स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर विस्तारित हिस्सा हुआ चालू, अब लंबे-चौड़े विमान भी आसानी से उतर पाएंगे

रायपुर रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से अब लंबे-चौड़े विमान भी आसानी से उतर पाएंगे, और उड़ान भर पाएंगे. इन विमानों के परिचालन के लिहाज से रनवे का 966 मीटर लंबाई वाला विस्तारित हिस्सा चालू हो गया है. यही नहीं रनवे की पूरी लंबाई के लिए CAT II लाइटें भी आज से चालू कर दी गई हैं. स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2284 मीटर थी, जिसे बढ़ाकर 3250 मीटर किया गया है, जिससे आज से परिचालन शुरू हो गया है. विस्तारित रनवे और सीएटी II लाइटों के लिए पहले ही सभी नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन किया जा चुका है, जिसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से विभिन्न अनुमोदन शामिल हैं. इस कमीशनिंग में रायपुर एयरपोर्ट की टीम ने असाधारण प्रयास किए हैं. विशेष रूप से 7 अगस्त को मौजूदा रनवे में परिचालन बंद होने के बाद इंजीनियरों और अन्य अधिकारियों की टीम ने पूरी रात काम किया है. बारिश में भी काम जारी रहा और 8 अगस्त की सुबह पूरा हुआ. बारिश के कारण एयरपोर्ट पर परिचालन में एक घंटे की देरी हुई. सुचारु परिवर्तन और बेहतर समन्वय के लिए इंडिगो एयरलाइंस के निदेशक (संचालन) एसपीएस नारली को विशेष रूप से नई दिल्ली से नियुक्त किया गया था. एयरपोर्ट निदेशक अपनी टीम के साथ, नियंत्रण टॉवर में उपलब्ध, पूरे संक्रमण की निगरानी की. पूरा प्रोजेक्ट एयरपोर्ट निदेशक डॉ. एसडी शर्मा के नेतृत्व में पूरा हुआ. इंडिगो एयरलाइन के विमान ने की पहली लैंडिंग दिल्ली से इंडिगो एयरलाइन की पहली फ्लाइट 6E 2062 सुबह 09.01 बजे सफलतापूर्वक लैंड हुई. पहली उड़ान का स्वागत दो क्रैश फायर टेंडरों द्वारा वाटर कैनन सैल्यूट के साथ किया गया. दिल्ली, गोवा, कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और उत्केला से आने वाली इंडिगो, विस्तारा और इंडिया वन एयर की कुल 8 उड़ानें आरडब्ल्यूवाई की पूरी लंबाई में 1200 बजे तक सफलतापूर्वक उतारी गई हैं. recent visitors 76

RBI ने FY25 के लिए इकनॉमिक ग्रोथ और इन्फ्लेशन के अनुमान को कायम रखा

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों का गुरुवार को ऐलान किया। आरबीआई ने इसके साथ ही देश की इकोनॉमी पर भी कई अहम जानकारी दी। आरबीआई ने सामान्य मानसून के पूर्वानुमान के बीच चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर के अनुमान को भी 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। शक्तिकांत दास ने कहा कि दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मानसून में तेजी से महंगाई में कुछ राहत की उम्मीद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गवर्नर ने महंगाई पर कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) अपने स्टैंडर्ड से ज्यादा बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत महंगाई दर का अनुमान गवर्नर ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत महंगाई को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से ज्यादा रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘ बैंकों और कॉरपोरेट का स्वस्थ बही-खाता, सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय पर जोर तथा निजी निवेश में तेजी के स्पष्ट संकेत निश्चित निवेश को बढ़ावा देंगे। वैश्विक व्यापार की संभावनाओं में सुधार से बाहरी मांग में मदद मिलने की उम्मीद है।’’ दास ने कहा कि हालांकि, दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता तथा भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य मुद्रास्फीति में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) मानक से अधिक बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से वृद्धि दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। गवर्नर दास ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए…वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। दास ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से अधिक रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि ईंधन की महंगाई लगातार दसवें महीने कम हुई और मई तथा जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से माह के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल शुल्क में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। दास ने कहा, ‘‘ हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है कि मुद्रास्फीति तय लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ती रहे, साथ ही वृद्धि को भी समर्थन मिले। यह दृष्टिकोण सतत उच्च वृद्धि के लिए सकारात्मक होगा।’’ ऐतिहासिक निचले स्तर पर आई कुल मुद्रास्फीति उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन की महंगाई लगातार 10वें महीने कम हुई और मई-जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से महीने के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल टैरिफ में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। recent visitors 97

