मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पूरे बुंदेलखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

झाँसी बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में झांसी सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में भारी बारिश (Heavy Rain Alert) का अलर्ट जारी किया है। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे क्षेत्र में इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है मौसम वैज्ञानिक एके सिंह के अनुसार, एक नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से बुंदेलखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्र में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, तेज हवाएं और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। किसानों को मिली बड़ी राहत लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। बारिश से फसलों को नई जान मिलेगी और सूखे की स्थिति में सुधार होगा। किसानों ने इस बारिश को अच्छी फसल के लिए शुभ संकेत माना है। प्रशासन अलर्ट पर जिला प्रशासन ने बारिश के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। मौसम विभाग का अनुमान मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बुंदेलखंड में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, बारिश की तीव्रता में कुछ बदलाव हो सकते हैं। recent visitors 114

देश में सीमेंट की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने उद्योग में वर्ष (2025-26) में 3.5 से चार करोड़ टन क्षमता बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली  देश में चालू वित्त वर्ष में सीमेंट की मांग सात से आठ प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। अल्ट्राटेक सीमेंट ने हाल ही में जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि इस वृद्धि को देशभर में निर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी से मदद मिलेगी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी ने कहा कि इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए सीमेंट उद्योग में अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 3.5 से चार करोड़ टन क्षमता बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा, मांग में इस वृद्धि से चालू वित्त वर्ष (2024-25) में उद्योग का क्षमता इस्तेमाल 72 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जो 2022-23 में लगभग 68 प्रतिशत था। अल्ट्राटेक ने कहा, “देश भर में बुनियादी ढांचे और आवास क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों में वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में सीमेंट की मांग सात से आठ प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।” पीएम गति शक्ति के सिद्धांतों का पालन करते हुए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की एकीकृत और समन्वित योजना और कार्यान्वयन पर ‘एकजुट ध्यान’ दिया गया है। कंपनी ने कहा कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए व्यय आवंटित करने को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, एकल नोडल एजेंसी/ट्रेजरी एकल खाता प्रणाली का उपयोग करके संसाधनों को समय पर जारी करके नकदी प्रबंधन की दक्षता को बढ़ाया गया है। कंपनी के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि भारत का बुनियादी ढांचा क्षेत्र ‘उल्लेखनीय वृद्धि’ के लिए तैयार है, जिसमें अगले पांच साल में निवेश में सालाना 15.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। निवेश बैंक एवं वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिड़ला ने कहा, ‘‘इस वृद्धि के परिणामस्वरूप कुल खर्च 1,450 अरब डॉलर हो सकता है।’’     recent visitors 192

Indian wrestlers की नजरें कुश्ती में पदक का सिलसिला जारी रखने पर होंगी, विनेश प्रबल दावेदार

