वायनाड में वन अधिकारियों ने 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया

वायनाड केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं. इस भयानक आपदा के बीच एक सुखद खबर भी सामने आई है जहां भूस्खलन प्रभावित वायनाड में केरल के वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया. इस रेस्क्यू अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, "वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे तथा और मजबूत होकर उभरेंगे." कलपेट्टा रेंज के वन अधिकारी के. हशीस के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एक आदिवासी परिवार को बचाने के लिए जंगल के अंदर एक खतरनाक रास्ते को पार करते हुए इस रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया. बचाए गए बच्चों में आदिवासी समुदाय के एक से चार साल की उम्र के चार बच्चे शामिल हैं. जंगल के अंदर पहाड़ी पर फंसा था परिवार वायनाड के पनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाला यह परिवार एक पहाड़ी की चोटी पर एक गुफा में फंसा हुआ था, जिसके ऊपर एक गहरी खाई है और टीम को वहां पहुंचने में साढ़े चार घंटे से अधिक का समय लगा. पीटीआई से बात करते हुए, हशीस ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को मां और चार साल के बच्चे को वन क्षेत्र के पास भटकते हुए देखा और पूछताछ करने पर पता चला कि उसके तीन अन्य बच्चे और उनके पिता बिना भोजन के एक गुफा में फंसे हुए हैं. हशीस ने कहा कि परिवार आदिवासी समुदाय के एक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखता है, जो आम तौर पर बाहरी लोगों से बातचीत करने से बचता है. उन्होंने कहा, "वे आम तौर पर वन उत्पादों पर आश्रित रहते हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर चावल खरीदते हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि भूस्खलन और भारी बारिश के कारण वे कोई भोजन प्राप्त करने में असमर्थ थे." चट्टानों पर चढ़ने के लिए लिया था रस्सियों का सहारा वन रेंज अधिकारी ने अपनी खतरनाक यात्रा के बारे में बताया, जिसमें उन्हें भारी बारिश के बीच फिसलन भरी और खड़ी चट्टानों से होकर गुजरना पड़ा. हशीस ने कहा, 'बच्चे थके हुए थे, और हम अपने साथ खाने-पीने का जो भी सामान ले गए थे उन्हें खिलाया. बाद में, बहुत समझाने के बाद, उनके पिता हमारे साथ आने के लिए राजी हो गए, और हमने बच्चों को अपने शरीर से बांध लिया और वापस अपनी यात्रा शुरू कर दी.'  अधिकारियों को फिसलन भरी चट्टानों पर चढ़ने के लिए पेड़ों और चट्टानों से रस्सियां बांधनी पड़ीं. वे अट्टामाला के अपने स्थानीय दफ्तर में वापस आ गए, जहां बच्चों को खाना खिलाया गया और कपड़े और जूते दिए गए. उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें वहां रखा गया है औरबच्चे अब सुरक्षित हैं. केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने वन अधिकारियों के चुनौतीपूर्ण प्रयास की सराहना करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और तस्वीरे साझा कीं. सीएम विजयन ने की तारीफ विजयन ने शुक्रवार को 'एक्स' पर लिखा, "भूस्खलन प्रभावित वायनाड में हमारे साहसी वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक सुदूर आदिवासी बस्ती से छह कीमती जानें बचाई गईं. वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम उम्मीद के साथ एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे और मजबूत होकर उभरेंगे." हशीश के साथ, खंड वन अधिकारी, बी एस जयचंद्रन, बीट वन अधिकारी, के अनिल कुमार और आरआरटी ​​(रैपिड रिस्पांस टीम) के सदस्य अनूप थॉमस ने परिवार को बचाने के लिए सात किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा की. जैसे ही बारिश तेज हुई, वन विभाग ने वायनाड में आदिवासी समुदायों के अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था. अधिकारी ने बताया कि यह परिवार कुछ समय से जंगल के अंदर रह रहा था. recent visitors 120

बुंदेली छात्रावास में बेड व भोजन तक की सुविधा नहीं, बिना तैयारी के छात्रावास का शुभारंभ किया

