वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता…जनता का ध्यान भटकाने भाजपा सरकार की साजिश: सपा- यश भारतीय

The necessity of ‘Vande Mataram’… a conspiracy by the BJP government to divert public attention: SP- Yash Bharatiya भोपाल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने ‘वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के भावनात्मक और अनिवार्य फैसलों का सहारा ले रही है।  संविधान निमार्ताओं का सम्मान यश भारतीय ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही कहा है कि यदि ‘वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता आवश्यक होती, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महान संविधान निमार्ताओं ने इसे संविधान में पहले ही अनिवार्य कर दिया होता। इसे स्वैच्छिक रखना उन सभी महापुरुषों का एक सामूहिक और विचारशील निर्णय था। बुनियादी सुविधाओं में विफल सरकार सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भाजपा सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि जो सरकार जनता को शुद्ध पानी, स्वच्छ हवा, और सुरक्षित दवाइयां (जैसे कफ सिरप) तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है, वह अब देशभक्ति के नाम पर अपनी कमियों को छिपा रही है। शिक्षा व्यवस्था की हालत यह है कि सरकारी और निजी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं। तानाशाही और नागपुर का एजेंडा उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना हिटलर और तानाशाही शासन से करते हुए कहा कि भाजपा केवल नागपुर से आने वाले संदेशों का अनुसरण करती है। वे जनता को गुलामों की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत और निंदनीय है। देशभक्ति थोपी नहीं जा सकती यश भारतीय ने जोर देकर कहा कि देशभक्ति भक्ति का विषय है, अनिवार्यता का नहीं। किसी से जबरदस्ती गायन करवाकर उसकी देशभक्ति प्रमाणित नहीं की जा सकती। समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार के इस तानाशाही रवैये का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि सरकार प्रतीकों की राजनीति छोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनता की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करे। recent visitors 62

बुलेट ट्रेन को एक लाख करोड़ और बुंदेलखंड में रेलों को पांच फीसदी भी नहीं: रघु ठाकुर 