पेरिस भारत को अगर ओलंपिक खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में पदक जीतने का सिलसिला जारी रखना है तो फिर सोमवार से यहां शुरू होने वाले मुकाबलों में विनेश फोगाट सहित सभी छह पहलवानों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारत ने बीजिंग ओलंपिक 2008 से लेकर प्रत्येक ओलंपिक खेल में कुश्ती में पदक जरूर जीता है। ऐसे में सभी की निगाह अनुभवी पहलवान विनेश पर टिकी रहेंगी जिनका पिछला कुछ समय उथल-पुथल में बीता है। विनेश ने विश्व चैंपियनशिप में दो, राष्ट्रमंडल खेलों में तीन और एशियाई चैंपियनशिप में आठ पदक जीते हैं लेकिन वह अभी तक ओलंपिक पदक नहीं जीत सकी है। ओलंपिक से पहले विनेश को अभ्यास का पर्याप्त मौका नहीं मिला। वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर धरना प्रदर्शन करने वाली प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रही। विनेश की चुनौतियां यहीं पर समाप्त नहीं हुई। वह विश्व चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकी। अंतिम पंघाल ने उनके वजन वर्ग 53 किग्रा में कोटा हासिल कर दिया। इस कारण विनेश को 50 किग्रा वजन वर्ग में अपनी चुनौती पेश करनी पड़ रही है। वह गैर वरीयता प्राप्त है जिसका मतलब है कि उनका सफर आसान नहीं होगा। विनेश के लिए आसान नहीं होगी राह विनेश के इस वजन वर्ग में कई दिग्गज पहलवान शामिल हैं जिनमें चार बार की विश्व चैंपियन युई सुसाकी, चार बार की ओलंपिक पदक विजेता मारिया स्टैडनिक, टोक्यो खेलों की कांस्य विजेता सारा हिल्डेब्रांट और दो बार की विश्व पदक विजेता डोलगोरजाविन ओटगोंजरगल प्रमुख हैं। अंशु मलिक (महिला 57 किग्रा) और अमन सहरावत (पुरुषों का 57 किग्रा) भी पदक के दावेदारों में शामिल हैं। अंशु की फिटनेस को लेकर हालांकि संदेह बना हुआ है क्योंकि अभ्यास के दौरान उनकी गर्दन में ऐंठन आ गई थी।   अनुकूल नहीं अंतिम की तैयारी अंतिम पंघाल की तैयारी भी अनुकूल नहीं रही हैं। उन्हें पिछले साल एशियाई खेलों के बाद प्रतियोगिताओं में किसी तरह की कड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है। पीठ की चोट के कारण वह इस साल मार्च में एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। भारत पहली बार महिलाओं के 76 किग्रा हैवीवेट वर्ग में चुनौती पेश करेगा जिसमें रीतिका दांव लगाएगी। उन्हें पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा है लेकिन वह छुपा रुस्तम साबित हो सकती है और अपने प्रदर्शन से लोगों को चौंका सकती है। ओलंपिक में चुनौती पेश कर रहीं भारत की एक अन्य पहलवान निशा दहिया के पास बहुत कम अनुभव है। वह महिलाओं के 68 किग्रा भार वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगी। विनेश के इस वजन वर्ग में कई दिग्गज पहलवान शामिल हैं जिनमें चार बार की विश्व चैंपियन युई सुसाकी, चार बार की ओलंपिक पदक विजेता मारिया स्टैडनिक, तोक्यो खेलों की कांस्य विजेता सारा हिल्डेब्रांट और दो बार की विश्व पदक विजेता डोलगोरजाविन ओटगोंजरगल प्रमुख हैं। अंशू मलिक (महिला 57 किग्रा) और अमन सहरावत (पुरुषों का 57 किग्रा) भी पदक के दावेदारों में शामिल हैं। अंशु की फिटनेस को लेकर हालांकि संदेह बना हुआ है क्योंकि अभ्यास के दौरान उनकी गर्दन में ऐंठन आ गई थी। अंतिम पंघाल की तैयारी भी अनुकूल नहीं रही हैं। उन्हें पिछले साल एशियाई खेलों के बाद प्रतियोगिताओं में किसी तरह की कड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है। पीठ की चोट के कारण वह इस साल मार्च में एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। भारत पहली बार महिलाओं के 76 किग्रा हैवीवेट वर्ग में चुनौती पेश करेगा जिसमें रीतिका दांव लगाएगी। उन्हें पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा है लेकिन वह छुपा रुस्तम साबित हो सकती है और अपने प्रदर्शन से लोगों को चौंका सकती है। ओलंपिक में चुनौती पेश कर रही भारत की एक अन्य पहलवान निशा दहिया के पास बहुत कम अनुभव है। वह महिलाओं के 68 किग्रा भार वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेगी।   recent visitors 106

ईरान के बदलते तेवर ‘इजरायल के अंदर तक होना चाहिए हमला’

