बुलंदशहर में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और सहेली को कार से फेंका

बुलंदशहर हाईवे पर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और सहेली की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बुलंदशहर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से पूछताछ की है, पूछताछ में किशोरी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उधर, कार से धक्का देकर फेंकी गई किशोरी की मौत की वजह भी साफ हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि मृतक के शरीर पर मिली चोट हादसे की हैं। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस को शुरू से लेकर आखिर तक पूरी कहानी सुनाई है। कब उसकी सहेली को चलती कार से फेंका, कब उसके साथ दरिंदगी का खेल शुरू हुआ और कहां-कहां लेकर गए। आइए जानते हैं पीड़िता की जुबानी, मामले की पूरी कहानी।  सूरजपुर से दोनों सहेलियों को कार में बैठाया पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके जानकार अमित और संदीप ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर से दोनों सहेलियों को कार में बैठाया था। फिर गाजियाबाद के लालकुआं पहुंचे, वहां से तीसरे आरोपी गौरव को साथ लिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने बीयर पी। आरोपियों ने जबरन सहेलियों को बियर पिलाई दोनों सहेलियों को भी जबरन बियर पिलाई गई। वहां से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए। आरोपियों ने बागपत के पास कहीं खाना खाने की बात कही थी। तभी एक आरोपी ने वहीं एक होटल में चलने की बात कही। इसी दौरान उनसे छेड़छाड़ शुरू कर दी। सहेली भिड़ी तो कार से फेंक दिया विरोध करने पर हाथापाई शुरू कर दी। तब तक कार एक्सप्रेसवे से उतरकर बागपत-मेरठ रोड पर आ चुकी थी। सहेली ने उनसे भिड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने धक्का देकर उसे कार से नीचे फेंक दिया। उस वक्त रात करीब डेढ़ बज चुके थे। रात करीब तीन बजे से सुबह करीब छह बजे तक दरिंदगी वहां से तीनों आरोपी दूसरी सहेली को लेकर मेरठ आ गए। बीच में कुछ देर के लिए रुके भी। फिर से मेरठ से बुलंदशहर हाईवे पकड़ लिया। पीड़िता के मुताबिक, रात करीब तीन बजे से सुबह करीब छह बजे तक तीनों आरोपियों ने उसके साथ चलती कार में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। एक परिचित के घर भी गए थे आरोपी सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपी पीड़िता को बुलंदशहर के खुर्जा में अपने एक परिचित के यहां भी लेकर पहुंचे थे। वहां उसे छिपाना चाहते थे। परिचित ने इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को दबाव में लेने और डराने के उद्देश्य से एक होटल में ले जाकर अश्लील फोटो और वीडियो बनाना चाहते थे।   पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि पीड़ित किशोरी ने बताया था कि सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपी उसे एक मकान में लेकर पहुंचे थे। मकान खुर्जा के मंदिर मार्ग के निकट ही है। मकान मालिक एक आरोपी का परिचित था। आरोपियों ने उसे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए दो-चार दिन वहीं छिपाने के बात कही लेकिन परिचित ने रखने से इन्कार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को होटल में ले जाकर अश्लील फोटो और वीडियो बनाने की योजना बनाई। यह बात पीड़िता ने सुन ली थी। आरोपी जैसे ही वहां से कार से चले पीड़िता ने उनसे पानी पीने और टायलेट जाने की बात कही। आरोपियों ने जैसे ही कार रोकी वह कार से उतरकर सड़क के दूसरी तरफ मौजूद कुछ लोगों के पास चली गई। यह देख आरोपी वहां से भाग गए। टोल प्लाजा पर तेज कर देते थे म्यूजिक आरोपियों की कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी। इस वजह से बाहर से अंदर का कुछ भी दिख नहीं रहा था। वारदात के दौरान आरोपियों की कार जब भी टोल प्लाजा से गुजरी, तब वह म्यूजिक को फुल आवाज में कर देते थे। जिससे पीड़िता की आवाज बाहर न जा सके। मृतक के शरीर पर 12 जगह चोट के निशान उधर, पुलिस ने जब मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट चेक की तो उसके शरीर पर 12 जगह चोट के निशान पाए गए हैं। यह सभी चोट दुर्घटना की हैं। आशंका जताई जा रही है कि कार से फेंके जाने के बाद किशोरी को किसी अन्य वाहन ने टक्कर मारी होगी। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र के भी सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। एक मई को पहली बार हुई थी आरोपी अमित से मुलाकात दुष्कर्म पीड़िता की मृतक सहेली से आरोपी अमित की जान पहचान थी। उसी के माध्यम से एक मई को दुष्कर्म पीड़िता की भी मुलाकात ग्रेटर नोएडा में एक कार्यक्रम हुई थी। उस दिन अमित ने अपनी कार से दोनों को सूरजपुर छोड़ा था। छह मई को दुष्कर्म पीड़िता की अमित से दूसरी मुलाकात थी। recent visitors 44

