उन्नाव में सनसनीखेज घटना: दंपती व दो बेटियों की मौत, जांच में जुटी पुलिस

उन्नाव एक गांव में घर के अंदर युवक का शव फंदे से तो पत्नी और दो बेटियों के शव चारपाई पर पड़े मिले। पत्नी के सीने पर तकिया होने से तीनों का मुंह दबाकर हत्या का अनुमान है। थानाक्षेत्र के साहबखेड़ा गांव निवासी अमित (35) पुत्र उमेशचंद्र यादव खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। रविवार को पड़ोसी गांव रामबक्श खेड़ा में रहने वाली मृतक की बुआ के लड़के की शादी थी। रायबरेली जिले के डलमऊ बरात गई थी, मृतक के माता-पिता और अन्य चार भाई परिवार के साथ उसी में शामिल होने गए थे। अमित पत्नी गीता (30), निधि (6) और खुशी (10) के साथ घर पर था। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मृतक का छोटा भाई अजीत घर आया लेकिन सभी का अलग-अलग घर होने से वह अपने घर चला गया। कुछ देर बाद टिकरी गांव निवासी गल्ला व्यापारी बागड़ गांव में ही गेहूं खरीदने के लिए आया। मृतक अमित के घर के पास पेड़ होने से वह उसी के नीचे रुककर आराम करने लगा। तभी उसकी नजर अमित के घर में लगे जिंगले में गई तो देखा लाल गमछा और उसमें बाल दिख रहे थे। उसने अजीत को बताया, दरवाजा खटखटाना पर जब नहीं खुला तो अजीत छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा और नजारा देख चीख पड़ा। अजीत के मुताबिक भाई अमित का शव गमछे के फंदे से लटक रहा था। गीता चारपाई पर थी, एक तरफ बड़ी बेटी और दूसरी ओर छोटी बेटी का शव पड़ा था। मृतका गीता के सीने पर तकिया पड़ी थी। दर्दनाक घटना की खबर सुन ग्रामीणों की भीड़ लग गई। थानाध्यक्ष फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एसपी दीपक भूकर, एएसपी अखिलेश सिंह और सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के पिता उमेशचंद्र ने गांव के दूसरे यादव परिवार से चल रही मुकदमे बाजी में हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि दंपती और उनकी दो बेटियों की मौत हुई है। जांच की जा रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। recent visitors 37

मदर्स डे पर 60 सालों से सुरक्षित प्रसव करवाने वाली दाई मां को उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सम्मानित, पैर छूकर लिया आशीर्वाद

अजमेर मातृ दिवस के अवसर पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जिले के कोटड़ी गांव पहुंचकर 85 वर्षीय सुवा दाई मां को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने जीवन के 60 वर्षों में 2800 से अधिक बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराकर नि:स्वार्थ सेवा और मातृत्व का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। महज 24 वर्ष की आयु में इस सेवा यात्रा की शुरुआत करने वाली सुवा दाई मां ने उस समय अपनी महती भूमिका निभाई, जब गांवों में बिजली, चिकित्सा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। आज भी वे कोटड़ी, झाखोलाई, भेरवई और करडाला गांवों की महिलाओं को प्रसव सहायता, गर्भावस्था परामर्श और पोषण व स्वच्छता से जुड़ी सलाह देती हैं। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि सुवा दाई मां त्याग, समर्पण और मातृत्व की प्रतिमा हैं। उन्होंने उस समय मां और नवजात के लिए सुरक्षा और ममता का कवच प्रदान किया, जब आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं केवल सपने जैसी थीं। उस समय उनकी सेवा भावना किसी से कम नहीं आंकी जा सकती। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नायकों को मंच पर लाना हमारा कर्तव्य है, जो चमक-धमक से दूर रहकर समाज को जीवन देने का कार्य करते हैं। सुवा दाई मां की कहानी यह बताती है कि हर महिला में शक्ति है बस उसे पहचान और सम्मान की आवश्यकता है। इस मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों ने सुवा दाई मां के सम्मान में अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान की। उपमुख्यमंत्री ने सुवा दाई मां के हाथों जन्मी पहली बच्ची, जो अब 61 वर्ष की हैं से भी मुलाकात की। मातृ दिवस के इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने पैर छूकर सुवा दाई मां से आशीर्वाद लिया और शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। साथ ही उन्हें जयपुर आने के लिए आमंत्रित कर कहा कि यह मातृ दिवस एक प्रेरणा है कि असली मातृत्व सिर्फ जन्म देने में नहीं, बल्कि उसे संवारने और निःस्वार्थ सेवा में निहित है। उपमुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीण महिलाओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। recent visitors 39