One lakh crore for the historic train and not even five percent for the railways: Raghu Thakur भोपाल। सरकार यदि आबादी के हिसाब से बजट आवंटित करे तो बुंदेलखंड जैसे अंचलों का पिछड़ापन, बेरोजगारी और गरीबी दूर हो सकती है, लेकिन सरकार एक ओर बुलेट ट्रेन पर एक लाख करोड़ खर्च कर सकती है लेकिन बुंदेलखंड को उसकी जरूरत के मुताबिक रेल लाइन के लिए पांच हजार करोड़ भी नहीं देना चाहती। सही नीति से इसे ठीक किया जा सकता है। सोशलिस्ट चिंतक व जननेता रघु ठाकुर ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुंदेलखंड सर्वदलीय नागरिक संघर्ष मोर्चा के धरना में बोलते हुए यह बात कही। उन्होंने आह्वान किया कि सरकार की  भेदभावपूर्ण नीति का प्रतीकात्मक विरोध आने वाली होली से शुरू किया जाये। इस धरने में शामिल होने व समर्थन देने बुंदेलखंड सहित छत्तीसगढ़ व विदर्भ से भी लोग आये थे।  रघु ठाकुर की अगुवाई में साल 2009 से यह धरना हर साल जाड़ों में होता है। इस साल धरने के तहत भारतीय हॉकी के गौरव मेजर ध्यानचंद व सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक हरिसिंह गौर को भारतरत्न से अलंकृत करने, बुंदेलखंड को रेल सेवाओं से जोड़ने व अंचल में पर्यटन परिपथ विकसित करने की मांग मुख्य रूप से शामिल है। जिन मार्गों पर रेल सेवा शुरू करने की मांग की गई है उनमें भिंड- बांदा-महोबा, ललितपुर-सागर, सागर- छिंदवाड़ा, छतरपुर-सागर, झांसी-शिवपुरी और ललितपुर-चंदेरी मार्ग शामिल हैं। धरने के बाद प्रधानमंत्री, रेलमंत्री व वनमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। धरने को राज्यसभा सदस्य व आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। संजय सिंह ने केन्द्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि लगातार जनविरोधी और किसान-विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। हाल का भारत – अमरीका व्यापार समझौता इसका ताजा प्रमाण है, जिसमें अमेरिका तो भारतीय माल पर मनमाना आयात कर लगा रहा है, लेकिन भारत में अमेरिकी माल आने की पूरी छूट का इंतजाम कर दिया गया है। यह समझौता नहीं, बल्कि किसानों के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत हैं जिसके चलते भारत के किसान बर्बाद होंगे और अमरीका के उन किसान मुनाफा कमाएंगे, जिन्हें वहां की सरकार अच्छी खासी सब्सिडी देती है। संजय सिंह ने भाजपा की सरकार को ‘भारतीय जुमला पार्टी ‘ बताते हुए कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरी, फसल का दाम दोगुना करने , हर खाते में पंद्रह लाख रुपए आने जैसे वादे तो पूरे किए नहीं, उल्टे देशभर में एक लाख स्कूल बंद कर दिए गए, प्रति व्यक्ति आय घटती चली गई और देश तरक्की के मामले में 142 वें नंबर पर चला गया। संजय सिंह ने इन नीतियों के विरोध में सड़क से संसद तक संघर्ष करने की जरूरत बताई। रघु ठाकुर ने कहा कि विभिन्न अंचल के जनप्रतिनिधि बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें लगातार अंचल के हित में मांग करनी चाहिए, लेकिन वे चुप रहते हैं। दूसरी ओर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री राजे रजवाड़ों के अंदाज में लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं, जबकि हर क्षेत्र को उसकी जनसंख्या के हिसाब से बजट मिलना चाहिए। आखिर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है। रघु ठाकुर ने योजना के लागू होने में विलम्ब का विषय उठाते हुए याद दिलाया कि अटल विहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री काल में छतरपुर में केन-वेतवा परियोजना की घोषणा की थी जिसे अमली जामा पहनाने में दो दशक से ज्यादा लग गये। धरने में आये लोगों को कांग्रेसी पूर्व विधायक तरवर सिंह, आप की नेत्री अनीता सिंह लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभूदयाल बघेल, उपाध्यक्ष श्यामसुंदर यादव व मुकेश चंद्रा, जावेद लोसपा महासचिव, मप्र के अध्यक्ष विन्ध्येश्वरी पटेल, हरपाल सिंह जयंत तोमर, सतीश भारतिय ब्रिज किशोरजेन(ललितपुर) अनूप सिंह (छिंदवाड़ा), अशोक पंडा (छत्तीसगढ़),  प्रवीण पांडे फतेहपुर, दया शंकर शर्मा, मसौढ़ी से  धीरेन्द्र पासवान, निसार  कुरेशी, हकीम असगर खान शिव नेताम (धमतरी, छत्तीसगढ़), डॉ शिवा श्रीवास्तव आप के सर्वेश मिश्रा आदि ने संबोधित किया। रामकुमार पचौरी ने संचालन किया। recent visitors 56

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

Farmers in debt: Every farmer family in Madhya Pradesh has a debt of Rs 74,420. Umang Singhar questions government भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज और किसानों की घटती आय को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। Umang Singhar questions government ने कहा कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, फिर भी आज एमपी का किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसानों का कर्ज़ घटाने के लिए क्या ठोस योजना है, किसानों को फसल का सही मूल्य कब मिलेगा और किसान आत्मनिर्भर कब बनेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं बल्कि देश के अन्नदाता हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उमंग सिंघार ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को घेराUmang Singhar questions government मध्य प्रदेश के किसान परिवारों पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के तमाम वादों और दावों के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि उनपर कर्ज बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यही ह्लडबल इंजन सरकारह्व की किसान नीति है। उन्होंने पूछा कि जब देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, तब भी राज्य के किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में क्यों शामिल हैं। मुख्यमंत्री से किए सवालनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं कि उनके पास कर्ज घटाने की क्या ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा और आत्मनिर्भर किसान कब बनेगा। उमंग सिंघार ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है और लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। बता दें कि एमपी सरकार ने प्रदेश के बजट सत्र से ठीक पहले 5,000 करोड़ का नया कर्ज लिया है, जो पिछले एक हफ्ते में दूसरी बार लिया गया बड़ा कर्ज है। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 36 बार कर्ज लिया जा चुका है, और इसकी कुल राशि 67,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। recent visitors 53

