खिताबी मैच में भारत ने श्रीलंका को धोया, ट्राई नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला कोलंबो में खेला गया

नई दिल्ली भारत और श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीमों के बीच ट्राई नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला कोलंबो में खेला गया। इस मैच को बड़े अंतर से भारत ने जीता और खिताब पर कब्जा किया। भारत ने 97 रनों के अंतर से मेजबान श्रीलंका को धूल चटाई। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने शतक जड़ा, जबकि 40-40 से ज्यादा रनों की पारी हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रॉड्रिग्स ने खेली। वहीं, गेंदबाजी में 4 विकेट स्नेह राणा ने चटकाए। 3 विकेट अमनजोत कौर को भी मिले। भारत ने इस टूर्नामेंट में फाइनल समेत पांच मुकाबले खेले, जिनमें से चार मैचों में टीम को जीत मिली। एक मुकाबले में टीम श्रीलंका से हार गई। 97 रनों से त्रिकोणीय सीरीज जीता भारत 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर स्नेह राणा ने अपना चौथा शिकार किया और भारत को आखिरी सफलता दिलाई। उन्होंने अनुष्का संजीवनी को 28 रन पर चलता किया। इस तरह भारत 97 रनों से जीत गया, क्योंकि 343 रनों के जवाब में श्रीलंका की टीम 245 रन ही बना सकी। भारत जीत की दहलीज पर भारत को 8वां विकेट भी रन आउट के तौर पर ही मिला। सुगंधिका कुमारी को स्नेह राणा और स्मृति मंधाना ने मिलकर रन आउट किया। 29 गेंदों में 27 रन उन्होंने बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल थे। आखिरी गेंद पर स्नेह राणा ने मलकी मदरा को बोल्ड कर मेजबानों को 9वां झटका दिया। श्रीलंका ने सातवां विकेट अपना रन आउट के रूप में गंवाया। अमनजोत कौर और ऋचा घोष ने मिलकर पिउमी बडलगे को 9 रन पर चलता किया। भारत के लिए ट्राई सीरीज का खिताब यहां से तीन विकेट दूर है।   recent visitors 73

’जिला प्रशासन व प्रमुख अस्पतालों के साथ की समन्वयात्मक समीक्षा’ ’सजगता और सतर्कता के दिए निर्देश’: केंद्रीय मंत्री

जयपुर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए  रविवार को जोधपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अटल सेवा केंद्र में जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मिलिट्री हॉस्पिटल , डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज , एम्स , रेलवे हॉस्पिटल सहित सभी प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सिंक्रोनाइज्ड रिस्पॉन्स और अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों की तत्पर उपलब्धता सुनिश्चित करना था। ’चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा, सभी मुख्य अस्पतालों में नियुक्त किए जाये नोडल अधिकारी’ केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि जिले के सभी प्रमुख अस्पतालों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए , जो संकट की स्थिति में समन्वय का कार्य करेंगे। साथ ही जिला प्रशासन से भी प्रत्येक अस्पताल के लिए एक – एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करने के निर्देश दिए ताकि प्रशासनिक और चिकित्सकीय समन्वय में कोई बाधा न आए। उन्होने बैठक में विस्तार से मेडिकल इक्विपमेंट्स , रक्त की उपलब्ध यूनिट्स , बेड्स ,आईसीयू संसाधन और एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी संस्थान किसी भी समय फुल अलर्ट मोड में रहकर कार्य करें। श्री शेखावत ने कहा , हमें हमारे पास उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करते हुए कार्य करना है। संकट की घड़ी में हमारी एकजुटता और समन्वय ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। ’जिला कलक्टर ने दी तैयारियों की विस्तृत जानकारी’ बैठक में जिला कलक्टर श्री गौरव अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि जिले में प्राकृतिक आपदा ,आक्रमण जैसी आपातकालीन स्थितियों के अनुरूप पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। सभी अस्पतालों के साथ लगातार मॉक ड्रिल और क्विक रिस्पॉन्स टीम्स को सक्रिय रखा गया है। इस अवसर पर डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल व कंट्रोलर डॉ. बीण्एसण् जोधा , एम्स जोधपुर के डायरेक्टर डॉ. जी.डी. पुरी , मिलिट्री हॉस्पिटल से कर्नल अबीर गोगोई व लेफ्टिनेंट कर्नल देशमुखए रेलवे हॉस्पिटल से डॉ. डॉ. एस.आर. बंकर , अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम श्री जवाहर चौधरी , अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय श्री सुरेन्द्र राजपुरोहित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ’मीडिया से संवाद में दिया सशक्त संदेश’ मीडिया से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा , सीजफायर के बावजूद उल्लंघन की घटनाएं हो रही हैं , ऐसे में हमें अत्यधिक सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि श्शांति के प्रयासों के बीच यदि तनाव बढ़ता है तो हमें उसी स्तर की सैन्य व नागरिक तैयारियां रखनी होंगी जैसी युद्ध की परिस्थितियों में अपेक्षित होती हैं। श्री शेखावत ने कहा कि उन्होंने जोधपुरए फलौदीए जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की हैं ताकि एक एकीकृत रणनीति तैयार की जा सके। recent visitors 67