वाशिंगटन अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को उम्मीद है कि संघर्ष बढ़ने के बीच ईरान सोमवार को इजरायली क्षेत्र पर हमला करेगा। ‘एक्सियोस पोर्टल’ ने तीन स्रोतों का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट दी। प्रकाशन में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि ईरानी प्रतिशोध अप्रैल के मध्य में इज़राइल पर हमले के समान होगा, लेकिन संभावित रूप से इसका दायरा बड़ा होगा, क्योंकि इसमें लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह भी शामिल हो सकता है। फिलिस्तीनी आंदोलन हमास ने बुधवार को अपने राजनीतिक नेता, इस्माइल हानिया की तेहरान में उनके आवास पर एक इजरायली हमले के परिणामस्वरूप मौत की सूचना दी, जहां वह नए ईरानी राष्ट्रपति के उद्घाटन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। आंदोलन ने हानिया की मौत के लिए इज़रायल और अमेरिका को दोषी ठहराया और कहा कि हमला अनुत्तरित नहीं रहेगा। पेंटागन प्रमुख लॉयड ऑस्टिन ने दावा किया कि उन्हें हानिया की मौत और इज़रायल की कथित संलिप्तता के बारे में कुछ नहीं कहना है। बदले में इज़रायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि वे हानिया की हत्या के बारे में “मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं”। जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि इजरायली अधिकारियों ने मंत्रियों को हमास नेता की हत्या के बारे में नहीं बोलने का निर्देश दिया था। बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंका और दुनिया के अन्य देशों की बढ़ती टेंशन के बीच 10 प्वाइंट्स में समझिए हालिया घटनाक्रमों को, जिससे हालात नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। 1. इजरायल-हमास के बीच महीनों से जारी जंग के बीच लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबूल्लाह ने भी इजरायल पर हमले शुरू किए थे। हालात तब और भी बिगड़ने शुरू हुए, जब इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में हिजबुल्लाह ने विनाशकारी रॉकेट दागे। 2. इजरायल ने हमले को लेकर कहा था कि गोलान हाइट्स में रॉकेट हमले के लिए हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुक्र जिम्मेदार था, जिसमें उसके 12 नागरिकों की मौत हो गई थी। इजरायल ने कहा था कि गाजा के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से फुआद ने इजराइल पर हिजबुल्लाह के हमलों का नेतृत्व किया था। 3. इसके बाद मंगलवार को इजरायल के जवाबी हमले में हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुक्र की मौत हो गई थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसमें तीन महिलाएं और दो बच्चे शामिल थे। 4. इधर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार फुआद शुक्र की हत्या के कुछ घंटों बाद बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक नेता, इस्माइल हानिया की उसके आवास पर सुबह-सुबह एक मिसाइल हमले से हत्या कर दी गई थी। हमले को लेकर इजरायल ने टिप्पणी से इनकार कर दिया था। वहीं ईरान ने हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए बदला लेने की कसम खाई थी। 5. एजेंसी एएफपी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को ईरान के मिशन ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि उसे उम्मीद है कि हिजबुल्लाह इजरायल के अंदर तक हमला करेगा और इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह कमांडर को मारने के बाद अब हमले सैन्य लक्ष्यों तक सीमित नहीं रहेंगे। ईरान ने कहा कि हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच लगभग रोजाना गोलीबारी हो रही है। 6. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने कहा कि दक्षिण बेरूत के एक भीड़भाड़ वाले आवासीय क्षेत्र में इजरायल द्वारा किए गए हमले ने हालात बदल दिए हैं। समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार मिशन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हिज़्बुल्लाह अपनी प्रतिक्रिया में बड़ा लक्ष्य चुनेगा और हमला करेगा। 7. ईरान के मिशन ने कहा, 'हिजबुल्लाह और इजरायल ने कुछ निश्चित सीमाओं का पालन किया था, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों और सैन्य लक्ष्यों पर हमले सीमित करना शामिल था, लेकिन बेरूत हमले ने उस रेखा को पार कर लिया है। 8. इधर, इजरायल-ईरान युद्ध की बढ़ती आशंका के बीच अमेरिका ने सतर्कता बढ़ा दी है। एएफपी के अनुसार पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाएगा। ईरान या उसके प्रतिनिधियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और लड़ाकू जेट तैनात करेगा। 9. यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों के नेता ने भी इस्माइल हानिया की हत्या पर सैन्य प्रतिक्रिया की कसम खाई है। एएफपी के अनुसार अब्दुल मलिक अल-हुथी ने एक टेलीविजन भाषण में कहा कि इन अपराधों पर सैन्य प्रतिक्रिया होनी चाहिए। 10. क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बाद भारत भी सतर्क हो गया है और इजरायल में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा गया है। इससे पहले लेबनान के बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक लेबनान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है और उन्हें लेबनान छोड़ने के लिए भी कहा है।     recent visitors 121

