सरकार पर तीखा हमला, आप मुसलमानों के दुश्मन हैं, वक्फ विधेयक उसका सबूत है : असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली वक्फ बोर्ड बिल पर बहस में हिस्सा लेते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं। यह बिल इस बात का सबूत देता है। ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है, जो सभी नागरिकों को अपना आस्था के लिए समान अवसर देता है। आखिर इस विधेयक को लाने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा कि मंदिरों की समितियों में कोई गैर-हिंदू नहीं है। फिर वक्फ संपत्ति में इसकी क्या जरूरत है। ऐसा ही आपकी सरकार ईसाइयों और सिखों के साथ भी कर रही है। यही नहीं यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस पर तीखा अटैक किया। उन्होंने कहा कि यह बिल कानून का उल्लंघन करता है। संविधान के खिलाफ है। इमरान मसूद ने कहा कि सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड संस्था है और यह कोई धार्मिक स्थान नहीं है। यह बात गलत है क्योंकि देश भर में वक्फ बोर्ड ही मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम संस्थानों की निगरानी करता है। उनकी संपत्तियों की देखरेख करता है। इसलिए इसे मुस्लिमों के मजहबी मामलों से अलग नहीं बताया जा सकता, जैसा सरकार दावा करती है। इस बहस में अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया और कहा कि वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुसलमान को शामिल करने की वजह क्या बनती है। उन्होंने कहा कि यदि हम जिलाधिकारी को ही सब कुछ सौंप देंगे तो क्या हो सकता है। आप इसे समझ सकते हैं। एक जगह ऐसा हुआ था और फिर जिलाधिकारी ने क्या किया, आप सब जानते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि अभी-अभी ये लोग हारे हैं। अपने कुछ कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ऐसा बिल लाया जा रहा है। इस बिल का डीएमके, टीएमसी, शरद पवार की एनसीपी जैसी पार्टियों ने भी विरोध किया है। recent visitors 111

सांसद कीर्ति आजाद ने मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा-आप जैसे सब मंत्री हों तो उद्धार हो जाए देश

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में नितिन गडकरी ऐसे नेता और मंत्री हैं, जिनकी सराहना करने से विपक्षी दल के सांसद, विधायक और नेता नहीं हिचकिचाते हैं। उनकी छवि काम करने वाले मंत्री के तौर पर स्थापित हो चुकी है। आज गुरुवार को जब संसद की कार्यवाही चल रही थी तब विपक्षी खेमे के एक सांसद ने लोकसभा में उनकी खुलकर तारीफ की है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इनके जैसे सभी मंत्री हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए लोकसभा में कहा कि अगर सरकार के सभी मंत्री उनकी तरह हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। कीर्ति आजाद ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछते हुए यह टिप्पणी की। पश्चिम बंगाल के वर्धमान दुर्गापुर से लोकसभा सदस्य आजाद ने कहा, ‘‘गडकरी जिस तरह से काम करते हैं, उसके लिए केवल मैं नहीं पूरा सदन उनका कायल है। काश बाकी मंत्री भी ऐसे ही हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाए।’’ उनके इस बयान के बाद कई सदस्यों ने मेजें थपथपाईं। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब नितिन गडकरी की सराहना विपक्षी दलों के द्वारा की गई है। इससे पहले कई बार उनकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई विपक्षी दलों ने की है। उन्होंने मोदी के बाद भाजपा में प्रधानमंत्री पद का सक्षम उम्मीदवार बताया है। recent visitors 103

आर्ता: पुत्रवत आचारेत अर्थात-रोगी से पुत्र के समान व्यवहार करने सहित अनेक सिद्धांतों के प्रतिपादक महर्षि चरक के सिद्धांत आज भी हैं प्रासंगिक· मंत्री इन्दर सिंह परमार

