मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम 3 में संशोधन की मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वित्त विभाग के अंतर्गत संचालनालय वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का पुनर्गठन मान्य करते हुये 47 नवीन पदों के सृजन तथा नियमों में संशोधन एवं (पी.एम.यू) प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के गठन का अनुमोदन किया गया। इस निर्णय से प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की गुणवत्ता एवं सटीकता में और सुधार होगा। संचालनालय वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली वर्ष 1980 से अस्तित्व में है। इसके माध्यम से राज्य शासन के आय-व्यय का निरंतर अनुश्रवण, राज्य शासन के मुख्य तथा अनुपूरक बजट,राज्य शासन के नगद शेष का अनुश्रवण, राज्य शासन का ऋण प्रबंधन, महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त आय-व्यय के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न वित्तीय सूचनायें एवं विश्लेषण के कार्य संपादित किये जाते हैं। बजट प्रक्रियाओं में निरन्तर परिवर्तन/सुधार तथा वित्तीय संव्यवहारो में अधिक सजगता व सतर्कता की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली संचालनालय की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को सुद्दढ़ किये जाने का निर्णय लिया गया। लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि मंत्रि-परिषद द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के दिवंगत होने पर अंत्येष्टि के लिए प्रदाय की जा रही वर्तमान राशि 8 हजार रूपये में वृद्धि कर 10 हजार रूपये किये जाने एवं दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किए जाने की स्वीकृति दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून 2024 को यह घोषणा की थी। घोषणा की पूर्ति के लिए अंत्येष्टि के लिए सहायता राशि में वृद्धि के लिए मध्यप्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम 2018 की कंडिका 5(2) में संशोधन तथा राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि किये जाने के लिए नवीन कंडिका 5(3) प्रतिस्थापित की जाने की अनुमति दी गयी। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम को अद्यतन करने के संबंधी स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में उर्जा विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अन्तर्गत वर्तमान प्रविष्टियों के स्थान पर संक्षेपिका के अनुसार प्रविष्टियां प्रतिस्थापित करने की स्वीकृति दी गईं। विभिन्न विभागों की संरचना में परिवर्तन एवं उनके कार्यों का विस्तार होने तथा विभागों का आपस में संविलियन हो जाने से विभागों के क्रियाकलापों में काफी परिवर्तन आया है। अनेक योजनाओं के आरंभ हो जाने के कारण भी विभागों के दायित्व परिवर्तित हुए हैं। तद्‌नुसार परिवर्तनों का समावेश करते हुए मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर अद्यतन किये जाने की स्वीकृति दी गयी। "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" 3 में संशोधन की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश कार्यपालक शासन के कार्य नियम" में संशोधन करते हुए, "कागज़-पत्र" या "अभिलेख" के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को भी मंजूरी दी गयी। जेल विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों और 279 पदों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जेल के आवास गृहों के निर्माण कार्य के लिए 73 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 60 पदों के सृजन, सब जेल मऊगंज के आवास गृहों के निर्माण के लिए 19 करोड़ 44 लाख रूपये तथा 33 पदों के सृजन, सब जेल मैहर के उन्नयन के संबंध में पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत नई जेल का निर्माण कराये जाने तथा योजना के डीपीआर पर अनुमोदन प्रदाय कर 33 अतिरिक्त पदों के सृजन, जिला जेल अनूपपुर में 60 पदों के सृजन, सब जेल त्योंथर के लिए 31 पदों के सृजन, सब जेल बड़नगर में 31 पदों के सृजन तथा सब जेल गैरतगंज में 31 पदों के सृजन की प्रशासकीय स्वीकृति दी गईं। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय प्रारंभ करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में 02 नवीन संकाय सिविल एवं मैकेनिकल प्रारंभ करने के लिए पदीय संरचना की स्वीकृति प्रदान की गयी। सिविल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता और मैकेनिकल संकाय में 01 विभागाध्यक्ष एवं 06 व्याख्याता के पद शामिल है। इन संकाय के प्रारंभ होने से रीवा अंचल के विद्यार्थियों को तकनीकी रोजगारमूलक शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा। प्राकृतिक संपदा से ओत-प्रोत रीवा जिले में स्थित औ‌द्यौगिक क्षेत्रों में सीमेंट फैक्ट्रियों की अधिकता है। इन औ‌द्यौगिक इकाइयों में सिविल एवं मैकेनिकल के छात्रों की मांग बनी रहती है। शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय रीवा में फॉयर टेक्नालॉजी एण्ड सेफ्टी ब्रांच को यथावत वर्तमान पद स्वीकृति सहित रखा जायेगा। अपेक्षित आवर्ती/अनावर्ती व्यय लगभग 592 लाख रूपये के वित्तीय प्रावधान की स्वीकृति प्रदान की गयी।   recent visitors 125