टेस्ट संन्यास : खटक रहा विराट कोहली और रोहित शर्मा का यूं संन्यास लेना या मजबूर होना, कहीं तो कुछ गड़बड़ है!

नई दिल्ली विराट कोहली और रोहित शर्मा। दो दिग्गज। बतौर कप्तान या खिलाड़ी, दोनों भारतीय क्रिकेट के एक युग की धुरी रहे हैं। एक-डेढ़ दशक से वे भारत में क्रिकेट के पर्याय रहे हैं। दोनों ने अचानक 5 दिन के अंतराल में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। संन्यास तो एक न एक दिन लेना ही था, लेकिन तरीका अलग हो सकता था। भारतीय क्रिकेट की नई परिभाषा गढ़ने वाले इन दोनों महान खिलाड़ियों को ग्राउंड में विदाई मिलनी चाहिए थी। कुछ ऐसा ही महान स्पिनर आर अश्विन के भी साथ हुआ था जिन्होंने अनगिनत मौकों पर बल्ले और गेंद से टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। कोहली और रोहित का यूं संन्यास लेना खटक रहा है। फेयरवेल मैच तो होना ही चाहिए था। फैंस और दर्शकों को भी तो पता चले कि वे इन दोनों महान खिलाड़ियों को आखिरी बार सफेद जर्सी में खेलते हुए देख रहे हैं। अफसोस, ऐसा नहीं हुआ। क्यों नहीं हुआ, इसके कुछ जवाब हो सकते हैं लेकिन ऐसी विदाई सम्मानजनक और गरिमापूर्ण तो कतई नहीं है। यह दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट में कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है। क्रिकेट के कर्ताधर्ताओं को, बीसीसीआई को इस पर सोचना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो बीसीसीआई ने रोहित शर्मा को दो टूक कह दिया था कि अब आप हमारे टेस्ट प्लान में फिट नहीं बैठते। अगर प्रदर्शन की कसौटी पर वह खरे नहीं उतरे थे तो ऐसा कहने में कोई हर्ज नहीं। लेकिन यह बात तो ऐसे भी कही जा सकती थी कि अगला मैच आपका आखिरी टेस्ट होगा। आप उस कप्तान को ये बता रहे कि आपका टेस्ट करियर तत्काल प्रभाव से खत्म हो चुका है, जिसने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान कप्तान होते हुए भी टीम के हित में खुद को ड्रॉप कर दिया था। अगर बीसीसीआई ने, चयनकर्ताओं ने मान ही लिया था कि रोहित शर्मा का टेस्ट करियर पूरा हो चुका है तो वे उन्हें इसकी जानकारी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी तो दे सकते थे। हिटमैन सीरीज के दौरान ही संन्यास का ऐलान कर दिए होते। जहां तक विराट कोहली की बात है तो उन्होंने खुद ही बीसीसीआई को अपनी इच्छा बताई थी कि वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने उनसे गुजारिश भी की थी कि इंग्लैंड दौरे के मद्देनजर वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करें लेकिन बोर्ड ने जोर देकर दबाव नहीं डाला। फैसला कोहली पर छोड़ दिया। अगले महीने टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे पर जाना है। उसे 20 जून से 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। सवाल लाजिमी है कि कोहली जब खुद इंग्लैंड दौरे से पहले संन्यास पर अडिग थे तो इसमें बीसीसीआई क्या कर सकती थी? वह तो उन्हें ग्राउंड पर खेलते हुए विदाई का मौका दे ही रही थी, विराट ही नहीं माने। लेकिन यह बात गले नहीं उतरती कि बीसीसीआई ने कोहली को मनाने की गंभीर कोशिश की। दिल्ली के रणजी कोच और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता सरणदीप सिंह ने तो दावा किया है कि कोहली इंग्लैंड दौरे के लिए तैयारी कर रहे थे। इतने उत्साहित थे कि 3-4 शतक मारने का लक्ष्य रखे थे। किसी एक टेस्ट सीरीज में 4 शतकों का कारनामा वह 2014-15 में कर भी चुके हैं। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ जो उन्हें अचानक संन्यास लेना पड़ा? 2024-25 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 3-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी। विराट कोहली ने 5 मैच की 9 पारियों में एक शतक के साथ 190 रन बनाए जो उनकी ख्याति के अनुरूप तो बिल्कुल नहीं था। उसके बाद कोहली ने इस साल जनवरी में रेलवे के खिलाफ रणजी मैच में दिल्ली की तरफ से खेला। अगर बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में खराब प्रदर्शन के दबाव से वह संन्यास के बारे में सोचते तो फिर उसके बाद घरेलू क्रिकेट क्यों खेलते?   recent visitors 51