भोपाल चरक जयंती श्रावण शुक्ल नाग पंचमी 2081 संवत इस बार 9 अगस्त 2024 को है। ईसा से लगभग 200 वर्ष पूर्व चिकित्सा ग्रंथ लुप्त हो गए थे । यह पूरे भारतीय जनमानस और विश्व के लोगों के लिए अत्यंत ही संकट का दौर था। जब सारी मानवता त्राहि-त्राहि करने लगी जब सारी धरती के लोग कष्ट से मरने लगे। जब समाज अकाल मृत्यु को प्राप्त होने लगा जैसा कि भगवान ने श्रीमद्भगवद्गीता में प्रतिज्ञा की, जब-जब धर्म की हानि होगी तब तब मैं आऊंगा। जब जब अधर्म रूपी रोगों का साम्राज्य होगा। पाप का साम्राज्य होगा तब- तब मैं प्रकट होउंगा। तब भगवान शेषनाग स्वयं इस धरती पर विचरण करते हुए आये और उन्होंने देखा कि जनता कितने कष्ट में है कितनी दुखी है। उनका हृदय द्रवित हो गया, करुणा से भर उठे और उन्होंने कपिष्ठल नामक गाँव जो कश्मीर में पुंछ के पास स्थित गांव है, वहां पर वेद वेदांग नामक एक वैदिक ब्राह्मण के घर में श्रावण शुक्ल नाग पंचमी के दिन जन्म लिया। शेषनाग का पूज्य दिवस अवतरण दिवस श्वेत वाराह पुराण में स्वयं ब्रह्मदेव ने नाग पंचमी का दिन बताया है। इस कारण से महर्षि चरक के जन्मदिन को हम श्रावण शुक्ल पंचमी नाग पंचमी मनाते हैं। महर्षि चरक ने वेद उपनिषदों का अध्ययन करने के उपरांत आयुर्वेद का अध्ययन प्रारंभ किया। उन्होंने महर्षि पुनर्वसु आत्रेय के द्वारा उपदिष्ट और आचार्य अग्निवेश के द्वारा प्रणीत लिखित ग्रंथ अग्निवेश तंत्र को खोजा। उसके छिन्न-भिन्न अंशों को सहेजा सम्हाल।जो बड़ी मुश्किल से उनको प्राप्त हुए और उस ग्रंथ को अग्निवेश तंत्र को जो कि पूर्ण नहीं था उस समय उसको धीरे-धीरे करके लेखन कार्य प्रारंभ किया। औषधियों का चयन करना, औषधियों के बारे में खोजना,उनका प्रयोग किया। इस प्रकार से चरक संहिता का वर्णन लिखना प्रारंभ किया। जिसमे मानव जीवन रोग चिकित्सा का वर्णन है। सबसे महत्व की बात चिकित्सा जगत में उन्होंने चिकित्सा सिद्धांत दिए। वह अपने आप में अप्रतिम कार्य था ।पूरी मानव सभ्यता, मानव समाज, पृथ्वी उनके उपकार कभी नहीं भूल सकती। ऐसे मनीषी का जन्म भगवान के तुल्य ऐसे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक का जन्मदिन मनाना हम चिकित्सकों का ही नहीं इस मानव जाति का परम कर्तव्य है। आभार प्रदर्शन है। यह धन्यवाद है ऐसे व्यक्ति के लिए जिन्होंने मानव समाज को इस पूरी धरती को रोगों के भय से दूर किया। चिकित्सा सिद्धांतों की स्थापना की। विश्व के प्रथम चिकित्सक शेषावतार महर्षि अथर्ववेद के उपवेद और पंचमवेद आयुर्वेद के आदि चिकित्सक महर्षि चरक को भगवान शेषनाग का अवतार माना जाता है। उनका जन्म ईसा से 200 वर्ष पूर्व कश्मीर में पुंछ के पास कपिष्ठल नामक गांव में हुआ था। श्वेत वाराह पुराण के अनुसार उनका जन्मदिन श्रावण शुक्लपक्ष नागपंचमी (इस बार 9 अगस्त 2024) को मनाया जाता है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में भगवान शेषनाग के कपाट भी आज ही के दिन खोले जाते हैं। उन्होंने महाभारत काल के पश्चात खण्डित हो चुके कायचिकित्सा(मेडिसिन) के महान ग्रंथ अग्निवेश-तंत्र का प्रतिसंस्कार (पुनर्लेखन) कर चरक-संहिता रूपी कालजयी रचना प्रदान की। बौद्ध धर्म के नास्तिक दर्शन काल में अहिंसा के सिद्धांत के कारण राजव्यवस्था द्वारा वैदिक और शल्य