बलरामपुर में रेत माफिया ने आरक्षक को कुचला, अवैध खनन रोकने पहुंची टीम पर खनन माफिया का हमला

बलरामपुर  अवैध रेत का उत्खनन रोकने गए वन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। खाना माफिया के द्वारा ट्रैक्टर चढ़ा कर पुलिस आरक्षक को कुचल दिया गया। घटना में आरक्षक शिव भजन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर रामानुजगंज एसपी वैभव बैंकर मौके के लिए रवाना हो गए हैं। जिले के लिब्रा घाट में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा है। रेत के अवैध उत्खनन के लिए झारखंड से आकर रेत माफिया के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन की शिकायत की थी। जिसके बाद वन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर गई हुई थी। इस दौरान अवैध उत्खनन रोकने गई टीम पर रेत माफिया ने हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार पीछे से आकर रेत उत्खनन करने में लगे ट्रैक्टर ने आरक्षक शिव भजन सिंह को कुचल दिया। हादसे में आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार लिब्रा घाट में बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन चल रहा है। पड़ोसी राज्य झारखंड से आकर यहां माफिया खनन को अंजाम दे रहे है। सुदूर जंगली गांव होने की वजह से प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं हो पाती। ग्रामीण माफियाओं के डर से उन्हें कुछ नहीं कह पाते,इसलिए उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी। जिसके बाद कार्यवाही के लिए पहुंची टीम पर माफिया ने हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी ले रही है। यह अभी जानकारी पूछी जा रही है कि किसकी शह पर कौन अवैध उत्खनन कर रहा था और कब से कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर मौके पर जाने के लिए निकल गए हैं। recent visitors 29

यलो अलर्ट CG में मौसम ने ली करवट, तेज हवाओं के साथ होगी भारी बारिश, रायपुर-बिलासपुर में 50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी

रायपुर  प्रदेश में बारिश की गतिविधि थमने के साथ ही तापमान चढऩे लगा है। कई स्थानों पर तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार को बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों पर आंधी और पानी चलने के अनुमान के साथ यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कमजोर पड़ गया है। इसका असर तापमान पर पड़ा है। दिन और रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं रायपुर में भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री रहा। उत्तर में दो दिन और दक्षिण में चार दिन तक बारिश की संभावना रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के उत्तरी और दिक्षणी हिस्से में अभी आंधी- बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती है। बीते चौबीस घंटों के दौरान भी इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सरगुजा संभाग में अगले दो और बस्तर संभाग में चार दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मैदानी क्षेत्रों में रात में भी बढ़ सकती है गर्मी राज्य के मैदानी क्षेत्रों में आसमान साफ होने के साथ धूप तेज होने लगी है। इससे तापमान चढऩे लगा है। रायपुर के न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह अन्य स्थानों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य के प्रमुख स्थानों का तापमान शहर – अधिकतम – न्यूनतम रायपुर – 41.० – 29.1 बिलासपुर – 41.2 -27.9 पेंड्रा रोड़ – 39.6 – 23.4 अंबिकापुर – 38.2 – 23.6 जगदलपुर – 37.6 – 24.2 (तापमान डिग्री सेल्सियस) recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान

अहिल्या माता ने सुशासन से जन-कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कनाड़िया में जल संरक्षण की दिलाई शपथ मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोक माता अहिल्याबाई ने सुशासन के साथ जन-कल्याण के कार्य कर देश के विकास के लिये एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने देश में धर्मशालाएं, नदियों के घाट, अन्न क्षेत्र एवं मंदिर बनवाये हैं। उन्होंने बनारस एवं सोमनाथ में मंदिर भी बनवाए हैं। उनके द्वारा शुरू कराई गई महेश्वरी साड़िया आज भी प्रसिद्ध है। अहिल्या माता के स्मरण में 20 मई को इंदौर में कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के कनाड़िया में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत अहिल्या माता द्वारा वर्षों पूर्व निर्मित बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण के लिये तालाब गहरीकरण में श्रमदान किया और जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश की सुरक्षा के लिये बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेना ने देश की सुरक्षा के लिये सराहनीय कार्य किया है और दुश्मनों को सबक सिखाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था विश्व में चौथे नम्बर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की सीमा पर तैनात जवान और खेतों मे अनाज पैदा करने वाला किसान हमारे लिये दोनों एक समान है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिये निरंतर काम कर रही है। सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिये नदी जोड़ो परियोजना पर काम किया जा रहा है। किसानों को अत्यंत कम दर पर बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को सोलर पम्प लगाने के लिये अनुदान दिया जा रहा है। सोलर पम्प लगाकर किसान अपने लिये बिजली का उत्पादन करने के साथ ही अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचने में सक्षम होंगे। इससे उन्हें बिजली का बिल भी नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी ध्यान दे रही है। इसी का परिणाम है कि इंदौर जिले में दो लाख 3 हजार 395 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल रहा है और 4 लाख 48 हजार 398 बहनों को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार लाड़ली बहनों के लिये राशि की कमी नहीं होने देगी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिये हम सभी को जल की एक-एक बूंद बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को जोड़ने का सपना देखा था उस सपने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार साकार करने जा रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कनाड़िया के लिये 165 करोड़ रुपये की योजना लाई जा रही है।   recent visitors 38