महिला सशक्तिकरण को भूली सरकार, अब उनका रोजगार भी छीनने की तैयारी: संगीता शर्मा

The government has forgotten women’s empowerment and is now preparing to take away their jobs: Sangeeta Sharma भोपाल। प्रदेश में 1166 करोड़ रुपये के पोषण आहार कार्य को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत तथा लाखों महिलाओं की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया है।सुश्री शर्मा ने कहा कि वर्षों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित पोषण आहार प्लांट न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार प्रदान कर रहे थे, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण सामग्री की नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद इन समूहों ने गुणवत्तापूर्ण कार्य कर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की थी। ऐसे में इस संपूर्ण कार्य को निजी कंपनियों को सौंपना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की भावना के प्रतिकूल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है, उन्हें ऋण उपलब्ध कराकर प्लांट स्थापित करवाती है, वहीं दूसरी ओर नीतिगत निर्णयों के माध्यम से उन्हीं इकाइयों को बंद करने की स्थिति पैदा कर देती है। इससे हजारों परिवारों की आय का स्रोत प्रभावित हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब महिला स्व-सहायता समूहों का मॉडल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा था, तो उसे समाप्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि इतने बड़े वित्तीय कार्य को निजी हाथों में सौंपने से पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों के पोषण जैसे संवेदनशील विषय को लाभ-हानि के व्यापार में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार, सम्मानजनक आय और निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी महिला स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी। recent visitors 82

जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में आज होगा ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान समारोह

The block presidents’ felicitation ceremony will be held today at the District Congress Office, Baidhan. सिंगरौली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त सिंगरौली जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मान में कल13 फरवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जिसमें जिले भर के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान कर संगठन को और मजबूत बनाना है।जिला संगठन महामंत्री संकठा सिंह चौहान ‘बबलू’ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई, आईटी सेल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। recent visitors 60

कांग्रेस एसएसी विभाग में चर्चा और साक्षात्कार के बाद ही बनेंगे जिला अध्यक्ष, सुझाव और रिपोर्ट भी देखेंगे

District presidents will be appointed only after discussions and interviews in the Congress SAC department, suggestions and reports will also be considered. भोपाल। मप्र कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति बिना चर्चा और साक्षात्कार के नहीं होगी। विभाग के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप अहिरवार और प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में संभागवार तीन दिनों तक बैठकों का दौर चलेगा और इसी में जिलाध्यक्ष की सूची तैयार होगी। इसी बैठक में जिलाध्यक्षों के पैनल पर चर्चा होगी। इसके बाद संभावित नेताओं के साक्षात्कार भी होंगे। यह बैठक 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग की कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें बैठक में प्रस्तावित जिलाध्यक्ष उम्मीद्वार के अलावा संभाग और जिला प्रभारियों को भी बुलाया गया है।पहली बैठक ग्वालियर संभाग की सुबह 11 से 12.30 बजे तक रखी गई है। दूसरी बैठक चंबल संभाग की 12.30 से 2 बजे तक और तीसरी बैठक सागर संभाग की दोपहर 3 से 4.30 बजे तक होगी। अगले दिन 21 फरवरी को रीवा, शहडोल, जबलपुर और भोपाल संभाग की बैठक होगी। पहली बैठक रीवा संभाग सुबह 11 से 12.30 बजे तक, दूसरी शहडोल संभाग की 12.30 से 2 तक, दूसरी जबलपुर संभाग की 3 से 4.30 बजे और तीसरी बैठक भोपाल संभाग की 4.30 से 6 बजे तक रखी जाएगी। तीसरे दिन 22 फरवरी को इंदौर, नर्मदापुरम एवं उज्जैन संभाग की बैठक होगी। पहली बैठक इंदौर संभाग की सुबह 11 से 12.30 बजे तक, दूसरी बैठक उज्जैन संभाग की 12.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक और तीसरी बैठक नर्मदापुरम संभाग की 3 से 4.30 बजे तक आयोजित होगी।एससी विभाग के उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी मुकेश बंसल ने बताया कि संभागवार सभी पदाधिकारियों को दिए गए बायोडाटा फॉर्मेट के साथ उपस्थित होने की सूचना भेज दी गई है। जो प्रस्तावित उम्मीदवार तय समय पर मौजूद नहीं होगा, उनके नामों पर चयन के लिए बाद में विचार नहीं किया जाएगा। इसी बैठक में प्रभारीगणों को अपनी प्रगति रिपोर्ट और सुझाव भी लिखित में रखने की बात कही गई है। recent visitors 65

कर्ज पर चल रही मोहन सरकार सरकार? एक हफ्ते में दूसरी बार 5 हजार करोड़ का कर्ज

Is the Mohan Yadav government running on debt? This is the second time in a week that the government has incurred a debt of Rs 5,000 crore. MP Government : विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्जजनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज recent visitors 79