विनेश विजेता…चैंपियन है, भारतीय पहलवान विनेश फोगाट देश का गौरव : CM योगी

लखनऊ पेरिस ओलंपिक 2024 में एक दिन में तीन पहलवानों को हराने वाली भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को अधिक वजन के कारण महिला कुश्ती 50 किलोग्राम वर्ग में अयोग्य घोषित कर दी गई। जिसके बाद देश के तमाम नेता सोशल मीडिया के जरिए सांत्वना दे रहे हैं। सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि विनेश फोगाट निराश मत होइए…पूरा देश आपके साथ है। उन्होंने लिखा कि पेरिस ओलंपिक-2024 में आपके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने वैश्विक पटल पर मां भारती को स्वर्णिम आभा से दीप्त किया है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि आप शीघ्र ही पहले से अधिक मजबूत होकर मैदान में वापसी करेंगी। पूरा देश आपके साथ खड़ा है। पेरिस ओलंपिक में भारत को करारा झटका लगा है, दरअसल, महिला पहलवान विनेश फोगाट को अधिक वजन के कारण ओलंपिक में महिला कुश्ती 50 किलोग्राम से अयोग्य घोषित कर दिया गया। ज्यादा वजन होने की वजह से वह अब फाइनल नहीं खेल पाएंगी। अब उनका मेडल का सपाना टूट गया है।  इसे लेकर विनेश संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने सदन में कहा कि फोगाट को ओलंपिक फाइनल के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के मुद्दे पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया लोकसभा में अपराह्न तीन बजे बयान देंगे। आप को बता दें कि भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने मंगलवार को पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा फ्रीस्टाइल मुकाबलों में लगातार शानदार खेल का मुजाहिरा करते हुए क्यूबा की युसनेलिस गुजमान लोपेज को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली थी। इस जीत के साथ विनेश ओलंपिक के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं थी। recent visitors 127

युवती ने विधायकडोडियार पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, बयान से पलटी महिला, न्यायालय ने दोषमुक्त किया

इंदौर रतलाम जिले के सैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार को दुष्कर्म के आरोप से विशेष न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। सैलाना की युवती ने डोडियार पर आरोप लगाते हुए 11 नवंबर 2022 को महिला थाना रतलाम में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने डोडियार पर कई बार दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शादी का झांसा देने का आरोप महिला का आरोप था कि पांच दिसंबर 2018 से एक जुलाई 2022 तक डोडियार ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार संबंध बनाए और शादी से इन्कार कर दिया। मामले की सुनवाई पहले रतलाम जिला न्यायालय में चल रही थी, लेकिन डोडियार के विधायक बनने के बाद मामले को सुनवाई के लिए इंदौर विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।   अपने बयान से पलटी महिला करीब दो साल चली सुनवाई के दौरान युवती पूर्व में दिए बयान से पलट गई। उसने कहा कि उसने गुस्से में आकर कमलेश्वर डोडियार के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी थी। पुलिस ने उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसे नहीं पता कि उन कागजों पर बाद में पुलिस ने क्या लिख लिया था। इन बयानों के आधार पर विशेष न्यायालय ने कमलेश्वर डोडियार को आरोप से दोषमुक्त कर दिया। recent visitors 202

