जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित किया जाये, जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये: कृष्णा गौर

भोपाल जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित (आवास की वैकल्पिक व्यवस्था) किया जाये। जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये। उक्त निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को दिए। श्रीमती गौर गुरूवार को निवास कार्यालय पर एसडीएम गोविंदपुरा, तहसीलदार गोविंदपुरा, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, वीडीए, एमपीईबी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम श्री रवि श्रीवास्तव से कहा कि वह अधिकारियों के दल के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों के पुराने मकानों का सर्वें कर जर्जर मकानों को चिन्हित करें। चिन्हाकन के बाद इन मकानों में रहने वाले रहवासियों को पुनर्विस्थापित कर जर्जर मकानों को तकनीकी परीक्षण के आधार पर  गिराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्षा काल में जर्जर मकानों के क्षतिग्रत होने से होने वाले नुकसान की अशांका को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाये।   recent visitors 121

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जीर्ण-क्षीर्ण भवनों के संबंध में नगरीय निकायों में सख्त कार्रवाई करते हुए तत्काल हटाया जाये

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थित खतरनाक एवं जीर्ण-क्षीर्ण भवनों के संबंध में नगरीय निकायों में सख्त कार्रवाई करते हुए इनके खतरनाक हिस्सों को तत्काल हटाया जाये। यह निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भरत यादव ने समस्त आयुक्त नगर पालिक निगम और मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर परिषद को जारी किये हैं। आयुक्त श्री भरत यादव ने जारी निर्देश में कहा है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश वर्षा ऋतु शुरू होने के पहले जून माह में जारी किये थे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 309 एवं 310 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 221 में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थित जर्जर भवनों पर कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि किसी भी प्रकार की जन-धन हानि को रोकने के लिये यह आवश्यक है कि अधिनियम की धाराओं के अनुसार जर्जर मकानों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रखी जाये। आयुक्त श्री भरत यादव ने नगरीय निकायों को हिदायत दी है कि जीर्ण-क्षीर्ण भवनों के संबंध में केवल सूचना-पत्र जारी करके इतिश्री नहीं माना जाये बल्कि इससे संबंधित समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जर्जर निजी अथवा शासकीय भवनों को नोटिस दिये जाने की सूचना तथा उसकी सूची जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाये। प्रदेश में जर्जर एवं खतरनाक भवन में यदि कोई परिवार रह रहा है, तो जिला प्रशासन के सहयोग से उनके व्यवस्थापन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इसके बावजूद उक्त परिवार यदि जर्जर भवन खाली नहीं कर रहा है, तो उस भवन की बिजली एवं जल प्रदाय कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी तेजी से की जाये।   recent visitors 87

तमिलनाडु में त्योहार है जो वर्षा और नदियों की पूजा के लिए मनाया जाता, त्योहार के होर्डिंग पर लगाई मिया खलीफा की तस्वीर

कांचीपुरम तमिलनाडु के कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर पोर्न स्टार मिया खलीफा की तस्वीर दिखाई देने से इंटरनेट यूजर्स हैरान हैं। यह होर्डिंग आदि त्योहार के मौके पर लगाया गया है, जो तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो वर्षा और नदियों की पूजा के लिए मनाया जाता है। बता दें कि आदि त्योहार तमिलनाडु में एक भव्य तरीके से मनाया जाता है, खासकर मां अम्मन (पार्वती) के मंदिरों में। यह कई दिनों तक चलता है, इसमें लोग मां अम्मन की पूजा-अर्चना करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं, और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोगों को एकता और उत्साह के साथ जोड़ता है। इस त्योहार पर लोग नदियों के किनारे पूजा-पाठ करते हैं और अपनी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। कुरुविमलाई में नागाथम्मन और सेल्लियम्मन मंदिरों में आदि त्योहार को भव्य तरीके से मनाने के लिए बड़े-बड़े आयोजन करने की योजना बनाई गई थी। इसमें रंगीन लाइट्स, होर्डिंग्स लगाना और लोगों को आमंत्रित करना शामिल था। इस बीच एक होर्डिंग ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें मिया खलीफा की तस्वीर छपी हुई थी। यह होर्डिंग देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मिया खलीफा की तस्वीर का इस त्योहार से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर उनकी तस्वीर दिखाई देना लोगों को हैरान कर रहा है। मिया खलीफा की तस्वीर को इस तरह एडिट किया गया कि ऐसा लगे कि वह 'पाल कुदम' लिए हुए हैं। 'पाल कुदम' दक्षिण में दूध से भरे बर्तन को कहते हैं, जिसे त्योहार के दौरान देवताओं को अर्पित किया जाता है। यह पारंपरिक प्रसाद का हिस्सा है। होर्डिंग लगाने वाले लोगों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी तस्वीर भी होर्डिंग में दिखाई दे, जिसमें उनके नाम आधार कार्ड फॉर्मेट में हो। तस्वीर के वायरल होने के बाद मगराल पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने होर्डिंग को हटा दिया है। लेबनान की मूल निवासी मिया खलीफा अमेरिकी की जानी मानी पोर्न स्टार रही हैं। पूरी दुनिया में उनकी पोर्न फिल्म के लोग दीवाने भी हैं। मगर मिया खलीफा अब अमेरिकी नागरिक हैं और वो अमेरिका में ही रहती हैं। recent visitors 86