इंदौर से फिर से शुरू होंगी फ्लाइट्स, जानें कब से करें बुकिंग

इंदौर  भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद पाकिस्तानी सीमा से लगे राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। नागरिक उड़यन मंत्रालय ने 32 एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की एडवाइजरी जारी की है, लेकिन इंदौर से बंद जोधपुर, चंदीगढ़ और जम्मू की उड़ाने 15 मई से ही शुरू हो पाएगी। इंडिगो कंपनी द्वारा उड़ानों की बहाली के पहले स्लाट में इंदौर से बंद उड़ानों को शुरू नहीं किया है। संभवत: विमान कंपनियाें द्वारा उडा़नों को धीरे-धीरे दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे है।     भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के चलते देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्से के 32 एयरपोर्ट को 9 से 15 मई तक बंद कर दिया गया था।     इससे इंदौर से संचालित जोधपुर, चंडीगढ़ और जम्मू की उड़ान को बंद कर दिया गया था।     अब सीजफायर लागू होने के बाद इन सभी एयरपोर्ट को दोबारा शुरू कर दिया गया है।     इसके बावजूद इंदौर से संचालित होने वाली तीनों उड़ानें मंगलवार से शुरू नहीं होगी।     यात्रियों को इन शहरों की हवाई यात्रा के लिए 15 मई तक इंतजार करना होगा।     गौरतलब है कि पाकिस्तान के सीमावर्ती राज्यों के एयरपोर्ट से यात्री विमानों का संचालन पहले 10 मई तक बंद किया गया था।     बाद में इसको बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया। इसके कारण इंदौर से संचालित तीन शहरों की उड़ानें कल से शुरू नहीं होगी।   recent visitors 33

मध्यप्रदेश में कहीं आंधी-तूफान के साथ बारिश तो कही भीषण गर्मी का अलर्ट, जान लें आपके शहर का मौसम

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है.   खजुराहो सबसे गर्म सोमवार को खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है। इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है।  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री … Read more

रायपुर : राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक 14 मई को

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  बुधवार 14 मई 2025 को  सवेरे 11.30 बजे राज्य मंत्रिपरिषद ( केबिनेट ) की बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय  (महानदी भवन ) में आयोजित होगी। recent visitors 40