सांसद कंगना रनौत का इतने दिन बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र समेज पहुंचना मात्र एक औपचारिकता है: मंत्री नेगी

रिकांगपिओ प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते कई क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित हुए, जिसमे कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी, ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत दौरा करें ताकि राहत कार्य शुरू कर लोगों में आत्मविश्वास बनाया जा सके। मगर सांसद कंगना रनौत का उनके कुछ विधायक एवं अधिकारियों की ओर से दौरा करने के लिए मना किया जाने वाला बयान निराशाजनक है। यह बात प्रदेश के राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने रिकांगपिओ में कही। मंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि मौसम देखकर लोगों को राहत देने की बात कर रहे हैं उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है। केंद्र में भाजपा की सरकार है और सांसद कंगना को चाहिए था कि वह तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर केंद्र से राहत प्रदान करने का कार्य करतीं। सांसद का इतने दिन बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र समेज पहुंचना मात्र एक औपचारिकता है। केंद्र सरकार से नहीं मिली आर्थिक मदद मंत्री ने बताया कि समेज में 25 लोगों के मकान एक ही साथ बह गए और 34 जानें चली गईं। बागीपुल में 10 से ज्यादा मकान बह गए और 7 से ज्यादा जानें गईं जबकि मंडी के प्रभावित क्षेत्र में भी 7 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई और संपत्ति को भी भारी नुक्सान हुआ है, लेकिन ऐसे कठिन समय में केंद्र सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली, सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें होती रहीं। भाजपा के लोग आपदा के समय में भी राजनीति करने से पीछे नहीं मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर राहत एवं बचाव कार्य कर रही है। मैंने स्वयं तुरंत घटनास्थल का दौरा किया जहां राहत कार्यों में लगे सभी विभागों ने सराहनीय कार्य किया है। रैस्क्यू कार्य मे लगे आर्मी, एनडीआरएफ सहित सभी दलों की ओर से भी सराहनीय कार्य किया गया, लेकिन भाजपा के लोग इस आपदा के समय में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हैं। कुर्पण खड्ड पर में वैली ब्रिज लगाने का काम जारी मंत्री ने कहा कि कुर्पण खड्ड पर रिकॉर्ड समय में झूला लगाया गया और अब वैली ब्रिज लगाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हिमाचल प्रदेश में सारी भूमि वन विभाग की है, ऐसे में त्रासदी में अपना सब कुछ गंवा चुके लोगों को भूमि देने के लिए केंद्र सरकार से समय-समय पर गुहार लगाई गई है कि एफसीए में कुछ राहत दी जाए ताकि आपदा के समय लोगों को घर बनाने के लिए तुरंत भूमि मुहिया करवाई जा सके। recent visitors 129

कांग्रेस के विशाल प्रदर्शन के दौरान, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को निशाना बनाकर हमला: राकेश सिंह यादव