बुंदेली छात्रावास में बेड व भोजन तक की सुविधा नहीं, बिना तैयारी के छात्रावास का शुभारंभ किया मनेंद्रगढ़/एमसीबी  बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के नाम पर एमसीबी जिले में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बुंदेली में बगैर भोजन, पेयजल व्यवस्था, टॉयलेट व बिस्तर के ही खस्ताहाल पुराने हाई स्कूल भवन के चार कमरों में बालिका छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इससे परेशान होकर कई छात्राओं ने अपना टीसी वापस लेना शुरु कर दिया है। वहीं, 8 छात्रा ने तो टीसी भी वापस ले ली है। एमसीबी जिले में 50 शीटर बालिका छात्रावास का संचालन शुरू किया गया। यहां मरवाही, केल्हारी, खड़गवां और मनेंद्रगढ़ ब्लॉक की दूर-दराज क्षेत्रों की 45 छात्राओं ने दाखिला लिया। छात्रावास में शौचालय, पानी, बिस्तर और भोजन आदि के साथ सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवाल की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं के अभिभावकों का यहां से मोह भंग हो गया। छात्रावास खुले एक माह बीत चुका हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संचालित छात्रावास में पढ़ाई कर रही 8 छात्राओं ने यहां से टीसी वापस ली है। वहीं, 3 छात्राएं छात्रावास से 6 किमी दूर ग्राम धवलपुर अपने रिश्तेदारों के यहां रहने चली गई हैं। और रोजाना वहीं से पढ़ाई के लिए बुंदेली आना-जाना कर कर रही हैं। मरवाही ब्लॉक के ग्राम बेलझिरिया निवासी कक्षा 10वीं की छात्रा दिनेश्वरी ने बताया कि छात्रावास खुलने पर उसके द्वारा यहां दाखिला लिया गया था, लेकिन यहां रहने और खाने की कोई व्यवस्था नहीं हैं। इसकी वजह अपनी मौसी के यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। बहरहाल अब देखना यह हैं कि खस्ताहाल छात्रावास की व्यवस्था कब-तक व्यवस्थित होती हैं? recent visitors 94

संसद में सवाल, सड़क पर बवाल, जलाया केन्द्रिय मंत्री अनुराग का पुतला

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी से जाति पूछने का मुद्दा संसद से निकलकर सड़क पर आ गया है। जाति पूछने वाले नेता केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर खिलाफ कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस से झूमा झटकी के बीच केन्द्रीय मंत्री का पुतला जलाया।  संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जाति का सवाल  पूछने का मुद्दा गरम होता जा रहा है। नाराज कांग्रेस नेताओं में आक्रोश धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। यद्यपि राहुल गांधी से अनुराग सिंह ने माफीनामा मांगने से इंकार कर दिया। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मंत्री को माफ नहीं करने का फैसला कर लिया है। इसी क्रम में विऱोध करते हुए कांग्रेस नेताओं ने मनेन्द्रगढ़ स्थित भगत सिंह चौक के सामने अनुराग सिंह का पुतला जलाया है। जमकर चला लुका छिपी का खेल शहर ज़िला कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में नेताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का एमसीबी जिलें के मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ के भगत सिंह चौक पर पुतला जलाया। इस दौरान कांग्रेसियों द्वारा मुर्दाबाद और शर्म करो का नारा लगाया। पुतला दहन के दौरान कांग्रेसियों ने पुलिस बल को जमकर छकाया। यद्यपि पुलिस टीम पुतला तलाशती रही। लेकिन कांग्रेसियों ने रणनीति के तहत पुतला जलाने और छिपाने की भनक नहीं लगने दिया।  मौका देखते ही कांग्रेस के युवा नेता पुलिस के सख्त पहरे के बीच भगत सिंह चौक में अनुराग ठाकुर का पुतला जलाया। जिसमें प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, युवा कांग्रेस एनएसयूआई, महिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शामिल हुए । कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पुतला दहन किया गया। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन में विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी को अपमानित किया है। जानते हुए भी ऐसा किया जाना असंवैधानिक है। बावजूद इसके प्रधानमंत्री ने ट्विट कर भारतीय जनता पार्टी की चाल चरित्र को उजागर कर दिया है। अनुराग ठाकुर भाजपा का विषाक्त तीर हैं। भाजपा इस समय हताशा की दौर से गुजर रही है। किसी भी समस्या का सामने करने भाजपा नेता बच रहे हैं। ध्यान भटकाने और देश का माहौल खराब करने अनाप शनाप बयान दे रहें हैं। अनुराग पाण्डेय भाजपा के भड़काऊ टूल्स हैं। अनुराग ठाकुर ने इसके पहले भी कई बार भड़काऊ बयान दे चुकें हैं। शाहीन बाग आंदोलन में ठाकुर ने ”गोली मारो” वाला बयान देकर देश का माहौल खराब किया। इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेता संसद में बैकफुट पर हैं। बजट में विसंगतियों से घिरी सरकार का विपक्ष मुखर होकर विरोध कर रहा है। सरकार के पास विपक्ष के प्रश्नों का का जवाब नहीं है। ऐसे में भाजपा के पास एक ही विकल्प अनुराग ठाकुर जैसे सांसद हैं। जिन्हें अनाप शनाप बोलने के लिए छुट्टा छोड़ दिया गया है। अब खुलने लगी भ्रष्टाचार की पोल केंद्र सरकार ने दम्भ के साथ विकास के जो भी वादे किए…उसकी सच्चाई धीरे धीरे सामने आने लगी है। राममंदिर के गर्भगृह,संसद के नए भवन में पानी का रिसाव देशवासी देख रहें हैं। पिछले दस सालों में जमकर भ्रष्टाचार का खेल हो रहा है। पिछले एक महीने में 12  ट्रेन पटरी से उतर चुकी है। एक दर्जन से अधिक पुल भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुके हैं। महंगाई, बेरोजगारी, किसान और मजदूरो की समस्याएं चरम पर हैं। माफ नहीं करने वाले लोकसभा में राहुल गांधी के प्रश्नों का ना तो प्रधानमंत्री के पास जवाब है और ना ही भाजपा के किसी नेता के पास। सरकार जाति जनगणना नही कराना चाहती। लेकिन राहुल गांधी के मुद्दों को लेकर आक्रामक हैं। इसलिए प्रधानमंत्री ने अनुराग ठाकुर को देश का माहौल बिगाड़ने के लिए एक बार फिर जिम्मा दिया है। कांग्रेसी नेताओं ने जोर देते हुए कहा कि बेशक राहुल गांधी ने अनुराग सिंह ठाकुर को माफ कर दिए। लेकिन हम माफ नहीं करने वाले हैं। recent visitors 78