अब आंशिक खसरा क्रय-विक्रय का ऑनलाइन नामांतरण 3 सप्ताह में साइबर तहसील 2.0 शुरू

भोपाल   जमीन के क्रय-विक्रय के बाद नामांतरण की प्रक्रिया में लगने वाला महीनों का समय अब केवल 2 से 3 सप्ताह में बदल गया है। जमीन क्रय करने के बाद तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जरूरी दस्तावेज, खसरा, नक्शा ऑनलाइन एसएमएस, इमेल और व्हाट्सअप पर घर बैठे मिलेंगे। सम्पूर्ण खसरा क्रय-विक्रय की प्रक्रिया ऑनलाइन थी। अब आंशिक खसरा क्रय-विक्रय प्रक्रिया भी ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ दिये गये है। यह सब संभव हुआ है साइबर तहसील 2.0 की शुरूआत से। प्रमुख राजस्व आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि एक वर्ष में अमूमन सम्पूर्ण खसरे के क्रय विक्रय के लगभग 2 लाख और आंशिक खसरा क्रय-विक्रय के लगभग 6 लाख प्रकरणों का नामांतरण होता है। आंशिक खसरा क्रय-विक्रय के प्रकरणों का भी ऑनलाइन नामांतरण होने से प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख से अधिक नागरिक लाभांवित होंगे। यह साइबर तहसील 2.0 के शुरू होने से संभव हो रहा है। साइबर तहसील 2.0 में संपदा से प्राप्त अविवादित आंशिक खसरों के क्रय-विक्रय आधारित नामांतरण प्रकरणों में क्षेत्रीय स्तर पर एण्ड-टू-एण्ड ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से त्वरित निराकरण की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था में नामांतरण के बाद नामांतरण आदेश और खसरा नक्शा की अद्यतन प्रति ऑनलाइन इमेल और व्हाटसअप के माध्यम से घर बैठे नागरिकों को मिलेगी। साइबर तहसील 2.0 स्वचालित प्रणाली है। इससे एक ओर जहाँ नागरिकों को तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं तहसील स्तर पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य दक्षता बढ़ेगी। इससे अविवादित प्रकरणों के निराकरण त्वरित होने से संबंधित तहसील के राजस्व अधिकारी विवादित प्रकरणों पर पर्याप्त समय दे सकेंगे। जिससे विवादित प्रकरण भी आपसी सहमती से त्वरित निराकृत होंगे।   recent visitors 97

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी अवारा मवेशियों को SDM और कलेक्टोरेट में बांधेंगे: दीपक बैज

रायपुर आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी. PCC चीफ दीपक बैज ने आज प्रेस कांफ्रेंस में गौ सत्याग्रह का ऐलान किया है, जिसकी शुरुआत 16 अगस्त से होगी. इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी अवारा मवेशियों को SDM और कलेक्टोरेट में बांधेंगे. बैज ने बताया, कांग्रेस 14 अगस्त को संविधान यात्रा निकालेगी. कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रति लेकर रैली निकालेंगे. प्रभातफेरी निकालकर संविधान रक्षा की शपथ भी लेंगे. recent visitors 89

भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी ख़त्म करें अधिकारी और कर्मचारी, राजस्थान-शाहपुरा के विधायक बैरवा की चेतावनी