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम के करोड़ों के घोटाले के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन में एक बड़ा खुलासा हुआ है। कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव ने एसीपी विनोद दीक्षित पर पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी की हत्या का षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विशाल प्रदर्शन के दौरान, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को निशाना बनाकर हमला किया गया। कांग्रेस महासचिव का दावा है कि एसीपी विनोद दीक्षित ने यह षड्यंत्र रचा और पुलिस नियमों की अवहेलना करते हुए पटवारी पर जानलेवा हमला करवाया। राकेश सिंह यादव ने फोटोग्राफ और वीडियो ट्वीट करते हुए बताया कि एक पुलिसकर्मी ने बेरिकेड्स के पीछे से धोखे से पटवारी के सर पर लगातार 10 से 15 वार किए। SP ने हमले का आदेश दिया- राकेश सिंह यादव राकेश सिंह यादव ने यह भी आरोप लगाया कि एसीपी दीक्षित ने इस हमले का आदेश दिया था। “यह सारा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है। एसीपी विनोद दीक्षित ने सुपारी किलर जैसा काम किया है। हम मांग करते हैं कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाए। कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुरजीत चड्डा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने पुलिस आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंप कर इस पूरे मामले में हत्या की साजिश का आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की हैं। ज्ञापन के अंदर कांग्रेसियों ने लिखा है यह ज्ञापन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से दिया जाना था। पहले से ही या घोषणा कर दी गई थी कि हम संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे संभाग आयोग के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम मौके पर आए, लेकिन उनके द्वारा आने में विलंब किया गया।  ऐसी स्थिति में कार्यकर्ता अंदर ज्ञापन देने के लिए जाने की कोशिश कर रहे थे इस पूरे राजनीतिक आंदोलन में पुलिस के द्वारा अति गंभीर भूमिका का निर्माण किया गया हैं। NSUI की भूख हड़ताल का तीसरा दिन: रामधुन का शुरू किया पाठ, पीसीसी चीफ छात्रों से कर सकते हैं मुलाकात पुलिस की ओर से दंगाइयों पर उपयोग की जाने वाले वज्र से कांग्रेसियों पर वाटर कैनन चलाई गई। इसके साथ ही पुलिस ने लाठीचार्ज का आदेश देकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को लाठी से पीटा। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के द्वारा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को घेर कर उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर दी। इसी दौरान पटवारी के सिर  पर भी लाठी से प्रहार किया गया। इसके साथ ही कांग्रेस के कुछ पार्षदों और मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया। फिलहाल इस पूरे मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कांग्रेस द्वारा की गई हैं। recent visitors 139

अब फिर हथकरघा उद्योग को आशा की न केवल किरण नजर आ रही है, बल्कि यह उद्योग ही मांग के आकाश पर छाने लगा

