी कालजयी रचना प्रदान की। बौद्ध धर्म के नास्तिक दर्शन काल में अहिंसा के सिद्धांत के कारण राजव्यवस्था द्वारा वैदिक और शल्य क्रियाओं का निषेध कर दिया गया था। दूसरी तरफ बौद्ध धर्म के "स्वभावो परमवाद" के सिद्धांत की आड़ में (यानी शरीर तो स्वभाव से ही बनता बिगड़ता है इसलिए चिकित्सा की क्या आवश्यकता है ऐसा कहकर) वैद्यों के चिकित्सा कार्यों का विरोध किया जाता था। कहा जाता है कि बौद्ध सम्राट बिम्विसार को भी बवासीर की तकलीफ़ हुई थी, लेकिन अहिंसा के सिद्धांत के चलते उन्होंने शल्य चिकित्सा को अंगीकार नहीं किया। जिस पर आचार्य जीवक ने एक लेप बनाकर अर्श को ठीक किया था। सम्राट अशोक के बाद चिकित्सा कार्यों पर शासन द्वारा ऐसा प्रतिबंध करीब 50 वर्ष तक रहा, जिसे भारत के मेडिकल-इमरजेंसी का काल कहा जा सकता है। मान्यता है कि ऐसे कालखंड में अनन्त भगवान-शेष छद्म रूप में धरती पर विचरण करने आए। रोगों से पीड़ित मानवता को देखकर करुणावश उनका हृदय द्रवीभूत हो गया और उन्होंने वेद-वेदांग नामक ब्राह्मण के घर जन्म लिया। ऐसे समय में रोगों से पीड़ित मानवता की सेवा के लिए उन्होंने भारत भर में घूमते हुए चिकित्सा का कार्य और उसका प्रचार किया। इसी कारण "चरकात् चरक:" नित्यप्रति घूमने के कारण उनका नाम चरक पड़ा। उन्होंने "आर्ता: पुत्रवत आचारेत्" यानी रोगी से पुत्र के समान व्यवहार करने सहित अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन कर चिकित्सक समाज के लिए एक मिशाल कायम की। आचार्य चरक ने आज से 2150 वर्ष पूर्व चरक संहिता का लेखन किया था। चरक संहिता मूल रूप से अग्निवेश तंत्र का ही परिष्कृत ग्रंथ है।पुनर्वसु आत्रेय द्वारा उपदिष्ट सूत्रों को, महर्षि अग्निवेश ने अग्निवेश तंत्र में निबंध किया था। काल क्रम से वह ग्रंथ लुप्त हुआ तथा आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति भी समाज में उपेक्षा हुई। जिसके कारण मानवता और सारा विश्व रोगों से ग्रस्त हुआ। आचार्य चरक ने ऐसे समय में जन्म लेकर और पूरे जीवन भर परिभ्रमण करते हुए चंक्रमण करते हुए, औषधीयों के माध्यम से रोगों की चिकित्सा की और इन चिकित्सा के प्रयोगों को उन्होंने चरक संहिता के ग्रंथ में स्थान दिया। चरक सूत्र स्थान के प्रारंभ में छः पदार्थों के महत्व को प्रतिपादित किया। सामान्य, विशेष, समवाय, द्रव्य, गुण एवं कर्म के महत्व को प्रतिपादित किया। दिनचर्या का व्याख्यान विस्तार से किया। ऋतु अनुसार हमें क्या भोजन करना चाहिए, कैसे भोजन करना चाहिए, किन दोषों का प्रकोप है कैसे समान है कौन सी व्याधि किस ऋतू में हो सकती हैं इन सब बातों को उन्होंने बताया। वेगों के धारण करने से क्या नुकसान होता है, क्या व्याधियों होती है, सिद्धांत प्रतिपादित महर्षि चरक ने किया। ऐसे विषय जो वैद्य के लिए अनिवार्य हैं ऐसे गुण ऐसे कर्म जो वैद्य को करनी चाहिए,गुण जो धारण करने चाहिए,उन सभी गुणों को आचार्य चरक ने बताया। पंचकर्म चिकित्सा पद्धति जो रोगों को मूल से समाप्त करने वाली है, उस का सिद्धांत प्रतिपादन स्थापित किया जो लुप्त हो चुका था। सर्वश्रेष्ठ औषधियों की गणना,स्रोतसो के बारे में विस्तार से वर्णन शरीर रचना के सिद्धांतों का … Read more

किसानों के लिए आफत बनी लगातार, सरकार से ये मांग खेतों से पानी निकासी का इंतजाम हो

