महिला आत्महत्या करने के लिए रेलवे लाइन पर लेट गई मालगाड़ी के कई डिब्बे महिला के ऊपर से गुजरे, खरोंच तक नहीं आई

शाजापुर पारिवारिक विवाद से नाराज एक महिला आत्महत्या करने के लिए रेलवे लाइन पर लेट गई। उसके ऊपर से माल गाड़ी के कई डिब्बे भी गुजरे किंतु महिला का बाल भी बांका नही हुआ। आश्चर्य चकित करने वाली यह घटना जिले बेरछा थाना क्षेत्र की है।अब इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल पर वायरल हो रहा है। जिनमें पटरी के बीच में लेटी महिला दिखाई दे रही है। वहीं पटरियों पर से माल गाड़ी के डिब्बे धड़धड़ाते हुए गुजर रहे हैं। किंतु महिला को खरोंच तक नहीं आई। महिला के ऊपर से कई डिब्बे गुजरने के बाद मालगाड़ी के पहिए थमने के बाद रेलकर्मी माैके पर पहुंचकर पटरी के बीच लेटी महिला को बाहर बुलाने की कोशिश की लेकिन महिला बाहर नहीं आई। इस पर रेलकर्मी जबरदस्ती उसे पटरी से हटाकर दूर ले गए। इसके बाद मालगाड़ी को रवाना किया गया।   घरेलू विवाद से थी नाराज बेरछा थाना प्रभारी अंकित मुकाती के अनुसार सुंदरसी निवासी 80 वर्षीय कंचन का घर पर बहू से विवाद हुआ। विवाद के बाद वह नाराज होकर आत्महत्या करने के इरादे से ग्राम रंथभंवर के पास रेल की पटरी के बीच लेट गई थी। महिला को पटरी पर लेटा देख मालगाड़ी के चालक ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, किंतु तब तक कई डिब्बे महिला के ऊपर से गुजर गए। गमीनत रही कि महिला के शरीर का कोई भी हिस्सा गाड़ी के पहियों या अन्य किसी पुर्जे की चपेट में नहीं आया। जिससे महिला को कोई नुकसान नहीं हुआ और वह पूरी तरह सुरक्षित बच गई। जिसके बाद उसका बेटा ईश्वर सिंह अपने साथ ले गया। recent visitors 110

अपने धर्म के संबंध में बताकर जबरन नमाज पढ़वाता था आरोपी, विरोध करने पर धमकाकर किया दुष्कर्म, दिल्ली से गिरफ्तार

धार कन्या शिक्षा परिसर में अध्ययनरत छात्रा के अपहरण मामले में पुलिस ने सफलता हासिल की है। सायबर सेल की मदद से अपह्रत 13 साल की नाबालिग छात्रा को पुलिस ने एक सप्ताह में दिल्ली से बरामद कर लिया है। छात्रा को भगाकर ले गए लड़के को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित नाबालिग है। वह छात्रा का मतांतरण कराना चाहता था। अपने धर्म के संबंध में बताकर जबरन नमाज पढ़वाता था। छात्रा के विरोध करने पर उसे धमकाता था। आरोपित ने छात्रा के साथ दुष्कर्म भी किया। पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत 26 जुलाई को आलीराजपुर जिले के कनवाड़ा निवासी फरियादी पिता ने बाग थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री शासकीय कन्या परिसर स्कूल बाग में कक्षा 10वीं में पढाई करती थी। 25 जुलाई को वह कन्या परिसर बाग से कही चली गई हैं। वह न तो घर आई और न ही कन्या शिक्षा परिसर वापस पहुंचीं। नाबालिग की खोज के लिए पुलिस टीम का गठन अंदेशा व्यक्त किया गया कि कोई अज्ञात बदमाश बहला-फुसलाकर उसे ले गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपह्रत छात्रा व अज्ञात आरोपित की तलाश के लिए एसपी मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में एएसपी इंद्रजीत बाकलवार एवं एसडीओपी सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में निरीक्षक कैलाश चौहान के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एसआइ दिलीप खांडे, प्रधान आरक्षक सखाराम गोखले, आरक्षक उत्तम, महिला आरक्षक फूलवती को सायबर से मिली जानकारी अनुसार आरोपित की तलाश में दिल्ली रवाना किया गया। दिल्ली से छात्रा को बरामद किया गया। साथ ही आरोपित को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती छात्रा ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर नाबालिग आरोपित दिल्ली निवासी (स्थानीय निवासी मुज्जफरपुर बिहार) से दोस्ती हुई। उसने शादी का झांसा दिया और बहला-फुसलाकर मुझे उसके घर दिल्ली ले गया। दिल्ली में वह सुबह-शाम धर्म के संबंध में बताकर नमाज पढ़वाता था। ऐसा नहीं करने पर धमकाकर उसके साथ कुकृत्य करता था। पुलिस छात्रा को दिल्ली से बाग लेकर पहुंची व उसके स्वजन के सुपुर्द किया। आरोपित को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपित के नाबालिग होने की वजह से उसे झाबुआ बाल संप्रेषण गृह भेजा है। प्रमिला जमरे, एएसआइ राजेश चौहान, कैलाश गेहलोत, लोकेश शुक्ला, आरक्षक दुर्गेश, कैलाश एवं सायबर सेल के सहायक उप निरीक्षक भेरुसिहं देवडा व आरक्षक प्रशांत का योगदान रहा। recent visitors 114