लोगो ने दूरभाष के माध्यम से कलेक्टर को बताई समस्याएं

लोगो ने दूरभाष के माध्यम से कलेक्टर को बताई समस्याएं कलेक्टर ने 7 दिवस में निराकरण करने के दिए निर्देश शहडोल  कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जनमानस की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के उदेश्य से कलेक्टर शहडोल श्री तरूण भटनागर की पहल पर फोनइन कार्यक्रम शहडोल जिले में जिला प्रशासन द्वारा प्रारम्भ किया गया है। फोनइन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री तरूण भटनागर दूरभाष पर प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 03 बजे से 05 बजे तक शहडोल जिले के दूर-दराज के लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनकर उनकी समस्याए और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करा रहे हैं। फोन इन कार्यक्रम में आज शहडोल जिले के दूर-दराज के लोगों ने कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताई। जिस पर कलेक्टर ने लेागो की समस्याए और शिकयतों को अति गंभीरता के साथ सुना और समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियेां को 7 दिवस के अंदर निराकरण की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।       गौरतलब है कि आमजन प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से सांय 5 बजे तक दूरभाष क्रमांक 07652-241700 पर कलेक्टर शहडोल से सीधा संवाद कर अपनी शिकायतांे से अवगत करा सकेंगे। इस नवाचार से शहडोल जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों का समय बचेगा और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़ेगा। साथ ही आसानी से कलेक्टर से घर बैठे सीधा संवाद कर अपनी समस्याओं को अवगत करा सकेंगें। recent visitors 87

पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजनांतर्गत जिपं. सभागार में प्रशिक्षण सम्पन्न

अनूपपुर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजनांतर्गत आज जिला पंचायत के सभागार में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.के. सोनी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में बीआरसीसी, बीएसी एवं जनशिक्षक उपस्थित रहे।     प्रशिक्षण जिला पंचायत की क्वालिटी मॉनीटर श्रीमती पूनम सिंह द्वारा दिया गया। उन्होंने कलस्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिए जाने हेतु स्वसहायता समूह, रसोईयां एवं शालाओं के एमडीएम प्रभारी को वर्षाकाल में मध्यान्ह भोजन साफ-सफाई से बनाने के संबंध में जानकारी दी। recent visitors 103

सिंगरौली जिले में ड्रोन तकनीक के माध्यम से तेजी से वनीकरणः आजीविका सीडबॉल प्रसारण पहल का शुभारंभ