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)  में लगातार मूसलाधार बारिश से विदिशा जिले के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है. कई किसानों के खेत तालाब बन गए हैं. जिससे उनकी फसलों को अब नुकसान का खतरा सता रहा है. वहीं धान की खेती करने वाले किसान लगाकर बारिश से बेफिक्र नजर आ रहे हैं. बारिश से गर्मी से तो राहत मिलती दिख रही है लेकिन किसानों की परेशानी बढ़ती हुई नजर आ रही है. सोयाबीन की फसल में हो सकता है बड़ा नुकसान सिंध नदी में पानी आ जाने के तहसील गंजबासोदा के ग्राम सिर्नोटा के साथ कई खेतो में पानी भर गया है. जिसमें किसानों की सोयाबीन की फसल खड़ी है. अब किसान कहते हैं अगर जल्दी खेतो में से पानी नहीं निकला तो पूरी फसल खराब हो जाएगी. दूसरे किसान बताते हैं सबसे अधिक नुकसान नदी के आसपास खेती करने वाले किसानों को है. नदी से सटे अधिकतर खेत तालाब बन गए हैं. और आगे पानी बढ़ ही रहा है, पानी कम होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. लगातार बारिश से धान की फसल को होगा फायदा धान की खेती करने वाले किसान बताते हैं, यह बारिश धान की फसल के लिए बहुत अच्छी है. धान की फसल में ज्यादा पानी की जरूरत होती है. यह बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित हो सकती है. जिले में धान के साथ बड़े रकबे में होती है सोयाबीन की खेती जिले भर के एक बड़े रकबे में धान की फसल के साथ सोयाबीन की खेती भी की जाती है. किसानों की माने तो हर साल किसानों को सोयाबीन की फसल के बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. पिछले साल बारिश की कमी से फसल खराब हो गई थी. इस साल लगता है अत्यधिक बारिश से फसल खराब हो जाएगी. दोबारा रोपना होंगे पौधे ऐसे में प्रभावित किसानों को अब अपने खेतों में दोबारा धान के पौधों को रोपना पड़ेगा। अगर जल्दी खेतों से पानी निकासी का इंतजाम नहीं हुआ तो पौधे पूरी तरह से गल जाएंगे। जिले में भारी बारिश से जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन की मांग भी रखी है। धान का रकबा बढ़ा इस बार जिलेभर में कुल 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोनी का लक्ष्य रखा है। इस साल धान का रकवा तो 45 हजार हेक्टेयर तय किया है, पर यह बढ़कर 55 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। क्योंकि जिले में धान का रकवा लगातार बढ़ रहा है। पहले बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपाई लेट हो गई और जब बारिश हुई और किसानों ने धान की रोपाई की तो अब लगातार हो रही बारिश उनके लिए आफत बन गई है। पानी की निकासी नहीं जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण बड़ौदा क्षेत्र के बरखेड़ा, राधापुर, बड़ोदिया जिंसी, ठीकरिया, सोंईकलां क्षेत्र के बगडुआ में पानी की निकासी नहीं होने के चलते सैकड़ों बीघा धान की फसल में पानी भरा हुआ है। खेत तालाब की तरह लबालब हो रहे हैं। इसके अलावा कराहल क्षेत्र में तिल्ली, बाजरा के खेतों पानी भरने से फसलों में नुकसान हुआ है। recent visitors 106

