मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणाओं का पिटारा खोला, अब महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर

जींद जींद में हरियाली तीज के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं और बेटियों के लिए घोषणाओं का पिटारा खोला। इसके तहत हरियाणा में भी अब राजस्थान की तर्ज पर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी परिवारों को 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा। इससे प्रदेश के 1.80 लाख रुपए से कम आय वाले लगभग 46 लाख परिवारों को लाभ होगा। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत अब स्कूलों में पढ़ने वाली 14 से 18 वर्ष की बेटियों में कुपोषण को रोकने के लिए उन्हें भी 150 दिन फोर्टिफाइड दूध दिया जाएगा। इससे 2.65 लाख किशोरियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत स्वः रोजगार स्थापित करने के लिए दी जाने वाली 3 लाख रुपए की ऋण राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को दैनिक जरूरतों के लिए दिए जाने वाले 20 हजार रुपए के रिवोल्विंग फंड की राशि को भी बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की घोषणा की। इसके अलावा, समूह सखी के मासिक मानदेय को भी 150 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बड़ा सुखद संयोग है। सावन का पवित्र मास है, माता जयंती देवी की ऐतिहासिक नगरी जींद का स्थान है और महिलाओं, बेटियों और बहनों के पावन त्यौहार तीज का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को हरियाली व खुशहाली के प्रतीक तीज के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री असीम गोयल नन्यौला ने इस तीज समारोह में पहुंचने पर मातृशक्ति का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दलगत राजनीति, जातिवाद और क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर सबके लिए काम करते हैं। इस अवसर पर विधायक डॉ कृष्ण मिड्ढा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की सीईओ अमरिंद्र कौर सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के कोने-कोने से आई महिलाएं व अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। लगभग 30 हजार महिलाओं को कोथली भेंटः नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीज उत्सव पर भाई द्वारा अपनी बहन को कोथली देने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा है। बहनें अपनी ससुराल में भाई के आने का इंतजार करती हैं और भाई के आने पर खुशी व्यक्त करती है तथा उसे सदैव फलने-फूलने की कामना करती है। आज आपका यह भाई भी आपको कोथली देने और आपसे आशीर्वाद लेने के लिए आया है। मुख्यमंत्री ने लगभग 30 हजार महिलाओं को कोथली भेंट की। recent visitors 96

सभी राजभवनों में बहुत जल्द बदलेगा स्वतंत्रता दिवस पर एट होम का मौजूदा स्वरूप, राज्यपालों के सम्मेलन में हुई चर्चा

जयपुर देश के सभी राजभवनों में अंग्रेजों के समय से चली आ रहे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर एट होम का मौजूदा स्वरूप बहुत जल्द बदलेगा। हाल ही नई दिल्ली में हुए राज्यपालों के सम्मेलन में इस पर विचार किया गया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित मीट द प्रेस कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वे सीधे-सादे किसान थे और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुरुकुल का संचालन करते थे। इस कुरुक्षेत्र में वे कई प्रदेशों के बच्चों को भारतीय संस्कार और आधुनिक शिक्षा दे रहे थे। उन्होंने न तो कभी राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया और ना ही किसी राजनीतिक दल के सदस्य ही रहे थे। अचानक पता चला कि उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि उन्हें 12 अगस्त, 2015 को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। इसके ठीक 3 दिन बाद स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में एट होम होना था। वे इसको लेकर काफी उत्सुक थे। क्योंकि इससे पहले उन्होंने देश के किसी भी राजभवन का कभी दौरा भी नहीं किया था। स्वतंत्रता दिवस पर शाम के वक्त हिमाचल प्रदेश के तमाम प्रशासनिक, पुलिस अफसर, मीडिया कर्मी, सामाजिक संगठनों के प्रतिष्ठित लोग आए। सबने एक-दूसरे से परिचय किया। राम-राम की और चाय-नाश्ता करके चले गए। सभी लोगों के जाने के बाद उन्होंने राजभवन के अधिकारियों को बुलाकर पूछा कि एटहोम का आयोजन कब होगा। इस पर अफसरो ने बताया कि शाम को जो आयोजन हुआ, वहीं एटहोम था। यही परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इससे राज्यपाल आचार्य हतप्रभ रह गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह कैसा एट होम है। चाय नाश्ता तो लोग अपने घरों पर भी कर सकते थे। यहां बुलाने की क्या जरूरत थी। खैर, इसके बाद जब गणतंत्र दिवस आया और राजभवन में एटहोम का आयोजन किया जाना था तो उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बदला। इस बार जिन्होंने भारत को आजादी दिलाई उन स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों और शहीदों के परिवारों को राजभवन में बुलाया गया। उनके सम्मान में भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इसके बाद उन्होंने यही परंपरा गुजरात राजभवन में भी शुरू की है। महामहिम आचार्य देवव्रत ने कहा कि हाल ही नई दिल्ली में हुए राज्यपालों के सम्मेलन में उन्होंने यही किस्सा महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सुनाया। इसके बाद तय हुआ कि राजभवनों में अंग्रेजों के समय से चली आ रही एटहोम की व्यवस्था में बदलाव किया जाए। अब स्वतंत्रता सेनानियों और सीमा पर भारत मां की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को बुलाकर उनके सम्मान में कार्यक्रम भी किए जाएंगे। जल्द ही देश के राजभवनों में यह व्यवस्था बदलने वाली है। recent visitors 107

राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना की जारी, 3 सितंबर को मतदान, नामांकन दाखिल 14 से 21 अगस्त तक

नई दिल्ली   भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव 3 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू हो जाएगी और 21 अगस्त तक जारी रहेगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 और 27 अगस्त है। इसके बाद 22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। चुनाव की सीटें और संभावित विजेता राज्यसभा के उपचुनाव असम और महाराष्ट्र में दो-दो सीटों पर, और मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार तेलंगाना, हरियाणा, त्रिपुरा तथा ओडिशा में एक-एक सीट पर होंगे। मध्य प्रदेश, राजस्थान हरियाणा, ओडिशा और असम में BJP उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं अधिक हैं, क्योंकि इन राज्यों में भाजपा की सरकार है और पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल है। लोकसभा में चुने गए राज्यसभा सदस्य हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा, मीसा भारती, बिप्लब कुमार देब और केसी वेणुगोपाल जैसे मौजूदा राज्यसभा सदस्य लोकसभा के लिए चुने गए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यसभा की दो सीटें सदस्यों के इस्तीफा देने के कारण भी खाली हुई हैं। चुनाव की तैयारी और आगे की योजनाएं निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई इस अधिसूचना के अनुसार, उपचुनाव की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं के बाद, 3 सितंबर को मतदान होगा। इस चुनाव से संबंधित सभी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। recent visitors 106

मध्य प्रदेश में हाईवे पर बनाई थीं 46 पुलिस चौकियां, अमला नहीं होने से आधी बंद, दुर्घटनाएं रोकने के लिए बनाई थी योजना

भोपाल मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने, घायलों को चिकित्सकीय सहायता और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए साल 2015-16 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 46 पुलिस चौकियां बनाई गई थीं। इसके पीछे लक्ष्य था कि हाइवे के लिए अलग से हाइवे पुलिस की भर्ती कर इन चौकियों में तैनात किया जाएगा। मगर, आज तक यह संवर्ग ही नहीं बना है। जिला पुलिस बल के पुलिसकर्मी अपनी सुविधा अनुसार इन चौकियों में पदस्थ किए जाते हैं। मगर, कई जगह अमला कम होने के कारण चौकियों पर कोई नहीं रहता। पूरा प्रोजेक्ट 250 करोड़ रुपये का था, जिसमें अलग-अलग शीर्ष में पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत अभी भी राशि आ रही है, पर पुलिस चौकियों पर ध्यान नहीं है।       हाइवे पुलिस बनाने के पीछे लक्ष्य यह है कि यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। सड़क दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हाइवे में पुलिस की पेट्रोलिंग हो सके।- अनिल कुमार गुप्ता, पीटीआरआई के एडीजी एमपी में बढ़ रहे सड़क हादसे दरअसल, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इनमें मृत्यु के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए हाइवे पुलिसिंग का प्लान बनाया गया था। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यूके लाल के समय यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इसमें हाइवे में निर्धारित दूरी में पुलिस चौकियां तो बना दी गईं, पर अलग से अमला और अन्य संसाधन स्वीकृत नहीं हुआ। यह स्थिति तब है जब राष्ट्रीय राजमार्गों में होने वाली दुर्घटनाओं में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। डेढ़ सौ से अधिक ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्गों में हैं, जो अन्य मार्गों की तुलना में सर्वाधिक हैं। recent visitors 84

साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, राहुल, अखिलेश, शिवराज के गढ़ किसके साथ, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव खत्म हुए अभी कुछ महीने ही बीते हैं कि अब उपचुनाव का दौर शुरू होने वाला है। इस साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें कई सीटें लोकसभा की हैं तो ज्यादातर विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ये सीटें उन विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं या फिर दो जगहों से लड़ने के चलते एक लोकसभा सीट खाली की है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही वोटिंग कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश में ही 10 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जिनमें से एक सीट अखिलेश यादव के इस्तीफे से खाली मैनपुरी की करहल है। इसके अलावा अयोध्या के सांसद बने अवधेश प्रसाद की सीट मिल्कीपुर भी है। वह अब तक यहीं से विधायक थे। गाजियाबाद, कुंदरकी जैसी सीटों पर भी चुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की विधानसभा सीट बुधनी में भी चुनाव होगा। अब वह विदिशा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, एचडी कुमार स्वामी, बिहार में जीतन राम मांझी और सिक्किम में सीएम प्रेम सिंह तमांग की छोड़ी हुई सीटों पर भी मतदान होगा। बंगाल की भी 6 सीटों पर उपचुनाव, बिहार और पंजाब में 4-4 उपचुनाव में सबसे ज्यादा यूपी की सीटें हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां 6 सीटों पर उपचुनाव होगा। इसेक अलावा असम और राजस्थान में 5-5 सीटों पर वोटिंग होगी। बिहार और पंजाब में 4-4 सीटों पर उपचुनाव होना है। बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी रायबरेली और वायनाड सीट से लड़े थे। उन्होंने चुनाव के बाद रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला लिया और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। अब वायनाड से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। नियम के अनुसार किसी भी सीट को 6 महीने से ज्यादा खाली नहीं रका जा सकता। ऐसे में ज्यादातर सीटों पर नवंबर तक मतदान करा लिया जाएगा। यूपी में 10 सीटों पर कांग्रेस और सपा दिखाना चाहेंगे ताकत इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में असेंबली इलेक्शन का प्लान है। संभावना है कि अलग-अलग समय पर राज्यों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव भी करा लिए जाएं। कई राज्यों में तो उपचुनाव को भी सरकार के लिए जनादेश के तौर पर माना जा रहा है। यूपी में भाजपा को लोकसभा चुनाव में झटका लगा था। ऐस में अब 10 विधानसभा सीटों पर जीत के जरिए वह ताकत दिखाना चाहेगी। वहीं सपा और कांग्रेस एक बार फिर अपनी ताकत को दिखाना चाहेंगे। recent visitors 104

दिल्ली में MCD की बड़ी कार्रवाई, अब तक निगम प्रशासन ने लगभग 85 कोचिंग सेंटरों और संपत्तियों को किया सील