सिविल डिफेंस प्लान एवं शासन से जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करायें – मुख्य सचिव

सीधी  देश की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जिलों में सिविल डिफेंस प्लान एवं शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। सिविल डिफेंस कार्यक्रम व्यवस्थित करें तथा सजगता और सतर्कता बरतें। मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन की सभी तैयारियाँ दुरूस्त रखते हुए वर्नलेवल क्षेत्रों का चिन्हांकन कर कार्ययोजनानुसार व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये।  उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सायरन की व्यवस्था हो ताकि आपात स्थिति में सायरन सभी को सुनाई दे। आपदा प्रबंधन की तैयारियों की संभागीय समीक्षा प्रतिदिवस की जायेगी। मुख्य सचिव ने सिविल डिफेंस अधिनियम के तहत नागरिक सुरक्षा हेतु स्वयंसेवकों के नामांकन भर्ती के निर्देश देते हुए कहा कि उनका प्रारंभिक प्रशिक्षण करायें ताकि आपदा प्रबंधन के समय इनकी उपयोगिता व भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से 2 स्वयंसेवकों व प्रत्येक नगरीय निकाय वार्डो से 2 से 5 सिविल डिफेंस वालेंटियर्स बनाये जांय। इनमें भूतपूर्व सैनिकों, सीनियर एनसीसी के सदस्य, एनएसएस के सदस्य व निजी सुरक्षा एजेंसियों के लोगों को प्राथमिकता दी जाय।    एन.आई.सी. में आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, पुलिस अधीक्षक डॉ रविन्द्र वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव, उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, सिहावल एसपी मिश्रा, मझौली आर पी त्रिपाठी, चुरहट शैलष द्विवेदी, उप पुलिस अधीक्षक गायत्री तिवारी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी आशुतोष द्विवेदी, रोशनी ठाकुर, जिला होमगार्ड कमांडेंट सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 35

अब इस जगह पर कोई भी बेतवा नदी में मछलियों का शिकार नहीं कर पाएगा, जाने क्या है कारण

अशोक नगर साढ़े छह साल पहले बेतवा नदी के जिस घाट से आचार्यश्री ने जिले में अपने कदम रखे थे, प्रशासन ने उस घाट पर मछली कारोबार व मत्स्य शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे अब इस जगह पर कोई भी बेतवा नदी में मछलियों का शिकार नहीं कर पाएगा। मामला मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के अंतर्गत आने वाले मुंगावली की ग्राम पंचायत सोनाखेड़ी के ग्राम ढिमरौली के किस्ती घाट का है। आचार्यश्री विद्यासागर महाराज 2 दिसंबर 2018 को उप्र के देवगढ़ से बेतवा नदी को नाव से पार कर इस घाट पर पहुंचे थे। तो बेतवा नदी के मछली ठेके के पार्टनर ठेकेदार रणजीतसिंह उर्फ रामलला सिकरवार ने आचार्यश्री के सामने करोड़ों का मछली ठेका छोड़ने का निर्णय लिया और आजीवन मत्स्य पालन न करने का निर्णय लिया था। जिला पंचायत सीईओ राजेश कुमार जैन ने ढिमरौली के किस्ती घाट पर मछली कारोबार से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। पहली बार नाव में विराजमान हुए थे आचार्यश्री बता दें, तेज गर्मी हो या फिर बारिश या भीषण सर्दी का मौसम, हर तरह के मौसम में हमेशा पैदल विहार करने वाले आचार्यश्री पहली बार नाव में विराजमान हुए थे। पहली बार किया था नौका विहार बीच में 400 मीटर चौड़ी गहरी बेतवा नदी थी और आचार्यश्री के स्वागत में श्रद्धालु जिले में बेतवा नदी के इस घाट पर खड़े हुए थे, इससे आचार्यश्री पहली बार नाव में विराजमान हुए और नाव से उन्होंने गहरी व चौड़ी बेतवा नदी को पार किया था। इससे आचार्यश्री की नाव यात्रा और रामलला सिकरवार के त्याग की स्मृति को जीवंत बनाने के लिए इस घाट को मतस्य कारोबार के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। recent visitors 33