शुक्रवार 09 अगस्त 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेने में सफल रहेंगे। पुरानी बीमारी से मुक्ति मिलेगी। आज आप धन कमाने में सफल रहेंगे। घरेलू मोर्चे पर आप अच्छा करेंगे। लंबी ड्राइव से आपको मानसिक थकान दूर करने में मदद मिलने की संभावना है। संपत्ति से जुड़ा कोई अच्छा सौदा आपको मिल सकता है। शैक्षणिक मोर्चे पर आरामदायक समय की उम्मीद की जा सकती है। वृषभ राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा। काम के मोर्चे पर खुशी बनी रहेगी क्योंकि आप सहकर्मियों के साथ अच्छे से घुलमिल जाते हैं। परिवार का सहयोग तब मिलेगा जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी। यात्रा के योग हैं। आज आपको संपत्ति लाभ भी हो सकता है। मिथुन राशि- वित्तीय मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। कामकाज अच्छा रहेगा। महिलाएं घर के कामों में बिजी रह सकती है। कुछ लोगों के घर में मेहमान आ सकते हैं। आज आपको घर या संपत्ति से उम्मीद से कम रिटर्न मिलने की संभावना है। घरेलू सुख बाधित रहेगा। कर्क राशि- बीमार लोग तेजी से ठीक हो जाएंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। प्रोफेशनल मोर्चे पर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिससे मनोबल हाई रहेगा। परिवार के साथ छुट्टियों पर जाना बेहद रोमांचक साबित होगा। आज हो सकता है कि कोई संपत्ति या विरासत आपके काम न आए। आपमें से कुछ लोगों के शैक्षणिक मोर्चे पर अच्छा सुधार होगा। सिंह राशि– आज आपको आय व व्यय के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। खर्चों की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। जो लोग पदोन्नति या आय में वृद्धि का इंतजार कर रहे थे, उन्हें सफलता मिल सकती है। आज आप कहीं ऐसी जगह पर घूमने जा सकते हैं, जहां पर जाने का आपने सपना देखा था। कन्या राशि- सेहत के मामलों में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आर्थिक रूप से चीजें जल्द ही बेहतर दिखने लगेंगी। पेशेवर मोर्चे पर उतार-चढ़ाव भरी स्थिति में आपको लचीला रहना पड़ सकता है। कोई दोस्त या रिश्तेदार आपको छोटी छुट्टियों के लिए बाहर जाने के लिए कह सकता है। आपको अच्छी कीमत पर नई संपत्ति खरीदने का अवसर मिलेगा। तुला राशि- आज सट्टेबाजी में धन लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि आर्थिक नुकसान हो सकता है। आज आप आर्थिक मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे, जिससे धन बचाने में सफल होंगे। किसी के साथ यात्रा पर जाने का मौका आपके हाथ आ सकता है। संपत्ति खरीदने या बेचने की सोच रहे लोगों के लिए आज का दिन अच्छा है। व्यापारियों को लाभ होगा। वृश्चिक राशि-आज आपको निवेश करने से पहले दो बार सोचना चाहिए। फिलहाल के लिए महत्वपूर्ण निर्णय रोक कर रखें। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों के साथ अनबन होने के संकेत हैं। परिवार का साथ मिलेगा। आज आपको यात्रा नया अनुभव करा सकती है। धनु राशि- आप पहले से ज्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे। पहले किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी कोई गलती भारी पड़ सकती है। परिवार को समय देने से अपार खुशी मिलेगी। आप किसी करीबी के साथ छुट्टियों की योजना बना सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कठिन दौर से गुजर रहे लोग अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। मकर राशि- आज पैसा आपके पास आएगा और आपकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा। पर्सनल प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए आज का दिन अच्छा है। पारिवारिक विवाद को सुलझाने का आपका प्रयास सफल होने की संभावना है। दोस्तों के साथ छुट्टियों पर जाने का यह एक बेहतरीन समय है। संपत्ति से जुड़े किसी मामले का फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। कुंभ राशि- आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के लिए आप कुछ पॉजिटिव कदम उठा सकते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जिसके साथ आपकी अच्छी पटती है, काम में आपके साथ मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। पेशेवर मोर्चे की बात करें तो आज का दिन अच्छा रहने वाला है। मीन राशि- किसी अप्रत्याशित स्रोत से धन का आगमन हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को तरक्की मिल सकती है। किसी संपत्ति के रूप में कोई नई चीज मिलने की संभावना है। शैक्षणिक मोर्चे पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ने वाली है। करियर में आप नई पहचान बनाने में सफल रहेंगे। recent visitors 104

अभी भी कल सुबह फैसला हो सकता है और IOC को विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल देना पड़ सकता है