सीहोर में मुंडन कार्यक्रम का मटका कुल्फी खाने से 40 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

  सीहोर सीहोर जिले के भाऊ खेड़ी में मुंडन कार्यक्रम के दौरान मटका कुल्फी खाने से करीब 40 बच्चे बीमार हो गए. जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जावर और आष्टा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, घटना की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई है. हालांकि, अभी सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार जिले के ग्राम भाऊ खेड़ी में मुंडन कार्यक्रम था. जहां मटका कुल्फी खाने के बाद करीब 40 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई. मटका कुल्फी खाने के बाद बच्चों को उल्टी और दस्त होने लगे. जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए आष्टा और जावर अस्पताल में भर्ती कराया गया. सिविल अस्पताल आष्टा के डॉ. संतोष करंजे ने बताया गया है कि भाऊ खेड़ी में मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी बच्चे आए हुए थे. जहां मटका कुल्फी खाने के कुछ देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. जिसके बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया. जहां सभी का इलाज जारी है और सभी की हालत खतरे से बाहर है. सूचना पुलिस को भी दी गई है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मटका कुल्फी खाने से करीब 40 बच्चों की तबीयत खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग की मदद से मटका कुल्फी का सैंपल भी जांच के लिए भेज दिया गया है.   recent visitors 67

निराला नगर में सबसे पुरानी स्लम बस्ती में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की

रीवा रीवा जिले में इन दिनों अवैध कब्जाधारियों पर प्रशासन की कार्यवाही लगातार जारी है। मंगलवार को विश्विद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 9 निराला नगर में स्थित सबसे पुरानी स्लम बस्ती में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। पिछले कई सालों से यहां पर लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर अवैध रूप से रह रहे थे, जिन पर प्रशासन ने आज बुलडोजर चलाया। हालांकि इस दौरान किसी तरह की कोई विवाद की स्थिति देखने को नहीं मिली, सब कुछ शांतिपूर्वक रहा। विश्विद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 9 निराला नगर स्लम बस्ती में पिछले पचास,साठ सालों से अवैध रुप से लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। यहां पर हजारों परिवार रह रहे है जो विश्विद्यालय रोड में सड़क के किनारे था इनमें से ज्यादातर परिवार कबाड़ बिनकर अपना जीवन यापन करते है। मंगलवार को जमीन को खाली कराने भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरु की। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है की इन्हें जगह खाली करने के लिए बार बार कहा जा रहा था और अलाउंस भी किया जा रहा था लेकिन ये लोग जगह खाली नहीं कर रहे थे। नगर निगम का कहना है की शासन की योजना है की स्लम बस्ती में रह रहे लोगों को पक्का मकान बनाकर दिया जाए। सुंदर नगर में इन्हें प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए हैं, लेकिन ये लोग जा नहीं रहे थे, इसलिए इन्हें हटाया जा रहा है। वहीं इस अतिक्रमण की कार्यवाही को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है की हमें पहले से कोई नोटिस नहीं मिली थी। अचानक से आकर घर गिराने लगे। उनका कहना है कि पहले बोला गया था कि जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास लिया है, उनका बस घर गिराया जाएगा, लेकिन जिन्हें आवास नहीं मिला उनका भी घर गिराया जा रहा है। ऐसे में हम लोग कहा जाए हम लोग गरीब है जबकि पचास साल से ज्यादा समय से लोग यहां पर रह रहे है। जिसके पास कुछ नहीं है वो क्या करे सड़क पर मरे छोटे छोटे बच्चे है इन्हें लेकर कहा जाए। उनका कहना है कि पहले कहीं व्यवस्था बनानी चाहिए,उसके बाद गिराना चाहिए, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई और घर गिराने लगे। ऐसे में गरीब आदमी कहां जाए? हम लोग परेशान हो रहे हैं। recent visitors 38