शाहपुरा. शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक लालाराम बैरवा ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। विधायक बैरवा ने शाहपुरा के डाक बंगला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शाहपुरा क्षेत्र में अब कोई भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न करें, क्योंकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक बैरवा ने स्पष्ट किया कि अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेता है या किसी काम के बदले अनुचित लाभ प्राप्त करता है, तो आम जनता को उनकी शिकायत सीधे उनके पास ले आनी चाहिए। उन्होंने कहा, “शाहपुरा में रिश्वतखोरी की कोई जगह नहीं होगी। 15-20 साल से जनता ने इसे सहन किया है, लेकिन अब बदलाव का समय आ गया है। जनता की आवाज अब सीधे सुनी जाएगी और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में सरकार के किसी भी प्रतिनिधि की लापरवाही पर भी विधायक ने सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि शाहपुरा एक नया जिला है और इसके विकास में समय लगेगा। विभागीय पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही शाहपुरा जिले का सीमांकन भी हो सकता है। विधायक बैरवा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने शाहपुरा जिले के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसने शाहपुरा का दौरा किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जिले के अस्तित्व को बनाए रखने की उम्मीद जताई है। विधायक ने राज्य सरकार द्वारा शाहपुरा क्षेत्र को दिए गए बजट और योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब तक के इतिहास में शाहपुरा को जितना बजट और विकास योजनाएं प्राप्त हुई हैं, वह अभूतपूर्व हैं। इसमें करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो युवाओं और विभिन्न वर्गों के लिए लाभकारी होंगे। विशेष रूप से आसोप वन खंड में काले हिरणों के लिए जो प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, उससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। पत्रकार वार्ता में नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी, पूर्व पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़, गुलाबपुरा के पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेंद्र बोहरा, पूर्व उप प्रधान बजरंगसिंह राणावत, बालाराम खारोल और भाजपा के अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। recent visitors 134

चिकित्सा अधिकारी, शिवपुरी डॉ. अनुराग तिवारी कदाचरण पर निलंबित

भोपाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, खोड, जिला शिवपुरी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग तिवारी पर मरीजों के साथ कदाचरण और मारपीट करने के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई, 2024 को डॉ. तिवारी के द्वारा मरीजों के साथ कदाचरण और शारीरिक रूप हमला करने जिससे मरीजों को चोटें आईं का प्रकरण प्रकाश में आया। उक्त पर संज्ञान लेते हुए डॉ. तिवारी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर नियत किया गया है। उक्त संबंध में थाना भौती ओंपी. खोड में डॉ. तिवारी, के विरूद्ध धारा 115, (2), 351 (3) 296 के तहत एफ.आई.आर. भी दर्ज की गयी है।   recent visitors 145

नाग पंचमी का दिन के दिन पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल नाग पंचमी 9 अगस्त 2024, शुक्रवार को है। आमतौर पर यह त्योहार हरियाली तीज के दो दिन बाद आता है। इस पर्व में भगवान शिव, माता पार्वती व नाग देवता की पूजा की जाती है। इस साल नाग पंचमी पर सिद्ध व साध्य योग बनने से इस दिन का महत्व बढ़ रहा है। सिद्ध व साध्य योग का महत्व- सिद्ध योग नाग पंचमी के दिन दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके बाद साध्य योग शुरू होगा, जो कि 10 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगा। पंचमी तिथि कब से कब तक : पंचमी तिथि 09 अगस्त 2024 को सुबह 12 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 10 अगस्त 2024 को सुबह 03 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। नाग पंचमी पूजन मंत्र- सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥ ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः। ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥ नाग पंचमी के दिन बनने वाले चौघड़िया मुहूर्त- लाभ – उन्नति: 07:26 ए एम से 09:06 ए एम अमृत – सर्वोत्तम: 09:06 ए एम से 10:46 ए एम शुभ – उत्तम: 12:26 पी एम से 02:05 पी एम नाग पंचमी पूजा मुहूर्त: नाग पंचमी के दिन पूजन के 02 घंटे 40 मिनट का मुहूर्त सबसे उत्तम माना जा रहा है। नाग पंचमी पूजन मुहूर्त सुबह 05 बजकर 46 मिनट से सुबह 08 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। नाग पंचमी के दिन इन कार्यों को करने से बचें: हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई करने से बचना चाहिए। इस दिन धरती पर हल भी नहीं चलाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन तवा और कढ़ाई आग पर चढ़ाना अशुभ होता है। recent visitors 102