नई दिल्ली भारत की रेस्लर विनेश फोगाट से जुड़ी एक बड़ी गुड न्यूज सामने आई है। पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट को अभी भी सिल्वर मेडल मिल सकता है। कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट ने विनेश फोगाट के केस को एक्सेप्ट कर लिया है। ओवरवेट होने की वजह से विनेश फोगाट को डिस्क्वॉलिफाई कर दिया गया था। ऐसे में विनेश फोगाट ने दो मुद्दों की तरफ कोर्ट का ध्यान खींचा था। इसमें से एक मुद्दे पर कोर्ट का जवाब आ गया है, जबकि एक मुद्दा अभी भी सक्रिय है, जिस पर कल सुबह फैसला हो सकता है और इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी यानी IOC को विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल देना पड़ सकता है। दरअसल, विनेश फोगाट को सात अगस्त को वुमेंस फ्रीस्टाइल कुश्ती के 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में उतरना था। उनका सिल्वर मेडल पक्का था, क्योंकि वे एक ही दिन में प्री-क्वॉर्टर फाइनल, क्वॉर्टर फाइनल और सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंची थीं। हालांकि, फाइनल मैच की सुबह उनका वजन मापा गया तो उनका वजन 100 ग्राम से ज्यादा निकला और इस तरह उनको अयोग्य घोषित कर दिया दिया। वहीं, फाइनल में उस खिलाड़ी को एंट्री दे दी गई, जिसे विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था। ओलंपिक मेडल से चूकने के बाद विनेश और उनके सपोर्ट स्टाफ ने अपनी आवाज उठाई। विनेश फोगाट एंड टीम ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अपना केस दायर किया, जो खेल से जुड़े मुद्दों की सुनवाई करता है। 7 अगस्त की रात करीब 8 बजे विनेश फोगाट ने दो मुद्दों को लेकर कोर्ट को मेल किया। स्पोर्ट्स तक की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश ने पहला मुद्दा ये उठाया कि अभी उनका वजन नापा जाए, क्योंकि फाइनल को शुरू होने में अभी भी (मेल लिखते समय) करीब चार घंटे का समय है। दूसरा मुद्दा ये था कि मैंने सेमीफाइनल तक जीता है और उस समय वजन भी ज्यादा नहीं था तो कम से कम सिल्वर मेडल मिलना चाहिए। इन दो मुद्दों में से एक जवाब कोर्ट ने दे दिया है और कहा था कि अब मैच तय हो चुके हैं तो इसमें कुछ नहीं हो सकता, लेकिन दूसरे मुद्दे पर जवाब 24 घंटे में मिलेगा यानी कल सुबह पेरिस के टाइम के अनुसार 8 बजे और भारत के टाइम के अनुसार करीब 11 बजे इस पर फैसला आ सकता है। अगर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट को लगता है कि विनेश फोगाट की बात सही है तो वह इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी को ये बोल सकते हैं कि विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल दिया जाए। भले ही ये संयुक्त मेडल हो, लेकिन वह सिल्वर मेडल की हकदार हैं। अगर ये फैसला विनेश के पक्ष में आता है तो उनको सिल्वर मेडल मिल सकता है। विनेश फोगाट ने अपने प्री-क्वॉर्टर फाइनल में जापान की यूई सुसाकी को हराया था, जोकि पिछले काफी समय से एक भी मुकाबला नहीं हारी थीं। recent visitors 123

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा कदम उठाया है, विदेश मंत्री मालदीव के दौरे पर जाने वाले हैं, क्यों जा रहे विदेश मंत्री

नई दिल्ली भारत और मालदीव के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले साल मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के खिलाफ कैंपेन चलाकर मालदीव में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा था और बाद में उनकी जीत भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने वादे को पूरा करने के लिए मालदीव से भारत के जवानों को अपने देश से वापस भेज दिया था, जिसके बाद नई दिल्ली और माले के बीच तनाव चरम पर पहुंच गए थे। हालांकि, जून महीने में एनडीए सरकार के शपथग्रहण समारोह के दौरान मोहम्मद मुइज्जू भारत आए थे, लेकिन तनाव पूरी तरह से अब भी खत्म नहीं हुआ है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्री मालदीव के दौरे पर जाने वाले हैं। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 9-11 अगस्त को मालदीव के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। जयशंकर का यह दौरा मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के प्रधानमंत्री मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के दो महीने बाद हो रहा है। इससे पहले, एस जयशंकर ने इस साल की शुरुआत में जनवारी में मालदीव की यात्रा की थी। उल्लेखनीय है कि मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही मोहम्मद मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते हैं। जनवरी में ही उन्होंने भारत की बजाए चीन की यात्रा की थी। इस दौरान टूरिज्म समेत कई मुद्दों पर चीन और मालदीव के बीच समझौते हुए थे।   भारत ने मालदीव को दिया था बड़ा झटका भारत और मालदीव के बीच तनाव जब चरम पर था, तब टूरिज्म क्षेत्र में मालदीव को बड़ा झटका लगा था। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल की शुरुआत में लक्षद्वीप का दौरा किया था और वहां की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। इसके बाद, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स भारतीय पर्यटकों से मालदीव की जगह लक्षद्वीप का दौरा करने की अपील करने लगे थे। इससे मालदीव जाने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई थी। हर महीने मालदीव पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या कम होने लगी थी, जिससे माले को तगड़ी आर्थिक चोट लगी। recent visitors 98