15 अगस्त से पहले 7 लाख कर्मचारी-अधिकारियों की होगी बल्ले-बल्ले

भोपाल मध्य प्रदेश के करीब 7 लाख अधिकारी और कर्मचारियों को मध्य प्रदेश सरकार खुशखबरी देने जा रही है। उनकी लंबे समय से महंगाई राहत भत्ते की मांग अब जल्द पूरी होते दिख रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 अगस्त को कर्मचारियों को महंगाई राहत दिए जाने का आदेश जारी कर सकते हैं। वहीं, सरकार ने कर्मचारियों के लिए एरियर का रास्ता भी साफ कर दिया है। ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन 2023 के महंगाई राहत भत्ते में बढ़ोत्तरी के एरियर की राशि भी यह कर्मचारी निकाल पाएंगे। इसके लिए प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कोषालय द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इन कर्मचारियों को जुलाई और अगस्त माह के एरियर की राशि एक साथ मिल जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने एरियर की राशि तीन किश्तों जुलाई, अगस्त और सितंबर 2024 माह में दिए जाने का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि रक्षाबंधन के पहले एक साथ चार माह की ऐरियर की राशि कर्मचारियों के खाते में पहुंच सकती है। गौरतलब है कि हर माह 2-2 माह की ऐरियर की राशि कर्मचारियों की दी जाना प्रस्तावित है। लंबे समय से हो रही थी मांग मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार 15 अगस्त के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस संबंध में ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद कर्मचारी, अधिकारियों का महंगाई भत्ता 46 प्रतिशत से बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा। इसके लिए बजट में इसको लेकर पहले ही प्रावधान किया जा चुका है। प्रदेश के कर्मचारी संगठन महंगाई राहत में बढ़ोत्तरी को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। पिछले तीन सालों से इसके लिए भी आंदोलन, प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है, लेकिन प्रदेश के कर्मचारी इस मामले में 6 माह पीछे हो गए हैं। वर्तमान समय में केन्द्रीय कर्मचारियों को 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे मार्च 2024 में बढ़ाया गया था। वहीं लोकसभा चुनाव के पहले राज्य सरकार ने यह भत्ता 42 से बढ़ाकर 46 प्रतिशत कर दिया था। इसकी गणना जनवरी और जुलाई से होती है। केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी में और जुलाई में डीए की गणना की जाती है। लेकिन मध्य प्रदेश के कर्मचारी अभी तक इस बात का इंतजार कर रहे थे, अब संभावना है कि 15 अगस्त को उनकी मांग पूरी हो सकती है। recent visitors 103

