रायपुर में चौक-चौराहों पर दिखेंगी अनोखी मूर्तियां, ‘मुंज्या’ थीम की होलिका बनी आकर्षण

रायपुर. राजधानी रायपुर में रंगों के त्योहार होली की धूम देखने को मिल रही है। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी के साथ ही होलिका दहन की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर इस बार अलग-अलग थीम पर होलिका की आकर्षक मूर्तियां बनाई गई हैं। इसी कड़ी में शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी चौक पर साल 2024 में रिलीज हुई हॉरर फिल्म ‘मुंज्या’ की थीम पर आधारित होलिका की मूर्ति लोगों का ध्यान खींच रही है। “मुंज्या” थीम के साथ बनाई गई इस मूर्ति के पास फिल्म के प्रसिद्ध किरदारों की झलक भी देखने को मिल रही है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अनोखी प्रतिमा को कालीबाड़ी चौक के पुजारी मूर्तिकार बंधुओं ने तैयार किया है। मूर्तिकार राकेश पुजारी ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से अलग-अलग थीम की मूर्तियां बना रहे हैं। इस बार मुंज्या फिल्म का ट्रेंड काफी चल रहा है। इस थीम पर होलिका माता के हाथ में प्रह्लाद भी नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक राजधानी रायपुर में 20 से अधिक प्रतिमाएं बेची जा चुकी हैं। इसके अलावा शहर में इस बार अलग-अलग थीम पर आधारित कई आकर्षक होलिका प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी, जो काफी आकर्षक रहेंगी। recent visitors 30

होलिका दहन के लिए गोबर के कंडे और गोकाष्ठ का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश और प्रदूषण रोकने यह पहल की जा रही

खंडवा  होलिका दहन के लिए 5 हजार से ज्यादा कंडे ओर गोकाष्ठ का निर्माण श्री गणेश गौशाला में तैयार किया जा रहा है। गोशाला समिति द्वारा 10 मार्च तक परिसर में कंडे ओर गोकाष्ठ तैयार कराया जाएगा। जिन्हें गोसेवा के न्यूनतम शुल्क पर होलिका दहन के लिए समाज व समितियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। होलिका दहन के लिए गोबर के कंडे और गोकाष्ठ का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश और प्रदूषण रोकने यह पहल की जा रही है। पेड़ों की कटाई रोकने यह अभियान दरअसल शहर में 200 से अधिक स्थानों पर छोटी-बड़ी होलिका का दहन किया जाएगा। जिसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता है। होलिका दहन 13 मार्च और रंग का त्योहार होली 14 मार्च को खेली जाएगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए शहर में गोकाष्ठ और कंडे की पहल श्री गणेश गौशाला द्वारा की गई है। इस बार भी होलिका दहन में लकड़ी की जगह कंडे और गोकाष्ठ के उपयोग का आह्वान किया जा रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। शहर के समाज और कई संगठन आगे आए हैं, जिन्होंने गोकाष्ठ से होली जलाने व कॉलोनियों में इसे उपलब्ध कराने का फैसला किया है। पर्यावरण को सुरक्षित किया जा सके श्री गणेश गोशाला में निर्मित किए जा रहे गोकाष्ठ को लेकर गोशाला के सदस्य भूपेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि होलिका दहन के लिए पिछले सवा महीने से 20 कर्मचारियों द्वारा ये काम किया जा रहा है। अबतक लगभग 5 हजार से अधिक कंडे थापे जा चुके है। वहीं गोकाष्ठ का निर्माण मशीन से भी बड़ी संख्या में किया जा रहा है। ये पूरा कार्य 10 मार्च तक किया जाएगा। समिति द्वारा कंडे व गोकाष्ठ गोसेवा शुल्क के भुगतान के आधार पर दिए जाएंगे। होलिका दहन के लिए लिए समितियां और संस्थाओं के साथ समाजों के अध्यक्ष व रहवासी लगातार संपर्क कर रहे हैं, ताकि इस बार भी होलिका दहन में कंडे व गोकाष्ठ का ही उपयोग कर पर्यावरण को सुरक्षित किया जा सके। गो-काष्ठ को लेकर लोगों में जागरूकता गौशाला के सचिव रामचंद्र मौर्य ने बताया गो-काष्ठ को लेकर लोगों में जागरूकता है। होलिका दहन के लिए व्यक्ति व संस्थाओं के लोग अपनी आवश्यकता अनुसार गो-काष्ठ गोशाला से ले जाने की मांग कर रहे है। दो माह में गोशाला में अच्छी तादाद में गो-काष्ठ का निर्माण किया जा रहा है। सभी कर्मचारी अपने अपने हिसाब से गौमाता की सेवा कर रहे हैं। recent visitors 30

भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अपील,डामर की सड़कों पर ना करें होलिका दहन

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल होलिका दहन का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसे लेकर शहर के कामकाजी लोगों में खासा उत्साह देखा जाता है। भाग दौड़ वाली जिंदगी से खुशी के कुछ पल निकालकर वे लोग अपनों के साथ मस्ती मजाक करने बाहर आते हैं। उन्हे इस दौरान अपनी कुछ जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसा मानना है भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का। उन्होंने शहरवासियों से होलिका दहन सड़कों पर न करने की अपील की है। होलिका दहन से सड़कों को नुकसान पहुंचता है और करोड़ों रुपये का खर्चा आता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। उन्होंने होलिका दहन के लिए सड़कों के अलावा दूसरी जगहों पर व्यवस्था करने को कहा है। यह अपील खासतौर पर होलिका दहन के त्यौहार से पहले की गई है। ताकि समय रहते इस पर एक्शन लिया जा सके। डामर पर होलिका दहन से रोड को नुकसान भोपाल में हजारों जगहों पर होलिका दहन होता है। कई लोग डामर की सड़कों पर ही होलिका दहन कर देते हैं। इससे सड़कें खराब हो जाती हैं और डामर पिघल जाता है। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का मानना है कि इस वजह से हर साल काफी आर्थिक का नुकसान होता है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए शहर की सड़कों की मरम्मत की गई थी। अब इन नई सड़कों को नुकसान से बचाना जरूरी है। ताकि लंबे समय तक लोग इनका लाभ उठा सकें। सूर्यवंशी ने लोगों से होलिका दहन सड़कों पर न करने का आग्रह किया है। उन्होंने होलिका दहन के लिए ऐसी जगह चुनने को कहा है जहां डामर न हो। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और नगर निगम के पैसे की भी बचत होगी। उनका मानना है कि लोग अनजाने में ही सड़कों पर होलिका दहन कर देते हैं। इसलिए इस बार लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। recent visitors 59