लोकसभा में अटका वक्फ बोर्ड बिल, अब ये बिल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा

नई दिल्ली लोकसभा में पेश वक्फ बोर्ड बिल अटक गया है। अब ये बिल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा। बिल के प्रावधानों पर विपक्षी दलों की आपत्ति के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में प्रस्ताव रखा कि इस बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को भेज दिया जाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि हां, जल्द ही कमेटी बनाऊंगा। लोकसभा अध्यक्ष बिरला अब दोनों सदनों के सदस्यों की एक संयुक्त संसदीय कमेटी बनाएंगे जो इस विधेयक के पहलुओं और सांसदों की आपत्तियों पर विचार करेगी और संसद को अपनी सिफारिश सौंपेगी। इससे पहले सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पुर:स्थापित करने का प्रस्ताव किया, जिसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया और इसे सदन के सांविधिक अधिकार के परे और संविधान के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध करार दिया। विपक्षी दलों के सांसदों ने संशोधन विधेयक को वापस लेने अथवा संयुक्त संसदीय समिति के विचार के लिए भेजने की मांग की। दोपहर एक बजे अध्यक्ष ओम बिरला की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को पुर:स्थापित करने का प्रस्ताव रखा जिसका विरोध करते हुए विपक्ष ने नियम 72 के तहत इस प्रस्ताव पर चर्चा करवाने के मांग की। इसके बाद बिरला ने विपक्ष की भावना को देखते हुए नियम 72 के तहत उनके बात रखने की अनुमति दे दी। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, माकपा, भाकपा, वाईएसआर कांग्रेस आदि पार्टियों ने जहां विधेयक का विरोध किया, वहीं सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल यूनाइटेड, तेलुगु देशम और शिवसेना ने इस विधेयक का समर्थन किया। शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि जो देश की व्यवस्थाओं को जाति एवं धर्म के आधार पर चलाना चाहते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। इस विधेयक का मकसद पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाना है लेकिन संविधान पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनकी सरकार ने जब महाराष्ट्र में शिर्डी, महालक्ष्मी मंदिरों में प्रशासक बैठाये थे, उन्हें संविधान एवं संघीय ढांचे की याद क्यों नहीं आयी। कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान विरोधी है और एक समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि संविधान में हर समुदाय को अधिकार है कि वह अपनी धार्मिक, चैरिटेबल आधार पर चल अचल संपत्ति रखे। इस विधेयक में वक़्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की बात कही गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में गैर हिन्दू हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर आक्रमण है और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर हमला है। भारत की संस्कृति में सब एक दूसरे की आस्थाओं एवं धार्मिक विश्वासों का आदर करते हैं। लेकिन यह कदम उनमें विभाजन पैदा करेगा। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार फासीवाद की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं। उन पर विवाद खड़ा किया जाएगा। यह विधेयक गलत मंशा से लाया गया है। यह विधेयक पारित नहीं हो सकता है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक सोची समझी राजनीति से लाया गया है। जब वक्फ़ बोर्ड में सदस्यों को लोकतांत्रिक ढंग से चुने जाने की व्यवस्था है तो मनोनयन करने की जरूरत क्यों है। क्यों गैर बिरादरी का व्यक्ति बोर्ड में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा हताश और निराश है और चंद कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए ये विधेयक लेकर आई है। इसके बाद यादव ने कहा कि ये विधेयक इसलिये लाया गया है कि ये अभी अभी हारे हैं। उन्होंने अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यक्ष का पद लोकतंत्र का न्यायालय होता है लेकिन अध्यक्ष के अधिकारों को भी काटा जा रहा है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क गये। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के अधिकार पूरे सदन के अधिकार हैं और अखिलेश यादव उन अधिकारों के संरक्षक नहीं हैं। इस पर लोकसभा स्पीकर बिरला ने सदस्यों को हिदायत दी कि वे आसन या संसद की आंतरिक व्यवस्था पर व्यक्तिगत टिप्पणियां नां करें। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और कल्याण बनर्जी ने कहा कि सदन काे इस बारे में कानून बनाने का अधिकार नहीं है। संविधान में यह राज्यों का विषय कहा गया है। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि सरकार को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। बनर्जी ने कहा कि यह विधेयक संवैधानिक नैतिकता के भी खिलाफ है और मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले भारत की हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की कोशिश की गयी थी जो कामयाब नहीं हो पायी। recent visitors 123