निकहत ने प्री क्वार्टर फाइनल में हार को अपने करियर की सबसे दर्दनाक हार बताया

पेरिस  निकहत जरीन ने पेरिस खेलों के प्री क्वार्टर फाइनल में हार को अपने करियर की सबसे दर्दनाक हार बताया और भारतीय मुक्केबाजी स्टार ने ओलंपिक पदक जीतने के अपने सपने को पूरा करने के लिए नए जोश के साथ वापसी करने की कसम खाई। खेलों से पहले पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही निकहत को 50 किग्रा महिला मुक्केबाजी में शीर्ष वरीयता प्राप्त एशियाई खेलों की चैंपियन चीन की वू यू के खिलाफ सर्वसम्मत फैसले में हार का सामना करना पड़ा। निकहत ने ‘इंस्टाग्राम’ पोस्ट में लिखा, ‘‘मैंने इतने लंबे समय से जिस ओलंपिक सपने को संजोया था वह वैसा नहीं हुआ जैसा मैंने उम्मीद की थी। अनगिनत घंटों की ट्रेनिंग, त्याग और दृढ़ निश्चय के बाद यह पल मेरे हाथ से फिसल गया।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘यह हार मेरे लिए अब तक की सबसे कठिन हार है और लगभग असहनीय है। मेरा दिल भारी है लेकिन यह टूटा नहीं है। मैं इसे विनम्रता से स्वीकार करती हूं और अपने जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता खोजने की पूरी कोशिश करूंगी।’’ निकहत ने पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले छह भारतीय मुक्केबाजों में सबसे पहले यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक पदक जीतना मेरा सबसे बड़ा सपना था और मैंने यहां तक पहुंचने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। पेरिस 2024 की यात्रा चुनौतियों से भरी थी – एक साल तक चोट से जूझना, अपना स्थान वापस पाने के लिए संघर्ष करना, प्रतिस्पर्धा करने के अवसर के लिए संघर्ष करना और अनगिनत बाधाओं को पार करना, ये सब इस वैश्विक मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर के लिए था।’’ इस मुक्केबाज ने कहा, ‘‘मैं अपने सपने को पूरा करने के अवसर के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन नियति ने कुछ और ही योजना बनाई थी। यहां पेरिस में इसे हासिल नहीं कर पाना निराशाजनक है। मैं चाहती हूं कि मैं समय को पीछे ले जा सकूं और एक अलग परिणाम के लिए और भी अधिक प्रयास कर सकूं, लेकिन यह मेरी इच्छा ही है।’’ दो बार की विश्व चैंपियन ने और मजबूती से वापसी करने की कसम खाई। निकहत ने कहा, ‘‘मैं वादा करता हूं कि यह अंत नहीं है। मैं उबरने और तनावमुक्त होने के लिए स्वदेश लौटूंगी। यह सपना अब भी जीवित है और मैं नए जोश के साथ इसका पीछा करना जारी रखूंगी। यह अलविदा नहीं है बल्कि वापस लौटने और भी ज्यादा संघर्ष करने और आप सभी को गौरवांवित करने का वादा है। मेरे साथ खड़े रहने के लिए आपका धन्यवाद। यात्रा जारी है।’’     recent visitors 109