लोकसभा में अखिलेश यादव पर भड़के अमित शाह, अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है

नई दिल्ली संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में 'वक्फ (संशोधन) विधेयक-2024' पेश किया। इस दौरान सदन में विपक्षी पार्टियों ने एक सुर में इस बिल का विरोध करते हुए हंगामा किया। सदन की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस दौरान अमित शाह सपा मुखिया पर भी भड़कते हुए नजर आए। अखिलेश यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करते हुए बोला, ''यह विधेयक बहुत सोची-समझी राजनीति के तहत हो रहा है। अगर आप एक जिलाधिकारी को सब ताकत दे देंगे, आपको पता है कि एक जगह पर जिलाधिकारी ने क्या किया था, उसकी वजह से आज और आने वाली पीढ़ी तक को सामना करना पड़ा। सच्चाई ये है कि भाजपा अपने हताश, निराश और चंद कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ये बिल लाने का काम कर रही है। आज तो आपके हमारे अधिकार कट रहे हैं, याद कीजिए मैंने आपसे कहा था कि, आप लोकतंत्र के न्यायधीश हैं, मैंने सुना है इस लॉबी में कि कुछ अधिकार आपके भी छीनने जा रहे हैं। हम लोगों को आपके लिए (स्पीकर) लड़ना पड़ेगा। मैं इस बिल का विरोध करता हूं।" अखिलेश यादव के इस जवाब पर गृह मंत्री अमित शाह ने भड़कते हुए कहा, "अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है। आप (अखिलेश) इस तरह की गोलमोल बातें नहीं कर सकते हैं। आप अध्यक्ष के अधिकार के सरंक्षक नहीं हो।" वहीं, वक्फ संशोधन बिल को लेकर यूपी में भी सियासत तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''केंद्र व यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलंदाजी तथा मंदिर व मठ जैसे धार्मिक मामलों में अति-दिलचस्पी लेना संविधान व उसकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धान्त के विपरीत अर्थात ऐसी संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति क्या जरूरी? सरकार राष्ट्रधर्म निभाए। मंदिर-मस्जिद, जाति, धर्म व साम्प्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा आदि ने बहुत राजनीति कर ली और उसका चुनावी लाभ भी काफी उठा लिया, किन्तु अब देश में खत्म हो रहा आरक्षण व गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन आदि पर ध्यान केंद्रित करके सच्ची देशभक्ति साबित करने का समय।'' उन्होंने आगे लिखा, ''आज संसद में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जिस प्रकार से इसको लेकर संदेह, आशंकाएं व आपत्तियां सामने आई हैं, उसके मद्देनजर इस बिल को बेहतर विचार के लिए सदन की स्थायी (स्टैंडिंग) समिति को भेजना उचित। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार अगर जल्दबाजी न करे तो बेहतर।'' recent visitors 89

मुख्यमंत्री जनदर्शन में लोगों को बताई सरकारी योजनाएं, छत्तीसगढ़-रायपुर में लोगों को दी ’जनमन’ पुस्तिका

रायपुर. मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज जनसंपर्क विभाग के द्वारा प्रकाशित की जाने वाली ’जनमन’ पुस्तिका का वितरण लोगों को किया गया। यह पुस्तिका राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जनमन पुस्तिका के वितरण का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को सरकार की योजनाओं की जानकारी से अवगत कराना है जिससे अधिक से अधिक लोग इसे पढ़कर योजनाओं का लाभ उठा सकें। जनदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, जहां उन्हें इस पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह पुस्तिका आम नागरिकों को सरकार के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य सरकार हमेशा से ही जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है और इस प्रकार की पुस्तिका से लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। जनमन पुस्तिका में राज्य सरकार की 6 माह की उपलब्धियां के बारे में जानकारी दी गई है। जिसके तहत किसानों को बोनस के जरिए आर्थिक लाभ, श्री राम लला दर्शन योजना, 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपये, उद्यम क्रांति योजना के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ना, अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पर जोर, गरीबों के लिए मुफ्त राशन, रायपुर में आईटी हब बनाने का काम शुरू करने इत्यादि की जानकारी मिल रही है। साथ ही राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास, राजिम कुंभ कल्प की पुनः शुरुआत, शहीद वीर नारायण स्वास्थ्य योजना, आईआईटी की तर्ज पर छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान, आर्थिक विकास की गति को तेज करने आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का भी समावेश इस पुस्तिका में है। recent visitors 92

सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं शेख हसीना ने की भारत में खरीदारी, 30 हजार रुपए का आया शॉपिंग बिल

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हाल ही में इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण में हैं। सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना वर्तमान में गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। बांग्लादेश की सेना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए केवल 45 मिनट का समय दिया था, जिसके बाद उन्होंने जल्दबाजी में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना इस्तीफा सौंपा और सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं। उन्होंने अपने साथ सिर्फ 4 सूटकेस और 2 बैग ही लाए थे। वहीं अब शेख हसीना ने भारत में शरण लिए हुए 48 घंटे से अधिक का समय बिता लिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में आराम किया है और भारतीय वायु सेना द्वारा मेहमाननवाजी का पूरा लाभ उठाया है। सेफ हाउस से बाहर निकलीं शेख हसीना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना बुधवार को पहली बार सेफ हाउस से बाहर आईं। उन्होंने गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जाकर आवश्यक सामान और कपड़े खरीदे। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कुल मिलाकर करीब 30 हजार रुपये की खरीदारी की। हालांकि, इस खरीदारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सेफ हाउस से स्थानांतरित होने की संभावना वर्तमान में, शेख हसीना और उनकी बहन हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह जल्द ही इस स्थान से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो सकती हैं। हिंडन एयरबेस पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और उनके भविष्य की योजना पर विचार किया जा रहा है। शॉपिंग के दौरान बांग्लादेशी मुद्रा का इस्तेमाल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना ने हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में खरीदारी की, तो उन्होंने भारतीय रुपए में भुगतान किया। हालांकि, जब नोट कम पड़ गए, तो उन्होंने बाकी का भुगतान बांग्लादेशी करेंसी में किया। यह दर्शाता है कि वह अपनी मूल मुद्रा का भी उपयोग कर रही थीं। स्वास्थ्य की देखभाल और सुरक्षा शेख हसीना की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एयरबेस पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। भारतीय वायु सेना की डॉक्टरों की टीम ने उनका रूटीन हेल्थ चेकअप किया, और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से सही बताया गया है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। सुरक्षा और सुरक्षा इंतजाम शेख हसीना की सुरक्षा में विशेष गरुण कमांडो तैनात किए गए हैं, और उनके चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना सोमवार शाम साढ़े पांच बजे हिंडन एयरबेस पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी उनके साथ मुलाकात के लिए एयरबेस पहुंचे थे। भविष्य की योजनाओं पर असमंजस शेख हसीना के भारत में रहने की अवधि और उनके आगे के कदमों के बारे में कोई ठोस जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनकी भारत में स्थिति और भविष्य की योजना पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। recent visitors 131

भीड़ देख अधिकारी भी सहमे, राजस्थान-अजमेर में स्पीकर को महिलाओं ने सुनाई खरी-खोटी

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष व अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी शहर में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लेने आलाधिकारियों के साथ निकले थे। जहां उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी दौरान बोराज गांव के ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली और पुलिया निर्माण सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर घेराव कर दिया और देवनानी को अपनी समस्या बताते हुए उनको खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। एकदम से बड़ी संख्या में ग्रामीण देवनानी की ओर बढ़े तो प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए। स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने बताया कि शहर में पिछले कई साल से पुलिया टूटी हुई है, जिसको लेकर स्थानीय सरपंच लाल सिंह रावत और विधायक वासुदेव देवनानी को कहा गया। मगर आज तक टूटी हुई पुलिया का निर्माण नहीं हुआ, जिससे कि आने जाने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले सरपंच लाल सिंह रावत और वासुदेव देवनानी ने बोराज और हाथी खेड़ा गांव में  टूटी पुलिया और सड़क निर्माण के लिए कई वादे किए थे। मगर चुनाव जीतने के बाद भी आज तक वह वादे पूरे नहीं हुए, जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया। दरअसल, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने विधानसभा क्षेत्र में बारिश के दौरान टूटी हुई सड़कें और पानी के भराव क्षेत्र का निरीक्षण करने प्रशासनिक अमले के साथ निकले थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनके अमले को रोक लिया और विभिन्न मांगों को लेकर अपनी मांग रखते हुए विरोध करने लगे। इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन शक्ति में आ गए और ग्रामीणों को समझाइश करने लगे। मगर स्थानीय लोग अपनी मांग को लेकर काफी उग्र नजर आए। वहीं, हंगामा बढ़ता देख वासुदेव देवनानी ग्रामीणों से बात करने के दौरान अचानक अपने कार्यकर्ता के साथ अपनी कार की तरफ लौटे और उसमें बैठकर घर के लिए रवाना हो गए। इससे पूर्व देवनानी ने आक्रोशित ग्रामीणों को उनकी समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। देवनानी के निरीक्षण के साथ जिला कलेक्टर डॉ. भारती दीक्षित, अजमेर नगर निगम की महापौर बृजलता हाड़ा, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 100