स्लीमनाबाद टनल का निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें : उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्लीमनाबाद टनल निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने और आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्र के नीचे टनल निर्माण करते हुए विशेष सावधानी बरती जाये। उल्लेखनीय है कि विगत दिवस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्लीमनाबाद टनल निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई थी। बरगी व्यपवर्तन परियोजना से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना एवं रीवा सहित आस-पास के जिलों के कृषकों को सिंचाई और ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। औद्योगिक इकाइयों को भी नहर प्रणाली के माध्यम से जल आपूर्ति होगी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 97

उज्जैन में IT एक्सपर्ट की करतूत- बैंक एटीएम से करीब 23 लाख रुपये हुए चोरी, दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की खाचरौद थाना पुलिस ने बैंक ऑफ इंडिया की एटीएम से करीब 23 लाख रुपये चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनका चोरी का तरीका असामान्य था। आरोपियों में से एक ने आईटी में एमएससी किया है। उसने अपने इसी तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग किया और एटीएम केबिन में लगी डिपाजिट मशीन में पासवर्ड डालकर केवल डेढ़ मिनट में रुपये चुरा लिए थे। एटीएम की तकनीक टीम से जुड़ा था आरोपी यह आरोपी एटीएम की तकनीकी टीम में भी शामिल है। उसने 26 जुलाई को एटीएम में नोट भरने के दौरान बैंक कर्मियों को पासवर्ड डालते देख लिया था। इसके बाद वह 28-29 जुलाई की मध्यरात्रि अपने साथी के साथ पहुंचा था। हेलमेट व रेनकोट पहनकर वह अंदर घुसा और सीसीटीवी कैमरे पर काले रंग का स्प्रे कर दिया। इसके बाद मात्र डेढ़ मिनट में उसने मशीन खोली और रुपये निकालकर दोस्त के साथ चंपत हो गया। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया- बैंक ऑफ इंडिया खाचरौद के शाखा प्रबंधक नीलकमल ने शिकायत की थी कि बैंक डिपाजिट मशीन के अंदर पासवर्ड वाला दरवाजा खोलकर अज्ञात चोर चार कैसेट एवं करीब 23 लाख रुपये चुरा ले गए। पुलिस जांच में पता चला कि 28-29 जुलाई की मध्य रात्रि करीब एक से दो बजे के बीच एक बाइक पर दो लोग आए थे। दोनों ने काले रंग का हेलमेट व रेनकोट पहन रखा था। एक बदमाश ई गैलरी के बाहर खड़ा होकर नजर रख रहा था, तो दूसरा अंदर चला गया। उसने ई गैलरी के सारे कैमरों को काले रंग से स्प्रे कर मशीन से 23 लाख रुपये चुराए तथा मशीन में लगी वे चार कैसेट ले गया, जिनमें रुपये रखे रहते हैं। पुलिस को इस बात की थी शंका इतनी तेजी से मशीन खोले जाने पर पुलिस को शंका हुई कि वारदात में कोई जानकार ही शामिल है। इस पर पुलिस ने मशीन से जुड़े सभी कर्मचारियों की जानकारी खंगाली, तो पता चला कि मशीन की तकनीकी टीम से जुड़ा रितुराज सिंह पंवार 26 जुलाई को बैंक अधिकारियों के साथ ई-गैलरी में आया था। संदेह होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कठोर पूछताछ में उसने अपने साथी शुभम पुत्र अर्जुन जोशी के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। दोनों ने चोरी किए गए रुपये नलखेड़ा (जिला आगर) में अपने रिश्तेदार के यहां रखना बताया। पुलिस ने रुपये व बाइक जब्त कर ली। recent visitors 101

गोमतीनगर से एक अश्लील घटना का वीडियो वायरल, प्रेमी जोड़े ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी, कार की छत खोलकर अश्लील हरकतें

लखनऊ लखनऊ के गोमतीनगर से एक अश्लील घटना सामने आई है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक प्रेमी जोड़े ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी। वायरल वीडियो में लखनऊ के 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री चौराहे के बीच एक प्रेमी जोड़ा कार की छत खोलकर अश्लील इशारे कर रहा है। वीडियो में प्रेमी जोड़ा कार की छत पर रोमांस करते हुए दिख रहा है। इस मामले में अभी तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। दरअसल, लखनऊ में बारिश की वजह से कई जगहों पर जलभराव हो गया था। ताज होटल के पास सड़कों पर जलभराव था। सड़क पर हुए जलभराव में कुछ लोग मौज-मस्ती कर रहे थे। इन लोगों ने वहां से बाइक से गुजर रहे एक युवक और युवती से बदसलूकी की। हुड़दंगियों ने बाइक सवार युवक-युवती पर पानी की बौछार की और बाइक को पीछे से पकड़कर खींचने लगे। पानी की बौछार और बाइक को खींचने के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया, इससे युवक और महिला बाइक से गिर गए। इस दौरान महिला को टच करने की भी कोशिश की गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटा दिया था। बाद में हुई कार्रवाई मेें कुछ लोग पकड़े भी गए। recent visitors 159

इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में सिटी फारेस्ट बनाने की तैयारी तेज

भोपाल लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन केलिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है एवं उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है। लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ 'सिटी फारेस्ट' के लिये जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। 'लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत विभाग द्वारा जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ कर इन्हें नई आवश्यकतानुसार विकसित करने के लिये गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 20 जिलों को उनसे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार कुल 126 करोड़ 79 लाख रूपये वितरित किये गये। जारी वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना में 16 जिलों से पात्रतानुसार 65 करोड़ 49 लाख रूपये के विकास प्रस्ताव प्राप्त करने के लिये भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।   recent visitors 117

जनजातीय युवाओं के लिये स्वरोजगार व विकास की तीन नई योजनाएं

भोपाल जनजातीय कार्य विभाग के अधीन मप्र आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा तीन नई वित्तीय सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके समग्र कल्याण के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। मप्र आदिवासी वित्त एवं विकास निगम को 'भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना' के तहत 1000 हितग्राही वार्षिक लक्ष्य के विरूद्ध 31 मार्च 2024 तक कुल 6 हजार 463 आवेदन मिले। इनमें से बैंकों द्वारा 1094 आवेदन मंजूर कर 904 पात्र हितग्राहियों को 33 करोड़ 70 लाख 47 हजार 620 रूपये की वित्तीय सहायता वितरित की गई। इस योजना में जनजातीय वर्ग के युवाओं को विनिर्माण गतिविधियों के लिए एक लाख से 50 लाख रूपये तथा सेवा व व्यवसाय गतिविधियों के लिए एक लाख से 25 लाख रूपये तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से दी जाती है। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना के अन्तर्गत हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित, शेष ऋण पर 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज अनुदान तथा बैंक ऋण गारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्षों तक मोरेटोरियम अवधि सहित निगम द्वारा वहन किए जाने का प्रावधान है। योजना में इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने का भी प्रावधान है। योजना का क्रियान्वयन शासन द्वारा निर्धारित ‘समस्त पोर्टल’ के माध्यम से किया जा रहा है, तथा पोर्टल पर यह योजना 'मुख्यमंत्री उद्यम कांति योजना' से समन्वित होती है। जिलास्तर पर योजना का क्रियान्वयन सहायक आयुक्त/जिला संयोजक/शाखा प्रबंधक, मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम एवं महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष 2024-25 हेतु सभी जिलों के सभी बैंकों को वार्षिक लक्ष्य तय कर दिये गये हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन के संबंध में समुचित निर्देश भी जारी किये गये है। योजना के तहत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रारम्भ हो चुके है। इच्छुक व्यक्ति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। 'टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना' के 10 हजार हितग्राही वार्षिक लक्ष्य के विरूद्ध निगम को 31 मार्च 2024 तक कुल 7 हजार 116 आवेदन मिले। बैंकों द्वारा 1130 आवेदन मंजूर कर 905 पात्र हितग्राहियों को 5 करोड़ 8 लाख रूपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की गई। योजना में जनजातीय युवाओं को 10 हजार से एक लाख रूपए तक की स्व-रोज़गार परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से दी जाती है। बैंक ऋण पर अधिकतम पाँच वर्षों के लिए सात प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं बैंक गारंटी राज्य शासन द्वारा दी जाती है। इन दोनों योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं लाभ प्राप्ति के लिए "समस्त पोर्टल" https://samast.mponline.gov.in पर लॉग-इन कर या जिलास्तर पर सहायक आयुक्त/जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग एवं अनुसूचित जाति कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। इसी प्रकार 'मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना' में जनजातीय युवाओं को आजीविका, स्वरोजगार एवं नवाचार से संबंधित सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण तथा इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों की दो करोड़ रूपये तक की ऐसी परियोजनाएं, जिनका क्रियान्वयन लाईन विभागों की किसी प्रचलित योजना/परियोजना में किया जाना संभव नहीं हो, उसका शत-प्रतिशत शासन अनुदान से वित्त पोषण किया जाता है। इस योजना का क्रियान्वयन लाईन विभागों/कलेक्टर के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत अब तक 8 विशेष परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें 4 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपये का ऋण जनजातीय वर्ग के स्वरोजगारियों को परियोजना क्रियान्वयन के लिये वितरित किया गया। recent visitors 143