28 को बोत्सवाना से भारत आ रहे चीते, एमपी में बढ़ेगा चीता कुनबा

भोपाल  40 महीने पहले देश में चीतों को बसाने का शुरू हुआ सिलसिला अब और बढऩे जा रहा है। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों के साथ शुरू हुए प्रोजेक्ट में अब 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते लाए जाएंगे। उन्हें कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। इससे पहले 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में 28 फरवरी को 8 चीतों को लाने की बात कही। गांधी सागर है चीतों का दूसरा घर 40 माह पहले देश में चीतों का इकलौता घर एमपी का कूनो था। 20 अप्रेल 2025 को मंदसौर जिले के गांधीसागर में चीतों का दूसरा घर बनाया गया। यहां कूनो से शिफ्ट तीन चीते हैं, इनमें नर प्रभास, पावक तो मादा धीरा है।  असम का जंगली भैंसा भी आएगा मध्यप्रदेश सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि असम से जंगली भैंसा को मध्यप्रदेश लाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच तंत्रगत प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जैव विविधता को सुरक्षित करते हुए वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है. बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में यह जानकारी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चीता प्रोजेक्ट , असम से गैंडे और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्य प्राणियों को लाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की प्रक्रिया पूरी कराने सहित प्रोजेक्ट की मंजूरी सहित अन्य कार्यों को लेकर वे दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई है। सीएम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में ने बताया कि कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। कूनो में 27 चीते, इनमें से 19 यहीं जन्मे – 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए। – 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।  अभी कूनो में 27 चीते हैं। – इनमें से विदेशों में जन्मे 8 चीते हैं। – भारत में जन्मे चीतों की संख्या 19 है। यह कूनो में ही हैं। recent visitors 38

‘भारत टैक्सी’ ऐप ने दिल्ली में दी OLA-Uber को टक्कर, जानें कैसे करें बुकिंग

नई दिल्ली ओला, उबर और इनड्राइव जैसी मौजूदा कैब सेवाओं के बीच अब एक नई कैब सर्विस भारत टैक्सी की ऑफिशल एंट्री होने जा रही है. दरअसल, भारत की पहली को-ऑपरेटिव कैब सर्विस भारत टैक्सी को दिल्ली में ऑफिशियल तौर पर लॉन्च कर दिया गया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस ऐप का शुभारंभ किया. लंबे समय से दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तहत तौर पर चल रही इस सेवा को अब आम लोगों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है. लॉन्च के साथ ही कई यूजर्स ने ऐप डाउनलोड किया, लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ लोगों को बुकिंग और ऐप एक्सेस से जुड़ी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है. हालांकि सरकार और प्लेटफार्म से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में सिस्टम को और बेहतर किया जाएगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि भारत टैक्सी ऐप पर बुकिंग का पूरा तरीका क्या है. ड्राइवर नहीं अब कहलाएंगे सारथी भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका ड्राइवर ओनरशिप मॉडल है. इस प्लेटफार्म से जुड़ने वाले ड्राइवरों को अब ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार के अनुसार, इस ऐप पर काम करने वाले सारथी ही इसके असली मालिक होंगे. वहीं हर राइड का पूरा किराया सीधे सारथी के बैंक अकाउंट में जाएगा और ओला, उबर की तरह कोई कमीशन नहीं काटा जाएगा. इसके अलावा भारत टैक्सी किसी प्राइवेट कंपनी की ओर से नहीं बल्कि को-ऑपरेटिव मॉडल पर शुरू की गई है. इसे सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई गवर्नेंस डिवीजन ने मिलकर तैयार किया है. इसका संचालन सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड करेगा. इसके लिए एक विशेष काउंसलिंग बनाई गई है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे सिस्टम की निगरानी करना है. यूजर्स कैसे कर सकते हैं भारत टैक्सी का इस्तेमाल? भारत टैक्सी का इस्तेमाल ओला या उबर की तरह ही किया जा सकता है. इसके लिए एंड्राइड यूजर गूगल प्ले स्टोर से और आईफोन यूजर एप्पल ऐप स्टोर से भारत टैक्सी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी के अलावा गुजराती और मराठी भाषा में भी उपलब्ध है. ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद यूजर राइड बुक कर सकते हैं. ऐसे कर सकते हैं राइड बुक भारत टैक्सी ऐप से राइड बुक करने के लिए सबसे पहले ऐप ओपन करें. इसके बाद पिकअप और ड्रॉप लोकेशन डालें, फिर बाइक, ऑटो या कार में से ऑप्शन सेलेक्ट करें. अब दिखाई गई किराया राशि को कंफर्म करते ही राइड बुक हो जाएगी. वहीं राइट बुक होते ही लाइव ट्रैकिंग भी शुरू हो जाएगी. किराया और सर्ज प्राइसिंग से राहत भारत टैक्सी में यात्रियों को सर्ज प्राइसिंग की समस्या नहीं होगी. यानी पीक हावर्स, बारिश या ट्रैफिक के समय किराया नहीं बढ़ेगा. दावा किया जा रहा है कि इसका किराया बाजार में मौजूद दूसरी कैब सेवाओं से कम हो सकता है, जिससे आम यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा. वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप में कई फीचर दिए गए हैं. सभी साथियों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके अलावा लाइव लोकेशन शेयरिंग, इमरजेंसी, एसओएस बटन और ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट जोड़ने जैसे सुविधा भी दी गई है. recent visitors 42

गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी

यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग सेट के लिए शुरू हुई लैंड मैपिंग, 20 दिन में तैयार होगा शूटिंग सेट फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू होगी फिल्म की शूटिंग सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है इंटरनेशनल फिल्म सिटी गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है सीएम योगी का विजन लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ ने अब जमीनी रफ्तार पकड़ ली है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही उत्तर प्रदेश की इस पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में पहली फिल्म शूटिंग के रूप में ‘मॉम-2’ का फिल्मांकन होने जा रहा है। फिल्म सिटी परिसर में शूटिंग को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परियोजना का निर्माण कर रहे बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के ज्वाइंट वेंचर ‘बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड’ ने जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रोजेक्ट का कार्य बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर व भूटानी ग्रुप को संयुक्त रूप से मिला है। इस कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के साथ एग्रीमेंट साइन किया है। यीडा द्वारा लेआउट प्लान को मंजूरी दिए जाने के बाद परियोजना के पहले चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि शूटिंग की तैयारियों के साथ-साथ फिल्म सिटी के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जमीन की मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिससे फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इसके साथ ही फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य भी शुरू हो जाएगा और जल्द ही सीएम योगी व पीएम मोदी के कर कमलों से इसका विधिवत शुभारंभ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोनी कपूर की कंपनी ने ही 2017 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘मॉम’ को प्रोड्यूस किया था और अब उन्होंने इसके दूसरे पार्ट की शूटिंग को यूपी में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  इंटरनेशनल फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज़ समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट विकसित हो रही यह फिल्म सिटी आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ प्रदेश को एक एंटरटेनमेंट और एवियेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म सिटी की औपचारिक शुरुआत से पहले ‘मॉम-2’ जैसी फिल्म की शूटिंग इस बात का संकेत है कि यूपी की फिल्म पॉलिसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर फिल्म इंडस्ट्री का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में मुंबई समेत देश के अन्य फिल्म निर्माण केंद्रों का एक सशक्त विकल्प बन सकती है। recent visitors 38

Anthropic AI का खौफ, US में दूसरे दिन भी हंगामा, बड़ी कंपनियों के बीच हलचल

नई दिल्ली Anthropic के नए AI टूल्स ने दुनिया को हिला दिया है. खासकर, अमेरिका पर सबसे तगड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है. क्योंकि मौजूदा समय अमेरिका टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है, इसके साथ ही Anthropic AI टूल ने ये संकेत भी दे दिया है, कि जो अभी बाहशाह है, आगे भी वही रहेगा इसकी कोई गारंटी है. क्योंकि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और हर नई खोज के साथ कॉम्पिटिशन भी बढ़ता जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी शेयर बाजार (Share Market) में टेक्नोलॉजी शेयरों का दबदबा रखने वाला Nasdaq लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. बुधवार को नैस्डैक 350 अंक गिरकर 22904 पर अंक पर बंद हुआ, यानी डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले मंगलवार को भी करीब 1.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. नैस्डैक में दूसरे दिन भी दबाव  भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला था, भारतीय बाजार कारोबार के अंत में हरे निशान के साथ बंद हुए थे. लेकिन आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल था, हालांकि गुरुवार को आईटी स्टॉक्स रिकवरी के मोड में हैं. मंगलवार को आईटी शेयरों में गिरावट की बजट आईटी इंडेक्स के मार्केट कैप में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी.  इन सबके बीच Anthropic AI की चोट से अमेरिकी शेयर बाजार उबर नहीं पा रहा है. बुधवार को भी NVIDIA, Alphabet, Amazon और Meta के शेयरों में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली. इस गिरावट की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं. खासतौर पर Anthropic के नए AI टूल को लेकर. निवेशकों को डर है कि तेजी से बदलती AI तकनीक से मौजूदा बड़ी टेक कंपनियों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है.  बता दें, Anthropic एक AI स्टार्टअप है, जिसे OpenAI का बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. कंपनी ने हाल ही में अपने नए और ज्यादा ताकतवर AI टूल्स पेश किए हैं. इन टूल्स के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले समय में AI सेक्टर में कॉम्पिटिशन और ज्यादा बढ़ेगा. इसका असर उन बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ सकता है, जो अभी AI से मोटा मुनाफा कमा रही हैं. बड़ी कंपनियों की बढ़ी टेशन इसी चिंता के चलते निवेशकों ने टेक शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी. Nvidia, Microsoft, Alphabet, Meta और Amazon जैसे दिग्गज शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है. Nvidia जैसे शेयर, जो हाल के महीनों में AI बूम की वजह से तेजी से चढ़े थे, उनमें सबसे ज्यादा दबाव है.  एक्सपर्ट्स की मानें तो निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या AI को लेकर उम्मीदें जरूरत से ज्यादा तो नहीं बढ़ा दी गई हैं. Anthropic जैसे नए खिलाड़ियों की एंट्री से AI सेक्टर में मुकाबला बढ़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे और वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है.   हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि ये गिरावट किसी बड़े क्रैश की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक हेल्दी करेक्शन हो सकता है. AI सेक्टर में लंबे समय में ग्रोथ की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.  Anthropic AI टूल क्या है? Anthropic AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऐसे टूल और मॉडल बनाता है, जो इंसानों की तरह सोच-समझकर जवाब दे सकें. इसका प्रमुख AI मॉडल Claude है, जो कंटेंट लिखने, डेटा एनालिसिस, कोडिंग, रिसर्च और बिजनेस फैसलों में मदद करता है. यह टूल कई कामों में इंसानी दखल को कम कर सकता है. हालांकि इस बीच Anthropic बड़े कॉपीराइट और डेटा-उपयोग विवादों का सामना भी कर रहा है. recent visitors 47