क्रियाओं का निषेध कर दिया गया था। दूसरी तरफ बौद्ध धर्म के "स्वभावो परमवाद" के सिद्धांत की आड़ में (यानी शरीर तो स्वभाव से ही बनता बिगड़ता है इसलिए चिकित्सा की क्या आवश्यकता है ऐसा कहकर) वैद्यों के चिकित्सा कार्यों का विरोध किया जाता था। कहा जाता है कि बौद्ध सम्राट बिम्विसार को भी बवासीर की तकलीफ़ हुई थी, लेकिन अहिंसा के सिद्धांत के चलते उन्होंने शल्य चिकित्सा को अंगीकार नहीं किया। जिस पर आचार्य जीवक ने एक लेप बनाकर अर्श को ठीक किया था। सम्राट अशोक के बाद चिकित्सा कार्यों पर शासन द्वारा ऐसा प्रतिबंध करीब 50 वर्ष तक रहा, जिसे भारत के मेडिकल-इमरजेंसी का काल कहा जा सकता है। मान्यता है कि ऐसे कालखंड में अनन्त भगवान-शेष छद्म रूप में धरती पर विचरण करने आए। रोगों से पीड़ित मानवता को देखकर करुणावश उनका हृदय द्रवीभूत हो गया और उन्होंने वेद-वेदांग नामक ब्राह्मण के घर जन्म लिया। ऐसे समय में रोगों से पीड़ित मानवता की सेवा के लिए उन्होंने भारत भर में घूमते हुए चिकित्सा का कार्य और उसका प्रचार किया। इसी कारण "चरकात् चरक:" नित्यप्रति घूमने के कारण उनका नाम चरक पड़ा। उन्होंने "आर्ता: पुत्रवत आचारेत्" यानी रोगी से पुत्र के समान व्यवहार करने सहित अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन कर चिकित्सक समाज के लिए एक मिशाल कायम की। आचार्य चरक ने आज से 2150 वर्ष पूर्व चरक संहिता का लेखन किया था। चरक संहिता मूल रूप से अग्निवेश तंत्र का ही परिष्कृत ग्रंथ है।पुनर्वसु आत्रेय द्वारा उपदिष्ट सूत्रों को, महर्षि अग्निवेश ने अग्निवेश तंत्र में निबंध किया था। काल क्रम से वह ग्रंथ लुप्त हुआ तथा आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति भी समाज में उपेक्षा हुई। जिसके कारण मानवता और सारा विश्व रोगों से ग्रस्त हुआ। आचार्य चरक ने ऐसे समय में जन्म लेकर और पूरे जीवन भर परिभ्रमण करते हुए चंक्रमण करते हुए, औषधीयों के माध्यम से रोगों की चिकित्सा की और इन चिकित्सा के प्रयोगों को उन्होंने चरक संहिता के ग्रंथ में स्थान दिया। चरक सूत्र स्थान के प्रारंभ में छः पदार्थों के महत्व को प्रतिपादित किया। सामान्य, विशेष, समवाय, द्रव्य, गुण एवं कर्म के महत्व को प्रतिपादित किया। दिनचर्या का व्याख्यान विस्तार से किया। ऋतु अनुसार हमें क्या भोजन करना चाहिए, कैसे भोजन करना चाहिए, किन दोषों का प्रकोप है कैसे समान है कौन सी व्याधि किस ऋतू में हो सकती हैं इन सब बातों को उन्होंने बताया।   ऐसे महापुरुष जिन्होंने इतने हजारों वर्ष पूर्व इस प्रकार के वैज्ञानिक चिकित्सा सिद्धांतों की प्रस्तुति देकर मानवता को और विश्व को हमेशा हमेशा के लिए रोगों से मुक्त होने का एक सूत्र दिया,उनका स्मरण करना उनका प्रातः स्मरण करना हमारा कर्तव्य है।महर्षि चरक ने ही रसायन प्रकरण में च्यवनप्राश का उल्लेख किया है च्यवनप्राश एक ऐसा रसायन है जिसका सेवन करने से व्यक्ति को जरा नामक व्याधि नहीं होती है। बुढ़ापा नहीं आता है और व्यक्ति की समस्त धातुएं श्रेष्ठ निर्मित होती है जिसके कारण व्यक्ति में ऊर्जा और उत्साह का स्तर उच्च बना रहता है। च्यवनप्राश के उल्लेख के समय ही महर्षि चरक ने उसके लाभ बताते हुए कहा कि च्यवनप्राश का उपयोग श्वास और … Read more