सोनप्रयाग-गौरी कुंड के बीच वाशआउट एरिया में पैदल पुल बनाने का कार्य शुरू

केदार घाटी आपदा : सोनप्रयाग में पैदल पुल बनाने में जुटी सेना, रेस्क्यू कार्यों में आएगी तेजी सीएम धामी ने कहा, ‘केदारनाथ से 7000 से ज़्यादा को निकाला, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता’  सोनप्रयाग-गौरी कुंड के बीच वाशआउट एरिया में पैदल पुल बनाने का कार्य शुरू देहरादून/शिमला  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सोनप्रयाग में पुल निर्माण प्रारंभ हो गया है। जल्द ही चारधाम यात्रियों के लिए पुल बनकर तैयार होगा। आपदा प्रभावित राज्य उत्तराखंड में रेस्क्यू कार्यों में सेना ने मदद का हाथ बढ़ाया है। इससे रेस्क्यू कार्यों में तेजी आएगी। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए शासन-प्रशासन लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। रेस्क्यू कार्यों में तेजी लाने के लिए अब सेना की भी मदद ली जा रही है। रुद्रप्रयाग जनपद में तैनात छह ग्रेनेडियर यूनिट कर्नल हितेश वशिष्ठ के नेतृत्व में सेना रास्तों को पुनर्स्थापित करने और पुल बनाने के अलावा सर्च ऑपरेशन में मदद करेगी। प्राथमिकता के आधार पर पहले सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाशआउट हुए मार्ग पर पैदल पुल बनाया जा रहा है।जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे मौके पर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम धामी ने कहा, ‘केदारनाथ से 7000 से ज़्यादा को निकाला, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता’  केदारनाथ में हुई अतिवृष्टि और लैंडस्लाइड की घटना के बाद वहां फंसे यात्रियों को निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में हजारों यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है जबकि अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है इसके साथ ही जो लोग फंसे हुए हैं उनके लिए खाने पीने का इंतजाम भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि बारिश की वजह से हुए लैंडस्लाइड के कारण कई रास्ते टूटे हुए हैं कई घरों को नुकसान पहुंचा है और जो लोग फंसे हुए हैं प्राथमिकता के तौर पर उनको निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 7 हजार से ज्यादा यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ मार्ग में जो यात्री फंसे हुए हैं उनके लिए खाने-पीने के राशन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। हिमाचल में 37 दिनों में बादल फटने, फ़्लैश फ्लड औऱ भूस्खलन की 47 घटनाएं, 10 की मौत, 46 लापता हिमाचल प्रदेश में इस बार भी मानसून तबाही मचा रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी मानसून ने प्रदेशवासियों को गहरे जख्म दिये हैं। राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा का तांडव देखने को मिला है। बाढ़ व भूस्खलन ने परिवार के परिवार खत्म कर दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़े स्तब्ध करने वाले हैं। परिचालन केंद्र की रिपोर्ट में मानसून सीजन के पिछले 37 दिनों में प्रदेश में फ़्लैश फ्लड, भूस्खलन व बादल फटने की 47 घटनाएं सामने आई हैं। राज्य के 22 स्थानों पर फ़्लैश फ्लड ने कहर बरपाया, 17 स्थानों पर भूस्खलन और आठ जगह बादल फटने से तबाही हुई। इनमें 10 लोगों की जान गई और 46 लापता हो गए। चार लोग घायल हैं। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बादल फटने की अलग-अलग घटनाओं में 120 घर क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 64 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए जबकि 37 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचाया। फ्लैश फ्लड ने 18 और भूस्खलन ने एक घर को धराशायी किया। फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने से 14 दुकानें भी बह गईं। इससे 24 पशुशालाएँ भी ध्वस्त हुईं और 54 मवेशियों की जान गई। बादल फटने की ज़्यादातर घटनाएं शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में सामने आईं। 31 जुलाई की रात इन तीन जिलों में बादल फटने से 10 लोग मारे गए और 45 लापता हैं। शिमला जिला के रामपुर उपमण्डल का समेज गांव बादल फटने से पूरी तरह तबाह हो गया। हादसे में 36 लोग लापता हैं। शिमला के समेज में सर्च ऑपरेशन चौथे दिन जारी, लापता लोगों का नहीं मिला सुराग शिमला के समेज में बादल फटने की घटना के बाद लापता 36 लोगों को ढूंढने का कार्य लगातार चौथे दिन जारी है। सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। ऐसे में अब सर्च ऑपरेशन में लाइव डिटेक्टर डिवाइस और स्निफर डॉग की मदद ली जा रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ पुलिस, आईटीबीपी, होमगार्ड के जवान करीब 85 किलोमीटर एरिया में सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। होमगार्ड कमांडेंट आरपी नेपटा ने बताया कि बीती शाम रिव्यू मीटिंग हुई है। जिसमें सभी रेस्क्यू दलों को अलग-अलग टास्क दिए गए हैं। बीते कल पुल बनाने में नदी पार करने में कुछ समय जरूर लगा लेकिन आज बैली ब्रिज बनाए जा रहे हैं। सर्च ऑपरेशन के चौथे दिन संभावना है कि अधिक से अधिक शवों को निकाल लिया जाएगा। अगले चार दिन भारी वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट राज्य में पिछले 24 घण्टों के दौरान भारी बारिश में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। बिलासपुर के बरठीं में 19 और कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में 14 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है। इसके अलावा कांगड़ा व कुकुमसेरी में नौ-नौ और मनाली में छह मिलीमीटर वर्षा हुई। राजधानी शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी 10 अगस्त तक राज्य में मौसम के खराब रहने का अनुमान जताया है। आठ अगस्त तक राज्य के मैदानी व मध्यपर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों व सैलानियों को नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और भूस्खलन सम्भावित इलाकों की यात्रा न करने की हिदायत दी है।   recent visitors 180