सिंगरौली मध्य प्रदेश जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से वनीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एग्रीचिकित्सा द्वारा विकसित ड्रोन तकनीक का उपयोग कर एक महत्वाकांक्षी पहल का शुभारंभ किया गया है। माननीय राज्य मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंह, सिंगरौली जिले के डीएम चंद्रशेखर शुक्ला और जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह नागेश द्वारा ग्राम सकेति, ब्लॉक चितरंगी में इस पहल का उद्घाटन 12 जुलाई को किया गया था। इस पहल के अंतर्गत, मानसून ऋतु में जिले के तीन ब्लॉकों वैढ़न, देवसर और चितरंगी के कुल 19 स्थानों पर 2,00,000 सीडबॉल का प्रसारण ड्रोन के माध्यम से किया जाना है। अब तक, वैढ़न जनपद के 6 ग्राम पंचायतों के पहाड़ों में 65,000 सीडबॉल सफलतापूर्वक फेंके जा चुके हैं। पिपराझापी ग्राम पंचायत में 15,000, खैराही ग्राम पंचायत में 10,000, विहारा ग्राम पंचायत में 10,000, हटका में 10,000, मलगो में 10,000 और सुहिरा में 10,000 सीडबॉल प्रसारित किए गए हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन 12 जुलाई से 14 सितंबर तक हर सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को शाम 3 से 5 बजे तक किया जाता है। इसमें आजीविका मिशन के समूह की महिलाएं, ग्राम पंचायत के बच्चे, सरपंच, सचिव, नौजवान, महिलाएं और बुजुर्ग सभी खुशी-खुशी शामिल होकर सीडबॉल को पहाड़ों पर फेंकते हैं और खेल-खेल में पर्यावरण और पेड़ लगाने का कार्य करते हैं।जिला सिंगरौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह नागेश ने बताया, “जिले में तेजी से वनीकरण करने और मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सीडबॉल प्रसारण से बीजों को तेजी से और आसानी से पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे वृक्षारोपण में वृद्धि होगी और पर्यावरण को लाभ होगा।“ इस पहल में उपयोग किए जाने वाले सीडबॉल में खमेर, सुबबुल, नीम, महुआ जैसे यहाँ के देसी बीज शामिल हैं। इन बीजों का चयन स्थानीय जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल होने के आधार पर किया गया है, जिससे इनके पनपने और फलने-फूलने की संभावना अधिक होगी। इस कार्यक्रम में जिले की आजीविका मिशन की समूह की महिलाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। महिलाएं सीडबॉल तैयार करने और ड्रोन प्रसारण में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रही है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करने में भी सहायक है।ड्रोन से सीडबॉल प्रसारण पहल एक अनूठी पहल है जो आजीविका और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ पूरा करने का प्रयास करती है। यह पहल न केवल सिंगरौली जिले, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है और अन्य क्षेत्रों में भी इसका अनुकरण किया जा सकता है। recent visitors 86

10 सीनियर अफसरों के तबादले, सुलेमान से स्वास्थ्य लिया, खाड़े को पूरा जनसंपर्क

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नौकरशाही में बड़े फेरबदल के तहत 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इसके तहत एस एन मिश्रा को गृह विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) और मोहम्मद सुलेमान को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) नियुक्त किया गया है। मिश्रा , संजय दुबे की जगह लेंगे। उन्हें अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रमुख सचिव (पीएस) बनाया गया है। इन सब अधिकारियों को मिलाकर कुल 10 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में लंबे समय से अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात सुलेमान को फेरबदल के तहत मिश्रा की जगह कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मिश्रा परिवहन विभाग के एसीएस का कार्यभार संभालते रहेंगे। इसके अलावा कई और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग में एसीएस के. सी. गुप्ता को अब डी.पी आहूजा की जगह लोक निर्माण विभाग में इसी पद पर तैनात किया गया है। आहूजा अब मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग का कार्यभार संभालेंगे। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के पीएस विवेक कुमार पोरवाल को अब राजस्व विभाग का पीएस और राहत एवं पुनर्वास विंग का आयुक्त बनाया गया है। आयुष विभाग के पीएस पद पर तैनात अनिरुद्ध मुखर्जी को विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बनाकर दिल्ली भेजा गया है, जबकि सहकारिता विभाग की पीएस दीपाली रस्तोगी को अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का पीएस बनाया गया है। जनसंपर्क विभाग के पीएस और ‘मध्यम’ के प्रबंध निदेशक (एमडी) संदीप यादव को अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का पीएस बनाया गया है, जबकि यादव की जगह सुदाम पी. खाड़े ‘मध्यम’ के एमडी होंगे और जनसंपर्क विभाग के सचिव का कार्यभार भी संभालेंगे। एसएन मिश्रा को गृह विभाग का ACS बनाया कृषि उत्पादन आयुक्त तथा परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को गृह विभाग का एसीएस बनाया गया है. परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार यथावत रखा है. उच्च शिक्षा विभाग के ACS और संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे 1992 बैच के आईएएस अधिकारी केसी गुप्ता को लोक निर्माण विभाग का अपर मुख्य सचिव और संसदीय कार्य विभाग का प्रभार यथावत रखा है. गृह विभाग के प्रमुख सचिव 1993 बैच के आईएएस अधिकारी संजय दुबे को प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी बनाया गया है. इससे एक दिन पहले दिल्ली के एलजी ने 7 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर दिल्ली में किया था। उन्हें दिल्ली में नई जिम्मेदारियां दी गई थीं।   recent visitors 121