41 दिनों में ही तय लक्ष्य से ज्यादा अमृत सरोवरों को बनाने का काम शुरू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृव में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन महाअभियान चलाया जा रहा है। इस महाअभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से की थी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रदेश में जलसंरचनाओं के संरक्षण के लिए प्रदेश में नदियों के उदगम स्थलों का दौरा कर रहे हैं। अभियान तीव्र गति से अपने लक्ष्यों को पूर्ण करने की ओर बढ़ रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत प्रदेश में 1 हजार अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य रखा था। अभियान के 41 दिवस में ही निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रदेश में 1012 अमृत सरोवरों को बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अभियान में कूप रिचार्ज पिट, बावड़ी, खेत-तालाब, अमृत सरोवर, बोरी बंधान, चेकडैम सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ पुराने जल स्त्रोतों की सफाई, नदियों की जल धाराओं को जीवित के लिए गेबियन संरचना, कंटूर ट्रेंच जैसे जल संरक्षण संरचनाओं का कार्य किया जा रहा है। अमृत सरोवरों से बढ़ेगा भू-जल स्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में अमृत सरोवर बन जाने से प्रदेश का भू-जल स्तर बढ़ेगा। इससे जल संकट की समस्या से निजात मिलेगी। गर्मियों में कुओं, हैंडपंपों और ट्यूवबेलों का जलस्तर कम नहीं होगा। साथ ही, ग्रामीण आजीविका के साधन भी बढ़ेंगे। सिंचाई के साथ मछली पालन और सिंघाड़े की खेती सहित अन्य गतिविधियों में सरोवरों का पानी इस्तेमाल किया जा सकेगा। जल गंगा संवर्धन अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी सहेजना और पुराने जल स्त्रोतों को संवारना है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे महाअभियान में प्रदेश में भू-जल स्तर पर सुधार आएगा। कुओं, नलकूपों का जलस्तर बढ़ेगा। इसके साथ ही किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी भी उपलब्ध होगा। 30 जून तक जारी रहेगा अभियान प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान तीन माह तक चलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा 30 मार्च से प्रदेशव्यापी महाअभियान की शुरुआत की गई है, जो 30 जून 2025 तक संचालित किया जाएगा।   recent visitors 71

प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें- मंत्री जोगाराम पटेल

जयपुर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने बालोतरा जिले के सिवाना प्रवास के दौरान समदड़ी बाईपास पर किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। श्री पटेल ने किसानों को समस्याओं पर उचित एवं त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें- श्री पटेल श्री पटेल ने कहा वर्तमान में सीमा पर तनाव एवं बाह्य संकट को ध्यान में रखकर प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें। उन्होंने कहा अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और देश की सेना व सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्रहित में अपने दायित्वों का निर्वहन करें। राजस्थान कृषि विकास योजना- संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि एवं किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कृषि एवं उद्यानिकी विकास के लिए राजस्थान कृषि विकास योजना के अन्तर्गत इस वर्ष एक हजार 350 करोड़ रुपये के कार्य करवाए जाएंगे। 75 हजार किसानों को मिलेगा तारबंदी का अनुदान- श्री पटेल ने कहा फसलों के नुकसान से बचाव व रोकथाम के लिए 75 हजार किसानों को 30 हजार किलो मीटर तारबन्दी के अनुदान के रूप में 324 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा। उन्होंने कहा नमो ड्रोन दीदी योजना एवं कस्टम हायरिंग सेंटर्स पर उपलब्ध ड्रोन के माध्यम से इस वर्ष एक लाख हेक्टेयर में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का छिड़काव करने के लिए 2 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर की 5 लाख- संसदीय कार्य मंत्री ने कहा भूमिहीन कृषि श्रमिकों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए एक लाख भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 5 हजार रुपये तक के कृषि यंत्र एवं उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कृषकों को ओर अधिक संबल देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी। उपखंड अधिकारी सिवाना श्री सुरेन्द्र सिंह खंगारोत, थानाधिकारी सिवाना श्री दिनेश डांगी, जिला परिषद सदस्य श्री चेनाराम, श्री पदमाराम पटेल, श्री दिनेश सिंह राजपुरोहित, श्री छोटूसिंह राठौड़, श्री सोहन सिंह भायल, श्री खीवराज जांगिड़, श्री श्रवण पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 59