देश के सभी प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं स्थापित की जाएं : राज्य मंत्री श्री जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश की स्थानीय कलाकृतियों, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिये देश के सभी प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं स्थापित की जाएं‍। इसके लिये हर स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जाये‍‍। राज्य मंत्री श्री जायसवाल गुरूवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभाग के सभी उत्पादों का उत्पादन एवं उनकी गुणवत्ता बढ़ाने और इन्हें आकर्षक तरीके से पैकेजिंग कर बेचने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कारीगरों के कौशल उन्नयन कार्य में भी और प्रगति लाई जाये और अधिकाधिक कारीगरों को प्रशिक्षित किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग श्री अमित राठौर, सचिव, खादी व ग्रामोद्योग विकास बोर्ड श्री माल सिंह, आयुक्त रेशम श्री मदन विभीषण नागरगोजे, मप्र संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के प्रबंध संचालक तथा आयुक्त, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा श्री मोहित बुंदस, उप सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग श्री ऋषि गर्ग, अवर सचिव श्री जी.एस. आर्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। हम रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें बैठक में राज्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग जरूरतमंदों की आजीविका चलाने वाला विभाग है। इसलिये विभागीय उत्पादन गतिविधियों में और तेजी लाएं। हम रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने सिंहस्थ-2028 में विभागीय उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विक्रय के लिये अधिकारियों को अभी से कार्ययोजना बनाकर तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये। यह भी कहा कि श्री महाकाल लोक परिसर में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का स्थायी स्टाल (आउटलेट) किया जाए। प्रमुख शहरों में मृगनयनी एम्पोरियम की शाखाएं खोलने के संबंध में बताया गया कि इसके लिये दूसरे प्रदेशों से समन्वय कर मृगनयनी की ब्रांच स्थापित करने के लिये ढोस चर्चा की जा रही है। बताया गया कि हर जिले में वन भारत साड़ी वॉकथान आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश की करीब एक लाख से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 17 सितम्बर 2023 को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रारंभ की गई। योजना में अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी। योजना में 18 प्रकार के परंपरागत व्यवसायों जैसे बढ़ई, नाव निर्माता, कवच निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (मूर्तिकार व पत्थर तराशने वाले), पत्थर तोड़ने वाले, मोची (चर्मकार)/जूते बनाने वाले, राज-मिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने निर्माता (पारम्परिक), नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगरों को शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि मूलत: सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग की इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग “ट्रेनिंग पार्टनर” के रूप में कार्य करेगा। पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र एवं आईडी कार्ड के जरिये कारीगरों और शिल्पकारों का पात्रता पंजीयन कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग करेगा। पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन या इससे अधिक दिनों का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन की दर से शिष्यवृत्ति (Styfund) भी दी जाएगी। बुनियादी कौशल प्रशिक्षण में ई-वाऊचर के रूप में 15 हजार रूपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। कारीगरों एवं शिल्पकारों को व्यवसाय/दुकान/आऊटलेट स्थापित करने के लिये बैंक लिंकेज व पात्रतानुसार लोन लिंकेज भी दिया जाएगा। योजना में 18 प्रकार के परम्परागत कामों में लगे कारीगरों एवं शिल्पकारों को विधिवत् प्रशिक्षण दे कर इनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिये मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग निभायेगा। बैठक में राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने योजना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के दायित्वों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की लक्ष्य पूर्ति (प्रशिक्षण आदि) पर तेजी से काम किया जाए। योजना को लक्षित वर्ग के हितग्राहियों तक पहुँचाने तथा कारीगरों एवं शिल्पकारों के उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिये हर स्तर पर इनकी मार्केटिंग भी की जाये। रेशम व खादी वस्त्रों का उत्पादन बढ़ाने के लिये भी हर जरूरी कदम उठाये जायें। बैठक में खादी ग्रामोद्योग विकास बोर्ड के सचिव द्वारा बताया गया कि रेशम संचालनालय द्वारा बुरहानपुर जिले के शासकीय रेशम केन्द्र जैनाबाद में उच्च कोटि के रेशम कीट (मलबरी) का उत्पादन किया जा रहा है। यहां खादी उत्पादन केन्द्र भी प्रारंभ करने के लिये बोर्ड द्वारा ठोस कार्यवाही की जा रही है। आयुक्त हाथकरघा ने बताया कि हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा ग्रामीण हाट उज्जैन में 30 महिलाओं को भगवान के वस्त्र निर्माण करने के लिये एक माह का प्रशिक्षण दिया गया है। उज्जैन में ही पत्थर शिल्प के शिल्पियों का प्रशिक्षण सत्र 5 अगस्त से प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेश के अन्य क्राफ्ट क्लस्टर में धातु, पत्थर एवं लकड़ी की मूर्ति निर्माताओं को प्रशिक्षण एवं विपणन सहायता दी जा रही है। recent visitors 95