नई दिल्ली दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना के बाद एमसीडी की ओर से लगातार कड़ी कार्रवाई सामने आ रही है। दिल्ली में अवैध रूप से कोचिंग सेंटरों, पीजी और पुस्तकालयों के संचालन पर नकेल कसने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना 27 जुलाई को रात के समय घटी थी। तब से लेकर अब तक निगम प्रशासन ने लगभग 85 कोचिंग सेंटरों, बेसमेंट व संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील कर दिया है। 200 से अधिक संपत्तियों को नोटिस इसके अतिरिक्त निगम ने 200 से अधिक संपत्तियों व उनके मालिकों को नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किए हैं। साथ ही अवैध रूप से संपत्तियों व बेसमेंट का दुरुपयोग करने वाले मालिकों की पहचान की जा रही है। 30 लाख संपत्तियों का सर्वे इस संबंध में सभी जोन में इंजीनियरिंग विभाग, रखरखाव व इमारत विभाग सर्वे कर रहा है। इसमें लगभग 30 लाख संपत्तियों पर सर्वे किया जा रहा है। इसमें व्यावसायिक व रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 85 संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील किया है। बीते दो दिनों के दौरान मंगलवार और बुधवार को कुल 13 संपत्तियों को सील किया है। जारी रहेगी कार्रवाई बुधवार को शाहदरा दक्षिण, करोल बाग और नजफगढ़ जोन में टीमों ने संपत्तियों को सील किया है। बेसमेंट का अवैध रूप से दूसरे तरह से उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक हुए सर्वे में यह पता चला है कि लोगों ने विभिन्न वस्तुओं के भंडारण व अन्य तरीके से बेसमेंट बनाकर उसकी स्वीकृति ली थी। लेकिन वह कुछ और कार्य इस बेसमेंट में करते पाए। यह भवन निर्माण के नियमों का उल्लंघन हैं। इन सभी के खिलाफ आने वाले दिनों में कार्रवाई जारी रहेगी।   recent visitors 140

अज्ञात हमलावरों ने पिता पर किया हमला, 17 साल की बेटी ने बचाई जान

जगदलपुर बस्तर के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सोमवार को 17 वर्षीय एक आदिवासी लड़की सुशीला कोर्राम अपने पिता की जान बचाने के लिए बदमाशों से भिड़ गई। उसके पिता सोमधर कोर्राम पर 8 अज्ञात लोगों ने कुल्हाड़ी व हथियार से हमला किया। बहादुर बेटी ने किया बचाव बहादुर बेटी ने हमलावर के हाथ से कुल्हाड़ी छीन ली और घायल पिता को भीतर कमरे में बंदकर शोर मचाया। इसके बाद हमलावर भाग खड़े हुए। गंभीर रूप से घायल ग्रामीण को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया है। राजभवन बुलाकर करेंगे सम्मानित एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह नक्सल घटना नहीं लग रही है। आरोपित केवल कुल्हाड़ी आदि धारदार हथियार लेकर आए थे। पारिवारिक विवाद का मामला है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। राज्यपाल रमेन डेका ने सुशीला को राजभवन बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए है। 8वीं कक्षा में पढ़ती है सुशीला झारागांव निवासी सुशीला आठवीं तक पढ़ी है। वह शिक्षक पिता की इकलौती संतान है। अस्पताल में सुशीला ने बताया कि 4 मोटरसाइकिल में सवार होकर सोमवार शाम 6 बजे 8 लोग उसके घर आए। पिता सोमधर के बारे में पूछा। उस समय उसके पिता नहीं थे। इसके बाद वे चले गये। करीब एक घंटे के बाद उसके पिता घर आ गये थे। वह बगल के घर में अपने मां के लिए सब्जी लेने गई थी। वापस लौटी तो देखा पिता पर कुछ लोग कुल्हाड़ी से वार कर रहे हैं। उसने फौरन हमलावर को पीछे धकेला और उसके हाथ से कुल्हाड़ी छीन ली। इस घटना में ग्रामीण को सीने में गंभीर चोट आई। सुशीला के अनुसार, शुक्रवार को उसके चाचा से पिता का जमीन को लेकर विवाद भी हुआ था। उसने बताया कि वह बकरा-बकरी चराती है और मां के साथ वनोपज संग्रह करने जंगल भी जाती है। recent visitors 101