अंतरराष्ट्रीय समेत 37 उड़ानों में विलंब रहा और 28 उड़ानों को रद किया

नई दिल्ली युद्ध विराम के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) एयरपोर्ट पर रविवार को उड़ानों के संचालन में बीते दिनों के मुकाबले थोड़ा कम व्यवधान देखा गया। रविवार को कुल अंतरराष्ट्रीय समेत 37 उड़ानों में विलंब रहा और 28 उड़ानों का रद किया गया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बात करें तो 16 उड़ानों के प्रस्थान में देरी हुई और सात उड़ानों के आगमन में विलंब हुआ। हालांकि रविवार को कोई उड़ान रद नहीं हुई। वहीं घरेलू उड़ानों की बात करें तो 14 उड़ानें यहां से देरी से उड़ी और 27 उड़ानें रद हुईं। आगमन में कोई विलंब नहीं हुआ, लेकिन एक उड़ान रद हुई। आईजीआई एयरपोर्ट से दस शहरों की उड़ानों को रद किया आपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद से आईजीआई एयरपोर्ट से दस शहरों की उड़ानों को रद किया गया है। इसके अलावा उड़ोनों में रोज विलंब भी हो रहा था। शनिवार को युद्धविराम की घोषणा के बाद रविवार को आईजीआई एयरपोर्ट पर विलंब की संख्या में कमी देखी गई।   यह युद्धविराम के बाद एयरस्पेस में आंशिक स्थिरता का संकेत हो सकती है। फिलहाल एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और सुरक्षा जांच के लिए अतिरिक्त समय लेकर आएं। डायल ने बताया- एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य वहीं दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने बताया कि सुरक्षा जांच और एयरस्पेस की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य है। recent visitors 126

विराट कोहली ने हाल ही में खेल के सबसे लंबे प्रारूप को छोड़ने की मंशा जाहिर की थी, नवजोत सिंह सिद्धू ने इस पर उठाया सवाल

नई दिल्ली पूर्व भारतीय बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू ने 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के इरादे पर सवाल उठाया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के करीबी सूत्रों के अनुसार, 36 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी ने हाल ही में खेल के सबसे लंबे प्रारूप को छोड़ने की मंशा जाहिर की थी। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि कोहली से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए आग्रह किया गया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का नया सर्कल इंग्लैंड दौरे से शुरू हो रहा है। सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया। एक वीडियो में उन्होंने कहा, "विराट कोहली के संन्यास लेने के फैसले ने पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। उनका इरादा सही है, उनका उद्देश्य नेक है। लेकिन समय और अवसर उचित नहीं है, क्योंकि भारत का गौरव और प्रतिष्ठा दांव पर है। हम एक ऐसे दौरे पर जा रहे हैं जो अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए भी सबसे कठिन टेस्ट है। सिद्धू ने कोहली को भारत का "इंग्लैंड में चमकता हुआ योद्धा" करार दिया है। कहा, कोहली की अनुपस्थिति में भारतीय टीम के पास ज्यादा अनुभव नहीं रहेगा, क्योंकि रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट क्रिकेट से दूर हो चुके हैं। सिद्धू ने कहा, "मैं क्यों कहता हूं कि कोहली इंग्लैंड में हमारे लिए सबसे ताकतवर खिलाड़ी हो सकते हैं? क्योंकि उनके पास अनुभव है, खासकर रोहित शर्मा के जाने के बाद। आप इंग्लैंड में अनुभवहीन टीम नहीं भेज सकते।" 2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें उन्होंने 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए हैं। उन्होंने 68 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व भी किया, जिससे वे इस फॉर्मेट में देश के सबसे सफल कप्तान बन गए। उनकी तीव्रता, फिटनेस और नेतृत्व ने भारत को घरेलू और विदेशी दोनों ही जगहों पर एक प्रभावशाली टेस्ट टीम में बदल दिया। recent visitors 80

मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभात चौराहे पर ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को भोपाल शहर में नाले-नालियों की वृहद रुप से साफ-सफाई अभियान अंतर्गत नरेला विधानसभा के प्रभात चौराहे पर ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मानसून में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए वृहद रूप से सफाई अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भोपाल शहर के सभी नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित होगी। साथ ही नालों में लोग कचरा न डालें इसके लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान भोपाल नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। मानसून के पहले भोपाल के सभी नाले-नालियां होंगे साफ मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस बार मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून भोपाल में एक सप्ताह पहले प्रवेश करेगा। इसे देखते हुए भोपाल शहर के सभी नाले नालियों की सफाई वृहद के लिये अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मानसून पूर्व नगर निगम सफाई अभियान चलता है। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि इस कार्य की शुरुआत पहले से ही कर दी जाए। इससे समय पर सफाई कार्य पूर्ण हो सकेगा और भविष्य में जलभराव की स्थिति निर्मित नहीं होगी। मंत्री श्री सारंग ने जनजागरण और कचरा प्रबंधन पर दिया जोर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मशीनों के माध्यम से समुचित रूप से नालों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाएगा कि जिन क्षेत्रों में नाले आसपास स्थित हैं, वहाँ के निवासियों को हिदायत दी जाए कि वे नालों में कचरा न डालें। इस दिशा में जन जागरण अभियान भी चलाया जाएगा इससे नागरिकों को नालों की स्वच्छता बनाए रखने की महत्ता समझाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पॉलीथीन जैसे अपशिष्ट पदार्थ नालों में जल प्रवाह को अवरुद्ध करते हैं। इससे जलभराव और ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके लिए नालों के समीप कचरा निस्तारण के लिए डंप स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे कि कचरा सीधे नालों में न जाए।   recent visitors 48