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे, परिवार से मिल जताई हमदर्दी

नई दिल्ली कथित शराब घोटोले से जुड़े केस में जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए विपक्षी दलों में हमदर्दी उमड़ रही है। एक के बाद एक बड़े नेता केजरीवाल के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात कर रहे हैं और मुश्किल घड़ी में साथ निभाने का वादा भी कर रहे हैं। शिव सेना (उद्धव गुट) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गुरुवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे। हाल ही में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी केजरीवाल के घर पहुंचीं थीं। उद्धव ठाकरे ने जेल में बंद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। उनके साथ बेटे आदित्य ठाकरे और शिव सेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत भी मौजूद थे। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से संजय सिंह और राघव चड्ढा मौजूद रहे। उद्धव ने पहले परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात की और फिर काफी देर तक उनके साथ बैठकर बातचीत की। उन्होंने केजरीवाल की सेहत के बारे में भी सवाल किए और अपनी चिंता जाहिर की। मुलाकात की जानकारी देते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने कहा, 'जो हालात इस समय चल रहे हैं और जो तानाशाही है, इन सारे बिंदुओं पर चर्चा हुई। विपक्ष के खिलाफ ईडी सीबीआई सरकार का ऐसा हथियार है जिससे हम लोगों की आवाज को दबाना चाहते हैं, लेकिन हम सब मिलकर सरकार से लड़ेंगे। इसमें जो मुश्किलें आ रही हैं उसमें हम लोग एक दूसरे के साथ हैं। यह विश्वास उद्धव जी ने सुनीता केजरीवाल जी और उनके परिवार को दिया।' गौरतलब है कि शिवसेना और आम आदमी पार्टी 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बने विपक्ष गठबंधन 'इंडिया' का हिस्सा हैं। उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी की ओर से पहले भी केजरीवाल को निर्दोष बताते हुए रिहा किए जाने की मांग की जा चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। 21 दिनों की अंतरिम जमानत को छोड़ दें तो वह तब से ही जेल में बंद हैं। केजरीवाल को अब सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर अंतरिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन इससे पहले सीबीआई केस में गिरफ्तार कर लिए जाने की वजह से वह जेल से बाहर नहीं निकल पाए हैं।   recent visitors 94