इंदौर एक वक्त था, जब शहर में हथकरघा उत्पाद की जड़ें जमती जा रही थीं। फिर कपड़ा मिल का दौर आया और हैंडलूम की जगह पावरलूम ने ले ली। वक्त के साथ हथकरघा उत्पाद की मांग कम होती गई। मगर, अब फिर इस उद्योग को आशा की न केवल किरण नजर आ रही है, बल्कि यह उद्योग ही मांग के आकाश पर छाने लगा है। प्रयासों के ताने-बाने से एक बार फिर हथकरघा की खूबसूरत दुनिया सुरक्षित महसूस कर रही है। यह प्रयास कोई एक व्यक्ति, संस्था या एक पद्धति से नहीं, बल्कि साझा रूप से हो रहा है। पारंपरिक ढंग से तैयार होने वाले हथकरघा उत्पाद पर नई डिजाइन की खूबसूरती की झलक दिख रही है। हाथ से बुने हुए कपड़ों की डिजाइनर ड्रेसेस इसका चलन बढ़ा ही रही हैं।   महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी हैं हथकरघा के शौकीन इसके साथ ही स्टार्टअप और महिलाओं के समूह भी अपने स्तर पर इसकी लोकप्रियता व उपयोगिता बढ़ा रहे हैं। परिणाम यह है कि बीते दो वर्षों में इंदौर में हथकरघा उत्पाद की मांग में करीब 30 प्रतिशत इजाफा हो गया है। एक और अच्छी बात यह है कि हथकरघा उत्पाद के शौकीनों में केवल महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी शामिल हैं। दरअसल, अब उनकी पसंद के अनुरूप भी कपड़े डिजाइन हो रहे हैं। पहनावे में अभी भी बनी हुई है पारंपरिक पसंद एक तरफ हमारा देश पश्चिमी संस्कृति की ओर आगे बढ़ रहा है, लेकिन पहनावे में आज भी वह पारंपरिक पसंद ही कर रहा है। महिलाएं आज भी यह जानती हैं कि उनकी सुंदरता साड़ी पहनने के बाद ही निखरती है। खासतौर से उस साड़ी से, जो हाथ से बनाई गई हो। खास बात है कि जो युवतियां फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं, वे भी हथकरघा उत्पाद को बड़े मंचों तक पहुंचा रही हैं। विदेशों में भी बन गए हैं हथकरघा के ग्राहक वह इसके प्रशिक्षण के लिए भी जा रही हैं। कई महिलाओं ने हथकरघा का व्यापार भी ऑनलाइन शुरू किया है। इसका परिणाम यह है कि विदेश में भी अब उनके ग्राहक बन गए हैं। कुछ ने हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बना लिए हैं और इनके आयोजन में शामिल होने की शर्त है हथकरघा से तैयार साड़ी पहनकर आना। धनाड्य वर्ग में तेजी से बढ़ा है हैंडलूम का चलन बड़ी-बड़ी पार्टियों में इसका चलन काफी बढ़ गया है। हम यह भी कह सकते हैं हथकरघा का चलन अब धनाढ्य वर्ग में काफी तेजी से चल रहा है। इसमें केवल साड़ी और ड्रेस मटेरियल ही शामिल नहीं बल्कि दुपट्टे, शर्ट, क्रॉप टॉप, लोअर, ट्राउजर, जैकेट, कुशन कवर, गलीचे, सजावटी कालीन आदि शामिल हैं। इंटरनेट ने भी इंडस्ट्री को किया है प्रमोट कारोबार करने वाले व्यापारी बताते हैं कि हथकरघा के चलने बढ़ने का एक बड़ा कारण इंटरनेट मीडिया भी है। इसके माध्यम से घर बैठे-बैठे लोग इसे प्रमोट कर पा रहे हैं। कई स्टार्टअप इसकी बदौलत आज विश्वभर में पहचान बना रहे हैं। विदेश में भी शादियां होती हैं, तो वहां भी हथकरघा की साड़ियों का चलन है। हमारे पास वहां से भी ऑर्डर आते हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं को मिला रोजगार सरकार की ओर से भी हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चलाईं जा रही हैं। इसमें प्रिंटिंग की ट्रेनिंग फ्री में दी जा रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं योजनाओं का लाभ उठाकर अब आत्मनिर्भर बन रही हैं। अब वह खुद ही कपड़ों की प्रिंटिंग करती है तो और उन्हें दुकानों तक पहुंचाती हैं। इससे कई परिवारों में खुशियां आई है। recent visitors 128

श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में मटेरियल सप्लाई गड़बड़ी पर तीन अभियंता निलंबित

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी के प्रबंधन ने श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया (खंडवा) में मटेरियल सप्लाई में हुई गड़बड़ी पर एक कार्यपालन अभियंता, दो सहायक अभियंता एक सुरक्षा कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। पिछले दिनों संज्ञान में आया था कि श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में की गई मटेरियल सप्लाई के बॉक्स में स्क्रेप मिला था। पावर जनरेटिंग कंपनी ने इस बात को गंभीर मानते हुए त्वरित रूप से जांच करने के लिए मुख्यालय जबलपुर से चार सदस्यों की एक समिति गठित की। समिति ने श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में जाकर प्राथमिक जांच कर अपनी रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को सौंपी। समिति द्वारा प्रस्तुत किये गए जाँच प्रतिवेदन के आधार पर पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गयी है। सप्लाई करने वाली कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई कंपनी प्रबंधन द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर मटेरियल सप्लाई करने वाली फर्म मेसर्स क्रिशिव पावर बिरसिंगपुर के विरूद्ध कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी द्वारा फर्म को दिये गए आदेशों के परिपालन को तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। सभी के विरूद्ध होगी कड़ी कार्रवाई ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने पावर जनरेटिंग कम्पनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह को कंपनी को नुकसान पहुंचाने वाले अभियंताओं, कर्मचारियों, सप्लायर व ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।   recent visitors 126