उपलब्धता कैसे हो रही है चाइनीज मांझे की ? सीएम ने दिया पुलिस को सघन छापेमारी का निर्देश

लखनऊ.  प्रदेश में चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु हत्या की तरह है। इस तरह के मामलों में संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके बावजूद इसकी उपलब्धता गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस को प्रदेशव्यापी सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान चाइनीज मांझे की बिक्री ही नहीं, बल्कि भंडारण व परिवहन पर भी कठोर नजर रखी जाएगी। जन-सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: योगी सीएम योगी ने प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाकर चाइनीज मांझे की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस अभियान की प्रगति और कार्रवाई की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। चाइनीज मांझा न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, बच्चों और पशु-पक्षियों के लिए जानलेवा खतरा भी है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को इस खतरनाक मांझे से पूरी तरह मुक्त किया जाए। recent visitors 40

प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की तर्ज पर स्थापित होंगे केन्द्र

लखनऊ. प्रदेश में पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की तर्ज पर स्थापित होंगे। जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में एक पशु औषधि केन्द्र खोला जाएगा, जिससे पशुओं के उपचार  के लिए सस्ती दरों पर दवाएं सुलभ हो सकें। यह प्रपत्र होगा अनिवार्य लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केन्द्र खोलने के लिए आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण पत्र तथा ड्रग सेल लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसे करना होगा आवेदन  पशु औषधि केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को 5000 रुपये शुल्क अदा करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन होगी, इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी http://pashuaushadhi. dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पशुपालकों को उपलब्ध होंगी सस्ती दवाएं डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियों से जुड़े योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। यह योजना भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जाएगी। पशु औषधि केन्द्रों की स्थापना से पशुपालकों को समय पर सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। recent visitors 39

यूजीसी नेट रिजल्ट जारी, 1 लाख से अधिक पास उम्मीदवारों को मिलेगा पीएचडी का अवसर

नई दिल्ली  यूजीसी नेट दिसंबर सेशन 2025-26 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने UGC NET Result 2026 जारी कर दिया है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे कैंडिडेट्स अब अपना परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. इस परीक्षा में कुल 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए क्वालिफाई हुए हैं. रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. UGC NET Result 2026 ऐसे करें चेक     सबसे पहले वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.     होमपेज पर UGC NET Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.     अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.     Submit पर क्लिक करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा.     रिजल्ट डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें. कैसा रहा रिजल्ट? UGC NET दिसंबर 2025 का रिजल्ट 4 फरवरी 2026 को जारी किया गया है. इस परीक्षा में कुल 7,35,614 उम्मीदवार शामिल हुए थे. इनमें से 5,108 उम्मीदवार JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य पाए गए. 54,713 उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए. वहीं 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए योग्य घोषित किए गए. UGC NET दिसंबर 2025 की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA द्वारा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराई गई थी. यह परीक्षा देशभर में कुल 85 विषयों के लिए आयोजित हुई थी. परीक्षा 6 दिनों तक चली और इसे 11 शिफ्ट में आयोजित किया गया. पूरे भारत में 663 परीक्षा केंद्रों और 283 शहरों में यह परीक्षा कराई गई थी. इस परीक्षा में कुल 9,93,702 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. अगर रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार थीं. कुल 5,85,400 महिलाएं परीक्षा में शामिल हुईं, जो लगभग 58.91 प्रतिशत हैं. वहीं 4,08,245 पुरुष उम्मीदवार थे, जो करीब 41.08 प्रतिशत हैं. इसके अलावा 57 उम्मीदवार थर्ड जेंडर से थे. recent visitors 44