भारत और स्पेन के बीच पुरुष हॉकी टीम का कांस्य पदक मैच शुरू हुआ 2-0 से आगे

नई दिल्ली भारत और स्पेन के बीच पुरुष हॉकी टीम का कांस्य पदक मैच शुरू हो गया है। भारत को सेमीफाइनल में जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उसकी गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद टूट गई थी। हालांकि टीम इंडिया के पास ब्रॉन्ज पदक जीतने का सुनहरा मौका है। हरमनप्रीत का गोल, दोनों टीमें 1-1 से बराबर टीम इंडिया ने स्कोर बराबर कर लिया है। 30वें मिनट पर पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल किया। इस गोल के साथ हाफ टाइम का स्कोर 1-1 से बराबर रहा। बोर्जा लाकाले का गोल पोस्ट पर अटैक मैच के 28वें मिनट में बोर्जा लाकाले ने गोल पोस्ट पर अटैक किया और भारत ने सफलतापूर्वक बचाव किया। स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि श्रीजेश ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और गोल होने नहीं दिया। 21वें मिनट में स्पेन को मिला पेनल्टी कॉर्नर गोल करने के तुरंत बाद स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि गोल नहीं हुआ। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बेहतरीन बचाव किया। 24वें मिनट में ललित और हार्दिक ने लगातार अटैक किए, लेकिन गोल करने में असफल रहें। पहला क्वार्टर में नहीं हुआ गोल भारत-स्पेन ब्रॉन्ज मेडल मैच के पहले क्वार्टर में एक भी गोल नहीं हुआ। 15 मिनट के खेल के बाद दोनों टीम गोल नहीं कर पाई। 18वें मिनट में स्पेन टीम को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। मार्क मिरालेस पोर्टियो ने गोल किया। टीम इंडिया 0-1 से पीछे हो गई है। मुकाबले के नौवे मिनट में स्पेन के खिलाड़ियों ने मौका बनाया। स्पेनिश गोलकीपर जोस बास्टेरा ने अगुवाई की और जबरदस्त शॉट मारा। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने सेव किया। मुकाबले के छठे मिनट में भारतीय खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने डी के अंदर शॉर्ट को मिस कर दिया और गोल का मौका गंवा दिया। recent visitors 77

आरबीआई ने लिया बड़ा फैसला- चेक का निपटान अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा, अब नहीं लगेंगे दो से तीन दिन

नई दिल्ली चेक का निपटान (क्लियरिंग) अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चेक समशोधन में लगने वाले समय को कुछ घंटे करने और उससे जुड़े जोखिम कम करने के मकसद से कदम उठाने की घोषणा की है। वर्तमान में चेक जमा करने (cheque clearance) से लेकर राशि आने तक दो दिन का समय लग जाता है। लेकिन नई व्यवस्था में चेक जमा करने के कुछ ही घंटों में यह ‘क्लियर’ हो जाएगा। RBI ने क्या कहा? आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘चेक समाशोधन को दुरुस्त करने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) की वर्तमान प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है।’’ उन्होंने कहा कि इसके तहत मौजूदा सीटीएस व्यवस्था के तहत ‘बैच’ में प्रसंस्करण की जगह कारोबारी समय में निरंतर आधार पर समाशोधन की व्यवस्था की जाएगी। नई व्यवस्था में कैसे होगा काम आरबीआई के अनुसार, ‘‘नई व्यवस्था में चेक को ‘स्कैन’ किया जाएगा, उसे प्रस्तुत किया जाएगा और कुछ घंटों में समाशोधन किया जाएगा। इससे चेक का समाशोधन कुछ घंटे में हो जाएगा जबकि अभी दो दिन तक का समय (टी प्लस 1) लगता है। दास ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जल्दी ही जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों के बारे में ‘क्रेडिट’ सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया है। वर्तमान में महीने में एक बार यह रिपोर्ट दी जाती है। नौंवी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं RBI ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी का हवाला देते हुये एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुये लगातार नौवीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। recent visitors 98